भाभी की गांडफाड़ चुदाई करी

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम दीपक है मेरी उम्र 26 साल की है मेरा रंग-रूप और कद-काठी सामान्य है और मैं यहाँ पर सिटी केबल ऑपरेटर का काम करता हूँ. अब मैं आप सभी को मेरे एक बहुत ही प्यारे से सेक्स अनुभव के बारे में बताने जा रहा हूँ।

हाँ तो दोस्तों तो बात ऐसी है की मैं केबल बिज़नस में था तो मेरा सभी के घर आना-जाना होता है इसलिए मैं एक दिन केबल लगाने के लिये एक मल्टी-स्टोरी रेजीडेंसी बिल्डिंग में गया था. वहाँ पर एक नया शादीशुदा जोड़ा आया हुआ था रहने के लिये तो उन्होनें मुझको केबल कनेक्शन लगाने के लिए कहा था. वह लोग इन्दौर के रहने वाले थे और वह अभी हाल ही में मेरे शहर में शिफ्ट हुए थे, उन भैया की उम्र करीब 28 साल की होगी और भाभी की उम्र करीब 25 साल की थी और वह दिखने में भी बहुत ही खूबसूरत थी. उनका फिगर साइज़ भी एकदम गजब का था 34-28-36 का. और वह क्या कमाल की दिखती थी यारों मैं तो उनको देखकर पागल सा हो गया था. भैया एक बड़ी कम्पनी में थे और उनकी कम्पनी का काम दूसरे देशों में भी फैला हुआ था. और इसीलिए वह ज्यादातर देश के बाहर ही रहते थे और उनकी अभी तक कोई औलाद भी नहीं थी क्योंकि उनकी अभी तो नई-नई शादी हुई थी. दोस्तों मैं जब पहली बार वहाँ पर गया था तो भैया ने ही दरवाजा खोला और उन्होंने मुझको कहा कि दीपक आ जाओ अन्दर. और फिर मैं अन्दर गया. दोस्तों वह एक 3 बी.एच.के. का फ्लेट था. उनकी पत्नी यानी कि, भाभी किचन में थी. और फिर भैया ने भाभी को आवाज़ लगाई और कहा कि, दीपक आया है तो उन्होनें पूछा कि, कौन दीपक? तो भैया ने उनको कहा कि, केबल वाला. तो फिर वह बाहर आई और फिर वह मुझसे बोली कि, हाय, कैसे हो दीपक? तो मैंने उनको कहा कि, अच्छा हूँ भाभी. और फिर वह पानी लेकर आई और मैंने पानी पिया और फिर वह मुझको अपने टी.वी. वाले कमरे में लेकर गए. और फिर मैं अपने काम में जुट गया था. और फिर लगभग 1 घंटे के बाद मेरा काम खत्म हो गया था. और फिर भाभी मेरे लिए नाश्ता लाई तो मैंने उनको मना किया कि, नहीं भाभी मुझे देर हो रही है. लेकिन उन दोनों ने मुझको जोर देकर कहा कि नहीं, नाश्ता करके चले जाना. तो फिर मैंने भी उनको कहा कि, ठीक है और फिर मैं नाश्ता करने के बाद ही वहाँ से चला गया था।

और फिर एक महीने के बाद मैं केबल का बिल माँगने उनके यहाँ पर गया और जब मैंने उनके घर के दरवाजे की घन्टी बजाई तो भाभी ने ही दरवाजा खोला और बोली कि, हाय दीपक तो मैंने भी उनको कहा कि, हाय भाभी. और फिर उन्होनें मुझको अन्दर आने को कहा तो मैं अन्दर चला गया था. और फिर मैंने उनको पूछा कि, भैया कहाँ है? तो उन्होनें कहा कि, तुम्हारे भैया तो उनके ऑफिस के काम से देश के बाहर गये है और वह 10-15 दिन बाद लौटेगें. तो फिर मैंने उनको कहा कि, तो फिर क्या आप अकेली ही रहेंगी? तो फिर उन्होनें मुझको कहा कि, हाँ और कर भी क्या सकते है. और फिर उन्होनें मुझको पूछा कि, कैसे आना हुआ? तो मैंने उनको कहा कि, केबल का बिल लेने आया हूँ. तो फिर उन्होनें मुझको कहा कि, ठीक है तुम रूको मैं अभी लेकर आती हूँ. और फिर उन्होनें एक चेक साइन करके मुझको दे दिया था. और फिर मैं वहाँ से जाने लगा तो उन्होनें मुझको कहा कि दीपक, अगर तुम बुरा ना मानों तो मैं आपसे एक बात पूछूँ? तो फिर मैंने उनको कहा कि, जी भाभी पूछिए. तो फिर उन्होनें मुझको कहा कि, मैं आज अपने-आप को काफी अकेला महसूस कर रही हूँ, तो रात को क्या तुम मेरे घर पर खाने पर आ सकते हो? तो मैं पहले तो थोड़ा हिचकिचाया, लेकिन फिर मैंने उनको कहा कि, ठीक है और फिर मैं वहाँ से चला गया था। और फिर रात को करीब 9 बजे मैं उनके घर पहुँचा तो उन्होनें ही दरवाजा खोला था. तब वो एक सेक्सी सी नाइटी में थी मैं तो खड़ा-खड़ा बस उनको ही देखता रहा. और फिर कुछ देर के बाद उन्होनें मुझको कहा कि, क्या हुआ? तो मैंने उनको कहा कि, कुछ नहीं और फिर मैं अन्दर चला गया था. और मैं टी.वी. वाले कमरे में बैठ गया था. और फिर भाभी मेरे लिए जूस लाई और फिर वह भी मेरे बगल में आकर सोफे पर बैठ गई थी।

और फिर हम आपस में इधर-उधर की बातें भी कर रहे थे. और फिर थोड़ी देर के बाद भाभी ने मुझको कहा कि, चलो अब मैं खाना लगा देती हूँ. तो मैंने उनको कहा कि, ठीक है. और फिर हमने साथ बैठकर खाना खाया और हम फिर से बैठकर बातें करने लग गए थे. बातों ही बातों में उन्होनें मुझसे पूछा कि, तुम्हारे घर में और कौन-कौन है? तो मैंने उनको कहा कि, मम्मी और पापा बस और कोई नहीं है. और फिर उन्होनें मुझसे पूछा कि, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं? तो मैंने उनको कहा कि, अभी तक तो नहीं है और वैसे भी मुझको अपने काम से फ़ुर्सत ही नहीं मिलती है. और फिर उन्होंने कहा कि, ठीक है अगर तुम कहो तो मैं ढूंढ दूँ? तो मैंने उनको कहा कि, हाँ भाभी आप ढूँढोगी तो आपके जैसी खूबसूरत ही ढूँढोगी. तो फिर वह मेरी बात को सुनकर थोड़ी शरमा गई थी और फिर उन्होंने मुझको कहा कि, धत्त.

और फिर हमको यहाँ-वहाँ की बात करते-करते 11 बज गये थे तो मैंने उनको कहा कि, अब मैं चलता हूँ. तो उन्होनें मुझको कहा कि, यहीं रुक जाओ ना. तो मैंने उनको कहा कि, आज नहीं, फिर कभी और तब मैं वहाँ से चला आया था. दोस्तों अब तक मेरे मन में उनके लिये सेक्स की कोई भावना नहीं जागी थी मैं तो उनके साथ एक अच्छे दोस्त की तरह रिश्ता रखना चाहता था. और ज़्यादा कुछ तो नहीं था हमारे बीच और फिर करीब 10 दिन के बाद एक दिन सुबह 11 बजे उनका फोन आया और उन्होंने मुझको कहा कि, दीपक क्या तुम अभी मेरे घर पर आ सकते हो केबल खराब आ रहा है. तो मैंने उनको कहा कि, ठीक है मैं दिन में 2-3 बजे तक आ जाऊँगा. और फिर मैं करीब 2.30 बजे वहाँ पहुँचा तो भाभी ने ही दरवाजा खोला था पर जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला तो मेरी तो सिट्टी-बिट्टी ही घूम हो गई थी. मैं उनको देखकर एकदम चौक सा गया था, क्योंकि उस समय भाभी मेरे सामने सिर्फ़ टावल में ही खड़ी थी. क्योंकि शायद वह उस समय बाथरूम से नहाकर ही निकली थी. तो फिर मैंने उनको सॉरी कहा और यह भी कहा कि, चलो मैं बाद में आता हूँ भाभी. तो फिर वह बोली कि, कोई बात नहीं, मैं तो बस अभी नहाकर निकली थी और घन्टी बजी तो मैं ऐसे ही आ गई. तुम अन्दर आओ और बैठो मैं कपड़े पहनकर आती हूँ। और फिर भाभी बेडरूम में चली गई थी पर मेरा लंड अन्दर ही अन्दर खड़ा होकर मेरी पेन्ट में ही टेंट बना रहा था. और फिर कुछ देर के बाद भाभी आई तो उन्होंने एक नाइटी पहनी हुई थी. और फिर मैंने उनको मुस्कुराते हुए कहा कि, भाभी आप तो बहुत कमाल की लग रही हो. तो फिर वह भी मेरी तरफ मुस्कुरा दी थी. और फिर मैं उनका केबल कनेक्शन चेक करने लग गया था. और फिर मुझको पता चला कि, उनकी केबल का पिन टी.वी. के पीछे से ही लूज होकर निकला हुआ था और वह ठीक से लगा हुआ नहीं था. तो फिर मैंने उसको ठीक से लगा दिया था और फिर चेक किया तो केबल साफ आ रहा था. और फिर भाभी ने मुझको थैंक्स बोला और साथ ही वह मुझको यह भी बोली कि, तुम बैठो मैं अभी कुछ तुम्हारे लिए खाने को लेकर आती हूँ. तो मैंने उनको कहा कि, भाभी रहने दो. पर वह मानी नहीं और फिर वह किचन की तरफ चली गई थी. और मैं टी.वी. देखने लगा और उसको चेक करने लगा कि, सभी चैनल ठीक से आ रहे है या नहीं. और फिर थोड़ी देर के बाद मुझे कुछ किचन में गिरने की ज़ोर की आवाज़ आई और मुझको लगा कि, कुछ हुआ है तो मैं दौड़कर किचन की और चला गया तो वहाँ जाकर मैंने देखा कि, भाभी नीचे गिरी हुई थी. और फिर मैंने उनको पूछा कि, भाभी क्या हुआ आप कैसे गिर गई? तो उन्होने मुझको बताया कि, किचन का फर्श चिकना होने की वजह से टेबल फिसल गई. और फिर मैंने उनको सहारा देकर उठाया और मैं उनको उनके बेडरूम में बिस्तर पर ले आया. और फिर वह लेट गई थी और उनको कोई अन्दर की चोट लगी हुई थी और उनको काफ़ी भी दर्द हो रहा था. तो फिर मैंने उनको कहा कि, मैं डॉक्टर को बुलाता हूँ. तो उन्होंने कहा कि, नहीं रहने दो मैं ऐसे ही ठीक हो जाऊँगी. तो मैंने उनको कहा कि, नहीं आपको काफ़ी चोट लगी है. पर उन्होंने डॉक्टर को बुलाने से साफ़ इनकार कर दिया था। और फिर मैंने देखा कि, उनको उनकी टाँग और कमर में काफ़ी दर्द हो रहा था और वह दर्द से कराह रही थी. और तब मैंने उनको कहा कि, मैं आपको क्रीम लगा देता हूँ. तो उन्होंने कहा कि, तुम रहने दो. तो मैंने उनको कहा कि, नहीं आपको बहुत दर्द हो रहा है।

मैं नहीं माना और उनसे क्रीम कहाँ है यह पूछने लगा. तो फिर उन्होंने मुझको कहा कि, सामने वाली टेबल की दराज में रखी है. और फिर मैं जाकर क्रीम लेकर आ गया था. और फिर मैं क्रीम को भाभी की टाँग पर मलने लगा. दोस्तों भाभी की टाँगें काफ़ी गोरी और चिकनी थी जैसी किसी एयर होस्टेज की रहती है. मैं उनकी टाँग पर क्रीम मल रहा था कि, तभी भाभी मुझसे बोली कि, थोड़ा और ऊपर. और फिर मैं उनके घुटनों से लेकर नीचे तक क्रीम रगड़ रहा था. और फिर उन्होंने कहा कि, थोड़ा और ऊपर से करो. तो फिर मैं अपना हाथ उनकी जाँघों तक लेकर गया और मैंने उनकी नाइटी को और भी ऊपर कर दिया था. दोस्तों वह अपने पेट के बल लेटी हुई थी और उनकी जाँघें क्या सेक्सी लग रही थी यारों, मैं तो उनको देख-देखकर ही गरम हो रहा था. और शायद भाभी भी गरम हो रही थी, और उनके मुहँ से भी कराहने के साथ हल्की-हल्की सिसकियों के जैसी सेक्सी आवाज़ें निकल रही थी. और फिर धीरे-धीरे मेरे हाथ अब उनकी गांड के और करीब जाने लग गए थे. और भाभी ने मुझको कुछ भी नहीं बोला. और फिर उन्होंने मुझको कहा कि, थोड़ी क्रीम मेरी कमर में भी लगा दो। तो मैंने उनको कहा कि, आपकी नाइटी बीच में आ रही है. तो उन्होंने कहा कि, तुम ही ऊपर कर दो. और फिर तो क्या था. मैंने उनकी नाइटी को थोड़ा और ऊपर खिसका दिया था जिससे अब उनकी गांड तो साफ-साफ दिख रही थी उसके अलावा उसकी गोरी पीठ भी अब मुझको दिखने लग गई थी. और उस नज़ारे को देखकर मैं और भी गरम हो गया था. और फिर मैं उस दर्द की क्रीम को उनकी कमर पर रगड़ने लग गया था. दोस्तों मेरे हाथ का स्पर्श पाकर तो वह अपना सारा दर्द भूलकर और भी गरम हो गई थी, और वह अपने मुहँ से कुछ अजीब ही तरह की आवाज़ें निकालने लग गई थी इस्सस… उह्ह्ह.. आहहह….

दोस्तों वहाँ का माहौल अब काफ़ी गरम हो गया था. और फिर मैं ऊपर से लेकर नीचे तक यानी कि, उनके गले से होते हुए पूरे पैर तक रगड़ने लगा था और बीच-बीच में मैं उनकी पैन्टी के ऊपर भी हाथ मारने लगा था और थोड़ा-थोड़ा उनकी गांड को भी दबाने लगा था जिससे वह और भी गरम हो गई थी. और फिर मुझसे भी सब्र नहीं हुआ तो मैंने भाभी की पैन्टी भी निकाल दी थी और उन्होंने मुझको तब भी कुछ नहीं कहा था. और फिर मैं अपना मुहँ उनकी गांड के छेद में रखकर उसको चाटने लगा तो उनको भी अब मज़ा आने लगा था. और फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उनकी गांड के छेद में डाली तो वह उछल गई थी पर मैंने ऊँगली करना जारी रखा और फिर मैं और भी तेज-तेज ऊँगली करने लगा तो उन्हें काफ़ी दर्द हो रहा था पर मुझे तो मज़ा आ रहा था. और फिर मैंने उनको सीधे लेटा दिया और फिर मैंने उनके होठों पर अपने होंठ रखकर एक ज़ोरदार किस दिया तो वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. दोस्तों मैं भाभी के होठों को चूमते हुए उनके बब्स को भी मसल रहा था. और फिर मैंने उनकी पूरी नाइटी को ही उतार दिया था. और फिर मैं उनके ब्रा के ऊपर से ही उसके बब्स को दबाने लगा तो अब वह भी काफ़ी मज़े ले रही थी और वह अपने होठों को खोलकर आहें भर रही थी. और फिर मैंने उनके पूरे बदन को किस किया. उसके बाद मैंने उनकी ब्रा और पैन्टी दोनों को भी निकाल दिया था. दोस्तों कसम से वह भाभी अब क्या लग रही थी, मैं तो उनको देखकर पागल सा होने लगा था. और मैंने फिर से उनके होठों को किस करना चालू किया तो वह अब जैसे सातवें आसमान पर पहुँच गई थी. और फिर वह मुझसे बोली कि, दीपक प्लीज़ अब तो तड़पाव मत, अब तो मुझको चोद दो प्लीज़. लेकिन मैं उनको अभी और भी तड़पाना चाहता था तो फिर उन्होनें मुझको अपने ऊपर से हटाकर नीचे लेटा दिया था. और फिर वह मेरे भी कपड़े निकालने लग गई थी और वह मेरे चेहरे पर, मेरे होठों पर, मेरी गर्दन पर और मेरी छाती पर सब जगह चूमती जा रही थी. और मैं भी मजे ले रहा था।

और फिर वह मेरी जॉकी के ऊपर से ही मेरा लंड को रगड़ रही थी और फिर वह मुझको ऊपर से चूमते हुए नीचे आती गई. उसके बाद उन्होंने अपने मुहँ से मेरा अंडरवियर उतारा और फिर मेरा लंड अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी तो मुझे भी काफ़ी मज़ा आ रहा था. और फिर वह मेरे लंड की गोटी को चूस रही थी. दोस्तों ये सिलसिला 10 मिनट तक चला. और फिर मैंने उनको अपने ऊपर से हटाया और मैं उनके ऊपर आकर उनके बब्स को दबाने लगा और साथ ही उनके एक बब्स को अपने मुहँ में रखकर पीने लग गया था. और उससे भाभी आहह…. इस्सस…. ओह… डार्लिंग…. और दबाओ और चूसो इनको ऐसी सिसकियाँ ले रही थी. और मुझको भी काफ़ी मज़ा आ रहा था. और फिर मैं अपने एक हाथ से भाभी की चूत को भी रगड़ने लग गया था. और फिर मैं उनके बब्स से हटकर के उनकी कमर और नाभि के आस-पास अपनी जीभ घुमाने लग गया था तो भाभी भी आहह…. उहहह… करके मेरे सिर को नीचे उनकी चूत की तरफ धकेल रही थी. और फिर मैं भी उनका वह इशारा समझ गया था. और फिर मैं उनकी दोनों टाँगों को फैलाकर अपनी जीभ को भाभी की चूत में डालकर उनकी चूत को चाटने और चूसने लग गया था. दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और भाभी अपने हाथ से मेरे सिर को अपनी चूत में दबाने लगी थी और वह यह भी बोलती जा रही थी कि, और चाटो आहहह… उफ्फ्फ… अपनी जीभ को पूरी मेरी चूत में अन्दर तक डाल दो. और वह हल्के-हल्के से अपनी कमर को उठाकर अपनी चूत को मेरे मुहँ की तरफ धकेल रही थी. और फिर थोड़ी देर के बाद भाभी ने अपनी दोनों टाँगें उठाकर मेरे कन्धों पर जकड़ दी थी जिससे मैं हिल भी नहीं पा रहा था. और फिर वह बिस्तर की चादर को खींचते हुए आहहह… जान… अब मैं झड़ने वाली हूँ की सिसकियाँ लेने लगी थी और फिर वह मेरे मुहँ में ही झड़ गई थी. उसके बाद उन्होनें अपनी टाँगों की पकड़ ढीली करी तो मैं ऊपर उठकर अपना लंड नीचे से उनकी चूत के ऊपर रगड़ने लग गया था. और फिर मैं ऊपर से उनके बब्स को भी चूसने लग गया था. और फिर भाभी ने मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत के मुहँ पर रख दिया था. तो फिर मैंने उनकी चूत में एक झटका दिया, उनकी चूत गीली होने की वजह से मेरा लंड फिसल गया था. और फिर हम दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुरा दिये थे. और फिर भाभी ने फिर से मेरा लंड अपनी चूत के मुहँ पर रख दिया था, और इसबार मैंने अपने लंड का टोपा धीरे से उनकी चूत में डाला और फिर एक तेज़ झटका दिया और फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत में घुसा दिया था और वह एकदम से चिल्ला उठी थी. और फिर कुछ देर रुकने के बाद मैंने अपनी चुदाई की रफ़्तार बढ़ाई और बिना रुके पूरे 20 मिनट तक मैं उनको चोदता रहा और फिर मैं उनकी चूत के अन्दर ही झड़ गया था. और फिर उसके बाद मैंने अपना लंड उनके मुहँ में दे दिया और वह मेरे लंड को पूरा चाट गई थी, और उन्होंने मेरा लंड एकदम साफ़ कर दिया था. और फिर कुछ देर के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था. और फिर मैंने उनको घोड़ी बनाया और मैं भाभी की गांड में अपने लंड को रगड़ता रहा, उनकी गांड काफ़ी टाइट थी तो मैंने भाभी की ड्रेसिंग टेबल से नारियल का तेल लेकर उनकी गांड के छेद में लगाया और तब जाकर उनकी गांड का छेद कुछ खुला था. और फिर मैंने अपने लंड को उनकी गांड में भी डालना चाहा पर फिसल गया. और फिर करीब 10 मिनट की मेहनत के बाद मेरा आधा लंड उनकी गांड के छेद के अन्दर चला गया था. भाभी मुझको मना कर रही थी और वह रोते हुए बोल रही थी कि, प्लीज़ इसको बाहर निकालो दीपक बहुत दर्द हो रहा है। और फिर मैं कुछ देर के लिए रुका और फिर जब वह शान्त हो गई थी तो मैंने उनकी गांड में अपने लंड से एक ज़ोरदार धक्का लगाया जिससे मेरा पूरा लंड अब उनकी गांड के अन्दर चला गया था और वह उछल पड़ी थी और वह चिल्लाने भी लग गई थी. और फिर मैंने उनकी गांड में धक्के लगाना जारी रखा. और फिर 10-15 मिनट की उस गांडफाड़ चुदाई के बाद मैं उनकी गांड के छेद में ही झड़ गया था. और फिर हम दोनों उठकर शावर में नहाने चले गये थे बाथरूम में वह मुझको नहला रही थी और मैं उनको नहला रहा था. बाथरूम में हम दोनों एक-दूसरे के बदन को चूम भी रहे थे और हमने बाथरूम में भी सेक्स का पूरा मजा लिया था।

दोस्तों उस दिन तो मुझको भाभी की चुदाई में काफ़ी मज़ा आया था. और अब भी जब भी हम दोनों को मौका मिलता है तो हम दोनों ही चुदाई का पूरा मज़ा लेते है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!