मेरी कुंवारी चूत की आग को बुझाया मामू ने

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम टीना है और मैं आप लोगों को अपने जीवन की पहली चुदाई का अनुभव बताने जा रही हूँ यह कहानी आज से 4 साल पहले की है जब मैं 20 साल की थी। अभी मेरी उम्र 24 साल की है और मैं कामलीला डॉट कॉम पर सेक्स कहानी की स्टोरी तब से पढ़ती आ रही हूँ और आज भी पढ़ती हूँ और नये नये तरीके सीखती हूँ और वैसे ही चुदाई भी करवाती हूँ अपनी अपने बॉयफ्रेंड से। यह कहानी मेरी पहली चुदाई की है और मैं रात को कामलीला डॉट कॉम की स्टोरी पढ़ने के बाद अपनी चूत में ऊँगली करके सोई थी अगला दिन रविवार का था और मम्मी पापा को किसी रिश्तेदार के घर पर जाना था तो वो सुबह ही चले गये और घर में मेरा एक भाई है जो अपने दोस्तों के साथ बाहर खेलने चला गया था।

दोस्तों मैं घर में अकेली बोर हो रही थी तो मैं फिर से एक कुंवारी लड़की कि स्टोरी पढने लगी क्यूंकि मुझे भी अनुभव करना था की पहली बार चुदाई करते समय कैसा महसूस होता है। दोस्तों कहानी बहुत गरम करने वाली थी मेरे एक हाथ में फोन और दूसरा हाथ चूत मेरी चूत को सहला रहा था मेरी चूत से पानी आ रहा था। मैं फिर उठी और बाथरूम में नहाने चली गई और वहां जाकर मैंने दरवाजा बिना बंद किए ही नंगी बैठकर अपनी चूत को फिर से सहलाने लगी। घर पर कोई नहीं था तो मैं किचन से जाकर सरसो का तेल लेकर अपनी चूत की मालिश करने लगी। दोस्तों हम लड़कियो को चूत की तेल के साथ मालिश करना और उसे लड़कों को चूसना बहुत पसंद है। फिर मैं वही पुराने ब्रश लेकर अपनी चूत में अंदर बाहर करने लगी। मैं झड़ने वाली थी तभी अचानक मैंने देखा की बाथरूम के दरवाजे के पास मेरे मामू खड़े है मैं एकदम से घबरा गई और खड़ी हो गई तभी मामू ने कहा टीना क्या कर रही थी तुम यह? मैंने भी कह दिया जैसे आपको पता नहीं है कुंवारी लडकियाँ क्या करती है अकेले मैं जब उनकी चूत मचलती है तो, दोस्तों मेरे मामू एक शादी-शुदा आदमी है उनका एक छोटा सा बच्चा भी है और वो मेरे थोड़े से फ्रेंड्ली भी है तो मैंने भी अब क्या बहाना मारा था मैंने भी साफ साफ कह दिया मामू वो मेरा मूड बन गया था तो वही पर ऊँगली करके काम चला रही थी फिर मैं बाहर आई और उनको मैंने चाय पिलाई तो बोल पड़े टीना तेरी चूत को अब लंड की ज़रूरत है इसको लंड चाहिए यह ऐसे नहीं होगी अब शांत, कोई बॉयफ्रेंड बना ले। तो मैंने कहा मामू आपको पता ही है की अगर मैंने बॉयफ्रेंड बनाया तो पापा मुझे जान से मार देंगे उन्होंने तो मुझे लड़को से दोस्ती करने से भी मना किया हुआ है और ना ही मेरा कोई लड़का दोस्त है। तो किसे बॉयफ्रेंड बनाऊ अपना, तो वो बोले मेरे बारे में क्या ख़याल है? मैंने हँसते हुए कहा पागल हो आप, मुझे लगा था वो मज़ाक कर रहे है लेकिन मैंने कभी उनको वैसे वासना वाली नज़र से नहीं देखा था फिर वो बोले देख टीना अगर तुझे चुदने का मन हो तो बता देना मुझे तुझ जैसी कामुक लड़की को चोदने के लिए मैं हमेशा तैयार हूँ फिर मैंने कहा मामू आप क्या कह रहे हो? किसी को पता चल गया तो लोग क्या कहेंगे। तो बोले किसी को पता नहीं चलेगा यह बात तेरे और मेरे बीच में ही रहेगी।

दोस्तों मैं तो अब लंड से चुदने के लिए तड़पने लगी थी अब तो लंड खुद मेरे पास आकर मेरी चूत को सलाम कर रहा था मैंने भी मौके का फायदा उठाया और मामू के पास जाकर बैठकर बोली शुभ काम में देरी क्यू? तो मामू ने मुझे वही पकड़कर सोफे पर लेटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गये और मुझे किस करने लगे। मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी वो मेरे होंठ चूस रहे थे फिर उन्होंने मेरे टॉप को उतारा और मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे बब्स को दबाने लगे और फिर मेरी पीठ पर हाथ फैरने लगे और अपने दांतों से मेरी ब्रा के हुक खोलने लगे कसम से दोस्तों वो मेरा पहला अहसास था जो मुझे जन्नत सा महसूस हो रहा था मैं बेसुध होकर पड़ी थी फिर मामू ने मुझे अपनी गोद में उठाकर किस करते हुए मेरे बेडरूम में ले गये और बेड पर लेटा दिया और मेरे ऊपर आकर मुझे छुने लगे और अपना एक साथ मेरी पेंटी के अंदर डालने लगे जैसे ही उनके हाथ ने मेरी चूत को छुआ तो दोस्तों मेरे बदन में तो जैसे करंट सा दौड़ गया और मेरी चूत से तुरंत गरम गरम लावा बहने लगा और उनका हाथ गीला हो गया था। फिर उन्होंने मेरी चूत के होठों पर अपना हाथ फैरा और बोले तेरी चूत तो बहुत ही नाजुक है इसके अंदर तो बहुत आग है इसको तो मोटा लंड चाहिए। मैंने कहा मामू यह जान और यह कोमल सी नाजुक सी चूत भी आपकी ही है अब तो, अब मेरी आग बुझा दो, फिर मेरी पेंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को सूंघने लगे और मेरी टांगो पर किस करने लगे जिससे मैं और गरम होती जा रही थी फिर उन्होंने मेरी पेंटी उतारी और मेरी चूत पर अपनी जीभ लगाकर के उसको कुत्तो की तरह चाटने लगे। दोस्तों वो मेरी जिंदगी का पहला सुखद अनुभव था मैं उसको अपने शब्दों में बयान नहीं कर सकती। मेरी चूत में जैसे बाढ़ ही आ गई थी उसमें से गरम गरम पानी निकले जा रहा था और मामू उसकी चुसाई करके पी रहे थे जिससे मैं पागल हो चुकी थी और मेरे मुहँ से आह्ह… उईएरु. हाहाह… निकल रहा था। बस मेरा मन कर रहा था की कुछ मोटी सी चीज़ घुसा लूँ अंदर, मैं उन्हे बार बार अपनी कमर उठा-उठाकर के उनके मुहँ में अपनी चूत दे रही थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मैं उनसे चोदने की मिन्नते कर रही थी की मामू अब बस करो प्लीज मेरी नाजुक भोसड़े में अपना मोटा लौड़ा डाल दो प्लीज, लेकिन वो मुझे और तड़पाए जा रहे थे। फिर उन्होंने अपना 7 इंच का लंड मेरे पास लाकर मेरे मुहँ में डाल दिया मैं भी उनके लंड के टोपे को चूसने लगी जिससे उनका लंड एकदम से कड़क हो गया और अपनी असली औकाद में आ गया फिर उन्होंने मेरी कमर के नीचे एक तकिया लगाया और मुझे सीधा लेटा दिया और बोला चिल्लाना नहीं तुम्हें तकलीफ़ होगी, मैंने भी स्टोरी में पढ़ा था की पहले समय दर्द तो होता ही है मैंने कहा नहीं चिल्लाऊँगी? आप डालो अब इसे मेरी चूत में और चोदो मुझे मैं अब और इंतजार नहीं कर सकती मेरी चूत में आग लगी है फिर मामू ने अपने लंड को मेरी चूत के होंठो पर रगड़ा तो थोड़ी सी वैसलीन लगा दी और मेरे होठों को चूसने लगे और अपने एक हाथ से लंड को मेरी चूत में लगाया और एक झटका मारा तो मेरी तो जैसे जान ही निकल गई मुझे नहीं पता था की इतना दर्द होता है मैं चिल्ला पड़ी फिर उन्होंने मुझे अपनी बाँहों में जकड़ लिया और मुझे किस करने लगे मैं उसने लंड निकालने के लिए कह रही थी पर उन्होंने मेरी एक भी ना सुनी और लंड को चूत में ही टिकाए रखा। उनका लंड काफ़ी मोटा था मेरे से अड्जस्ट नहीं हो रहा था फिर वो मुझे किस करने लगे और मेरे बब्स को दबाने लगे और मेरा दर्द तोड़ा कम हुआ तब वो लंड को आगे पीछे करने लगे। थोड़ी देर हिलने के बाद उन्होंने सरसो का तेल लिया और अपने लंड पर लगाया और फिर से मेरी चूत पर सेट करके धक्का मारा इस बार लंड स्लिप होकर पूरा अंदर घुस गया अब मेरा दर्द कुछ कम हो गया था और मुझे मज़ा आने लगा था। मेरी चूत पानी छोड़ने लगी थी जिसकी वजह से पूरे कमरे में फक-फक की आवाजें आ रही थी। उनका लंड मेरी चूत की अंदर मेरी बच्चेदानी को छू रहा था मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझे जन्नत मिल गई हो मैं अपनी कमर को उठा-उठाकर अपनी चूत को चुदवा रही थी। करीब 15-20 मिनट तक की चुदाई में मैं 3 बार झड़ चुकी थी मामू भी झड़ने वाले थे तो उन्होंने मुझसे कहा चल अब घोड़ी बन जा? फिर वो मुझे घोड़ी बनाकर मेरे पीछे से लंड डालकर के चोदने लगे इस तरीके से मुझे उनके लंड का एक अनोखा एहसास हो रहा था फिर उनके चोदने की स्पीड और तेज हो गई बोले तेरी चूत में क्या मैं अपना माल गिरा दूँ, या इसको पीयेगी? मैंने कहा मेरे मुहँ में दे दो, फिर 5 मिनट तक चोदने के बाद उन्होंने मुझे सीधा होने को कहा और मेरे मुहँ पर एक पिचकारी मारी और अपना वीर्य मेरे मुहँ पर गिरा दिया जिससे कुछ बुदें मेरे चेहरे पर गिरी थी और बाकी मेरे मुहँ में, उसका स्वाद कुछ सलगम के जैसा था लेकिन वासना की आग में मैं सारा माल निगल गई फिर उसके लंड को चूसने लगी लेकिन उनका लंड ठण्डा पड़ गया था।

और हम दोनों बेड पर से हट गये करीब 1 घंटे बाद उठी तो देखा बेड पर काफ़ी सारा खून और मेरी चूत का पानी गिरा पड़ा था मैंने बेडशीट उठाई और धोने चली गई मामू अभी भी बेड पर ही थे मैंने बाथरूम से आवाज़ लगाई की साबुन देना तो फिर वह उठकर आए साबुन देने, तो मैंने उनको बाथरूम के अंदर खिंच लिया अब वह दोबारा से चुदाई के मूड में नहीं थे और थक चुके थे पर मेरी कुंवारी चूत की तो शुरुवात थी इसलिये मैंने मामू को बाथरूम में नीचे लेटा दिया और उनके ऊपर बैठकर लंड को अपनी चूत पर सेट करके ऊपर नीचे होने लगी फिर खुद ने ही उनके लंड पर उछलकर खूब जमकर सेक्स किया और अपना फिर से पानी छोड़ दिया।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!