मामा की लड़की की चुदाई

ये घटना बिलकुल Antarvasna सच्ची है और इस सच्ची घटना में मैं आपको बताऊंगा की कैसे मैंने मामा की लड़की की चुदाई की जिसका नाम प्रीति है, मेरा नाम विकाश सिंग है और मैं कानपुर का रहने वाला हूँ और दिल्ली में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब करता हूँ और मेरी हाइट 5’8” है, मुझे नयी लड़कियाँ और भाभियाँ चोदने का बहुत शॉंक है और लड़कियों की चुचियाँ चूसने में मुझे बहुत आनंद आता है, मेरी उमर 28 साल है और मेरे लंड की लंबाई करीब 8 इंच की है और मोटाई 2.5 इंच है, मेरे मामा की लड़की प्रीति (बदला हुआ नाम) की उमर 22 साल हाइट 5’6” रंग गोरा साइज 34,28,36 है, दोस्तों अगर उसे एक बार देख लोगे तो चोदने की इच्छा अपने आप हो जाएगी और मैंने अपनी जिंदगी में पहली लड़की को चोदा तो वो प्रीति ही है, प्रीति को चोदने के बाद ये सिलसिला जारी है.

अब तक मैं 3 की सील तोड़ चुका हूँ और 4 भाभियों को चोद चुका हूँ, तो ये बात दिसंबर 2013 की है जब हल्की हल्की सर्दी शुरू हो जाती है तो मैं अपने घर कानपुर गया हुआ था और उसी टाइम मेरे मामा की लड़की प्रीति मेरे घर आई हुई थी, मैंने उसे 4 साल बाद देखा था क्या कयामत लग रही थी और उसे देखते ही मेरा उसको चोदने का मान होने लगा था उसकी एक दम कसी हुई चुचियाँ पतली कमर ऊपर को उठी हुई उसकी गान्ड और होठों पे लिपस्टिक मान कर रहा था की बस पेल दम, मैं रात भर का तक हुआ था इसलिए मैं जाकर नहा धो के टीवी देखते देखते सो गया, मुझे पता ही नहीं चला कब दोपहर के 2 बज गये और जैसे ही सो के जगा तो मुझे फील हुआ की कोई मेरे साथ बिस्तर पे लेता है और मैंने चेहरा घुमाया तो पता चला प्रीति मेरे साथ मेरे बेड पे लेट के टीवी देख रही है.

जैसे ही मैंने करवट ली तो प्रीति की चुचियाँ मेरे हाथ से छू गयी उफफफफफफ्फ़ कितना मजा आया बता नहीं सकता और जैसे ही उसने देखा की मैं जगह गया हूँ तो बोली “भैया सोते ही रहोगे सोने के लिए आए हो दिल्ली से”, इतना कह के मुस्करा दी और कितनी सुंदर मुसान थी उसकी, फिर मैं ऐसे ही दिन भर घूमता रहा और रात को सब लोग ऊपर सोते है तो मैं भी ऊपर सोने गया पर आंटी बोली की मुझे सुबह सर्दी लगती है मैं तो यही सो जाऊंगी मुझे ऊपर नहीं जाना, तो प्रीति कहने लगी की मैं तो ऊपर ही सोने जा रही हूँ तो फिर मैं कहा मानने वाला था मैं तो उसे चोदना चाह रहा था कब तक मूठ मर के काम चलता और मौका भी है इतना चिकना माल कहा मिलने वाला था, तो हम दोनों ऊपर अलग-अलग बिस्तर पे सो गये लेकिन आंखों में नींद कहा थी और मेरी आंखों में तो प्रीति का नंगा शरीर और सीन से झलकती जवानी दिख रही थी, जैसे-जैसे रात बीतने लगी हल्की-हल्की सर्दी फील होने लगी मैं तो चादर ओढ़ के लेट गया.

लेकिन प्रीति शायद चादर लाना भूल गयी थी या जान बुझ के नहीं ली और रात के करीब 2 बजे वो मेरे साथ लेट गयी जब मेरी नींद खुली तो देखा प्रीति मेरे साथ लेती है, ये देख के मेरी नींद गायब हो गयी वो दूसरी तरफ करवट ले के लेती थी तो मैंने भी नींद का बहाना करके उसकी तरफ करवट ले के लेट गया और अपना एक पैर उसकी कमर पे चड़ा के लेट गया और अपना एक हाथ उसकी राइट चूची के ऊपर रख लिया और उसकी चूची का मुआइना किया, क्या मस्त चूची थी दोस्तों जितनी दिखती थी उससे भी बड़ी और फिर धीरे से मैंने प्रीति की राइट चूची पे दबाव बढ़ाया पर उसकी तरफ से कोई रिएक्शन नहीं हुआ, तो मेरा हौंसला तरफ गया, तो मैंने फिर उसकी चूची को अपने हाथों से दबाने लगा और मेरा लंड फंफना के खड़ा हो गया क्योंकि मैंने अपना एक पैर उसकी कमर पे चड़ा रखा था तो मेरा लंड प्रीति की गान्ड में घुसने को बेताब होने लगा, इतने में प्रीति ने मेरी तरफ करवट ले ली और हम दोनों की सांसीएन एक दूसरे के चेहरे से टकराने लगी.

और प्रीति की उखड़ी-उखड़ी साँसें बता रही थी की वो सो नहीं रही थी, फिर मैंने धीरे से उसको पुकारा प्रीति लेकिन उसने कोई रेस्पॉन्स नहीं दिया तो मैं समझ गया की ये जगह रही है और मजा लेना चाहती है, तो मैंने दोनों हाथों से उसके चुचियाँ पकड़ के धीरे-धीरे सहलाने लगा और इस बार प्रीति थोड़ा कुन्मुनाई और मेरे हाथ पकड़ के अपनी चूची से हटते हुए बोली “ये क्या कर रहे हो भैया मैं बुआ जी को (मेरी मम्मी) को बोलुगी”, इतना सुनते ही मेरी गान्ड फट गयी और मैंने उसको बोला प्लीज़ आंटी को मत बोलना और इतना कह के मैं दूसरी तरफ करवट ले के लेट गया और सोने की कोशिश करने लगा और मेरा लंड भी मुरझा गया पर थोड़ी देर बाद प्रीति ने मेरी कमर पे एक पैर रख के मेरे गालों पे अपना हाथ फिरने लगी और बोली “नाराज़ हो गये भैया”, तो मैंने कुछ रेस्पॉन्स नहीं दिया तो उसे लगा की मैं सच में नाराज़ हूँ और फिर उसने मेरा हाथ पकड़ के मुझे अपनी तरफ करवट कर के लेटने को उकसाया और फिर मैंने उसकी तरफ करवट ले ली.

और फिर हम लोग उसी पोज़िशन में आ गये जहां पे बंद किया था, फिर प्रीति मेरे होठों पे अपनी फिंगर चलाने लगी तो मैं समझ गया प्रीति का भी मान हो रहा है तो मैंने उसके फेस को पकड़ के अपने उसको होठों को अपने होठों के बीच दबा लिया और हम एक दूसरे के होठों का रसपान करने लगे और मैंने अपना एक हाथ उसकी कुरती में से होते हुए उसकी ब्रा में डाल के उसकी चूची दबाने लगा, क्या माखन की तरह चिकनी थी उसकी चुचियाँ और निप्पल तो मटर के दाने जीतने थे और उसको जैसे ही मैंने गोल-गोल घुमा के दबाया तो प्रीति सिसकारी निकलते हुए बोली “उफफफफफ्फ़ मुम्मय्ययी प्लीज़ भैया आराम से दर्द हो रहा है”, फिर मैंने धीरे से उसकी पीठ पे हाथ ले जाते हुए उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और कुर्ता ऊपर से निकल दिया और उसकी चुचियां बिलकुल आज़ाद होकर फड़फड़ने लगी, मैंने उसके होठों को आज़ाद करते हुए उसकी चुचियों के बीच मुंह रख के दोनों चुचियों पे मुंह रगड़ने लगा और एक अजीब सी महक आ रही थी उसकी चुचियों से.

तो फिर जैसे ही मैंने एक चूची को मुंह में डाला तो प्रीतीई सी से सस्सिईई सस्स्सस्स करते हुए आहें भरने लगी और इतने में मैंने प्रीति का हाथ पकड़ के अपने लंड पे रख दिया, प्रीति को जैसे ही फील हुआ तो उसने अपना हाथ झट से वहां से हटा लिया पर मैंने उसकी दशहरी आँो की चूसा जारी रखी और अपना एक हाथ उसकी सलवार के ऊपर फेरने लगा, उसकी चुत डबल रोती की तरह फूली हुई थी और गरम-गरम फील हो रही थी तो मैंने एक एक करके प्रीति की दोनों चुचियाँ करीब 10 मिनट तक चूसता रहा और अब प्रीति भी गरम हो चुकी थी, तो मैंने फिर उसका हाथ पकड़ के अपने लंड पे रखा इस बार उसने लंड पकड़ के उसके साइज का मुआइना करते हुए मेरे कान में फुसफुसा के बोली “भैया ये तो बहुत बड़ा है”, तो मैंने कहा “चिंता मत करो मेरी रानी जब ये अंदर जाएगा तो तुम्हें बहुत मजा आएगा”, तो वो बोली “नहीं मुझे नहीं डलवाना अंदर ये मेरे अंदर नहीं जा पाएगा”, फिर धीरे से मैंने उसकी सलवार का नाडा खोल के उसे घुटनों के नीचे सरका दिया.

और उसकी जांघों पे हाथ फेरने लगा वॉववव क्या मस्त चिकनी जांघें थी, फिर मैं उल्टा लेट गया और उसकी कुंवारी चुत को पैंटी से आज़ाद कर दिया, उसकी चुत एक दम चिकनी थी हल्के-हल्के बाल थे तो उसकी चुत को सहलाते हुए मैंने एक फिंगर उसकी चुत में डाली तो प्रीति ने सिसकारी लेते हुए आँह भारी आअहह और मेरा हाथ पकड़ लिया पर मैंने उसका हाथ हटा के उसकी डबल रोती की तरह फूली हुई चुत की दरार पे अपनी जीभ रख दी, उसकी चुत से हल्का-हल्का पानी सा निकल रहा था और एक मादक महक आ रही थी और फिर मैंने उसकी चुत को चाटना शुरू किया तो प्रीति बेहाल सी होने लगी और मेरे सर को पकड़ के अपनी चुत की तरफ भिचने लगी, मैं ज़ोर-ज़ोर से उसकी चुत पे जीभ चलाने लगा और बीच-बीच में जीभ उसकी चुत में घुसेड़ देता तो वो एक दम बिचाक जाती और मैंने 2-3 मिनट ही चुत चूसी थी की उसने मेरा लंड पकड़ लिया जो के उसके मुंह के पास फड़फदा रहा था और अपने सुंदर होठों के बीच दबा लिया.

आअहह परम आनंद की अनुभूत हुई और मेरा लंड उसके मुंह में नहीं जा रहा था लेकिन जितना जा रहा था उठने में ही बहुत मजा आ रहा था, तो मैंने भी धीरे-धीरे उसके मुंह को चोदना शुरू कर दिया और कुछ देर बाद मैं उसके मुंह में ही झाड़ गया और वो मेरे मुंह में मेरे झाड़ते ही उसने लंड को मुंह से निकलना चाहा लेकिन मैंने लंड को और उसके मुंह में घुसेड़ दिया जिससे वो मेरा माल निगल गयी, झड़ने के बाद भी मैं उसके मुंह को चोदना जारी रखा और थोड़ी देर में ही मेरा लंड फिर टन के खड़ा हो गया और प्रीति की चुत में मैंने 2 फिंगर डालने की नाकामयाब कोशिश की पर फिर मैं प्रीति के ऊपर आकर लेट गया प्रीति मेरे नीचे और मैं उसके ऊपर और उसके होठों को किस करने लगा, कुछ देर उसके होठों को किस करने के बाद मैं उसकी टांगों के बीच बैठ गया और उसकी टांगों को फैला के अपने लंड को उसकी चुत पे रगड़ने लगा उसकी चुत काँप रही थी.

फिर मैंने लंड पे दवाब बढ़ाया लेकिन असफल रहा तो फिर मैंने मुंह से थूक निकल के उसकी चुत पे लगाया और थोड़ा सा अपने लंड के टोपे पे और फिर से कोशिश की तो लंड का सूपड़ा प्रीति की डोबले रोती में ड्गाज़ गया, प्रीति फड़फड़ने लगी और मुझे धक्का दे के हटाने की कोशिश करने लगी पर मैं उसके ऊपर लेट के उसके होठों को अपने होठों में दबाते हुए एक धक्का मारा और मेरा आधा लंड प्रीति की चुत में फड़फड़ाता हुआ अंदर दाखिल हो गया, प्रीति की चीख मेरे मुंह में दब कर रही गयी और थोड़ी देर मैं शांति से ऐसे ही उसके होंठ चूसता रहा और उसकी चुचियाँ सहला-सहला के दबाने लगा, फिर मैंने अपने आधे लंड को धीरे-धीरे आगे पीछे करने लगा कुछ देर बाद मेरा लंड आराम से आधा अंदर आधा बाहर होने लगा और प्रीति की पकड़ भी मुझ पे ढीली होने लगी, तो मैं समझ गया की मौका है और छुआका मर दो तो मैंने इस बीच अचानक एक जोरदार धक्का मारा मेरा पूरा लंड प्रीति की चुत को चीरता हुआ अंदर दाखिल हो गया.

मैंने प्रीति की चूची मर्दन तेज करते हुए उसके मुंह में अपनी जीभ घुसेड़ दी और लंड को आगे पीछे करने लगा और करीब 5 मिनट बाद मैंने प्रीति के होठों से अपने होंठ हटा ते हुए उसकी चुचियाँ चूसना शुरू किया और धक्के मरता रहा, प्रीति अब मेरा साथ दे रही थी और बोल रही थी “आ भैया मेरे प्यारे भैया और चोदा अपनी इस बहन को आज से मैं तुम्हारी हो गयी”, ये बड़बड़ाते हुए वो अपनी कमर को उचका-उचका के मेरा साथ देने लगी और मैं धक्के पे धक्के मारते हुए उसकी चुचियाँ चूसता रहा, मैंने भी बढ़ता बड़ा दी और ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा और करीब 15 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मैं झाड़ के उसके ऊपर ही निढल होकर लेट गया और प्रीति ने मुझे काश के अपनी बाहों में भर लिया और मुझे जगह-जगह चूमने लगी और बोली “ई लव यू भैया”, मैंने भी उसे कहा “लव यू टू बहना तुम कमाल की हो आज की रात मैं कभी नहीं भूलूंगा”.

इतना कहते हुए उसने अपने कपड़े पहन लिए और मेरे से लिपट के एक हाथ से मेरे लंड से खेलने लगी और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैंने उसको चूसने को बोला तो उसने खुशी-खुशी मेरे लंड को चूसना स्टार्ट कर दिया और चूस-चूस के मेरा माल पीने के बाद फिर से हम लोग सो गये, आगे मैं बतावँगा की उसको अगले दिन कैसे मैंने बाथरूम में नहला-नहला के चोदा और मेरी कहानी कैसी लगी प्लीज़ मुझे मैल कीजिएगा

मामा की लड़की की चुदाई

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