सेक्सी भाभी ने लंड पकड़कर मजा दिया

हैल्लो दोस्तों, में antarvasna चोदन डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ। इसमें अच्छी-अच्छी कहानीयाँ होती है और इनको पढ़कर मेरा लंड खड़ा हो जाता है और में मुठ मारता हूँ। में पंजाब से हूँ और अब में सीधा स्टोरी पर आता हूँ। यह बात तब की है जब में 22 साल का था और मेरे घर के पास में नयी पड़ोसी आई थी, उनके घर में वो दोनों पति-पत्नी ही थे। अब वो हमारे घर आने जाने लगे थे, में उनको भाभी कहता था, उसका नाम अदिति था, वो बहुत सेक्सी थी, उसका फिगर 36-24-36 था। उसके चूतड़ बड़े-बड़े और मस्त थे, उसके बूब्स को देखकर क़िसी का भी दिल ललचा जाए। में तो उनको देखकर पागल हो जाता था और में उनसे सेक्स करना चाहता था और मौके की तलाश में था। उसका पति बैंक में मैंनेजर था, उनकी शादी 2 पहले ही हुई थी। उनका और हमारा एक दूसरे के घर में आना जाना लगा रहता था। अब हम भी काफी घुलमिल गये थे और वो मुझे सैम कहकर बुलाती थी और हंस-हंसकर बातें करती थी।

फिर एक दिन मम्मी ने बोला कि आज हमारे यहाँ दूध नहीं आया, तो तू जाकर अपनी भाभी से दूध ले आ। फिर में झट से उठा और भाभी के दरवाज़े पर पहुँचा तो मैंने देखा कि भाभी पोछा लगा रही थी और उसने सलवार कमीज पहन रखा था, उसने चुन्नी नहीं डाली थी, उसके बड़े-बड़े बूब्स बाहर से साफ-साफ दिखाई दे रहे थे, अब मेरा लंड खड़ा हो गया था। फिर कुछ देर तो में उनको देखता रहा। फिर उन्होंने मुझे देखा और बोली कि अरे सैम तुम कब आए? बाहर क्यों खड़े हो? अंदर आ जाओ, बोलो कैसे आना हुआ? और उसने ऐसा कहते हुआ अपना सूट ठीक किया और नीचे की और खींचा, लेकिन अब भी उसके बड़े-बड़े बूब्स बाहर दिखाई दे रहे थे। अब मेरी आँखें उनके बूब्स पर ही थी।

फिर वो बोली कि क्या देख रहे हो सैम? तो में एकदम से जागा और घबराकर बोला कि भाभी जी वो आपका दूध लेना है। तो वो बोली क्या? तो मैंने कहा वो मम्मी ने दूध मँगवाया है, आज हमारे यहाँ दूध ख़त्म हो गया है। फिर वो बोली कि रुक अभी लाती हूँ और फिर वो दूध लेकर आई, लेकिन नीचे से भाभी ने पोछा नहीं उठाया था और उनका पैर उस पर आते हुए पड़ गया और वो फिसल गयी और सारा दूध मेरे ऊपर गिर गया, लेकिन मैंने उनको गिरने नहीं दिया और उनको अपनी बाहों से उठा लिया, तो उनका लेफ्ट बूब्स मुझसे टच हुआ। फिर उन्होंने भी मुझे पकड़ लिया और फिर थोड़ी देर के बाद वो सीधी खड़ी हो गयी और बोली कि सॉरी सैम तुम्हारे ऊपर दूध गिरा दिया, चलो जल्दी से अपने कपड़े उतार दो और बाथरूम में चलो।

फिर उन्होंने मेरी शर्ट उतार दी, अब में ऊपर से नंगा था और मुझे टावल दे दिया और कहा कि चलो अपनी पेंट उतारकर बाहर आ जाओ, में तुम्हारी पेंट-शर्ट धो दूँगी। फिर में टावल में बाहर आ गया और वो बाथरूम में चली गयी। अब में उनके बेडरूम में था तो मैंने वहाँ पर कामसूत्र कंडोम का पैकेट देखा और डस्टबिन में यूज लिया हुआ वीर्य से भरा कंडोम देखा और बेड पर भाभी की पेंटी और ब्रा पड़ी देखी, तो मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर में भाभी की ब्रा और पेंटी उठाकर सूंघने लगा, तो तभी भाभी बाहर आ गयी। फिर मैंने उनकी ब्रा और पेंटी पीछे छुपा लिया तो भाभी बोली कि क्या कर रहे थे? अब उनको पता चल गया था। फिर वो मेरे पास आ गयी, अब वो भीगी हुई थी और बिना चुन्नी के थी और उनके बड़े- बड़े बूब्स जब वो सांस लेती तो ऐसे ऊपर नीचे होते कि मेरी तो उनको देखकर सिट्टी पिट्टी गुम हो गयी थी। फिर वो बोली कि क्या छुपा रहे हो? चलो खड़े हो जाओ।

अब हम दोनों आमने सामने थे, उनको पता था कि पीछे क्या है? फिर उन्होंने अपनी ब्रा और पेंटी उठाई और बोली कि तो ये बात है, अब तुम बड़े हो गये हो, तुम मेरी ब्रा और पेंटी के साथ क्या कर रहे थे? बोलो। फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं, यह तो बेड पर पड़े थे और में आपको धोने के लिए देने आ रहा था, लेकिन भाभी में शर्मा गया। फिर भाभी बोली कि आह्ह मेरा देवर अब शरमाने लगा, लेकिन देवर जी अगर शरमाओगे तो ये घड़ी गुजर जाएगी। फिर में बोला कि में कुछ समझा नहीं भाभी। तो भाभी बोली कि ओ हो जैसे बच्चे हो तुम, में तुम जैसो को अच्छी तरह से जानती हूँ। अब में तो नाटक कर रहा था, मुझे नहीं पता था कि बात इतनी जल्दी बन जाएगी और अब मेरे लंड को चूत मिलने वाली है सोचकर वो टाईट होता जा रहा था और टावल पर साफ पता लग रहा था कि मेरा लंड अब टाईट हो चुका है।

फिर भाभी बोली कि देवर जी यह क्या कर रहे हो? तो मैंने कहा कि क्या भाभी? तो भाभी बोली कि तू शरमाता ही रह, में चली और अब तू भी जा। फिर मैंने सोचा कि अब क्या कहूँ तो में हिम्मत करके बोला कि भाभी आपके यह बड़े-बड़े देखकर मेरा वो टाईट हो गया। फिर भाभी बोली कि साफ-साफ क्यों नहीं कहता कि भाभी जी आपके गोरे-गोरे, बड़े-बड़े बूब्स देखकर मेरा लंड टाइट हो गया है? शरमाता क्यों है? अब में हैरान हो गया था और मेरा लंड और टाईट हो गया था। फिर भाभी आगे आई और उसने मेरा टावल खींचकर मुझको नंगा कर दिया और अपने घुटनों के बल बैठ गयी और बोली कि वाउ आपका लंड तो मेरे पति देव से काफी बड़ा है, पहले क्यों नहीं मिले, कोई बात नहीं देवर जी अब भी मेरे ही हो, में कौन सा अब आपको कहीं जाने दूँगी? और फिर उसने मेरे लंड को जैसे ही अपने दोनों हाथों में पकड़कर उस पर अपनो होठों से किस किया, तो में आनंदित हो गया। फिर उन्होंने कहा कि अब तुम बेड पर बैठ जाओं, में अभी आई और फिर वो बाथरूम में चली गयी और सिर्फ पेंटी और ब्रा पहनकर मेरे पास आ गयी, उसने काली ब्रा पहनी थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर में उनके पास गया और हिम्मत करके उनको बेड पर ले आया और उनकी ब्रा उतार फेंकी। फिर भाभी बोली कि वाह देवर जी अब तो जोश में आ गये। फिर मैंने उनके गोरे-गोर बूब्स दबाए और उनकी गुलाबी चूचीयाँ चूसने लगा। अब उनके बूब्स भी टाईट हो गये थे और में उन्हें ज़ोर-जोर से चूसने लगा था और वो सिसकियाँ लेने लगी थी। फिर मैंने उनकी पेंटी उतार दी तो में उनकी सफ़ेद शेव चूत को देखकर पागल हो गया और अपनी एक उंगली उनकी चूत में डाल दी। भाभी की चूत बिल्कुल गर्म थी, भाभी की चूत भट्टी की तरह तप रही थी। अब मेरा ऐसा करते ही उसके मुँह से सिसकी निकल गयी आआअहह, ऊऊऊओह मेरे देवर जी, तेज करो, मेरी जान मज़ा आ रहा है और फिर मैंने अपनी दो उंगलियाँ उसकी चूत में डाल दी और तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा। अब भाभी मस्त हो गयी थी और बोली कि मेरे प्यारे सैम ज़ोर से आआअहह सिसकियाँ लेने लगी।

अब भाभी की आँखें बंद हो गयी थी और अब हम 69 की पोजिशन में आ गये थे। फिर मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो वो तड़प उठी आआअहह सैम नहीं, प्लीज मत तड़पाओ, आआहह हट जाओ, लेकिन में कुत्ते की तरफ उसकी चूत चाटने लगा और वो मस्त हो गयी और मेरा लंड पकड़कर अपने मुँह में डालकर चूसने लगी। अब में भी स्वर्ग में पहुँच गया था। फिर मैंने अपनी एक उंगली उसकी गांड में डाल दी, तो वो चिल्ला उठी कि नहीं सैम मत करो, आअहह ऊहह दर्द हो रहा है, प्लीज छोड़ दो। फिर हम 10 मिनट तक ऐसे ही करते रहे और फिर में उठा और उसको लिप्स किस किया और उसके बूब्स दबाने लगा। अब उसके बूब्स लाल हो गये थे। फिर वो बोली कि देवर जी अपनी भाभी को क्यों तड़पा रहे हो? प्लीज चुदाई करो ना मेरे राजा, मेरे स्वीट-स्वीट देवर अपनी भाभी की प्यास बुझा दो।

अब में भी पूरा गर्म था, अब मेरे जिस्म का रोम-रोम खड़ा हो चुका था। फिर मैंने भाभी की दोनों टाँगे खोल दी और अपना 8 इंच लंबा लंड भाभी की चूत पर रखा और उसकी चूत पर रगड़ने लगा और ऐसे ही करता रहा। फिर भाभी बोली कि अब मत तड़पा ज़ालिम, अब फाड़ दे मेरी चूत। फिर मैंने ज़ोर से एक धक्का मारा तो मेरा 4 इंच लंड उसकी चूत में अंदर चला गया और भाभी की सिसकी आआआअहह, ऊऊऊओह, में मर गयी निकल गयी। फिर मैंने एक और झटका दिया तो मेरा पूरा लंड भाभी की चूत के अंदर चला गया। तो भाभी चिल्ला उठी आअहह छोड़ दो, बाहर निकालो, आआआआआहह, ऊऊऊऊऊह। अब में जोश में था और फिर मैंने भाभी की एक नहीं सुनी। फिर थोड़ी देर के बाद भाभी को भी मज़ा आने लगा। अब वो भी नीचे से अपनी गांड ऊपर उठा-उठाकर मेरा साथ दे रही थी और बोल रही थी कि आआआअहह सैम मेरी चूत फाड़ दो और तेज करो, आआआअहह मेरे राजा, आअहह मेरे प्यारे देवर जी क्या लंड है तुम्हारा? तुम्हारा एक-एक धक्का मुझे स्वर्ग का मज़ा दे रहा है, फुक्ककक मी, आआआआहह माँ, तेज आअहह करते रहो मेरे जानू, करते रहो आआअहह।

अब पूरे रूम में चूत और लंड के चुदाई की फच- फच की आवाजें और आआआहह, उफफफ्फ़ की आवाज़ों से गूंज गया था। फिर भाभी ने अपने दोनों पैरो से मेरी कमर को जकड़ लिया और वो झड़ गयी और मुझे पागलों की तरह किस करने लगी और मेरे लिप्स को अपने दाँतों से काट खाया। अब में और जोश में आ गया था और मेरा लंड भी झड़ने वाला था तो में ज़ोर-जोर से उनको चोदने लगा। तो वो भी पागलों की तरह मुझे किस करती रही और तेज सैम और तेज, फाड़ दे अपनी भाभी की चूत, आआअहह सैम, आआआआअहह, उम्म्म्मह। अब मेरी स्पीड तेज हो गयी थी और बेड ज़ोर-जोर से हिलने लगा था, आआआआहह भाभी गपगप तेज रफ़्तार से अपने लंड से भाभी को चोदने लगा था। फिर सिग्नल को पाकर चुदाई की गाड़ी स्टेशन पर आकर धीरे-धीरे झड़ने लगी।

अब ऊफ-ऊफ करती भाभी सब कुछ भुलाकर मस्त हो गयी थी। फिर मैंने भाभी से कहा कि मेरा वीर्य आने वाला है। भाभी बोली कि बाहर निकाल दे, में अभी बच्चा नहीं चाहती हूँ। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और भाभी के मुँह पर सारा वीर्य गिरा दिया और वो मेरा सारा वीर्य पी गयी। फिर हम दोनों भाभी देवर 10 मिनट तक शांत होकर एक दूसरे की आघोश में ही लेटे रहे। फिर भाभी बोली कि सैम तेरे लंड से चुदाई करवाकर मेरा सेक्स शांत हुआ है। फिर हम रोज सेक्स करने लगे और भाभी को मेरा लंड बहुत पसंद था। अब वो जब भी घर आती थी तो वो मेरे लंड को मौका देखकर हाथ लगा जाती थी, लेकिन एक महीने के बाद भाभी अपने पति के साथ अमेरिका चली गयी। अब मुझे उनकी बहुत याद आती है और अब में तन्हा हो गया हूँ ।।

धन्यवाद …