शादी में साली की चूत कार में चाटी

प्यारे दोस्तों Antarvasna लीजिए पेश है आपके लिए एक सच्ची कहानी. यह सच है कि, जो मेरे साथ हुआ वह सिर्फ़ 6 महीने पहले की ही घटना है. और मैं आशा करता हूँ कि यह कहानी आप लोगों को जरूर पसन्द आएगी।

दोस्तों मेरा नाम शरद है और मेरी उम्र 35 साल की है. मैं एक शादीशुदा और बाल-बच्चे वाला आदमी हूँ. मेरी शादी को 7 साल हो चुके है, मेरी बीवी बहुत ही खूबसूरत है और उससे मुझे 2 बेटे भी है. दोस्तों मेरी एक साली भी है जिसका नाम खुशबू है जिसे प्यार से हम लवली कहकर बुलाते है. वह मेरी पत्नी से 5 साल और मुझसे 2 साल बड़ी है. लवली एक शानदार व्यक्तित्व की मालकिन है और उसके और उसके पति के रंगरूप में बहुत फ़र्क है. कहते है ना कि, लंगूर के हाथ में अंगूर आ गया हो उनका भी कुछ ऐसा ही है. मेरी साली एकदम मस्त माल है. दोस्तों लवली को जो भी एकबार देखता होगा वह उसके नाम का लंड ज़रूर हिलाता होगा. मैंने खुद ने भी अपने लंड को उसका नाम लेकर के कई बार रगड़ा था।

हाँ तो दोस्तों यह किस्सा तब शुरू हुआ था जब हम लोग पटना में एक शादी में शामिल हुए थे. पूरा मैरिज गार्डन बुक किया हुआ था और रात की शादी थी. दिसम्बर का ठंडा मौसम था. सब अपने अच्छे कपड़ों में सजकर के शादी के मंडप में आए हुए थे. मैं भी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ वहाँ पर गया था. वहाँ पर सब लोग आपस में मिले और फिर कुछ ही देर में सबने अपने-अपने हिसाब से ग्रुप बना लिये थे. औरतें बातों में लग गई थी और हम लोग पीने के लिए कोई खाली कौना देखने लग गए थे और बच्चें खेलने में व्यस्त हो गये थे. शादी देर रात को होनी थी इसलिए हमने 2-3 पैग लगाकर हल्क-हल्का सा सरूर बनाया हुआ था। पीने के बाद मेरी आँखें लवली को ढूँढ रही थी और मैं सोच रहा था कि, साली साहिबा कहीं दिख नहीं रही है. वैसे भी पैग लगाने के बाद दूसरी औरत हसीन ही लगती है, चाहे आपकी बीवी बहुत ही खुबसुरत क्यू ना हो। और फिर मैं अपने दोस्तों के साथ पंडाल में चला गया था पैग अभी मेरे हाथ में ही था. और फिर लवली मुझको दिखी तो वह चोकलेट रंग के लहंगे में तो वह ग़ज़ब की लग रही थी. और फिर वह मेरे पास आकर बोली कि, हाय कैसे हो आप जीजू? तो मैंने भी उसको कहा कि, ओह हैल्लो, मैं ठीक हूँ. तुम तो आज ग़ज़ब की लग रही हो. तो वह मुझसे बोली कि, अच्छा, थैंक्स. बिल्कुल मेरी पसन्द की चॉकलेट आइस-क्रीम की तरह और फिर यह कहकर मैं उसके पीछे गया और फिर मैंने हल्के से उसके कान में कहा कि, मन तो कर रहा है कि मैं तुमको ऊपर से नीचे तक चाट जाऊ, कहने को तो मैंने कह दिया था लेकिन फिर मेरा दिल जोर-जोर से धड़क भी रहा था. और फिर वह हँसकर बोली कि, अरे जीजू रहने दो यह सब तो केवल बातें है तुम्हारी. दोस्तों वह भी जान गई थी कि, मैं उसकी चूत को चाटने की बात कर रहा हूँ. और फिर मैंने उसको कहा कि, सच में अगर तुम हाँ करो तो…

तो फिर वह मुझसे बोली कि, किस बात के लिये कह रहे हो आप जीजू? उसने ज़रा नखरे से कहा. तो फिर मैंने भी उसको कहा कि, चॉकलेट को चाटने के लिये. और फिर वह हँसकर बोली कि, जूते पड़ेगें तो सब चाटना चखना भूल जाओगे! और फिर मैंने उसके कन्धे को दबाकर कहा कि, जानेमन तुम चाटने तो दो फिर तो मैं जूते भी खाने को तैयार हूँ. और फिर वह मेरी आँखों में गहराई से देखने लगी थी जैसे कि, वह उनमें कुछ ढूँढ रही हो और फिर वह मुझसे बोली कि, क्या सच में चाट सकते हो तुम? तो फिर मैंने कहा, क्यू नहीं हम तो चाटने को मरे जा रहे है. और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, लेकिन फिर मौके से भाग गये तो? तो फिर मैंने भी उसको कहा कि, तो फिर तुम्हारी जूती और मेरा सिर. और फिर वह मुझसे बोली कि, रहने दो तुमसे नहीं होगा।

तो फिर मैंने उसको कहा कि, अरे! क्यों नहीं, मैं तो हमेशा करता हूँ, चाहो तो अपनी बहन से पूछ लो! अब तो यह बिल्कुल साफ था की चूत चाटने की ही बात हो रही थी. और फिर वह इधर-उधर देखने लगी तो मैंने मौका देखकर के उसको कहा कि, बाहर कार में ही चटवा लेना चलें क्या? उसकी नज़रें मेरी पत्नी पर थी जो अपनी सहेलियों के साथ लगी हुई थी. और फिर उसने मुझको कहा कि, कहाँ पर है आपकी कार, उसने धीरे से मुझसे पूछा? तो फिर मैंने उसको कहा कि, गार्डन की दूसरी लाइन में है दीवार के सहारे, पहले मैं आगे जाकर कार का हीटर चालू करता हूँ और फिर तुम आ जाना पीछे से. और फिर इतना कहकर के मैंने अपने हाथ के पैग को वहीं एक टेबल पर रखा और कार की तरफ चल पड़ा था, मैंने अपने मोबाइल को निकालकर पहले ही स्विच ऑफ कर दिया था ताकि हमको कोई बीच में परेशान ना करे. और फिर लवली भी मेरे पीछे-पीछे ही आ गई थी और वह कार का दरवाजा खोलकर के पीछे बैठ गई थी और फिर मैं भी आगे की सीट से धीरे से पीछे गया. लवली ने उस समय अपनी टाँगें खोल रखी थी और फिर मैं भी वहीं पर बैठ गया था कुत्ते की तरह. और फिर मैं मेरी लवली साली की चूत को सूंघनें लग गया था. उसकी चूत की भीनी-भीनी खुशबू ने मुझे और भी उत्तेजित कर दिया. लवली ने अब अपने कपड़ों को पूरा हटाया और मुझे अपनी चूत के दर्शन करवा दिए थे।

दोस्तों कसम से उसकी बिना बाल की चूत तो एकदम क़यामत थी. और फिर मैंने उसकी पैन्टी को एक साइड में किया और उसकी चूत में अपनी जीभ लगा दी थी।

जिससे लवली के मुहँ से एक आहहह… सी निकल पड़ी थी. और उसने मेरे सिर को पीछे से दबा दिया था जिससे मेरी जीभ उसकी चूत के छेद को रगड़ रही थी और लवली की तेज-तेज साँसें मेरे कानों से टकरा रही थी. लवली अब बेकरार थी और बेताब भी. और फिर मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के छेद में पूरी डाला तो वह तो जैसे मचल सी गई थी. और फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी कमर को पकड़ा और मैं उसकी चूत में अपनी जीभ को जोर-जोर से हिलाने लगा था. मेरी जीभ उसकी चूत के दाने को मसल रही थी और उसकी वजह से उसकी चूत में से बहुत सारा पानी निकलने लगा था. लवली की हालत भी बहुत खराब हो गई थी और वह आहह… उईईई… करती जा रही थी. और मैं अपनी जीभ को उसकी चूत में और भी ज़ोर-जोर से चलाने लगा था। और फिर लवली के होश उड़े हुए थे क्यूंकी मैं उसके चूत के दाने को जो मस्ती से चूस रहा था. वह मेरे बालों में हाथ घुमा रही थी और आहहह… उफ्फ्फ… कर रही थी. और साथ ही उसकी चूत पानी छोड़ने लग गई थी और मैं उसको अन्दर और भी गहराई से चूसने लग गया था. और वह आहहह… जीजू, आप सच में बहुत ही मस्त तरीके से चाट रहे हो. मैं अब झड़ने वाली हूँ! और फिर मैंने भी मस्ती में आकर उसको कहा कि, मेरी रानी झाड़ दे अपना पानी मेरे मुहँ में ही. और फिर लवली के बदन में एक झटका लगा और उसकी चूत ने मेरे मुहँ में ही अपना सारा पानी निकाल दिया था. और मैंने उसकी एक-एक बूँद पी ली और फिर मैंने उसको अपने गले से लगा लिया था. लवली के बदन में झटके लगते जा रहे थे और फिर दो मिनट के बाद में वह एकदम ठीक हो गई थी और मैं बेचारे की तरह उसे देख रहा था क्यूंकी मेरा लंड तो अभी खड़ा का खड़ा ही था. और फिर वह भी मेरी हालत को समझ गई थी और फिर वह मेरी टाँगों के बीच में बैठकर के मेरे लंड को चूसने लग गई थी. वह मज़े से मेरा लंड तब तक चूसती रही जब तक कि, मेरा वीर्य निकल नहीं गया था. और फिर हम दोनों ने कपड़े सही किए और बाहर आकर शादी में शामिल हो गये. लवली ने मुझे चुदाई का वादा भी किया है लेकिन सही मौका आने पर।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!