कामवाली को चोदने का मज़ा

हैल्लो दोस्तों, Kamukta कामलीला डॉट कॉम के चाहने वालों मैं साहिल एक बार फिर से आप सभी की सेवा में अपनी सच्ची सेक्स कहानी को लेकर आया हूँ। दोस्तों मेरा नाम साहिल है और मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ मैं एक 25 साल का हट्टाकट्टा गोरा सुंदर लड़का हूँ जिसको देखकर किसी भी लड़की का मुझसे दोस्ती अपनी चुदाई करवाने का मन करने लगता, क्योंकि मेरा पूरा शरीर बड़ा ही आकर्षक है। और अब मैं आप सभी को ज़्यादा बोर ना करते हुए अपनी आज की कहानी की तरफ ले चलता हूँ।

दोस्तों यह मेरी आज की कहानी मेरी कामवाली बाई की है, उसकी उम्र 28 साल के करीब है और वो शादीशुदा है। उसका नाम नीलू है और दिखने में बहुत ज़्यादा सेक्सी है, उसका सांवला रंग और उसके बब्स का साइज़ 36-20-36 है, लेकिन वो बिल्कुल कामुक दिखती थी। नीलू हमारे घर पर दो टाइम काम करने आती थी, एक सुबह और दूसरा शाम को और मैं हमेशा नीलू के जिस्म को देखकर उसे चोदने के बारे में सोचता रहता था, लेकिन मुझे कभी भी मौका ही नहीं मिलता था और वैसे नीलू बहुत कम बोलती थी, वो बस अपने कामो में ही लगी रहती और काम ख़त्म करके अपने घर पर चली जाती थी। फिर एक दिन हमारे रिश्तेदार के घर पर एक समारोह था, लेकिन वो हमारे पास वाला घर ही था और नीलू वहां पर भी काम किया करती थी, फिर एक दिन नीलू को वहां पर काम करते करते थोड़ी रात हो गयी और मुझे उसे उसके घर पर छोड़कर आना पड़ा। मेरी कार घर के बाहर ही खड़ी हुई थी, लेकिन उसके बजाए फिर भी मैंने अन्दर से अपनी बाइक को बाहर निकाल लिया और मैं उसे छोड़ने के लिए चला गया। फिर जब नीलू मेरे कंधे पर हाथ रखकर बाइक पर चढ़ी तो उसके बड़े-बड़े बब्स मेरी पीठ से छुने लगे और मैं बाइक को धीरे-धीरे ब्रेक मारता हुआ चल रहा था, लेकिन उसका घर पास में ही था तो मुझे तोड़ा ही मज़ा लेने का मौका मिला और उस रात के बाद से मेरी नीलू से थोड़ी-थोड़ी बातें होनी शुरू हो गयी थी और मैं अपनी बाइक पर बिठाकर लगातार 3-4 दिन तक उसे घर पर छोड़ने गया और उसके मज़े लेने लगा और उसके बाद से मैंने भी ध्यान नहीं दिया था की जब भी मैं नाहकर बाथरूम से बाहर आता तो नीलू मुझे छुप-छुपकर देख रही होती थी और मैं भी जब वो सफाई करती थी तो उसके मोटे-मोटे बब्स को देखा करता था और जब वो देखती की मैं उसके बब्स को देख रहा हूँ तो वो और झुक-झुककर सफाई किया करती थी, जिसकी वजह से मुझे उसके बब्स और भी ज़्यादा गहराई तक नज़र आते थे और मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ करता था। और अब मैं सिर्फ़ उस दिन का बहुत बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था की घर पर जब कोई नहीं होगा तो मैं अपना शिकार पकड़ लूँगा, क्योंकि वो भी शायद अब मुझसे यही चाहती थी। वो हमेशा किसी ना किसी बहाने से मुझे अपने बब्स के दर्शन कराया करती थी। फिर आख़िरकार बहुत इंतज़ार करने के बाद वो दिन आ ही गया, जब उस दिन घर पर सुबह-सुबह कोई भी नहीं था, मम्मी पापा किसी काम से बाहर गये थे और सुबह-सुबह ही चले गये और उनको शाम को वापस आना था।

फिर रोज की तरह नीलू घर पर अपना काम करने के लिए आई और फिर वो सफाई कर रही थी. फिर मैं बेडरूम में जाकर बेड पर बैठ गया और मैं उसके बब्स देख रहा था और वो मुझे धीरे-धीरे मदहोश करने लगे थे, तभी उसने भी मुझे देख लिया, लेकिन फिर भी इस बार मैं उसके बब्स पर नज़रे टिकाए हुए था, मुझे उसके बब्स देखने में बहुत मज़ा आ रहा था, क्योंकि हमें किसी का डर नहीं था और वो मुझे तिरछी नज़रो से देखकर मुस्कुरा रही थी और मुझे अपनी और आकर्षित कर रही थी और फिर वो भी धीरे-धीरे अपना काम करते हुए बेडरूम से बाहर चली गयी और अब वो पूरी सफाई कर चुकी थी और अपने घर जाने वाली थी। फिर उसने मुझसे कहा की मैं अब जा रही हूँ और शाम को आ जाऊँगी। मैंने तभी उसको बोला की नीलू एक मिनट अन्दर आओ. वो चुपचाप अन्दर आ गयी, लेकिन वो बहुत शर्मा रही थी और फिर वो बोली की हाँ जी कहिए क्या काम है? तो मैंने उससे बोला की तुम पहले यहा पर बैठो तो वो चुपचाप बैठ गयी. मैंने उससे कहा की क्या तुम्हे पता है की तुम कितनी सुंदर हो? तो वो शरमाने लगी और उसने अपनी नज़रे एकदम झुका ली और फिर मैंने एकदम सही मौका देखकर उसका एक हाथ पकड़ लिया तो वो नर्वस होने लगी और बोली की आप यह क्या कर रहे हो? तो मैं बोला की मैं तुम्हे हाथ लगाकर तुम्हे छुकर देख रहा हूँ और फिर मैं अपना हाथ उसकी कमर पर लगाने लगा, लेकिन वो कुछ नहीं बोली और बीच में अपनी दोनों आँखे बंद करके मुहँ घूमाकर मुझसे बोल रही थी की बस करो रहने दो, कोई आ जाएगा, छोड़ दो मुझे कोई आ जाएगा तो हमें देख लेगा। फिर मैंने जैसे ही उसकी नाभि पर हाथ रखा तो उसने सिसकियाँ लेनी शुरू कर दी और उसने आँखे बंद करके अपना मुहँ ऊपर की तरफ कर लिया।

फिर मैंने उसकी गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया और उसने भी मेरा पूरा साथ देते हुए मुझे किस करना शुरू किया, जिससे मुझे उसको बेड पर लेटाने में थोड़ी आसानी हो गयी और मैंने उसकी गर्दन पर किस करते हुए उसके होठों पर किस किया और फिर जैसे ही उसने भी जमकर मेरा साथ दिया तो वैसे ही मैंने उसके मोटे-मोटे बब्स को दबाना शुरू कर दिया और नीलू भी मुझे पागलो की तरह चूसने लगी। फिर उसने मुझे इस तरह जोर से चूमा की वो मेरी पूरी जीभ अपने मुहँ में ले गयी और जोर जोर से चूसने लगी। फिर मैंने चूसते-चूसते नीलू को पूरा नंगा कर दिया था और वो भी मेरे कपड़े उतार रही थी। फिर नीलू ने मेरी अंडरवियर को उतार दिया और मेरे लंड को देखकर उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान आ गयी और वो मेरे लंड को मुहँ में लेकर चूसने लगी, वो समय मेरे लिए किसी जन्नत से कम नहीं था और वो मेरे लंड को 15 मिनट तक लगातार चूसती रही और अब मैंने उसे 69 पोज़िशन में कर दिया। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

फिर मैंने सोचा की उसकी चूत बिल्कुल साफ थी और मैं भी उसकी चूत को पागलो की तरह जोर-जोर से चाटने और चूसने लगा तो वो जोर-जोर से सिसकियाँ लेने लगी और अपनी गांड को उठा-उठाकर मुझे अपनी चूत में घुसकर चटवाने लगी और कहने लगी की आह्ह… उईइ… और जोर से आहह… जोर से। करीब 10 मिनट तक लगातार उसकी चूत चूसने के बाद वो और भी तड़पने और कहने लगी, प्लीज़ और जोर से चूसो। फिर मैं समझ गया की अब यह झड़ने वाली है, मैं उसे और भी जोर-जोर से चूसने लगा और करीब 2 मिनट के बाद में ही वो झड़ गयी और उसने मुझे जोर से पकड़कर गले से लगा लिया। अब मैंने उसे डॉगी स्टाइल में कर दिया और अपने लंड को उसकी चूत के मुहँ पर रखा और हल्का सा धक्का देकर अन्दर किया और फिर दम लगाने लगा, फिर वो सिसकियाँ भरने लगी और अब मैंने एक जोरदार झटका मारा तो एकदम उसकी बहुत ज़ोर से चीख निकल गयी और वो बोली की प्लीज़ तोड़ा आआईइ… धीरे करो, आहह… फिर मैंने एक और झटका मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत के अन्दर चला गया और उसके मुहँ से आईईइ… जैसे उफफ… की आवाज़े निकलने लगी और अब मैं उसकी कमर को पकड़कर अपने लंड को जोर-जोर से धक्के देकर अन्दर बाहर करने लगा और अब कुछ देर बाद उसे भी मज़ा आ रहा था। फिर 25 मिनट तक लगातार चोदने के बाद हम दोनों झड़ गये और उसने मुझे अपनी बाँहों में कसकर पकड़ लिया। फिर कुछ देर बाद हम उठे और फिर नीलू को दूसरी जगह काम पर जाना था तो वो चली गयी, लेकिन जब वो शाम को वापस आई तो किचन में बर्तन साफ कर रही थी। फिर मैं उसे पीछे से पकड़कर उसके कान को चूसने लगा और उसकी गांड पर अपना लंड घूमाने लगा, वो फिर से मदहोश होने लगी फिर मैं उसे हमारे बेडरूम में ले गया और मैंने उसके कपड़ो को उतारकर उसके बब्स को चूसना शुरू कर दिया और मैंने उसके बब्स चूसते-चूसते उसके बाकी के कपड़े भी खोलकर उसे पूरा नंगा कर दिया और उसे सोफे पर लेटा दिया और फिर कुछ देर तक उसकी चूत चाटने लगा, वो मेरे सिर को अपनी चूत में दबाने लगी और सिसकियाँ लेने लगी, लेकिन कुछ देर बाद वो झड़ गयी और मैं उसका पूरा रस पी गया।

फिर कुछ देर बाद मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रखकर लंड को चूत पर रखकर धक्का दिया और उसकी चुदाई करने लगा, वो जोर-जोर से चीखें चिल्लाने लगी और आहह… उहह… धीरे करो, प्लीज़ तोड़ा धीरे करो ना, लेकिन मैं उसकी सुने बिना धक्के देता रहा। करीब 20 मिनट की धड़ा-धड़ चुदाई करने के बाद मैं झड़ गया और मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में ही डाल दिया। फिर वो एकदम निढाल होकर पड़ी रही, दोस्तों उस समय हमने दो बार चुदाई का मज़ा लिया था और मैंने उसको खुश कर दिया, लेकिन उसके बाद जब भी मौका मिला तो मैंने उसे कई बार चोदा था और अब वो भी मेरे लंड को हर कभी मौका देखकर पकड़कर चूसने लगती है और मैं कई बार उसके मुहँ में ही झड़ चुका हूँ।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!