सेक्सी साली की माहवारी में सील-तोड़ चुदाई 1

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम Antarvasna दिनेश है, मेरी उम्र 28 साल की है और दिल्ली का रहने वाला हूँ। दोस्तों आज मैं कामलीला डॉट कॉम वेबसाइट के माध्यम से आप सभी के लिए अपने जीवन की एक बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी घटना को लेकर आया हूँ। दोस्तों अब मैं आप सभी का ज्यादा समय ना लेते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ, जो कुछ इस तरह से है।

दोस्तों मेरी शादी 3 साल पहले कुसुम के साथ हुई थी मेरी पत्नी भी नौकरी करती है और हम दोनों का साप्ताहिक अवकाश अलग-अलग दिन होता है। दोस्तों यह बात पिछले साल की है और तब एक दिन मेरे पास एक फ़ोन आया था और उस फ़ोन पर एक लड़की मुझसे बोली कि, “हैल्लो जीजू” पहचाना मुझको? तो मैं उस समय सोच में पड़ गया की मेरी कोई साली तो है नहीं, तो यह नई साली किसके भोसड़े से टपकी है? और फिर मैंने उसको बोला कि, सॉरी, मैं नहीं पहचान पाया प्लीज़ बताइए, आप कौन बोल रही है? तो फिर उसने वापस से सेक्सी अन्दाज में मुझसे बोला कि, मुझको भी नहीं पहचाना जीजू? और फिर मुझको अहसास हुआ कि, यह आवाज़ तो स्नेहा की है, जो कॉलेज के टाइम पर हॉस्टल में मेरी बीवी की रूम-मेट थी और वह कई बार हमारे साथ ही आती-जाती थी तो मैं उसको बहुत अच्छी तरह पहचानता था। और फिर मैंने उसको बोला कि, “साली साहेबा आपकी आवाज़, हम ना पहचाने यह तो हो ही नहीं सकता, फिर स्नेहा तो उछल पड़ी थी, और फिर वह मुझसे बोली कि, वाकई में जीजू आपकी याददाश्त बहुत तेज़ है, आपकी स्मार्टनेस तो अभी भी कॉलेज में थी, वैसी ही है। और फिर मैंने उससे पूछा कि, आज हम कैसे याद आ गये आपको? तो फिर वह मुझसे बोली कि, जीजू कल मेरा एक कम्पनी में इंटरव्यू है और फिर मैंने उसको बोला कि, आज कल तुम क्या कर रही हो? तो फिर वह मुझसे बोली कि, अभी तो मैं फरीदाबाद में एक कम्पनी में काम करती हूँ और फिर मैंने उसको बोला कि, तो फिर कब आ रही हो? तो वह मुझसे बोली कि, कल सुबह मैं सीधे इंटरव्यू में चली जाऊँगी और फिर इंटरव्यू खत्म होने के बाद में मैं आपको फ़ोन करूँगी। मैं कई महीनों से कुसुम से भी नहीं मिली हूँ तो आकर उससे मिल भी लूँगी।

तो फिर मैंने उसको बोला कि, ठीक है तो फिर रात को यहीं रुक भी जाना, मैं तुमको पिकअप कर लूँगा। उस दिन रात को मैंने मेरी पत्नी को बताया तो वह मुझसे बोली कि, ठीक है आपकी कल छुट्टी भी है, तो आप उसे घर ले आना और फिर मैं भी शाम को 5:30 तक घर आ जाऊँगी। दोस्तों आपको बता दूँ कि, मेरी बीवी बहुत भोली है और उसके मन में ज़रा सा भी ख्याल नहीं था कि, मैं मन ही मन में उसकी सहेली को चोदने का प्लान बना रहा था। और फिर अगली सुबह को मेरी बीवी अपने काम पर चली गई थी और तब मैंने मेरी झांटो को साफ़ कर डाला था और नया पर्फ्यूम लगाकर एकदम कॉलेज के जवान लौंडे की तरह तैयार हो गया था। और फिर रास्ते में मैंने कॉंडम का पैकेट भी ले लिया था क्योंकि मेरी बीवी तो गर्भनिरोधक के लिये गोली खाती थी, इसलिए मैं घर पर कॉंडम नहीं रखता था मुझको मेरी पत्नी बताती थी कि, कॉलेज में कई लड़कियाँ मेरी स्मार्टनेस पर फिदा थी मगर स्नेहा के बारे में मुझको नहीं पता था। मगर मुझको यह तो पता था कि, वह गंदी-गंदी कहानियाँ पढ़ती थी, इसलिए मुझको उम्मीद थी कि, वह मुझसे जल्दी ही पट जाएगी। और फिर मैं उसके फोन का इन्तजार किए बिना ही मेरी कार लेकर उसकी कम्पनी तक जाने के लिए निकल गया था और फिर रास्ते में ही उसका फ़ोन आया तो फिर मैं उसकी बताई हुई जगह पर पहुँच गया था। वह वहाँ पर पहले से ही मेरा इन्तजार कर रही थी दोस्तों मैंने उसको 3 साल के बाद देखा था उसने उस समय एक गुलाबी रंग का टाइट टॉप और जीन्स पहनी हुई थी और उसके बब्स भी बहुत बड़े दिख रहे थे। और फिर मुझको देखकर वह मुझसे बोली कि, जीजू आप तो बिल्कुल भी नहीं बदले, अभी भी आप जैसे कॉलेज में थे वैसे ही दिखते हो। और फिर मैंने उसको बोला कि, मगर तुम थोड़ी मोटी ज़रूर हो गई हो। मेरा मतलब उसके बब्स से था जो अब बहुत बड़े हो गये थे. और फिर वह नाराज़ होकर मुझसे बोली कि, जीजू आप मुझको मोटी मत कहो. तो फिर मैंने उसको बोला कि, ठीक है मुझको माफ़ करना और फिर हम दोनों एक रेस्टोरेंट में गये और लंच किया और फिर मैं उसको अपने घर लेकर गया।

दोस्तों मैंने उसको पहले ही बता दिया था कि, कुसुम घर पर नहीं है, मगर उसको कोई ऐतराज़ नहीं था और फिर थोड़ी देर तक हमने बातों का दौर चालू किया और साथ वह टी.वी. भी देखती जा रही थी दोस्तों मेरे घर में एक जवान, सेक्सी लड़की अकेली थी, तो मेरा लंड तो फुल मूड में आ गया था, मगर मुझको डर भी लग रहा था कि, कहीं वह मेरी पत्नी को बोल देगी तो दिक्कत हो जाएगी और अगर उसे पटने में टाइम लग गया और मेरी पत्नी आ जाएगी और मेरी ईच्छा भी अधूरी रह जाएगी। और फिर मैंने उसके बब्स को घूरना चालू कर दिया था बीच-बीच में कई बार उसका भी ध्यान मेरी तरफ आया तो वह मेरे सामने से उठकर दूसरी और बैठ गई थी। और फिर मैंने मन ही मन में सोचा कि, साली आज तो यह मेरे हाथ नहीं आएगी। मुझको यह भी पता था कि, उसका कोई बॉयफ्रेंड भी नहीं है क्योंकि वह तो मैंने रास्ते में ही उससे घुमा-फिराकर पूछ लिया था। दोस्तों जब भी कोई लड़की का कोई बॉयफ्रेंड ना हो या उसकी कहीं पर सेटिंग ना हो और वह आपको एकदम अकेली मिल जाए तो समझ लो कि, वह आपकी ही है। उसको पटाने के लिए थोडा उत्तेजित करो, टी.वी. पर कुछ गाने या सीन लगाओ या फिर ऐसा माहौल बनाओ कि, उसकी चूत गीली हो जाए। और फिर मौका मिलते ही उसको दबोच लो. अगर इतना होने के बाद भी उसने आपसे नहीं चुदवाया तो फिर समझ लेना कि, आपमें ही दम नहीं है। और फिर मैंने भी इन सब पैंतरों की कोशिश करी और फिर मैं उठकर टी.वी. देखने के बहाने से उसके पास आकर बैठ गया था वह उस समय ध्यान से टी.वी. देख रही थी और फिर थोड़ी देर के बाद बिना हिचकिचाए मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया था और फिर मैं उसको चूमने लगा। मेरी इस हरकत से वह एकदम चौंक गई थी, शायद उसको मुझसे ऐसे बर्ताव की उम्मीद नहीं थी। और फिर वह मुझसे छूटने के लिए छटपटाने लग गई थी मगर मैं उसको छोड़ने वाला नहीं बल्कि चोदने वाला था। और फिर वह मुझसे बोलने लगी कि, नहीं जीजू, यह सब गलत है, छोड़ दो मुझको, मगर मैंने उसकी बातों को अनसुनी कर दिया था और फिर मैंने सोफे पर उसको ऐसे दबोच लिया था कि, वह अब हिल भी नहीं पा रही थी।

माफ़ करना दोस्तों इस कहानी को मैं आज यहीं रोकना चाहूँगा क्योंकि मेरी बीवी के ऑफिस से आने का समय हो गया है। इससे आगे की कहानी को लेकर मैं जल्द ही आपके सामने हाज़िर होऊँगा तब तक के लिए पढ़ते रहिये हिन्दी सेक्सी कहानियों का खजाना “कामलीला डॉट कॉम”

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!