जवानी का रस धक्के मारकर निकाला

हैल्लो दोस्तों, मेरा Antarvasna नाम अंकित है और मेरी उम्र 24 साल है आज मैं आप सभी को कामलीला डॉट कॉम पर जो यह कहानी सुनाने जा रहा हूँ यह एक लड़की रजनी की है जो कि मेरे साथ कोचिंग में पढ़ती थी दोस्तों उसके हुस्न की तारीफ़ जितनी करू उतनी कम है इस कहानी की नायिका रजनी की उम्र 23 साल है वो एकदम गोरी चिट्टी और 34-23-34 के फिगर वाली एकदम मस्त माल है।

दोस्तों रजनी मुझसे एक साल छोटी थी जिसकी वजह से वो मुझसे एक क्लास पीछे थी, वो दूसरे स्कूल में पढ़ती थी पहली बार मैंने उसे कोचिंग पर देखा था उस दिन उसने काले कलर का टॉप और नीले कलर की जीन्स पहन रखी थी जिसमें में वो एकदम मस्त माल दिख रही थी, उस पर उसके काले कलर के टॉप में एक बहुत बड़ा कट था जो उसकी कमर को दिखा रहा था उस समय मैंने उसे पहली बार देखा था उसी दिन मैं उस पर लट्टू हो गया किस्मत से वो और मैं एक साथ गणीत की कोचिंग पढ़ने लगे पर मुझे पता ना था की उसके साथ आगे कुछ ऐसा होगा वो हमारी पीछे वाली गली में आने वाली थी पर उस समय मैं नादान था इसलिए कुछ ना कर पाया और उसकी एक-दो किस लेकर रह गया था। जब मैं और बड़ा हुआ तो उसका और मेरा दोनों का घर बदल गया अब वो मेरे सामने वाले घर में रहने लगी जब मुझे पता चला तो मैं बहुत खुश हुआ लेकिन मुझे कुछ दिनों के बाद यह भी पता चला की उसका एक बॉयफ्रेंड भी है फिर भी मैंने उसे कुछ ना कहा मैंने धीरे धीरे उसके भाई से दोस्ती बड़ाई जिसके कारण मेरी उससे बातें होना शुरू हो गयी कुछ दिन ही हाय हैल्लो चली, क्या करती हो? बॉयफ्रेंड है? या गर्लफ्रेंड है? इसी तरह से बातें खुलने लगी लेकिन एक दिन एक घटना घट गयी मैं घर पर बोर हो रहा था मैंने सोचा मैं सामने जाकर उसके भाई के साथ कुछ खेल लूँगा। लेकिन जब मैं गया तो दरवाज़ा हल्का सा खुला था और वो मुझे ड्रेस बदलती हुई दिख रही थी।

उसका घर इसलिए खुला रहता था क्योंकि उसका बाप घर के बाहर एक दुकान चलाता था और मुझे अच्छे से जानता था इसलिए वो मुझे रोकता ना था अब जब मेरा ध्यान गया की वो कपड़े बदल रही है तो उसका नंगा जिस्म देखकर मेरा लंड खड़ा होने के लिए उबाल मारने लगा था मैंने थोड़ी हिम्मत करके दरवाजा खोल दिया और अब मैं उसको देख रहा था वो मुझे सामने पाकर अपने बब्स छुपाने लगी पर वो छुप ही नहीं पा रहे थे उसने गुस्से में मुझे देखा और मुझे भगा दिया मैं डरकर भाग आया अगले दिन उसका भाई मुझे फिर उसी कमरे में अपनी बहन के सामने ले आया लेकिन आज वो कुछ नहीं बोली ना मैं कुछ बोला हम दोनों के बीच अलग सा ही सन्नाटा था। फिर मैंने उसके भाई से पानी माँग लिया वो पानी लेने चला गया इतने में वो मुझसे बोल पड़ी कल जो तुमने देखा था उसके बारे में किसी को मत बताना मैंने भी ‘हाँ’ में सिर हिला दिया पर जो मैंने कल सीन देखा था वो कैसे भूल जाता इसलिए मैंने बोला एक शर्त पर, वो बोली क्या? मैं हल्का सा हिचकिचाते हुए बोला मैं तुम्हें ब्रा और पेंटी दिलाकर लाऊंगा तो उसने मना कर दिया खैर दो दिन बाद मुझे मालूम हुआ की वो अपनी मम्मी की तबीयत खराब होने की वजह से वो बाजार नहीं जा पा रही थी उस दिन मैं उसके घर गया तो उसने मुझे ये बात बताई थी उस दिन उसके पिता जी नीचे दुकान में कुछ काम कर रहे थे भाई कुछ काम से बाहर गया था और फिर रजनी को बाजार से कुछ समान लाना था, उसने मुझसे कहा तो मैंने चलने के लिए हाँ कह दिया। उसने अपने बाप से पूछा और अंकल ने मुझे उसके साथ भेज दिया अब वो और मैं बाइक पर चल दिए जहाँ से हमने सामान खरीदा वहाँ गारमेंट्स की भी दुकान थी मैं वहाँ चला गया और ऐसे ही फैंसी ब्रा और पेंटी की पूछने लगा।

अभी मैंने ब्रा का साइज़ बोला ही था आप 32 साइज़ में दिखा दो इतने में वो आ गयी, मैं उसे देखकर डर गया वो बोली यहाँ पर क्या कर रहे हो? इतने में वो दुकान वाला बोला लो देख लो, यह 32 नंबर की ब्रा है। उसने सुना तो वो वहीं पर मुझे सुनाना शुरू हो गयी मैं शांत रहा मैंने बोला कोई बात नहीं अब आए है तो खरीद लो ना लेकिन वो मना कर रही थी मैंने दुकानदार को रजनी की फिगर देखकर ब्रा और पेंटी निकलवा दी फिर उसने 34-23-34 का फिगर देखकर साइज़ बताया और ब्रा और पेंटी निकाल कर दे दी। जो भी पेमेंट बना मैंने दुकान वाले को दे दिया और हम दोनों आने लगे अब पूरे रास्ते वह मुझसे बोलने लगी तुम्हें क्या पड़ी है यह सब करने की तो मैंने कहा, मैंने तुम्हें फटी हुई ब्रा और पेंटी में देखा है तभी मैंने यह सब किया है। वो शरमाकर लाल हो गयी और फिर पूरे रास्ते मुझ से कुछ ना बोली जब हम दोनों घर पहुँचे तो मैंने उसे ब्रा और पेंटी दे दी मैंने देखा उसका भाई कहीं गया है फिर मैं चुपके से उसके घर में गया रजनी लेटी हुई थी वो मुझे देखकर बोली आ जा मैं बोला तूने ब्रा और पेंटी डालकर देखी क्या? फिर उसने मेरे गाल पर एक थप्पड़ मारा मैं 5 मिनट तक सोचता रहा की ये क्या हुआ? फिर वो बोली तुझे तमीज़ नहीं है शरम नहीं आती यह सब कहते हुए पर अब मैं बदतमीज़ ही हो गया था जब वो नहाने गयी तो मैं उधर ही था मैंने उसकी पेंटी और ब्रा बदल दिए और कहा की बस यही पहनकर आना पर वो ना मानी और बोली आगे ऐसी हरकत की तो मैं सबको बता दूँगी। मैं चुपचाप चला गया एक दिन वो अपने ऊपर वाले कमरे में लेटी हुई थी और दोस्तों ड्रेस ऐसी पहन रखी थी की वह उसमें एकदम फाडू माल लग रही थी उसमें से उसकी पेंटी दिख रही थी मेरा लंड खड़ा हो गया, मैंने देखा वो हेड फोन लगाकर लेटकर ब्लू-फिल्म देख रही थी पर मैंने कुछ ना कहा फिर मैंने नीचे से दिखती हुई उसकी पेंटी में हाथ लगाना शुरू किया। उसे लगा की ये उसका हाथ है लेकिन उसको जब ज़्यादा लगा तो वह खड़ी होने लगी मैं फट से छुप गया वो इधर उधर देखने लगी। फिर उसने मुझे हल्का सा देख लिया वो गुस्से में आ गयी जब वो बोलने ही वाली थी मैंने ज़बरदस्ती उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया मुझको देखकर पीछे धक्का देने लगी पर मैं ना माना और ज़बरदस्ती उसकी ड्रेस को उतारने लगा। उसकी ड्रेस हल्की सी फट गयी फिर थोड़ी और ज़बरदस्ती करके उसकी ड्रेस उतार दी वो सिर्फ़ पेंटी और ब्रा में रह गयी थी कमाल की बात यह थी की वो चिल्ला नहीं रही थी मैं उसके चूचे मसल रहा था होंठ से होंठ भिड़ाए हुए था करीब 5 मिनट बाद जब वो गरम हो उठी तो उसने मेरा साथ देना शुरू कर दिया क्योंकि उसका दिमाग़ ब्लू-फिल्म देखने की वजह पहले से ही गरम था जब मैंने उसकी ब्रा उतारी तो उसके बब्स हवा में उछलने लगे मैं उसका एक निप्पल अपने मुहँ में लेकर चूस रहा था और दूसरा मसल रहा था। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

अब मैंने अपना दूसरा हाथ उसकी पेंटी के अंदर डालकर उसकी चूत में फेरना शुरू कर दिया उसकी कामुक आवाज़ें निकलना शुरू हो गयी आहा.. ईया.. आआहा… उसकी मादक किलकारियां निकलने लगी, वो बोलने लगी जल्दी से डाल दे लंड, लेकिन उसने मेरा लंड अभी तक देखा ना था पर जब उसने मेरा लंड पेंट में से निकाला और देखा तो वो इतना बड़ा लंड देखकर घबरा गयी, बोली इतना बड़ा लंड पर गरम होने की वजह से वो हर हाल में लंड को चूत में लेना चाहती थी लेकिन उसे ये भी लग रहा था की चूत में इतना बड़ा जाएगा कैसे, मैंने सबसे पहले उसे बोला तू लंड चूस, तो वो बिना कुछ कहे मेरा लंड चूसने लगी कुछ देर ऐसे चूसते हुए ही मेरे लंड का माल उसके मुँह में ही झड़ गया जिसे वो मस्ती में सारा चाट गयी कुछ देर बाद मैंने उसकी गरम चूत पर लंड सेट किया और पहला धक्का मारा जिससे मेरा तोड़ा सा लंड उसकी चूत में घुस गया मैंने ऐसा सुना था चूत में लंड जाता है तो खून निकलता है पर वैसा कुछ ना हुआ मैंने अधिक ना सोचते हुए 3-4 धक्के मार दिए वो कराहने लगी चिल्लाने लगी थी पर उसके मुँह पर मैंने हाथ रख दिया था कहीं उसका बाप सुन लेता तो सब गड़बड़ हो जाता मैं हैरान था की उसकी चूत से खून क्यों नहीं निकला लेकिन जब उसकी चूत से मैंने लंड निकाला तो पूरा खून में सना हुआ था लेकिन मैंने फिर से तेज तेज झटके देना शुरु कर दिया दोस्तों पूछु ही मत मुझे कितना मज़ा आ रहा था जैसे मैं जन्नत में हूँ मैं जैसे जैसे उसकी चूत में झटके देता वैसे वैसे वह चिल्लाती लेकिन फिर मैंने उसके मुहँ पर अपना हाथ रख दिया और उसकी जवानी के रस को पीने लगा और कुछ ही पलों में उसका भी झड़ना शुरू हो गया और मैंने भी उसकी चूत में ही अपनी जवानी का रस निकाल दिया कुछ देर ऐसा ही चला फिर उसे चुदने में मज़े आने लगे इस तरह चूत चोदने के बाद हम दोनों थक चुके थे अब मैं उसकी गांड मारने की सोच रहा था की तभी उसके भाई की आवाज़ आ गयी आप समझिए की हम दोनों ने खूब मस्ती की, हम दोनों कपड़े पहनकर ठीक हुए और बैठकर बातें करने लगे फिर जब भी वो फ्री होती या घर में कोई ना होता वो आ जाती या मैं चला जाता यह चुदाई का सिलसिला यूँ ही चलता रहा।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!