दीदी की शादी के बाद सुहागरात

हेलो फ्रेंड्स Antarvasna मुझे उम्मीद है की आप सब ठीक ही होंगे.. दोस्तों मैं आपको अपनी कहानी सुनाने जा रहा हूँ की कैसे मैंने दीदी की शादी के बाद उनकी सुहागरात के बारे मैं सब कुछ जाना ओर उसके बाद दीदी की चुदाई की.. तो दोस्तों जैसा की आप सभी जानते हो की मैं ओर पल्लवी दीदी सेक्स किया करते है ओर जिन दोस्तों को नहीं पता वो मेरी पहले की स्टोरी पढ़ ले ताकि उन्हें भी पता लगे की मेरा ओर दीदी का क्या रिश्ता है?

दोस्तों दीदी ओर मैंने करीब दो महीने तक सेक्स किया ओर कुछ टाइम के लिए दीदी को अपनी पढ़ाई के लिए हॉस्टल मैं जाकर रहना पड़ा.. लेकिन जब दीदी घर आती तो मैं पल्लवी दीदी की चुत ओर गांड दोनों मरता हूँ ओर हम दोनों अपनी सेक्स लाइफ से बहुत खुश थे. फिर दीदी की पढ़ाई पूरी होने के बाद हमारे घर वालो ने उनकी शादी करने का फैसला लिया ओर जल्दी ही हम एक बहुत अच्छा घर मिल भी गया ओर कुछ समय के बाद दीदी की शादी हो गयी.

फिर दीदी की शादी के कुछ दिन बाद जब दीदी रहने के लिए यहां पर आई तब मैंने रात को दीदी से उनकी सुहागरात के बारे मैं पूछा ओर दीदी ने मुझे अपनी सुहागरात की पूरी कहानी बताई.

तो उन्होंने मुझे बताया की जीजू से भी वो बहुत संतुष्ट है ओर जीजू भी बिलकुल मेरी तरह ही दीदी को चोदते है ओर दीदी ने बताया की मेरे जीजू का लंड मेरे लंड से एक इंच बड़ा है ओर मोटा भी है. तो दीदी की यह सब बातें सुनते सुनते मेरा लंड खड़ा हो गया ओर दीदी ने मेरा आंडरवेयर देखकर कहा की राहुल अब इंतजार क्यों कर रहा है? कितने दिन से मैं तेरा लंड लेने के लिए तड़प रही हूँ ओर तू आज अपनी दीदी को फिर से वैसे ही चोद जैसे कई बार पहले चोदा था.

तो मैंने कहा की दीदी मैंने कब मना किया है यह देखो ना मेरा लंड तो कब से टंकार खड़ा है ओर जीजू की चुदाई की बातें सुनकर यह मुझे आपको चोदने के लिए कह रहा है. फिर दीदी ने मेरे आंडरवेयर के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाना शुरू किया ओर मैं दीदी के बूब्स सहलाने लगा.. दीदी बोली की राहुल तेरा लंड आज मुझे छोटा लग रहा है.. लेकिन चुदाई का जो मजा तू मुझे देता है तेरे जीजू नहीं देते. तो मैंने कहा की वो कैसे?

तो दीदी ने बताया की मैं तेरे जीजू का लंड नहीं चुस्ती ओर ना ही वो मेरी चुत चाटते.. वो बस मेरे बूब्स सक करते है ओर अपना लंड मेरी चुत मैं डाल देते है ओर ना ही मैंने उनका लंड अपनी गांड मैं लिया.. लेकिन मैं उन्हें ऐसा करने को बोलू तो जाने वो मेरे बारे मैं क्या समझेंगे? लेकिन आज रात मुझे तू वो पहले जैसा मजा दे ताकि मैं अपनी सेक्स लाइफ से पूरी तरह संतुष्ट रहूं ओर फिर दीदी ने मेरी उंदरवेारमाई हाथ डालकर मेरा लंड पकड़ लिया. तो मैंने कहा की दीदी इसे पूरी उतार दो ना.. फिर आराम से पकड़ लेना ओर तब दीदी ने मेरी आंडरवेयर उतरी ओर मुझे नंगा कर दिया ओर मैंने दीदी की टी-शर्ट उतरी. दीदी ने क्रीम कलर की ब्रा पहनी हुई थी.

मैं दीदी के 36 साइज के बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा ओर उनको किस करने लगा ओर मेरा लंड दीदी के लोवर के ऊपर से चुत को छू रहा था. फिर दीदी ने अपना एक हाथ आगे बढ़कर मेरा लंड पकड़ा ओर चुत पर रगड़ने लगी. तो मैंने दीदी की पीठ के नीचे हाथ डाला ओर ब्रा की हुक को खोल दिया ओर दीदी के बूब्स को आज़ाद कर दिया.. लेकिन दीदी की भूरी निप्पल को देखकर तो कोई भी पागल हो जाता है ओर मैंने दीदी के बूब्स हाथ मैं लिए ओर निचोड़ने लगा ओर दीदी की निप्पल को मुंह मैं ले लिया ओर ज़ोर ज़ोर से दबाते हुए चूसने लगा. तभी दीदी बोली की प्लीज़ भाई आराम से कर मुझे बहुत दर्द होता है.

तो मैंने कहा की दीदी आज मुझे मत रोको प्लीज़ .. मैं कितने दिन से रुका हूँ आपको चोदे बिना मेरा लंड नहीं रही सकता. मुझे आज आपके जिस्म से पूरा मजा लेना है ओर फिर निप्पल को अपने दाँतों से काटने लगा. तो दीदी आहह उहह राहुल मेरे भाई आह करते हुए बोली की श भाई कर ले जो करना है.. तेरे लिए मैं सब दर्द सह लूँगी ओर मुझे जल्दी से नंगा कर दे आहह उहह.. दोस्तों मैंने दीदी के निप्पल को बहुत देर तक ज़ोर से सक किया ओर थोड़ा नीचे होकर दीदी के पेट पर अपनी नुकीली जीभ फेरने लगा ओर मेरे ऐसा करने से दीदी का पेट कांपने लगा ओर मैं दीदी की नाभी की आस पास अपनी जीभ घूमता रहा.

दीदी पूरी मस्ती मैं आ चुकी थी ओर मेरे बालों मैं हाथ फेरते हुए आअहह भाई आहह कितना मजा देता है.. आअहह अब जल्दी से मुझे नंगी कर दे मुझसे ओर सहन नहीं होता ओर दीदी अब बहुत ज़ोर ज़ोर से अपने बूब्स को मसलने लगी.

फिर मैं थोड़ा ओर नीचे हुआ ओर दीदी का लोवर उतरने लगा.. मैं जैसे जैसे दीदी का लोवर उतार रहा था वैसे वैसे मैं अपनी जीभ फेयर रहा था ओर दीदी ने अपनी चुत को बिलकुल साफ किया था.

मैं दीदी की चुत के ऊपर जीभ घूमता रहा ओर जीभ घूमते घूमते मैंने दीदी के लोवर को उनके घुटनों तक कर दिया था.. तब दीदी ने खुद अपने पैरों से लोवर को उतार दिया. तो मैंने पूछा की दीदी आपने पैंटी क्यों नहीं पहनी? तो वो बोली की मुझे तेरा लंड अपनी चुत मैं लेने की बड़ी जल्दी है इसलिए ओर अगर मैं पैंटी पहन लेती तो तुम उसे उतरने मैं ओर भी टाइम खराब करते. तो मैंने दीदी के दोनों पैरों को खोल दिया ओर दीदी की चुत के होठों पर अपनी उंगली फेरने लगा ओर बोला की दीदी जीजू ने आपकी चुत को खोल दिया है देखो यह पहले से कितनी खुल गयी है ना. तो दीदी बोली की हाँ भाई तेरे जीजू का लंड तुझसे मोटा जो है ओर अब ज्यादा बातें मत कर जल्दी से चाट मेरी चुत को.. कितने दिन से तेरी बहन की चुत जीभ से चटवाने को तरस रही है ओर दीदी के इतना कहते ही मैंने जीभ को दीदी की चुत के होंठ पर लगा दिया ओर ऊपर से नीचे घूमने लगा.

तो दीदी मेरे बालों मैं हाथ घूमते हुए बोली की आअहह भैया आहह राहुल मेरे भाई हाँ मेरी चुत मैं जीभ डाल दे अपनी उउऊऊह मुझे ओर मत तड़पा आहह… तेरी बहन की चुत की खुजली तो तेरी जीभ से ही खत्म होती है आह अब डाल दे ओर मैंने दीदी की चुत की पंखुड़ियो को अपनी उंगलियों से फैलाया ओर जीभ को चुत मैं डाल दिया ओर फिर दीदी पूरी तड़प उठी ओर आहह उऊहह भाई आहह ओर अंदर डाल आहह बड़ा मजा आ रहा है.. तो मैं दीदी की चुत मैं अपनी जीभ हिलने लगा ओर मैंने दीदी की चुत के फुदकते हुए दाने को अपने मुंह मैं ले लिया ओर एक उंगली चुत मैं डालकर अंदर बाहर करने लगा.

दीदी की चुत पूरी गीली हो चुकी थी ओर मैं जितनी देर मैं दीदी की चुत का पानी चाटता उनकी चुत ओर पानी छोड देती ओर दीदी अपने बूब्स को पूरे जोश से मसलते हुए अपनी गांड को उठाकर चुत को मेरे मुंह पर दबाने लगी थी. तो मैं भी चुत मैं उंगली डाल डालकर चुत चोद रहा था दीदी आहह उउउहह किए जा रही थी ओर शायद दीदी अब झड़ने वाली थी.. लेकिन मैं दीदी की चुत को लगातार चाटता रहा ओर मेरी पूरी जीभ दीदी की चुत मैं थी ओर मेरे होंठ दीदी की चुत के होंठ से मिले थे.

फिर दीदी ने मेरे सर पर हाथ रखा ओर आहह उईईइ भाई मैं झड़ने वाली हूँ आहह उहह कहते हुए मेरे मुंह को चुत पर दबाने लगी ओर मैं भी पूरी तेजी से दीदी की चुत को चूसता रहा ओर दीदी की चुत का पानी मुझे बहुत टेस्टी लगता है इसलिए मैं भी जल्दी मैं था की दीदी कब झंड़े.

तभी दीदी आहह उहह की जोरदार आवाज़ के साथ झड़ने लगी ओर अपनी गांड को उठाकर मेरे मुंह पर अपनी चुत को दबाने लगी ओर मैं दीदी की चुत का पानी अंकल रहा ओर दीदी आअहह आस आहह करते हुए एकदम से ढीली पड़ गयी ओर निढल सी लेती रही.. लेकिन मैं फिर भी दीदी की चुत का पानी चाटता रहा. फिर दीदी की चुत को मैंने चाट चटकार पूरा साफ कर दिया ओर ऊपर होकर दीदी के पास लेट गया ओर दीदी से बोला की कैसा लगा दीदी?

वो कुछ नहीं बोली ओर मैं दीदी के बूब्स को फिर से चूसने लगा ओर दीदी का एक हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया ओर ऊपर नीचे करने लगा. तो दीदी ने कहा की भाई बस 2 मिनट रुक जा मैं अभी सब करती हूँ ओर मुझे भी तो तेरा वीर्य पीना है ओर मैंने उनका हाथ छोड दिया ओर बूब्स को धीरे धीरे मसलते हुए सक करने लगा. फिर मैं एक हाथ को आगे की तरफ बढ़कर दीदी की चुत पर रख दिया ओर सहलाने लगा ओर मैंने महसूस किया की दीदी की चुत अंदर से एकदम गीली थी, तो मैंने अपनी एक उंगली चुत मैं डाल दी ओर अंदर बाहर करने लगा ओर दीदी के साथ इसे करने से वो फिर से गरम होने लगी.

फिर वो कहने लगी की आहह आहह भाई रुक भी जा उउऊओ तू मेरी चुत मैं फिर से आग लगा रहा है.. छा लब मुझे तेरा लंड चूसना है ओर मैं खड़ा हो गया. तो दीदी उठी ओर घुटनों पर बैठ गयी ओर मेरा लंड पकड़ कर अपने मुंह पर रगड़ने लगी. मेरा लंड तो कब से इसी इंतजार मैं खड़ा था ओर बहुत गीला भी हो गया था ओर फिर दीदी ने मेरे टोपे पर किस किया ओर जीभ घूमने लगी तो मैं दीदी की आंखों मैं देख रहा था दीदी मेरे टोपे को चूसने लगी. मैंने दीदी का चेहरा अपने हाथों मैं ले लिया ओर उनके मुंह मैल अंड डालने लगा.. दीदी धीरे धीरे मेरे लंड को सक करने लगी. मुझे अब पूरी मस्ती चढ़ गयी ओर मैं जोश मैं आकर दीदी का मुंह चोदने लगा ओर मेरे मुंह से आहह डीडीिइ उउउहह जैसी आवाजें निकालने लगी. फिर मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर दीदी के मुंह मैं अपना पूरा लंड डाल दिया ओर 10 सेकेंड ऐसे ही रखा ओर मैंने देखा की दीदी की आंखों मैं पानी आ गया ओर जब मैंने लंड मुंह से बाहर निकाला तो दीदी खांसने लगी ओर मेरा लंड पूरा चमक गया था.

दीदी ने फिर से मेरा लंड मुंह मैं ले लिया ओर चूसते हुए खुद अपना मुंह चुदवाने लगी मैं आअहह उऊओह आआहह कर रहा था ओर मैं भी दीदी के बाल पकड़कर पूरे जोश से उनके मुंह को चोदने लगा. फिर दीदी का मुंह चोदते हुए मुझे बड़ा मजा आ रहा था ओर आहह दीईडी आआअहह दीदी ओर तेज करो आहह मैं झड़ने वाला हूँ आहह करते हुए मैं उनके मुंह मैं ही झाड़ गया ओर मेरे लंड से ढेर सारा वीर्य निकाला जिसे दीदी बारे प्यार से पी गयी ओर मैं बेड पर लेट गया. दीदी मेरा लंड चाट रही थी ओर उन्होंने तब तक चाहता जब तक लंड बैठ ना गया. उसके बाद दीदी मुझे बांहों मैं लेकर मेरे साथ लेट गयी.