शतरंज में जीती दोस्त की बीवी की चूत

हाय फ्रेंड्स, मेरा Antarvasna नाम सन्दीप है मेरी उम्र 34 साल की है और मैं असल में तो पंजाब के भटिंडा का रहने वाला हूँ, लेकिन अपने काम-काज के सिलसिले में मैं पिछले 10 साल से कनाडा में रह रहा हूँ। दोस्तों मैं यहाँ पर बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में भी भाग लेता हूँ तो इस कारण से मैंने अपनी बॉडी को बहुत अच्छा और मजबूत किया हुआ है। हाँ तो दोस्तों अब मैं आप सभी को कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से अपने जीवन की एक ऐसी सच्ची सेक्स घटना बताने जा रहा हूँ जो थोड़ी अजीब भी है।

हाँ तो दोस्तों मैं कनाडा में रहता था और वहाँ पर अपने देश का कोई मेरी जान पहचान वाला नहीं था और फिर वहाँ पर मेरी मुलाकात एक शादीशुदा जौड़े से हुई और फिर उनसे बात करने पर मुझको पता चला कि, वह भी मेरे एक दोस्त का दोस्त था उसका नाम साकेत था और उसकी बीवी का नाम प्रियंका था। दोस्तों प्रियंका बहुत ही खूबसूरत लड़की है जिसको देखकर कोई भी मर्द बड़ी ही आसानी से उसका दीवाना बन जाए। हम एक ही देश के होने की वजह से कुछ ही दिनों में काफ़ी अच्छे दोस्त बन गए थे, और फिर हमारा साथ-साथ ड्रिंक्स पर जाना चेस खेलना इत्यादि लगा ही रहता था। दोस्तों यह एक दिन की बात है जब मैं रात के खाने पर साकेत के घर गया तो साकेत ने मुझको कहा कि, मैंने और प्रियंका ने यह तय किया है कि, तुम इधर आकर हमारे साथ हम लोग के घर में ही रहोगे, होटल में क्यूँ रह रहे हो? वहाँ तो फ़िज़ूल खर्चा होता होगा ना। और फिर काफ़ी सोचने के बाद मैंने भी तय किया और फिर उनको कहा कि, ठीक है क्योंकि मैं भी बहुत बोर हो जाता था वहाँ पर अकेले, और इतनी ठंड के समय शाम के 5 बजे ही अंधेरा हो जाता था तो मेरा समय कटता ही नहीं था। साकेत और प्रियंका के साथ में मेरा समय अच्छा कट जाता था, चलो अब मुद्दे पर आता हूँ।

एक दिन शनिवार की शाम को हम शतरंज खेल रहे थे तो साकेत ने मुझको कहा कि, मुझको नींद आ रही तो मैं सोने जा रहा हूँ और अब तुम लोग खेलते रहो। दोस्तों उस वक़्त तक प्रियंका सिर्फ़ मेरे लिये मूठ मारने का ज़रिया थी वह इतनी खूबसूरत थी कि, जिसकी कोई हद नहीं थी। और फिर खेलते-खेलते शतरंज की एक गोटी नीचे गिर गई थी और फिर प्रियंका उसको उठाने के लिये नीचे झुकी तो मुझको उसके बब्स दिखाई दे गए थे। उसके गोरे-गोरे बब्स और गुलाबी निप्पल पर जब मेरी नज़र पड़ी तो मैं तो जैसे पागल ही हो गया था और उसने भी मुझको उसको देखते हुए देख लिया था कि, मैं उसके बब्स को देख रहा हूँ। और फिर खेलते-खेलते प्रियंका ने एक शर्त रखी कि, अगर मैं जीता तो वह अगले दिन मुझे फिश-करी खिलायगी और अगर वो जीती तो मैं उसे पर्फ्यूम लाकर दूँगा। और फिर वह जीत गई तो मैंने उसको कहा कि, सोमवार को ला दूँगा तो फिर उसने मुझको कहा कि, कोई बात नहीं मैं तो मजाक कर रही थी। तो फिर मैंने उसको कहा कि, ठीक है तो चलो माँगो जो मैं तुमको अभी दे सकूं। तो फिर वह हँसकर मुझसे बोली कि, ठीक है तो चलो तुम मुझको अपने 6 पैक्स दिखा दो, मैंने कभी भी 6 पैक्स करीब से नहीं देखे है। और फिर मैंने उसको कहा कि, ठीक है. और फिर मैंने अपनी नाइट-ड्रेस को उतारा तो वह एकदम हैरान हो गई थी क्योंकि मेरा लंड उसके बब्स को देखकर एकदम टाइट हो रहा था और उसका पूरा ध्यान सिर्फ मेरे लंड पर ही था मेरे 6 पैक्स को तो उसने देखा ही नहीं था। और फिर वह शरमा गई थी. और फिर वह मुझसे बोली कि, हम केवल अच्छे दोस्त है तो फिर मैंने भी उसको कहा कि, हाँ मुझको मालूम है तुम चिन्ता मत करो। लेकिन जैसी ठंड थी तो कम्बल में मैंने अपने पैर रख लिए थे और फिर उसने भी. और फिर खेलते-खेलते हमारे पैर एक-दूसरे के पैरों को छू रहे थे और इधर मैं धीरे-धीरे और गरम हो रहा था। और फिर कुछ देर के बाद धीरे-धीरे मुझे साकेत के खर्राटों की आवाज़ सुनाई देने लग गई थी. दोस्तों वह थोड़ा मोटा है तो वह खर्राटे भी बहुत लेता था। और फिर दूसरी बार का खेल मैं जीत गया था और फिर मैंने उसको कहा कि, अब मुझे भी देखना है तुझे, जैसे तूने मुझको देखा था तो पहले तो उसने मुझको मना किया लेकिन फिर उसका मेरे लंड की तरफ इस कदर देखना मुझे एक इशारा था जिसको मैं समझ गया था।

और फिर मेरे काफी जोर देने के बाद उसने साकेत के कमरे का दरवाज़ा बन्द किया और फिर वह हॉल के दरवाजे के पीछे आ गई थी और फिर उसने मुझको कहा कि, बस सिर्फ़ एकबार और वह भी इसलिये क्योंकि मैं हार गई हूँ। तो फिर मैंने उसको कहा कि, ठीक है और फिर उसने अपना गाऊन उतारा तो मैं तो उसको देखकर एकदम से पागल सा हो गया था मुझको उस समय ऐसा लगा कि, जैसे मैंने कोई जन्नत देख ली हो. और फिर मैंने उसको पूछा कि, तू साकेत के साथ क्या कर रही है? तुझे तो फिल्मों में होना चाहिए था और फिर मैं उसको छूने के लिए आगे आया तो उसने मुझको कहा कि, प्लीज़… साकेत को इसके बारे में कुछ भी पता नहीं चलना चाहिये। तो फिर मैंने उसको कहा कि, बिल्कुल भी नहीं चलेगा और फिर मैंने उसको चूमा और फिर मैंने उसको दीवार पर चिपकाकर अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ना शुरू किया तो उसने मेरा एक हाथ पकड़कर अपने बब्स पर रखा और फिर उसने मुझसे यह भी कहा कि, 6 महीने से ऊपर हो गया है साकेत ने मुझको छुआ तक नहीं वह तो सिर्फ़ दारू, खाना और सोना बस यह ही करता रहता है। और फिर मैंने उसके बब्स के निप्पल को अपने दांत से काटा तो वह मेरे ऐसा करने से एकदम पागल सी हो गई थी। दोस्तों उस रात हमने एक-दूसरे को खूब चूमा-चाटी करके और उसने मेरे लंड को हिलाकर और मैंने उसकी चूत में ऊँगली करके ही एकदूसरे को शान्त किया था क्योंकि हमको इस बात का डर भी लग रहा था कि, कहीं साकेत उठ ना जाए। और फिर अगले दिन साकेत अपने एक दोस्त के साथ ड्रिंक पार्टी में जा रहा था और मैं भी एक बहाना बनाकर उसके सामने ही घर से निकल गया था। और फिर जैसे ही साकेत घर से निकला तो फिर मैं कुछ देर के बाद वापस घर पर आ गया था. और फिर मैंने प्रियंका से कहा कि, तेरे 6 महीने की कसर मैं आज निकालूँगा। उस समय वह किचन में थी और फिर मैंने किचन में ही उसकी स्कर्ट को ऊपर कर लिया था तो फिर उसने मुझको कहा कि, 2 मिनट रुको मैं अभी बेडरूम में आती हूँ किचन का काम खत्म करके. और फिर मैं बेडरूम में चला गया और मैंने अपने ऊपर एक कम्बल डाल लिया था क्योंकि बाहर बहुत ठण्ड थी और फिर कुछ देर के बाद वह आई अपने हाथ में कुछ लेकर।

और फिर वह आकर मेरे बगल में बैठ गई थी और फिर मैंने उसको अपनी तरफ खींचा तो उसने मुझको कहा कि, यह सब ग़लत है तो फिर मैंने उसको कहा कि, आज बस एकबार करने दो और फिर मैं उसको चूमने लगा. और साथ ही मैं उसके पूरे बदन पर अपने हाथ को फैरते हुए फिर उसकी स्कर्ट को ऊपर करने लगा। दोस्तों मैंने जब उसकी स्कर्ट को ऊपर किया तो मुझको पता चला कि, वह अपनी ब्रा और पैन्टी पहले से ही उतारकर आई थी और फिर उसकी एकदम चिकनी और साफ़-सुथरी चूत को देखकर मैं तो उसपर टूट पड़ा था और फिर मैं उसको चाटने लगा तो वह भी पागल सी हो रही थी और फिर वह मुझसे बोली कि, साकेत ने तो ऐसा कभी नहीं किया और फिर मैंने थोड़ा सा शहद जो वह अपने साथ लाई थी उसके बब्स के निप्पल पर लगाया और फिर मैं उनक चाटने लगा बस फिर तो वह पूरी तरह से मेरे काबू में आ गई थी दोस्तों मैं सेक्स के वक़्त थोड़ा ज्यादा ही उत्तेजित हो जाता हूँ तो उसने मुझसे कहा कि, थोड़ा धीरे से करो। और फिर मैंने अपनी पेन्ट उतारकर उसको कहा कि, मुझको नहीं इसको बोल धीरे से कर क्योंकि यह अब पागल सा हो गया है। और फिर उसने मेरे लंड को एक जंगली बिल्ली की तरह देखा और फिर झट से उसको अपने मुहँ में ले लिया था और फिर 5-7 मिनट में ही मैं झड़ गया था. और फिर 15-20 मिनट के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था और फिर मैंने उसकी टाँगों को ऊपर किया और फिर अपने लंड को उसकी चूत के मुहँ पर सेट करके धीरे से झटका दिया तो वह पहले से ही गीली हो चुकी थी। और फिर मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने ज़ोर से एक झटका दिया और वह चीख पड़ी, लेकिन मैं रुका नहीं था. और फिर मैंने उसको खूब तबियत से 15-20 मिनट तक चोदा था इस बीच वह 2 बार झड़ चुकी थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैंने उसको कहा कि, अब पीछे से करें. तो उसने मुझसे कहा कि, नहीं दर्द होगा. तो फिर मैंने उसको कहा कि, डरो मत मैं धीरे से करूँगा। और फर मैं उसको घोड़ी बनाकर पीछे से अपना लंड उसकी गांड में डालने लगा तो उसकी गांड में से थोड़ा सा खून निकला लेकिन उसको मजा भी आ रहा था और फिर मैंने उसको बेड पर लिटाया और फिर उसकी गांड में ही अपना सारा माल निकाल दिया था और फिर मैं उसके पूरे बदन को चूमने लगा। और फिर यह सिलसिला 6 महीने तक चला और अब मैं वापस उनसे दूर दूसरी जगह पर रहता हूँ क्योंकि यहाँ पर प्रियंका भी जब मर्जी हो मेरे पास बेफिक्र होकर आ सकती थी। प्रियंका को इतना चोदने के बाद भी मुझको हर वक़्त ऐसा लगता है कि, एकबार फिर हो जाए उसकी चूत की खुश्बू ही मुझको पागल कर देती है। प्रियंका मेरे बारे में यह कहती है कि, मैं एक जानवर हूँ और अब तो वह भी मेरे चोदने की स्टाइल की दीवानी हो गई थी नहीं तो वरना पहले दिन तो उसको लग रहा था कि वह मेरी चुदाई से कहीं मर ना जाए।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!