दोस्त की बहन की चुत

हेलो फ्रेंड्स मैं रजत Antarvasna एक बार फिर से आप सभी के सामने एक और सेक्स अनुभव लेकर आया हूँ. दोस्तों, यह मेरी इस साइट पर दूसरी कहानी है..लेकिन जो लोग मुझे नहीं जानते उन्हें मैं थोड़ा अपना परिचय करा दम. दोस्तों मैं पंजाब का रहने वाला हूँ और अपना खुद का एक बिज़्नेस करता हूँ. मेरी उमर25 साल है और कलर साफ ,एक बड़ा, मोटा लंड. यह स्टोरी मेरे फ़्रेंड की बहन के साथ मेरे अफेयर की है… की कैसे मैंने उसे अपना बनाया और यह बात तभी की है जब मैं मेरा फ़्रेंड दोनों एक साथ एक हे कॉलेज मैं थे.

कॉलेज घर से थोड़ा दौड़ होने के कारण मैं एक हॉस्टल मैं रहता था..वहां पर एक लड़के आशीष मेरा रूम मेट बन गया और हम दोनों बहुत अच्छे फ़्रेंड बन गये थे और उसकी बहन सुरभि जो की मुझसे दो साल बड़ी थी..वो भी एक डेंटल कॉलेज मैं पढ़ाई कर रही थी. वो हमेशा आशीष का हालचाल मेरे फोन पर बात करके मालूम कर ले थी और कई बार तो उसके बारे मैं पूछने के लिए वो हॉस्टल मैं आ जाती थी… की वो ठीक तरह से पढ़ाई करता है या कॉलेज जाता है की नहीं और हम भी फोन करते रहते और मैं भी कई बार उसे मेसेज भेजता था.

तो कई बार जब हमारी छुउतिया लगने वाली थी तो मेरे फ़्रेंड ने कहा की इस बार तू मेरे साथ चलेगा और मेरे घर पर फोन करके उसने बोल दिया और हम दोनों उसके घर चले गये और जब मैं वहां पर गया तो वहां पाए सुरभि भी थी वो एक वीक पहले सहे घर पर थी. फिर हम सभी ने बहुत बातें की और खाना कहा कर सो गये और अगले दिन आंटी ने कहा की रजत यहां पर हमारे पास आया है उसे कही पर घुमा कर लायो.

सुरभि बोली की चलो फिर आज हम फिल्म देखने चलते है और फिर हम तीनों फिल्म देखने चले गये. जब हम थियेटर मैं फिल्म देख रहे थे की तभी आशीष को उसकी गर्लफ्रेंड का फोन आया और उसने कहा की उसे-से मिलना है और वो चला गया. फिर मैं सुरभि दोनों फिल्म देख रहे थे इतने मैं मुझे सुरभि ने कहा की साइड मैं जो अंकल बैठे है वो उसे छू रहे है. तो मैंने उसे कहा की तुम थोड़ा और मेरे पास आकर बैठ जाओ और अगर वो फिर से इसे हरकत करेगा तो मैं उसे बोलूँगा.

फिर वो मेरे और करीब आकर बैठ गयी और मैंने अपना हाथ उसकी कुर्सी के पीछे रख दिया ताकि अगर अंकल फिरसे कोई हरकत करे तो मुझे पता चल जाए. फिर वो मेरे साथ इसे बैठ गयी जैसे मेरी गर्लफ्रेंड हो… उसके बूब्स का साइज 36 है और वो मुझे महसूस हो रहे थे… मेरा मन कर रहा था की उसे यही पर चोद दम..लेकिन डरता था की कही वो गुस्सा ना हो जाए. फिर मैंने हिम्मत करके अपना एक हाथ उसके कंधे पर रख दिया और एक दूसरे के पास आ गये मुझे उसकी सांसें महसूस हो रही थी और इतने मैं इंटर्वल हो गया तो मैंने उसे कहा की तुम बैठो मैं कुछ कहने के लिए लेकर आता हूँ. तो वो बोली की मुझे भी साथ मैं जाना है और हम दोनों बाहर आकर खाने का समान लेकर आ गये..हमने पॉपकॉर्न, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक ले ली और फिर फिल्म शुरू हो गयी… लेकिन इतना समान हम से पकड़ा नहीं झड़ रहा था.

मैंने उसे कहा की तुम कोल्ड ड्रिंक पकड़ो और फिर उसने पोप कॉर्न अपने पाएरो पर रख दिए… अंधेरा होने के कारण एक दो बार मेरा हाथ उसके बूब्स को लग गया और फिर थोड़ी देर के बाद सुरभि बोली की क्या बात है रजत.. पॉपकॉर्न ज्यादा हे अच्छे लगते है और हँसने लगी. तो मैंने भी मौके का फायदा उठाते हुए बोल दिया की क्या करूं है हे इतनी टेस्टी और एक हाथ पीचेलए जाकर उसे धीरे से हग कर लिया तो उसकी सांसें तेज हो गयी और इस-से पहले वो अपने होश मैं आती मैंने उसे किस कर दिया और हग कर लिया. फिर वो कुछ नहीं बोल पाई और मैंने उसे 5-7 मिनट किस करने के बाद उसके टॉप मैं हाथ डाल दिया और उसके बूब्स को ब्रा केउपर से हे दबाने लगा. उसके बूब्स बारे हे मुलायम थे. फिर मैं ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और उसके मेरे और करीब आते हे मैंने उसके बूब्स को ब्रा से बाहर निकाला और निप्पल को अप्निुंगली मैं लेकर मसलने लगा.

फिर उसकी हालत अब बहुत खराब हो रही थी और वो आहह… उफ़फ्फ़..हम.. कर रही थी. फिर मैंने उसकी जीन्स का स्तनों खोला और अपना हाथ बीच मैं ले जाते हुए उसकी चुत पार्ले गया और मैंने देखा की उसकी चुत बिलकुल गीली हो चुकी थी और मैं उसकी चुत पर उंगली घूमने लगा और उसकी चुत के दाने को घूमनाए लगा और उसकी चुत के दाने को ज़ोर से सहलाने लगा..इस बीच उसने मेरे गालों को, मेरे कान को और होठों पर बहुत ज़ोर से काँटा की खून आने लगा और अपना हाथ मेरी पीठ पार्ले जाकर नाखून मरने लगी.. उसके नाखून के निशान आज भी मेरी कमर पर मौजूद है. फिर मैं उसकी चुत मैं उंगली डाल कर चोदने लगा उसकी चुत बहुत टाइट थी और बहुत मुश्किल्से में बीच की उंगली अंदर जा रही थी और फिर हम फिल्म देखकर घर वापिस आ गये. तो आंटी ने पूछा की आशीष कहा पढ़ाई तो हमने बोल दिया की वो अभी कही पर अपने एक फ़्रेंड से मिलनेगया है.

फिर शाम को मैं और आशीष 2-3 जगह घूमने गये और रात को खाना खाने के बाद अपने रूम मैं चले गये. तो सुरभि वहां पर आ गयी और कहने लगी की वो बोर हो रही है तो थोड़ा टाइम यहां पर बातें करने आ गयी. फिर हुमेस्से हे गुपपे मरने लगे और फिर थोड़ी हे देर बाद आशीष वॉशरूम गया तो सुरभि ने कहा की तुम आशीष के सोने के बाद 2 बजे मेरे रूम मैं आ जाना. तो मैंने बोला..लेकिन कैसे? तो वो कुछ बोलने लगी इतने मैं आशीष आ गया और हम इधर उधर की बातें करने लगे. फिर आशीष बोला की दीदी अब आप जाओ मुझे सोना है और वैसे भी 11:40 हो गये और वो चली गयी. फिर मुझे यह भी डर लग रहा था की कही आशीष या उसके माता अंकल ना उठ जाए..लेकिन उसे चोदने का मेरा सपना भी मुझे गरम कर रहा था… लेकिन टाइम हे नहीं निकल रहा था और बहुत देर यू हे इंतेज़्ज़र करने केबाद 1:25 बजे उठ गया ….

तो मैं सुरभि के रूम मैं गया तो वो सो रही थी और उसने परफ्यूम लगा रखा था. मुझे ऐसा लग रहा था की जैसे वो नहा कर सोई हो..मैं उसके पास गया और उसे पीछे से हग कर लिया और मैंने अपना लोवर उतार दिया अब मेरा लंड ठीक उसकी गांड के ऊपर था और मैं उसके बूब्स दबा रहा था. फिर जब मैं उसके गर्दन पर किस कर रहा था तो वौत गयी और मेरी तरफ देखकर मुस्कुराईं. फिर मैंने जल्दी से उसकी शर्ट उतरी और अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी मैं थी. क्या बाटू यारो मुझे ऐसा लग्रहता की इतनी सेक्सी लड़की मुझे पूरी जिंदगी मैं नहीं मिलेगी. और मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके पर खोल कर अपने लंड को उसकी पेंटी पर रगड़ने लगा औरवो मेरे लंड को देखकर बोली की तुम तो पहले से अनुभूवीहो और मुझे किस करने लगी. फिर मैंने उसके बूब्स को ब्रा से आज़ाद किया और उन्हें पाग्लाओ की तरह चूसने लगा और मैं इतने ज़ोर से चूस रहा था की उसके निप्पल एक दम कड़क हो गये थे और बूब्स भी.

मैं उसकी पेंटी पर अपनी उंगलियों को घूमने लगा और उसे चूमने लगओर फिर उसके पर जो की बिलकुल साफ थे मैं उन्हें चूमते चूमते उसकी जांघों पर आ गया और फिर अपनी जीभ से उसकी पेंटी के ऊपर से चाटने लगा और फिर वो झाड़ गयी और मैंने उसकी पेंटी उतरी और उसके हाथ मैं अपना लंड दे दिया वो जैसे जैसे मैं बताता जा रहा था वो उसे वैसे वैसे हिला रही थी. फिर मैंने उसकी चुत को करीब 15 मिनट तक चाहता और फिर अपने लंड को उसकी चुत पर रखा और्धक्का डेनेलागा. उसकी चुत से थोड़ा खून निकल रहा था..लेकिन वो थोड़ा भी नहीं चिल्लाई.. क्योंकि मैं एक पिल्लो उसके मुंह पर रख दिया था. फिर 5 मिनट ऐसा करने के बाद मैंने अपना पूरा लंड उसकी चुत मैं डाल दिया और फिर उसे भी मजा आने लगा और वो भी अपनी गंदको हिला हिला कर मेरे लंड का मजा ले रही थी. मैंने उसे 4-5 नये-नये तरीकों से चोदा. फिर मैं अपने रूम मैं आ गया.