एक रात मिला चोरों का साथ

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम सरिता है मैं एक शादीशुदा औरत हूँ. मेरी उम्र 32 साल की है और मैं इलहाबाद की रहने वाली हूँ। मेरे पति एक प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करते है और वह वहाँ पर मार्केटिंग का काम करते है, इसलिए वह अक्सर शहर से बाहर ही रहते है मेरे दो बच्चे है जिनमें एक लड़का और एक लड़की है। दोस्तों अब मैं आप सभी को कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से मेरे साथ घटी एक सेक्सी घटना से रूबरू करवाने जा रही हूँ। दोस्तों अब मैं आपको उस घटना के बारे में बताती हूँ जिसे मैं एक कहानी की शक्ल देकर आप सभी के सामने रखने जा रही हूँ।

सबसे पहले तो मैं आप सभी को अपने बारे में बता दूँ कि, मैं एक बहुत ही खूबसूरत औरत हूँ (जैसा कि, सभी कहते है) मेरा शरीर थोड़ा गदराया हुआ सा है और मेरे बब्स 36” के तो ज़रूर होंगे। चलो अब मैं आपको मेरे साथ हुए उस हादसे की तरफ ले चलती हूँ दोस्तों यह बात पिछले साल दिसम्बर के महीने की है और तब मैं अपने घर में अपने बच्चों के साथ अकेली ही थी और बाहर काफ़ी ठण्ड भी थी शाम का समय था और धुंध भी पड़नी शुरू हो गई थी, खाना खाने के बाद मेरे बच्चे अपने कमरे में सोने चले गए थे। मैं काफ़ी देर तक टी.वी. देखती रही फिर टी.वी. देखते-देखते मुझको पता ही नहीं चला कि, कब मेरी आँख लग गई थी। और फिर कुछ देर के बाद अचानक से किसी चीज के टूटने की आवाज़ से मेरी नींद खुल गई थी और फिर मैंने आस-पास भी देखा तो वहाँ पर कोई भी नहीं था मेरे कमरे की लाइट बन्द थी और टी.वी. चल रहा था। और फिर मैं उठी और फिर मैंने टी.वी. को बन्द किया और फिर उस समय मैं समझी कि, शायद टी.वी. में से कोई आवाज़ आई है और फिर मैंने टी.वी. बन्द करके जैसे ही पैशाब करने के लिये बाथरूम का दरवाजा खोला तो मेरे होश उड़ गए थे, वहाँ पर मेरे सामने दो आदमी खड़े थे जिनके चेहरों पर कपड़ा बँधा हुआ था, और उनके हाथ में चाकू भी थे और फिर उनमें से एक आदमी ने मुझे धक्का मारा और फिर उसने अपने हाथों से मेरा मुहँ बन्द कर दिया था। दोस्तों यह सब इतना अचानक से हुआ कि, मैं कुछ भी समझ ही नहीं पाई थी कि, यह सब क्या हो रहा है? मैं उस समय बहुत डर भी गई थी और शायद इसी कारण मेरी चीख भी नहीं निकल पाई थी।

और फिर उन दोनों ने मुझे कुर्सी पर बैठा दिया था और फिर धीरे से उनमें से एक आदमी मुझसे बोला कि, “अगर तुम चीखी तो समझ लेना कि, वह तुम्हारी आखरी चीख होगी” और फिर मेरी तरफ से कोई हरकत नहीं हुई, मेरा शरीर डर के मारे बुरी तरह से काँप रहा था और फिर उनमें से दूसरा आदमी मेरे कान के पास आकर बोला कि, बता घर के सारे गहने और पैसे कहाँ पर रखे हैं? और फिर यह कहते हुए उनमें से एक ने चाकू की नोक मेरी गर्दन के अन्दर तक घुसा दी थी उस समय मुझे बहुत दर्द हो रहा था और फिर मैं समझ गई थी कि, यह दोनों चोर है। और फिर मैंने अपने मुहँ से एक दबी हुई आवाज़ निकाली तो वह समझ गए थे कि, मैं कुछ बोलना चाहती हूँ और फिर उनमें से एक ने मेरे मुहँ को खोल दिया था और फिर मैं डरी हुई आवाज़ में उनसे बोली कि, मेरे पास सिर्फ़ यह एक चेन और एक अँगूठी है और इनके अलावा कुछ भी मेरे पास नहीं है। और फिर दूसरा चोर मुझको चाकू दिखाता हुआ मुझसे बोला कि, साली सीधे तरीके से बताती है या चाकू घुसेड़ दूँ तेरे अन्दर? तो फिर मैं उनसे बोली कि, मैं सच कह रही हूँ। तो चोर फिरसे मुझसे बोला कि, बता घर में और कौन-कौन है? तो मैं उससे बोली कि, सिर्फ़ मैं और मेरे 2 बच्चे ही है। और फिर उन दोनों ने मुझको फिर से कुर्सी से बाँधना शुरू कर दिया था और फिर उनमें से एक चोर तो मेरे पास खड़ा रहा और उनमें से दूसरा कमरे का सामान देखने लगा तो फिर मैं फिर से उनसे बोली कि, मैं सच कह रही हूँ मेरे पास इस समय कुछ भी नहीं है, सब कुछ बैंक के लॉकर में है। और फिर मेरी बात सुनकर उनमें से एक ने मुझसे अलमारी की चाबी माँगी तो मैं कुछ भी नहीं बोली तब फिर उनमें से एक बोला कि, साली बताती है या मार दूँ तेरे बच्चों को?

दोस्तों उस समय मैं बच्चो का नाम सुनकर डर गई थी और फिर मैंने उनको अलमारी की चाबी दे दी थी और फिर उन्होंने सारी अलमारी और बाकी का सामान उलट-पलट करके देख लिया था मगर उनको कुछ भी नहीं मिला था और फिर वह दोनों चोर गुस्से से मेरे पास आए और मेरे गले की चेन और मेरी अँगूठी को उतारने लगे और मैं उनसे कुछ नहीं बोली और मैं तो यह समझी थी कि, शायद अब यह दोनों चले जाएँगे, मगर मेरी सोच ग़लत थी मेरे गले से मेरी चेन उतारते समय उनमें से एक चोर के हाथ मेरे मोटे-मोटे बब्स पर गये और फिर वह अपने साथी से बोला कि, अरे यार, क्या हुआ अगर वह माल नहीं मिला तो, यह माल तो हमको ज़रूर मिलेगा। उसके हाथ उस समय मेरे बब्स पर थे और मैं बहुत डर गई थी और फिर मैं उनसे बोली कि, प्लीज़ मुझे जाने दो, मैं दो बच्चों की माँ हूँ. तो फिर उनमें से एक चोर मुझसे बोला कि, तो फिर तैयार हो जा तीसरे बच्चे की माँ बनने के लिए। दोस्तों उस समय मुझको कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था, वह दोनों ही चोर काफ़ी हट्टे-कट्टे थे। और फिर उन दोनों ने अपने मुँह के कपड़े खोल लिए थे, और फिर वह दोनों मुझको ललचाई हुई नज़रों से देखने लग गए थे और फिर उनमें से एक ने मेरे ब्लाउज के हुक खोलने शुरू कर दिए थे और फिर कुछ ही देर में मेरे ब्लाउज के सभी हुक खुल चुके थे और मेरे मोटे-मोटे बब्स मेरी ब्रा से बाहर आने के लिये मचल रहे थे। और फिर वह दोनों मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे बब्स को दबाने लग गए थे। और फिर उनमें से एक ने मेरी ब्रा के हुक को भी खोल दिया था और फिर मेरे दोनों बब्स अब एकदम आज़ाद थे और फिर उन दोनों ने मेरा एक-एक बब्स पकड़ लिया था और फिर वह उनको जोर-जोर से दबाने लग गए थे और मेरी आँखों से उस समय आँसूं निकलने शुरू हो गये। दोस्तों मैंने उनके बहुत हाथ-पैर जोड़े मगर वह दोनों अब कहाँ मानने वाले थे और फिर उनमें से एक ने मुझको कुर्सी पर से खोल दिया था और फिर उसने मेरी साड़ी को मेरी टाँगों से ऊपर तक उठा दिया था दोस्तों वह दोनों यह सब कुछ बहुत जल्दी-जल्दी कर रहे थे। और फिर मैं समझ गई थी कि, अब मेरे साथ क्या होने वाला है और फिर वह दोनों मुझको कुर्सी पर से उठाकर मुझे बेड पर ले गए थे मेरे बब्स नीचे लटक रहे थे और उन दोनों के लंड उनकी पेन्ट में खड़े हो गये थे और फिर वह दोनों फिर से मेरे बब्स को जोर-जोर से चूसने लग गए थे।

और फिर मुझे भी उनके ऐसा करने से अब कुछ होने लगा था लेकिन मैं उनसे फिर भी कुछ नहीं बोल रही थी तब उनमें से एक चोर दूसरे से बोला कि, साली के क्या बब्स है, दिल तो करता है कि, इनको चूस-चूसकर एकदम लाल कर दूँ। दोस्तों उस समय मेरे बब्स के दोनों निप्पल एकदम लाल हो चुके थे और अब तो मुझे भी मजा आने लग गया था और फिर इतने में उनमें से एक ने मेरी साड़ी खोल दी थी और फिर वह अपने हाथ से मेरे पेटीकोट के नाड़े को ढूँढ रहा था और फिर जब उसे नाडा नहीं मिला तो उसने मेरा पेटीकोट मेरी जाँघों से ऊपर तक उठा दिया था। दोस्तों मैंने उस समय पैन्टी नहीं पहनी थी, क्योंकि मैं रात को पैन्टी नहीं पहनती हूँ। और फिर मेरी एकदम साफ़-सुथरी चूत को देखकर उन दोनों की आँखें फट गई थी और फिर वह दोनों पागल से हो गये थे। और फिर उन दोनों ने खड़े होकर अपनी पेन्ट उतार दी थी और फिर उन दोनों के लंड उनकी अंडरवियर को फाड़कर बाहर को आ रहे थे और फिर जैसे ही उन दोनों ने अपनी अंडरवियर खोली तो मेरी आँखें फटी की फटी ही रह गई थी। उनमें से एक का लंड 7.5″ था तो दूसरे का भी 8″ से कम नहीं था और फिर मुझे बेड पर सीधा लेटाकर उनमें से एक ने अपना 8″ का लंड मेरी चूत के होठों पर रख दिया और दूसरे ने अपना लंड मेरे मुहँ में डाल दिया था।

और फिर मैं भी अपनी उत्तेजना को ज्यादा देर तक दबाकर नहीं रख सकी और फिर मैं उसके लंड को चूसने लग गई थी और वह दूसरा वाला धीरे-धीरे अपना लंड मेरी चूत में डालता जा रहा था और मैं दर्द से पागल हो रही थी मगर मैं चीख भी नहीं सकती थी, क्योंकि एक लंड मेरे मुहँ में भी था। और फिर उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया था और फिर वह मेरी चूत में आगे-पीछे धक्के मारने लगा तो फिर मुझको भी मज़ा आने लग गया था और मेरे मुहँ से आहहह… इस्सस… उफ्फ्फ… की आवाजें आने लग गई थी मुझे उसका लंड चूसना भी अच्छा लग रहा था और फिर कमरे मैं छप-छप की आवाज़ आने लगी थी. और फिर कुछ देर बाद एक चोर ने मेरे मुहँ में ही अपना जोश ठण्डा कर दिया था। मगर नीचे वाला तो पूरी तेजी के साथ अपने लंड को मेरी चूत में अन्दर-बाहर कर रहा था और फिर एक ज़ोरदार झटका मारकर उसने भी अपना जोश मेरी चूत में ठण्डा कर दिया था। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर कुछ देर तक लेटे रहने के बाद मैं बाथरूम की तरफ यह सोचकर भागी कि, कहीं सच में मैं प्रेग्नेंट ना हो जाऊँ और फिर जब मैं बाथरूम से वापस आई तो मैंने देखा कि, वह दोनों चोर अपने कपड़े पहनकर वहाँ से भाग चुके थे। दोस्तों उस समय मुझको अपने आपसे शरम और हँसी दोनों ही आ रही थी क्योंकि मैंने ज़िंदगी मैं भी कभी नहीं सोचा था कि, इस तरह से भी दो चोर मिलकर मेरी चुदाई कर देगें।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!