गरम गरम मलाई से चूत हई लबालब

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम पायल है और मेरी उम्र 26 साल की है, मैं आज जो घटना आप सभी को सुनाने जा रही हूँ यह मेरी कामलीला डॉट कॉम पर पहली कहानी है। यह मेरा एक सच्चा अपने पति के साथ सेक्स अनुभव है जो की मैं आप सभी प्यारे पाठकों को सुनाने जा रही हूँ।

यह कहानी आज से 1 साल पहले की है, जब मेरी शादी हुई थी तब मेरा बदन एक कची कली के समान था मेरा फिगर 32-28-34 था, मेरे पति का नाम कपिल है और वो एक तगड़े शरीर के मालिक है। ये बात मेरी सुहागरात की है, मैं शादी के दिन के बाद काफ़ी थक गई थी तो इसलिए मेरी आँख जल्दी ही लग गई थी और मैं नींद के आगोश में चली गई, पर नींद में मुझे अचानक कुछ महसूस हुआ, जब मैं चोंककर उठी तो मेरे पति मेरे सामने बैठे थे और उनका हाथ मेरी पीठ को सहला रहा था, उनकी आँखो में देखने की मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी मुझे उनसे बहुत शरम आ रही थी और शायद वो भी इसे अच्छी तरह से समझ रहे थे। तभी उन्होंने मेरी नाभि को अपनी तीन उंगलियों से पकड़ा और ऊपर उठाया और वो मेरी आँखो में देखने लगे, मैंने भी हिम्मत करके उनकी आँखो में जैसे ही देखा उन्होंने तभी बिना एक पल गवाए अपने होंठ मेरे होंठो से जोड़ दिए और मेरे होठों को चूसने लगे। उनकी किसिंग में कुछ ज्यादा ही दम था, वो मेरे होठों को ऐसे चूस रहे थे जैसे आज ही चूसकर खाली कर देंगे, तभी वो किस करते-करते मेरे ऊपर आने लगे तो मैंने भी अपनी बाँहों का घेरा बनाकर उनके गले में डाल दिया और मस्ती में उनका पूरा साथ देने लगी। फिर वह यह देखकर बहुत ही खुश होने लगे, कपिल मेरे हुस्न पर हैरान था। कुछ ही पलों में वो मेरे ऊपर थे और मैं उनके नीचे थी, तभी उन्होंने एक हाथ से मेरे पल्लू को अलग कर दिया और अगले ही पल मेरे एक बब्स को दबा दिया, मैं तो जैसे सिसक ही उठी उनके हाथ के एहसास से ही मात्र, मुझे एकदम से एक अजीब सा मज़ा आने लगा और देखते ही देखते मेरे बब्स ब्लाउज के ऊपर से ही उनके हाथ में समा गए और वो जोर जोर से मुझे किस करते हुए उसे मसलने लगे।

तभी मैं उनसे अलग हुई और शरमाते हुए बोली धीरे कीजिए ना प्लीज दर्द हो रहा है, तभी वो भी धीमी आवाज़ में बोले मेरी जान दर्द का अपना ही एक मज़ा है। ये कहकर वो हल्के से मुस्कुराए और अगले ही पल उन्होंने मेरा ब्लाउज और ब्रा मेरी छाती से अलग कर दिए और मेरी छोटी-छोटी चुचियाँ उसके सामने एकदम नंगी हो गई। मैं तो जैसे शरम से लाल हो गई थी और मैंने साइड से चादर उठाकर अपने ऊपर ओढनी चाही पर इसका कोई फायदा नहीं हुआ। फिर कपिल ने एक ही झटके में चादर दूर फेंक दी और मेरे बब्स को अपनी उंगलियों में फंसाकर नोच डाला। उनके ऐसा करते ही मुझे एक झटका सा लगा और मैं उनकी छाती से लिपट गई, पर उन्होंने तभी मुझे अपने सिने से अलग किया और वो नीचे खिसककर मेरे एक बब्स को मुहँ में लेकर चूसने लगे और दूसरे को नोचने लगे। मुझे एक तरफ मज़ा भी आ रहा था तो दूसरी तरफ दर्द भी हो रहा था, पर कपिल तो किसी बच्चे की तरह मेरे बब्स को चूस रहे थे और मैं गरम होती जा रही थी मेरी निप्पल बहुत टाइट हो रहे थे, कपिल के मुहँ में अपनी निप्पल को महसूस करके मैं सिसक रही थी तो मैंने गरमा गर्मी में कपिल की पेंट पर हाथ डाल दिया और एक ही झटके में उनकी पेंट खोल दी, कपिल ने भी मेरे बब्स चूसते-चूसते पेंट निकाल फेंकी और अगले ही पल जब मैंने उनके अंडरवियर में हाथ डाला तो मैं दंग रह गई और अपना हाथ बाहर की तरफ खींच लिया।

कपिल ने जैसे ही मेरी इस हरकत को देखा तो वो तुरंत अपने घुटनो के बल आ गये और उन्होंने अपनी चड्डी को नीचे खिसका दिया, और ऐसा करते ही उनका लगभग 7″ लम्बा लंड मेरी आँखो से सामने झूल रहा था। उनका लंड लम्बा तो था ही पर वो मोटा भी था जिसके कारण वो बहुत डरावना लग रहा था। तभी कपिल ने मेरा एक हाथ पकड़ा और उसे अपने लंड पर रख दिया और उसे आगे पीछे करने लगे, थोड़ी ही देर में मैं खुद ही पूरी तेज़ी के साथ उनके लंड की खाल को आगे पीछे करने लगी। तभी कपिल ने मुझे अपने लंड को मुहँ में लेने का इशारा किया पर मैंने मना कर दिया पर उन्होंने फिरसे मुझे कहा और इस बार मैं मना नहीं कर पाई और मैंने उनके लंड को अपने मुहँ में भर लिया। उनके लंड से आ रही एक मदहोश सी सुगंध ने मुझे और उतावला कर दिया और देखते ही देखते मैं उनके लंड की अच्छे से चूसने लगी। उनका लंड मेरे मुहँ में आधा ही आ रहा था पर फिर भी वो बीच-बीच में मेरा सर पकड़कर मेरे मुहँ की चुदाई करने लगते और उनका आधे से ज्यादा लंड मेरे मुहँ में चला जाता। मुझे इसमें बहुत मज़ा आने लगा था पर तभी उन्होंने मुझे पीछे किया और एक ही झटके में मेरी साड़ी पेटीकोट और पेंटी मेरे बदन से अलग कर दी और मेरी टांगे खोलकर मेरी चूत का दीदार करने लगे। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

थोड़ी देर तक चूत को आराम से निहारने के बाद मुझे बहुत शरम आने लगी पर तभी उन्होंने अपनी एक ऊँगली मेरी चूत में घुसा दी और मैं तो जैसे तिलमिला उठी, तभी उन्होंने मेरी चूत को अपने दोनों हाथों के उंगलियों से खोला और अपनी जीभ से मेरी चूत के होठों को चाटना शुरु कर दिया और मुझे मज़ा आने लगा। देखते ही देखते वो मज़े लेकर मेरी चूत को चाटने और चूसने लगे और उनका मजा मेरे मजे को डबल मजा बना रहा था, मैं बेड पर मस्ती से आहें भर रही थी और अपने दोनों हाथों से चादर को नोच रही थी और वो मेरी चूत से बहते हुए पानी को लगातार चाट रहे थे। मैं मस्ती में बड़बड़ा रही थी, ओह मेरे जानुउ… ऐसे ही चूसू मेरी चूत को आहह.. बड़ा मजा आ रहा है जानुऊ… ओह सीईई… तभी वो पीछे हटे और मुझे अपनी बाहों में किसी गुड़िया की तरह उठा लिया और जैसे ही मैंने अपनी टाँगो की पकड़ उनकी कमर की और घुमाई तभी उन्होंने मुझे नीचे खिसका दिया और घप से उनका वो मोटा और लम्बा लंड मेरी चूत के मुहँ पर सेट हो गया। इससे पहले की मैं कुछ करती उन्होंने नीचे से एक धक्का लगाया और फक से उनका आधा लंड मेरी प्यारी सी चूत के दरवाजे को तोड़ता हुआ आधा अंदर घुस गया। मैं तो तिलमिला उठी आहह… हाई भगवान मर गई। कपिल प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है आहह… प्लीज बाहर निकालो इसे।

फिर वह बोलने लगे मेरी रानी यह दर्द तो थोड़ी देर का है तेरी सील टूट जाने दे फिर तुझे मजा ही मजा आएगा मुझे इतना दर्द हो रहा था की मैंने कपिल की गोद से उतरने की बहुत कोशिश की और मैं उच्छल पड़ी पर मेरी नाकामी मुझे बहुत महंगी पड़ी, मेरी पकड़ ढीली हो गई और मैं फिर से कपिल के लंड पर जा गिरी और उनका पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में समा गया और मैं तो मानो बेहोश ही हो गई। अगले ही पल कपिल ने मुझे बेड पर लेटाया और मेरी एक टांग अपने कंधे पर रखकर लंड को एकदम टोपे तक बाहर निकाला और एक ज़ोरदार धक्के के साथ पूरा अंदर घुसा दिया। मेरी तो मानो चूत फट ही गई और मैं दर्द से कराह सी उठी उइई… माँ मर गई, मैंने कहा शादी करली। निकालो प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है। पर कपिल एक बेदर्द की तरह मेरी चूत को धना-धन बजाने लगे और फच फच की चुदाई भरी आवाजें कमरे में गूंजने लगी। मेरा दर्द भी ज्यादा देर तक नहीं टीक सका और कपिल के दर्द भरे धक्के कब मुझे मजा देने लगे पता ही नहीं चला और मेरा मुहँ अपने आप ही बड़बड़ाने लगा अहह… मेरी सैया आहह… चोद मेरी चूत को ऐसे ही चोद, रोज चोदाकर सीईई… मज़ा आ रहा है कपिल घुसा दो अंदर तक अपना लंड मेरी चूत में। दोस्तों यह तो आप भी जानते हो की जब सेक्स का नशा चढ़ता है तो हम कुछ अजीब सी ही आवाजें निकालते है जिनको सुनकर कपिल भी जोश में आ गये और पूरी तेज़ी से मेरी चूत को अपने लंड से बजाने लगे और चुदाई की आवाज़े कमरे में एक अलग ही मजेदार माहोल बनाने लगी।

मैं सिसक-सिसककर अपनी चूत चुदवा रही थी और मेरा पति कभी मेरी चूत के अंडर झटके देता या बाहर मेरी चूत के होठों पर अपना लंड घिसता। बड़ा मजा आ रहा था ये मजा मुझे आज से पहले कभी नहीं मिला था। तभी मेरी चूत में पानी का झरना बहना शुरू हो गया और कपिल भी सिसकारियाँ लेते हुए मेरी चूत में ही झड़ने लगे, उनके लंड से निकल रही गरम-गरम वीर्य की पिचकारियाँ मुझे अपनी चूत के अंदर साफ महसूस हो रही थी। कपिल ने मेरे अंदर अपना बीज गिरा दिया पर उसके बावजूद भी वो अगले 1-2 मिनट तक मुझे ऐसे ही चोदते रहे। और बाद में जब वो मेरे ऊपर से हटे तो मेरी चूत खून से सनी हुई थी, मैं कुंवारी नहीं थी पर फिर भी कपिल के मोटे लंड ने मेरी चूत का बाजा अच्छी तरह से बजा दिया था। मैं बहुत खुश थी अपनी चूत को उनके लंड छिलवाकर फिर 1 घंटे बाद फिर से हम दोनों शुरु हो गये क्या बताऊँ दोस्तों रात भर करीब 4 बार सेक्स किया। सुबह तो मैंने दर्द की गोली खाकर अपना दर्द खत्म किया, मैं सही तरीके से चल भी नहीं पा रही थी।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!