मम्मी की सहेली ने मुझसे जबरदस्ती अपनी चुदाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम रवि है मेरी उम्र 23 साल की है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. और मैं दिखने में भी काफी हेंडसम लगता हूँ. दोस्तों मैं एक बहुत ही अमीर परिवार से हूँ तो मुझको पैसों की तो कोई कमी नहीं थी इसलिए मैं खूब अय्याशी करता था. दोस्तों मेरे सभी दोस्त मुझको प्ले-बॉय कहते है. मेरे पापा अक्सर ही अपने कारोबार के चलते विदेशों में रहते है। हाँ तो दोस्तों अब मैं अपनी असली बात पर आता हूँ।

यह बात पिछले साल की है तब मैं एकबार अपने कम्प्यूटर पर एक सेक्सी फिल्म देख रहा था और मुझको वह फिल्म चालू करे 5 मिनट ही हुए थे कि, मेरी मम्मी की एक सहेली जो थोड़ी सी मोटी और लम्बी सी है और उनकी उम्र लगभग 35 साल की है. वह हमारे घर पर आ गई थी और उन्होंने मुझको सेक्सी फिल्म देखते हुए देख लिया था और मैं जल्दी से मेरा कम्प्यूटर भी बन्द नहीं कर पाया था. और फिर उन आंटी ने मुझसे पूछा कि, क्या कर रहा था? उनकी बात को सुनकर मेरा चेहरा डर के मारे एकदम से लाल हो गया था. और फिर मैंने उनको कहा कि, कुछ भी तो नहीं कर रहा हूँ और फिर मैंने जल्दी से बात को टाल दिया था. और तभी मेरे एक दोस्त का फोन आ गया था और फिर मैं फोन पर उससे बात करता हुआ आंटी के पास से चला गया था। आंटी ने मेरे कम्प्यूटर पर सब कुछ देख लिया था और फिर वह मुझको उस बात के बहाने से अपना मतलब निकलवाने के लिये मजबूर करने लग गई थी. और वह मुझको कहने लगी कि, अब तो लगता है कि, तुम जवान हो गए हो जो ऐसी फ़िल्में देख रहे हो, तुम्हारे पापा को आने दो मैं उनको सब बता दूँगी और तुम्हारी मम्मी को भी बता दूँगी और फिर देखना तुम्हारी कैसी मार पड़ती है और डांट भी पड़ेगी. और फिर मैंने उनको कहा कि, प्लीज़ मेरे मम्मी-पापा को कुछ भी मत बताना उसके बदले में आप आपका जो भी काम कहोगी मैं कर दूँगा।

और फिर उस आंटी ने मुझको कहा कि, ठीक है तो चल मैं तुझको माफ़ कर देती हूँ. लेकिन उसके बदले में तुमको मेरा एक काम करना होगा. और फिर मैंने उनको कहा कि, ठीक है अब आप मुझको वह काम बताओ. और फिर उस आंटी ने मुझको कहा कि, जा वह फिल्म पूरी देख और फिर तू मुझको भी करके बताना कि, उस फिल्म में क्या-क्या होता है. और फिर मैं तो एकदम से डर गया था. और फिर मैंने उस आंटी को कहा कि, यह आप क्या कह रही हो? यह सब मैं आपके साथ बिल्कुल भी नहीं कर सकता हूँ. और आंटी जी आपकी तो शादी भी हो गई है तो आप अंकल से यह सब क्यों नहीं करवाती हो? और फिर उस आंटी ने मुझसे कहा कि, तेरे अंकल भी तेरे पापा के साथ ही कभी अमेरिका तो कभी लन्दन में होते है। और इसीलिए तुमको ही मेरी चूत की प्यास को बुझाना होगा. दोस्तों मैं उस समय उस आंटी की बात को मानने के लिये बिल्कुल भी तैयार नहीं था, लेकिन मेरी ग़लती की वजह से मुझको उनकी बात माननी ही पड़ी थी. और फिर वह आंटी मुझको अपने साथ अपने घर ले गई थी मुझको एक शादी में अपने साथ ले जाने के बहाने से. दोस्तों मेरी मम्मी उस आंटी पर बहुत विश्वास करती थी. तो मम्मी ने भी मुझको उस आंटी के साथ जाने दिया था।

दोस्तों मैंने उनके साथ जाते समय रास्ते में उनके ही कहने पर एक बीयर की बोतल भी ले ली थी. और फिर उनके घर पहुँचते ही हमने दो-दो पेग बीयर के लगा लिये थे. दोस्तों उस समय उस आंटी ने साड़ी पहनी हुई थी. और फिर मैंने मेरे कपड़ों के ऊपर से ही आंटी के एक हाथ को अपने लंड पर रख दिया था. और फिर वह मेरे लंड को मेरे कपड़ों के ऊपर से ही हिलाने लग गई थी. और फिर उस आंटी ने मेरी पेन्ट की चेन को खोलकर मेरे अंडरवियर के अन्दर अपना हाथ डालकर मेरे लंड को मसलना शुरू कर दिया था. और फिर 5 मिनट के बाद ही मेरा लंड तनकर 7” का हो गया था. दोस्तों मेरे लंड को देखकर वह डर गई थी और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, इतना लम्बा तो मैंने आज पहलीबार ही देखा है. और फिर मैंने अपना हाथ आंटी के सिर पर रखा और फिर मैंने आंटी के होठों पर एक किस कर दिया था, और फिर मैंने उस आंटी को कहा कि, मेरे लंड को अपने मुहँ में लो ना. और फिर वह आंटी मेरे लंड को बड़े ही प्यार से चूसने लग गई थी. और फिर 5 मिनट तक मेरे लंड को चूसने के बाद मैंने उस आंटी को अपने पास खींचा और फिर मैं उस आंटी को किस करने लग गया था. दोस्तों किस करते-करते ही मैंने आंटी को सोफे पर लेटा दिया था. और फिर आंटी की साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया था और मैं आंटी को किस करता रहा. और फिर उस आंटी को मैंने अपनी बाहों में उठा लिया था. और फिर मैं आंटी को अपनी गोद में उठाकर उनके बेडरूम में ले गया था. और फिर मैंने अपने जूते खोले और फिर मैंने आंटी बेड की एक साइड पर लेटाया और फिर मैं भी उनके ऊपर झुककर उनके पास ही लेट गया था. और फिर मैं उनके होठों पर किस करने लग गया था. और फिर मेरा एक हाथ बेड पर ही था और मेरा दूसरा हाथ आंटी की साड़ी को फाड़ रहा था. और फिर धीरे-धीरे मैंने आंटी का ब्लाउज भी खोल दिया था. और फिर मैंने फिर से उनको किस करना शुरू कर दिया था. और फिर मैंने जल्दी से आंटी की साड़ी भी खोल दी थी. दोस्तों अब आंटी मेरे सामने ब्रा और पैन्टी में थी. और फिर मैंने उस आंटी को सीधा लेटाया. और फिर मैं अपने लंड को आंटी के सिर से शुरू करते हुए आंटी की पैन्टी तक ले गया. और फिर मैं आंटी के ऊपर चढ़ गया था. और फिर मैंने आंटी की पैन्टी को भी उतार दिया था।

आंटी की पैन्टी उतारते ही मैंने अपनी एक ऊँगली उनकी चूत के अन्दर डाली और साथ ही मैं थोड़ा सा अपनी जीभ को भी उनकी चूत में डालने लगा और चाटने लगा तो आंटी को सेक्स की खुमारी सी चढ़ने लग गई थी. और फिर 5-10 मिनट तक वैसा ही करने के बाद मैंने उनको उल्टा लेटा दिया था. और फिर मैं आंटी की गांड में ऊँगली डालने लगा और उनकी गांड के छेद को चाटने लगा तो आंटी ने मुझको अपनी तरफ़ खींचा और फिर वह मुझको किस करने लग गई थी. और फिर मैं भी उनको किस करने लग गया था. और फिर मैं अपना लंड जो कि पूरी तरह से तन चुका था उसको आंटी की चूत में डालने लगा तो आंटी भी धीरे-धीरे से मादक सी आवाजें निकालने लग गई थी आह्ह्ह… इस्सस… उफ्फ्फ… करके. और फिर वह आंटी मुझसे कहने लगी कि, जल्दी करो ना प्लीज। दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैंने उनकी चूत में अपने लंड को डालकर एक जोर का झटका मारा तो वह जोर-जोर से चिल्लाने लग गई थी. और फिर मैंने आंटी को अलग-अलग पोजीशन में बड़े ही जबरदस्त तरीके से लगभग 25-30 मिनट तक खूब तबियत से चोदा था. और तब तक आंटी की चूत 2-3 बार झड़कर सूख चुकी थी और इसीलिए वह दर्द से जोर-जोर से चिल्ला रही थी तो फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत में से बाहर निकाला और फिर मैं बाथरूम में पेशाब करने के लिये गया. और फिर मैंने वापस आकर आंटी को भी बोला कि, आप भी पेशाब करके आ जाओ. और तब तक मैं किचन में जाकर थोड़ा सा तेल लेकर आ गया था जिसको मैंने आंटी की चूत पर और अपने लंड पर भी अच्छी तरह से लगा लिया था. और फिर मैंने आंटी को बेड के सहारे खड़ा किया. और फिर मैंने उनके पीछे से अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया था. तेल की चिकनाहट की वजह से मेरा लंड उनकी चूत में सररर से चला गया था. और फिर थोड़ी देर रुकने के बाद मैं तेज-तेज उनकी चूत में धक्के मारने लग गया था. और अब तो वह आंटी भी अपनी कमर को हिला-हिलाकर मेरा पूरा-पूरा साथ देने लग गई थी और साथ ही आंटी उत्तेजना में आकर जोर-जोर से चिल्लाने लग गई थी. और फिर मैंने 10-15 मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद अपना सारा माल आंटी की चूत में ही निकाल दिया था. और फिर हम दोनों एक-दूसरे से चिपककर सो गए थे. और फिर सुबह 7.30 बजे आंटी उठकर किचन में जाकर चाय बनाने लग गई थी. और तब तक मैं भी उनके पीछे-पीछे किचन में चला गया था. और तब आंटी ने मुझसे कहा कि, कमरे में चलो मैं चाय लेकर आ रही हूँ. और फिर आंटी चाय लेकर आई लेकर और फिर वह मुझको कहने लगी कि, तुम्हारे इतने मोटे लंड ने मेरी चूत का क्या हाल कर दिया है, देखो यह अभी तक झपक रही है. और फिर वह अपनी चूत को मुझको दिखाने लग गई थी. और फिर मैंने चाय का कप टेबल पर रखकर आंटी के पास गया और फिर मैं आंटी की दोनों टाँगों के बीच में आकर आंटी की चूत को चाटने लग गया था. और मेरे ऐसा करने से आंटी पर फिर से सेक्स की खुमारी चढ़ने लग गई थी तो मैंने आंटी को एकबार और फिर से जमकर चोद दिया था. और इसबार मैंने अपना सारा माल आंटी के मुहँ में निकाल दिया था।

और फिर हम दोनों बाथरूम में जाकर एकसाथ मिलकर नहाए थे, और इस तरह से मैंने आंटी की चूत की प्यास को बुझाया और आंटी को खूब मज़ा भी दिया था. और फिर मैं अपने घर पर आ गया था. और अब तो जब भी उस आंटी को सेक्स करने की इच्छा होती है तो वह मुझको अपने घर पर बुलवा लेती है और फिर वह खूब जमकर मुझसे अपनी चुदाई करवाती है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!