चाची की रसभरी चूत को फैलाकर चोदा

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम तनिष है और आज मैं आप सबके लिये अपनी एक सेक्स स्टोरी कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से लेकर आया हूँ जिसमें मैं अपने दोस्त की चाची की चुदाई करता हूँ। अपनी कहानी बताने से पहले मैं आप सबको अपने और चाची के बारे में बता दूँ।

मेरी उम्र 22 साल है मैं दिखने में ठीक लगता हूँ मेरी हाइट 5.6 इंच है और मैं दिल का साफ हूँ इसलिए लोग मुझे पसंद करते है मेरे लंड का साइज़ 6 इंच है और अच्छा ख़ासा मोटा भी है मैंने अभी तक किसी लड़की से सेक्स नहीं किया था। चाची काफी खूबसूरत औरत है उसके जिस्म की जितनी तारीफ करो उतनी ही कम है उसका साइज़ 34-32-36 है जब वो चलती है तो अपने बब्स बाहर की तरफ निकालकर चलती है वो अपनी गांड को इतनी खूबसूरती से हिलाती है ना, बस पूछो ही मत वो एक तरह की कयामत है। चलो दोस्तो अब मैं आपको पूरी कहानी विस्तार से बताता हूँ।

ये बात आज से 9 महीने पुरानी है वैसे मेरे पड़ोस में सारे लड़के मेरे अच्छे दोस्त है पर मेरा एक खास दोस्त प्रेम था वो एक बहुत सीधा साधा लड़का था क्योकि वो तोड़ा गरीब घर से था। उसके घर में 6 सदस्य थे उसके मम्मी पापा उसके चाचा चाची, उसका घर भी काफी छोटा था इसलिए उसकी मम्मी और उसकी चाची अपने बर्तन और कपड़े घर बाहर की गली में ही धोते थे। उसके घर में सबसे मस्त चीज़ उसकी चाची थी जिसका नाम बबीता था वो क्या कमाल की औरत थी उसकी तारीफ करने के लिए तो मेरे पास शब्द नहीं है। सारे मोहल्ले वाले उसकी चूत मारना चाहते थे वो हमारे पड़ोस की शान थी। चाची की एक 2 साल की लड़की थी जो बहुत सुन्दर थी। मैं अक्सर मेरे दोस्त के घर में जाता था क्योकि इसी बहाने से मैं उसकी चाची के दर्शन कर लेता था, जब वो कपड़े धोती थी मैं उसके सामने बैठकर उसकी लड़की को खिलाने लगता और चाची के बब्स के खुले दर्शन करता और वो मुझे जान गई थी की ये लड़का मुझे देखता है इसलिए अब मुझे स्माइल देने लग गई थी। अब मैं जब भी उसके घर जाता तो चाची की गोद से उसकी लड़की को उठा लेता और इसी बहाने से उसके बब्स को दबा देता और चाची मेरी इस हरकत का जवाब प्यार भरी मुस्कान से देती थी। ऐसे ही कुछ दिन निकल गये मैं रोज जाकर चाची के दर्शन करने लग गया मैं रोज सोचता था की चाची की चूत को कैसे चोदा जाये। आख़िरकार वो दिन आ ही गया उस दिन मेरे घर पर कोई नहीं था मैं अपने घर में अकेला था और मैं अपने कमरे में टीवी देख रहा था टीवी पर मैंने सेक्सी फ़िल्म लगा रखी थी जिसमें गरम सीन आ रहा था मैं उसे देखकर मूठ मारने की तैयारी में था इतने में ही मेरे घर की डोर बेल बजी, मैं उठकर दरवाजा खोलने के लिए गया। दरवाजा खोलते ही मेरे होश उड़ गये मुझे अपनी आँखो पर यकीन नहीं हो रहा था मेरे सामने बबीता चाची खड़ी थी मैं उसे ही देखता रहा उसने गुलाबी कलर की साड़ी पहनी हुई थी वो उसमें कयामत लग रही थी, मुझे हिलाकर चाची बोली क्या बात है तनिष कहाँ खो गया।

मैं :- नहीं नहीं यहीं हूँ चाची, मैंने घबराते हुए जवाब दिया।

चाची :– अच्छा मुझे थोड़ी सी शक्कर चाहिये मेरे घर पर खत्म हो गयी है और दुकान पर जाने के लिए कोई नहीं है।

मैं :- कोई बात नहीं आप पहले अन्दर आओ और बैठो तो सही।

मैंने चाची को बैठाया और मैं किचन में शक्कर लेने चला गया जब मैं वापिस आया तो मैंने देखा की चाची टीवी देख रही थी और टीवी में वही सेक्सी फ़िल्म का गरम सीन चल रहा था। मैं घबराते हुए जैसे ही टीवी बंद करने के लिए आगे बढ़ा तो चाची बोली क्या हुआ इसमें शरमाने वाली क्या बात है तेरे जैसे जवान लड़के तो ये सब देखते ही है।

मैं :- नहीं चाची सॉरी मैं ऐसा लड़का नहीं हूँ।

चाची :– मुझे सब पता है अच्छा ये बता तेरी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं?

मैं :– नहीं चाची अभी तक तो नहीं मैंने शरमाते हुए जवाब दिया।

चाची :– तो इसका मतलब अभी तक तुने सेक्स भी नहीं किया होगा?

मुझे इस सवाल का अंदाज़ा भी नहीं था की चाची इतनी जल्दी खुल जाएगी मैंने सर नीचे करके शरमाते हुए जवाब दिया नहीं चाची जी अभी तक नहीं किया। उनके अगले सवाल ने मेरी तो गांड ही फाड़ डाली वो बोली तो तुम्हे मैं सीखा दूँगी बोलो मुझसे सीखोगे? मैंने झट से हाँ कर दी अब चाची उठकर मेरे पास आई और मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मुझे पागलो की तरह चूमने और चाटने लग गई। अब मैं भी उनका साथ देने लग गया और किस करने लग गया चाची मेरे मुहँ में अपनी ज़ुबान डाल रही और चुदवा रही थी। मैं भी अपनी ज़ुबान को उसके मुहँ में डालकर उसके मुहँ चोदने लग गया। किस करते-करते मैंने अब चाची का ब्लाउस खोल दिया और ब्रा भी उतार दी मैंने इतने बड़े-बड़े और मोटे-मोटे बब्स पहली बार देखे थे मैं बब्स को देखकर पागल सा हो गया और मेरे मुहँ से निकला “तेरी बहन की चूत ये क्या है” ये कहकर मैं चाची के बब्स पर टूट पड़ा फिर मैं चाची के बब्स जोर-जोर से दबा रहा था और चूस रहा था इसलिए चाची के मुहँ से आआह… उईईया… अहह की आवाजें निकल रही थी अब चाची का हाथ मेरे पजामें में चला गया अब मेरे लंड उनके हाथ में था। अब चाची नीचे बैठ गई और मेरा पजामा और अंडरवियर उतार दिया अब मेरा लंड उनके मुहँ के सामने था मेरे लंड को देखकर चाची बोली “हाए राम इतना बड़ा इतना मोटा लंड तेरा” साले बहनचोद कहाँ था अब तक तू। ये कहते ही चाची ने मेरे लंड को अपने मुहँ में डाल लिया और चूसने लग गई वो मेरा लंड ऐसे चूस रही थी जैसे बचपन से लंड चूस-चूसकर बड़ी हुई हो उसके लंड चूसने का अंदाज मैं अपने शब्दों में बयान नहीं कर सकता जब वो मेरा लंड चूस रही थी मुझे ऐसा लग रहा रहा की मैं जन्नत में हूँ और मुझे इसके अलावा और कुछ नहीं चाहिये था।

मेरा लंड उसने अपने गले के अन्दर तक लेना शुरू कर दिया था अब कुछ ही देर बाद मुझे ऐसा महसूस हुआ की बस मैं झड़ने वाला हूँ।

मैं :– चाची जी मेरा होने वाला है क्या करू?

चाची :- बहन के लौड़े मुझे अब भी चाची कहेगा साले अब मुझे बबीता डार्लिंग कहा कर और मेरे मुहँ में ही आने दे।

मैं- ओके बबीता मेरी जान ये ले मेरा लंड।

अब मैंने अपने एक हाथ से उसका चेहरा नीचे से पकड़ा और एक हाथ से उसका सिर पकड़ा और फिर ज़ोर-ज़ोर से उसके मुहँ को चोदने लग गया 5 मिनट बाद ही मैंने उसके मुहँ में अपना पानी भर दिया मुझे ऐसा लगा की मेरी सारी ताक़त मेरे लंड के रास्ते से निकल गई हो। मैंने अब चाची को सोफे पर बैठाकर उसकी टाँगे खोल दी और उसकी गुलाबी चूत को देखने लग गया एक बच्चे की माँ होने के बावजूद उसकी चूत इतनी टाइट पड़ी थी। फिर मैंने चाची की चूत के होठों को फैलाकर देखा तो उसमें से रस निकल रहा था फिर मैंने अपने हाथ से उसकी चूत को छुआ और हल्के हल्के से मालिश करने लग गया मैं उसके दाने को छेड़ने लग गया अब वो आहह आाऊ.. हहाआह… ऊऊह… की आवाजें निकाल रही थी। उसकी मनमोहक और गरम-गरम आवाज़ सुनकर मेरी ज़ुबान खुद उसकी चूत में चली गई और चाटने लग गया मेरे चाटने से उसकी आवाजें तेज हो गई अब मैं अपनी लम्बी-लम्बी ज़ुबान बाहर निकालकर उसकी चूत को चाट रहा था मैंने अचानक से ही अपनी ज़ुबान उसकी चूत में डाल दी तो वो पूरी तरफ से तड़प उठी और काँप गई। मैं वैसे ही करता रहा 2 मिनट बाद ही उसने भी पानी निकाल दिया और मैंने उसे चाट-चाटकर उसकी चूत को साफ कर दिया उसके पानी का स्वाद काफी नमकीन था पर उस समय मुझे वो भी अच्छा लगने लगा अब वो कुछ शांत हुई और कुछ देर लेटी रही।

चाची :- आह… तनिष मजा आ गया सच में, अब अपना लंड मेरी चूत में डाल और मुझे अपनी रंडी बना ले आज।

मैं :- हाँ ज़रूर मेरी रांड, आजा।

मैंने उसकी टाँगे ऊपर उठा दी और उसकी चूत पर लंड सेट कर दिया और एक जोरदार झटका मारा पर मेरा लंड अन्दर नहीं गया क्योकि उसकी चूत बहुत टाइट थी मैंने अब थोड़ा सा तेल लेकर उसकी चूत पर और अपने लंड को भी पूरा चिकना बना लिया।

मैं :- तेरे पति का लंड है या लुल्ली साली कुत्ती तेरी चूत इतनी टाइट कैसे है?

चाची :- उसका तो डालने से पहले ही निकल जाता है वो साला क्या करेगा नामर्द मेरे राजा तू आजा बस अभी तो फाड़ दे मेरी चूत को।

मैंने अब फिर से लंड को उसकी चूत पर सेट किया और झटका मारा अब लंड चूत में आधा चला गया चाची की तो चीखें निकल गई वो पूरी तरह से काँप गई। मैंने उसके बब्स पकड़ लिए और दबाने लग गया जिससे वो शांत हो गई। अब मैंने फिर से झटका मारा और वो फिर से चीखने लगी पर मैंने इस बार कोई रहम नहीं किया और लगातार अपने लंड से उसकी चूत में वार करता रहा। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

चाची :– आहह… साले चोद मुझे और चोद रंडी बना ले मुझे माआर मेरी चुत्त्त्त… आअहह… ओह बहन चोद….

मैं भी उसकी चुदाई अपनी पूरी ताक़त से कर रहा था मेरे लंड ने उसकी चूत को पूरी तरह से पेल दिया था। और इस घमासान चुदाई से चाची की चूत ने पानी छोड़ दिया।

मैं :- ले साली कुत्ती रांड चुद ना.. अब क्या हुआ गांड फट गई साली बहन की लौड़ी कुत्ती कहीं की…

अब मैंने 10 मिनट और चुदाई की और अब मेरे लंड से पानी गिरने वाला था।

मैं :– डार्लिंग चूत में निकाल दूँ।

चाची :– नहीं मेरे मुहँ में निकाल।

मैंने 7-8 झटके मारे और जाकर उसके बब्स पर बैठा और अपना लंड उसके मुहँ में डाल दिया। चाची ने मेरा लंड पूरा लिया और उसे ऊपर नीचे करने लग गई 1 मिनट बाद मेरा पानी निकल गया एक बार फिरसे उसका मुहँ मेरे पानी से भर गया और उसने सारा पानी पी लिया और मेरा लंड चाट-चाटकर साफ कर दिया।

चाची :- क्यूँ मेरे राजा आया ना मजा चुदाई का।

मैं :- हाँ और आएगा कैसे नहीं, जिसके पास तेरी जैसी जानेमन हो उसे मजा ना आए ऐसा हो सकता है क्या?

फिर अब हम दोनों बाथरूम में एक साथ नहाए और चाची अपने घर चली गई, उसके बाद मैंने चाची को बहुत बार चोदा था।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!