शादी से पहले देवर-भाभी की कामलीला

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम शिमोना है मेरी उम्र 27 साल की है और मैं पश्चिम-बंगाल की रहने वाली हूँ मेरा एक बॉयफ्रेंड भी है और हमारा रिश्ता पिछले 3 साल से है और हम लोग बहुत ही जल्द शादी भी करेगें इसी साल. दोस्तों मैं आज आप सभी के लिये लेकर आई हूँ अपने जीवन में घटी एक बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी घटना को कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से. दोस्तों मैं इस वेबसाइट की एक नई पाठिका हूँ तो मैं अभी उतना अनुभवी तो नहीं हूँ कहानी लिखने में लेकिन मैंने फिर भी थोड़ी सी कोशिश करी है अपने जीवन के एक यादगार दिन को इस वेबसाइट के माध्यम से आप सभी लोगों तक पहुँचाने की. और एक बात और, मुझको हिंदी कम आती है तो इस कहानी में मुझसे कुछ भूल हो जाए तो मुझको माफ़ कर देना।

हाँ तो दोस्तों अब मैं आप सभी को अपने बारे मैं थोड़ा और बताती हूँ मैं एक जवान और खूबसूरत लड़की हूँ, मेरी लम्बाई 5.6 फुट की है और मेरे शरीर का रंग थोड़ा गेहुँवा सा है और मेरे फिगर का साइज़ भी 34-30-34 का है. हाँ तो दोस्तों अब तो आप लोग समझ ही गए हो कि, जवान लड़के मुझे पाने के लिए कितना बेकरार होते है. दोस्तों मेरा बॉयफ्रेंड जब भी मुझसे मिलता है तो वह मुझको हमेशा ही चूमता और चाटता रहता है, आप लोगों को और क्या बताऊँ 3 साल पहले मेरे बब्स की 32” साइज़ थी और फिर मेरे बॉयफ्रेंड के दबाने से वह अब 36” के हो गए है. दोस्तों सडक पर जब भी मैं निकलती हूँ तो जवान और बूढ़े लोग सब मुझको ऐसे प्यास भरी नज़रों से देखते है कि, क्या बताऊँ मुझको तो उस समय शरम ही आ जाती है और मन ही मन थोड़ी ख़ुशी भी होती है. दोस्तों लोकल ट्रेन में, ऑटो में और भीड़ वाली जगह पर लोगों को एक मौका मिलते ही वह मेरे बब्स को दबा देते थे और कोई तो मेरी गांड के उभार पर भी अपना हाथ फेर देता था. और इन सब बातों के कारण ही तो मेरा बॉयफ्रेंड मुझे हमेशा सबसे बचाकर चलता है, लेकिन उसको क्या पता कि, उसका अपना भाई ही कैसे उसकी गर्लफ्रेंड को दबोच-दबोच कर ख़ाता है। हाँ तो दोस्तों अब मैं अपनी आज की कहानी पर आती हूँ।

दोस्तों उन दिनों मेरे बॉयफ्रेंड के घर के सब लोग गाँव में गए हुए थे. दोस्तों यह बात आज से 10 महीने पहले की है. गाँव में मेरा बॉयफ्रेंड और उसका भाई नहीं गया था. मेरे बॉयफ्रेंड को तो एक मौका मिल गया अपनी ख्वाहिश पूरी करने का और मुझको चोदने का. हाँ तो दोस्तों जैसे ही उसके घर वाले घर से बाहर निकल गये थे और फिर मैं और वह उनके घर में घुस गए थे. वह अपने साथ 2 बीयर की बोतल भी लाया था. मेरे घर में घुसते ही मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझको अपनी तरफ खींच लिया था और फिर वह किसी भूखे शेर की तरह मेरे होठों को चूमने लगा था और साथ ही वह मेरे बब्स को भी दबाने लगा था. दरवाजा खुला रखकर ही ऐसे 10-15 मिनट तक चला और फिर हम दोनों को होश आया और फिर हम दरवाजा बन्द करके उनके बेडरूम में गये और फिर वह मुझको दीवार से सटाकर किस करने लगा. और फिर वह मुझको अपनी गोद में उठाकर मेरे बब्स को काटने लगा था. और फिर उसने मुझको ज़मीन पर लेटा दिया था. दोस्तों मेरे बॉयफ्रेंड को ज़मीन पर चोदना बहुत ही अच्छा लगता है और फिर उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए थे और अपने भी उतार दिए थे. और फिर वह मेरी चूत में ऊँगली करने लगा और साथ ही वह मेरे बब्स की निप्पल को भी काटने लग गया था, उफ़फ्फ़… सच मानों तो दोस्तों उस समय मेरे बॉयफ्रेंड के छूने का हर अहसास मुझको पागल बना रहा था, और मैं तो पूरा जल बिन मछली की तरह तड़पने लगी थी. और फिर अचानक से उसके घर के दरवाजे की घन्टी बजी और हम लोगों के सिर पर चढ़ी सारी खुमारी एक ही पल में उतर गई थी. और फिर हम लोगों ने जल्दी-जल्दी अपने कपड़े पहन लिए थे. और फिर दरवाजा खुला तो देखा कि, सामने मेरे होने वाले देवर जी खड़े थे और वह मुझको देखकर हँस रहे थे. लेकिन मेरे अन्दर जो आग जल रही थी उसके बारे में मैं आप सभी से क्या कहूँ. और फिर मैंने भी उसको देखकर एक नशीली और शरारती सी मुस्कान दे दी थी। और फिर वह अन्दर आ गया था. और फिर मैं जब दरवाजा बन्द करके पीछे घूमी ही थी कि, वह मेरे ठीक पीछे ही खड़ा था. और उससे अचानक से उसके होंठ मेरे होठों को छू गए थे और उसके सीने से मेरे टाइट बब्स चिपक गये थे. दोस्तों उसकी बॉडी से स्प्रे की जो खुशबू आ रही थी उससे मुझपर एकदम से नशा सा छा गया था. और फिर तो वह भी समझ गया था. और फिर मैं जल्दी से वहाँ से निकलकर अपने बॉयफ्रेंड के पास जाकर बैठ गई थी।

और फिर दीपक (मेरे देवर जी) कमरे में आए और उन्होंने मेरे बॉयफ्रेंड को कहा कि, आपकी दुकान में 2 ग्राहक आए है और फिर उसने मेरे बॉयफ्रेंड को जल्दी से दुकान पर जाने को कहा. दोस्तों उस समय मेरे बॉयफ्रेंड ने अपने मोबाईल को बन्द कर रखा था ताकि हमको कोई परेशान ना कर सके और इसीलिए उसका भाई अचानक से घर पर आ गया था. और फिर मेरा बॉयफ्रेंड तो अपनी दुकान पर चला गया था लेकिन मेरे पास तो अभी काफी समय था क्योंकि मैं तो घर से कॉलेज का झूठा बहाना करके निकली थी. और इस बात को लेकर हमलोग काफी परेशान थे. और फिर दीपक ने मुझको कहा कि, मैं तो घर में ही हूँ तो आप भी रुक जाओ और फिर कुछ देर रुकने के बाद निकल जाना पर मुझको उसके साथ रुकना थोड़ा अजीब सा लग रहा था लेकिन फिर जाने से पहले मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझको कहा कि, ठीक है शिमोना तुम यहीं रुक जाओ. और फिर मुझको मजबूरन वहाँ पर रुकना पड़ा और मेरा बॉयफ्रेंड भी निकल गया था अपनी दुकान के लिए। और फिर दीपक ने मुझको कहा कि, भाभी थोड़ी सी चाय बनाकर दो ना. और फिर मैं चाय बनाने के लिये किचन में गई, और फिर मैं जब चाय बनाकर वापस कमरे में आई तो वहाँ का नज़ारा देखकर मेरा तो सिर चक्कर खा गया था. कमरे में मैंने देखा कि, दीपक मेरी पैन्टी को अपने हाथ में लेकर सूंघ रहा था. और फिर तब मुझको याद आया कि, मैं तो जल्दी-जल्दी में पैन्टी पहनना ही भूल गई थी. और दीपक मुझको देखकर एक शरारती हँसी में हँस रहा था. और फिर वह अचानक से मेरी पैन्टी को चूमने लगा तो मैं तो शरम से पानी-पानी हो गई थी. और फिर मैं झट से चाय को टेबल पर रखकर दौडकर किचन में चली गई थी और मेरी साँसें फूलने लगी थी. और तभी दीपक ने अचानक से मेरे पीछे से आकर मेरी कमर को पकड़ा और फिर दीपक ने झट से मुझको अपनी तरफ खींच लिया था. और फिर वह मेरी गर्दन को चूमने लग गया था. और फिर उसने मुझको कहा कि, भाभी आप बिल्कुल भी परेशान मत हो, भाई की जगह उनका अधूरा काम मैं पूरा कर दूँगा।

और फिर उसने मुझको यह बोलकर मेरे पीछे से ही मेरे बब्स को पकड़ लिया था. और फिर उसने अपना एक हाथ मेरी चूत पर रखा. और फिर वह मेरी गर्दन को चूमते-चूमते ही मेरे बब्स को दबोचने लगा तो मैं तो एकदम से पागल ही हो गई थी, और मैं मचलने भी लगी थी. और फिर वह मेरे पीछे से ही मेरी टी-शर्ट को उतारने लग गया था, और मैंने भी खुद ही अपनी जीन्स उतार दी थी. और फिर तो वह भी मेरे मन की बात को समझ गया था और फिर वह मुझको अपनी गोद में लेकर बेडरूम में आ गया था. और फिर उसने मुझको बिस्तर पर पटक दिया था. और फिर उसने मेरी ब्रा को उतार दिया था. और फिर वह मुझको नंगा करके देखने लग गया था. और उस समय मुझको थोड़ी शरम भी आ रही थी. और फिर कुछ ही देर में वह मेरे ऊपर टूट पड़ा था और वह मेरे बब्स को कस-कसकर चूसने और काटने लग गया था. और मैं भी उसको नोचने लग गई थी. और फिर उसने मेरी चूत में ऊँगली डाली और फिर इसके साथ ही वह नीचे आकर मेरी चूत को चाटने भी लग गया था. और उसके ऐसा करने से मेरी चूत का पूरा पानी निकल गया था. और फिर मैं झट से उठकर उसके ऊपर बैठ गई थी और फिर मैं भी उसके निप्पल को काटने लग गई थी और उससे वह पागलों की तरह तड़पने लग गया था. और फिर मैं उसके कानों को चूसने लगी मैंने उसको पूरा पागल बना दिया था. और फिर मैं धीरे-धीर उसको चूमते हुए नीचे आई और फिर मैं उसके खड़े लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसने लग गई थी. और फिर मैंने पूरे 10 मिनट तक उसके लंड को बड़े ही प्यार से खूब चूसा था और फिर मैं बेड पर लेट गई थी. दोस्तों अब मेरी असली चुदाई होने वाली थी, दीपक सबसे पहले तो मेरे बब्स को चूसने लगा बहुत ही प्यार से और वह मेरे निप्पल को भी काटने लगा था और मैं आहह… आहह… आवाजें निकालने लग गई थी।

और फिर मैंने उसको कहा कि, और चूसो और मेरी जान. तो फिर वह और जोर-जोर से मेरे बब्स को चूसने लग गया था. और फिर मैंने दीपक को बेड पर लेटाया और फिर मैं उसके लंड को अपने मुहँ में डालकर चूसने लग गई थी. दोस्तों मेरा ऐसा करना दीपक को भी बहुत अच्छा लगने लगा था और वह भी आहहह… इस्सस…. की आवाजें निकालने लगा था. दोस्तों दीपक की उत्तेजक आवाजों को सुनकर मेरी तड़प और भी बढ़ रही थी. और फिर मैं दीपक के लंड पर बैठ गई और ऊपर-नीचे होकर चुदने लग गई थी. दोस्तों दीपक पहले तो अपना होश खो बैठा था क्योंकि उसको इतना मज़ा आ रहा था कि, उसे तो कुछ ख़याल ही नहीं था लेकिन फिर थोड़ी ही देर में जब उसे कुछ होश आया तो उसने मेरे दोनों बब्स को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और फिर वह उनको ज़ोर-जोर से दबाने लग गया था. और उससे मैं भी ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी थी. और उसका लंड मुझे बहुत अच्छे से चोद रहा था. मुझे अब बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था. और फिर मैंने उसको कहा कि, ओह मेरी जान तुम कितने सेक्सी हो, चोदो और चोदो मुझको और बस ऐसे ही चोदते रहो आह… आह… इस्सस… और फिर मेरी मादक आवाजों को सुनकर दीपक भी पागल हो रहा था और उसको भी चुदाई का बहुत मज़ा आ रहा था. और फिर दीपक ने मुझको 25-30 मिनट तक खूब चोदा था. और फिर उसने अपना सारा पानी मेरी प्यासी चूत में भर दिया था. और उस पूरी चुदाई के दौरान मेरी चूत भी 3-4 बार झड़ गई थी।

और फिर मैं बाथरूम में जाकर खुद को साफ़ करके आई और फिर मैं अपने कपड़े पहनकर दीपक को एक किस देकर अपने घर आ गई थी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठको !!