स्नेहा मेरी आंटी की लड़की 2

स्नेहा मेरी Antarvasna आंटी की लड़की – 2
अब्दुल : यार बुरा मत मना लेकिन तुम्हारी स्नेहा तो ब्रायन विद ब्यूटी है…सकल से फिल्मस्टर लगती है…और जॉब में कफो है.

राजेश ; चोद ये सब …दीपक.कुच्छ करो यार हमारा…मैं फ्रस्टरेटेड हो गया हूँ…

मैं : एक सार्ट पर की जब मेरा एग्ज़ॅम होगा मेरे घर पे आकर मुझे पड़ाओगे तुम दोनों…

अब्दुल : शुरू क्यों नहीं…हम अभी खाली ही है…

राजेश : तुम बस स्नेहा को मनाओ…हम तुम्हारे लिए कुच्छ भी करेंगे…

मैं : ठीक है तब मैं चलता हूँ…आज ही स्नेहा से बात करूँगा..

और फिर मैं वहाँ से निकल गया और घर पहुंचा …स्नेहा स्नेहा तब तक आई नहीं थी…मैंने ड्यूप्लिकेट के से दरवाजा खोला..और अंदर जाने लगा तभी…सामने के फ्लैट में रहने वाले माथुर अंकल ने आवाज़ दी.

माथुर अंकल : अरे दीपक…कहाँ हो यार आजकल..नज़र ही नहीं आते ..जिम में भी नहीं देखा एक वीक से तुम्हें..

मैं : वो अंकल एग्ज़ॅम चल रहा है ना..इसलिए ज्यादा क्लास ले रहा हूँ..और कुच्छ सीनियर से हेल्प लेने के लिए रुक जाता हूँ.

माथुर अंकल : अरे कोई नहीं…तुम बहुत तेज हो निकल ही लोगे एग्ज़ॅम…चलो आओ मैं बोर हो रहा था..चाय पीते है तुम्हारे साथ…

मैं ; ओके…नेकी और पुच्छ पुच्छ…मुझे भी टी की तलब हो रही थी…

मैं अपना Antarvasna घर लॉक करके….उनके फ्लैट में आ गया …उनके घर में और कोई नहीं था…माथुर अंकल का बिज़्नेस था मुंबई में और उनकी फॅमिली भी वही रहती थी ,यहाँ उन्होंने फ्लैट खरीद रखा था और जब भी बिज़्नेस के लिए आते थे यही रुकते थे…दो तीन महीने में 10-15 दिन के लिए वो आते ही रहते थे इसलिए उन्होंने इसे किराए पे भी नहीं दिया था.

मात्र अंकल वैसे तो 55 साल के थे लेकिन दिखने में वो 45 से ज्यादा नहीं दिखते थे ..क्योंकि वो रोज जिम जा करते थे..मस्त मौला मिज़ाज था उनका..

जैसे ही मैं अंदर आ के बैठा…मोहित अंकल : चाय पियोगे की बियर…अभी काफी लो टेंप है…बियर ही ले लो…

मैं : नहीं अंकल …मैं नहीं अंकल हूँ ये सब…

माथुर अंकल : हर आदमी एक ना एक दिन शुरू करता ही है…मैंने भी तुम्हारी आगे में स्टार्ट किया था..

मैं : स्नेहा को पता चलेगा तो..?

माथुर अंकल : अब वो गुस्सा नहीं होगी…तुम इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हो…ये आम बात है…

मैं : ज्यादा नशा तो नहीं चडेगा ना…

माथुर अंकल : नहीं पगले ..इसे बस कोल्ड्रींक्स जैसा ही है…थोड़ा सा आल्कोहॉल होता है..

मैं : ठीक है …देखते है…

माथुर अंकल : ये हुई ना बात …

फिर उन्होंने रेफ्रिजरेटर से दो बियर की बोतल निकली और उसे गिलास में डाला..और एक उन्होंने लिया और दूसरा गिलास मेरी तरफ बढ़ाया ….आज मेरा मान भी कर रहा था की कुच्छ अलग करूं…और मोहित अंकल की वजह से पूरा हो रहा था..फिर हमने चेयरस किया और पीने लगे…स्वाद कुच्छ अलग था पर नया सोच के मैंने गिलास खाली कर दी…

माथुर अंकल ; अरे वाहह तुम तो छुपे रुस्तम निकले पूरा इतनी जल्दी पी गये…उन्होंने मेरे गिलास को फिर पूरा भर दिया…

मैं : अच्छा है….थेन्क यू अंकल…

माथुर अंकल : एक बात बताओ तुम अपनी स्नेहा से इतना डरते क्यों हो..

मैं : मुझसे बड़ी है…

माथुर अंकल : इतनी प्यारी है तुम्हारी स्नेहा …वो कभी गुस्सा कर ही नहीं सकती…

मैं : हां ये तो है..( मुघ पर बियर का असर होने लगा था)

माथुर अंकल : अभी तक तुम्हारी स्नेहा ने सारी क्यों नहीं की है?

मैं : पता नहीं…
स्नेहा मेरी आंटी की लड़की – 2