हिटलर कज़न शिखा 2

शिखा ने दरवाजा Antarvasna लॉक किया और हम दोनों बेड पे बैठ गये. तभी शिखा मुझसे बारे प्यार से बातें करने लगी……..
शिखा- होने पहले यह बता मैं तुझे कैसी लगती हूँ?
मैं- बहुत प्यारी और ब्यूटिफुल……..
शिखा- अच्छा……..और यह बता मैं सेक्सी हूँ के नहीं?
मैं- शिखा…….यह……कैसा स्वाअल तुम मेरी काजीन हो………हे…?
शिखा- जो मैं पूछ रही र्हू बताता जा नहीं तो ……….
मैं- ओकज़…ओकज़्ज़……ठीक है……………बहुत सेक्सी लगती हो,,,,,,,
शिखा- क्या चीज़ मेरे में सेक्सी है ब्टाअ???????????
मैं- अब मैं क्या बताऊं……….पूरी सेक्सी हो………
शिखा- अच्छा तुझे एक बात बताऊं……..तुझे पता मेरी फिगर कितनी है?
मैं- नहीं……..?
शिखा- 36-30-38
मैं- उफ़फ्फ़…….इतनी है………..
शिखा- है नाअ मस्त……..सेक्सी?
मैं- हाँ शिखा………..
शिखा- अच्छा अब एक काम की बात सुन जो तुझे करना है………
मैं- हाँ बोलो……….
शिखा- तुझे ना मेरे पूरे शरीर की पूजा करनी है………तुझे नहीं पता मेरा कितनी दिल करता है अपनी वर्षिप क्राने को………
मैं- वो कैसे………..कृुँगा………..
शिखा- बसस जो मैं कहती हूँ क्र्ताा जा………..चाहे मैं जो भी काहु……..समजी,,,,,,,,
मैं- ठीक है शिखा………….

शिखा ने टाइम देखा तो रात के 1 बजे थे और घर में सभी सो गये थे बस हम दोनों के अलावा.शिखा अच्छे से दरवाजा चेक करके आई और आते वक्त मुझे अच्छे से याद है की उसके चेहरा लाल हो गया था और एक अजीब सी रौनक झलक रही थी.उसने आअतए ही मुझे कहा……
शिखा- चल साले बहनचोद………बेड पे लेट जा………..

मैं यह सुनकर दंग रही गया …इससे पहले की कुछ बोलता……….शिखा ने फिर से कहा
शिखा- तुझे सुना नहीं काजीन के यार………चल बेड पे लेट जा फीट के बाल……….
मैं चुपचाप लेट गया और हिम्मत करके मैंने पूछा “शिखा. गालिया क्यों निकल रही हूँ?”
शिखा- चुप कर काजीन के लंड और जो मैं कहती हूँ वो कर……..और हाँ मुझे शिखा नहीं कहना आगे से……..काजीन कह………समजी……….
मैं डर गया था शिखा का एह रूप देख कर……..तभी मैंने कहा-
मैं- हाँ काजीन……..आप जो खोगे मैं करेगा……………
शिखा- तुझे पता है बहेनचोड़……..मुझे अपनी बड़ी सी गान्ड चटवाने का बहुत दिल करता है……..रोज़ रोज़ गान्ड चटवाने की इंटरनेट पे वीडियोस देखती और स्टोरीस और पिक्चर्स देखकर बस यही मान होता की अपनी बड़ी सी गान्ड पर किसी की जीभ लगवायु. लेकिन तेरे जैसे हॅंडसम भाई की जीभ लगने से तो आग लग जाएगी……….

मैं यह बातें सुनकर दंग रही गया और शॉक में था…….मैंने कभी अपनी काजीन को ऐसी निगाह से देखा तक नहीं था लेकिन आज…………
तभी शिखा बेड पर आई और कहा” मेरे प्यारे भैया फिर देखौ तुझे तेरी काजीन का माल………
मुझे कुछ अजीब सा फील हुआ लेकिन अच्छा भी लगा………मेरा लंड में थोड़ी सी हरकत हुई……..मैंने कहा प्ल्ज़्ज़ दिखयूऊऊओ काजीन………..
तभी शिखा ने मेरे मुंह पर छाँटा मारे और कहा” बहनचोद भैया मेरी मर्जी चलेगी समझे……मैं जितना दिखना चाहू और जो चीज़ दिखना चाहू वो ही दिखायुंगी”

इससे पहले की मैं कुछ कहता काजीन मेरे ऊपर आ गयी और अपनी बड़ी सी गान्ड जो निकर में लिपटे हुई थी मेरे मुंह के ऊपर रख दी………और पूरे ज़ोर से दबा दिया………….”उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़……….सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स………” मुझे अपने मुंह पर बहुत भर महसूस हुआ और काजीन के निकर की स्मेल भी सूंघने को मिली. काजीन ने इतना ज़ोर से दबाया था की मेरी नाक काजीन की बड़ी गान्ड की दरार के शेड में गुस गया था. निकर थी लेकिन फिर भी काजीन की मुलायम गान्ड के शीद की स्मेल को मैं सूंघ सकता था…………काजीन की गान्ड इतनी बड़ी थी की मेरा पूरा मुंह धक्का लिया था.,………..मैंने साँस लेने की कोशिश की लेकिन काजीन की मस्त गान्ड की कामुक स्मेल के अलावा मुझसे कुछ नहीं हो रहा था……..आख़ीरकर मुझे लगा की मेरा दम घुट जाएगा तो मैं हाथ पाऊ चलाने लगा ……फिर कहीं जाकर काजीन उठे……….और मैंने ज़ोर से साँस ली………….”हन्‍ंननननननणणनह………….फफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़”
शिखा- साले भैया इतने से ही फट गयी………..यह ले और ले बहनचोद………कुट्टीईईईई……..
मैं अभी पूरी साँस नहीं ले पाया था अच्छे से की काजीन की मस्त मुलायम और बड़ी गान्ड फिर मेरे मुंह पर आ गयी………….

“सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्शह………उम्म्म्ममममममममममममम” मुझे काजीन की गान्ड का बाहर महसूस हो रहा था फिर से……….काजीन ज़ोर लगा रही थी पूरा………ऐसा लगता था की काजीन की निकर फट जाएगी………इतनी काश गयी थी………..मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था…….मेरी ऐसी कोई फ़ैंटेसी नहीं थी लेकिन काजीन की गान्ड की स्मेल से टन गया था मेरा लंड……….काजीन अपनी गान्ड लेकर मेरे मुंह पर तभी तक बैठी रही जब तक मैंने फिर से ज़ोर ज़ोर से हाथ पैर चलाने शुरू नहीं किए,.

.”हइईईईई…………उफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़………….फफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़” साँसों को चोर्ते वक्त मेरे फेस लाल हो चुका था और मुंह से गर्मी निकल रही रही…….काजीन के निकर के निशान मेरी दोनों गालों पे हल्के से प्रह चूक थे………..
शिखा- यह तो एक डेमो चल रहा है……….आज तो बस ट्रेलर होगा………अभय चल तैयार हो जा बहनचोद भैया अपनी काजीन की गान्ड में नाक गूसने को………
मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था और कुछ बोलने की ताक़त नहीं रही थी………की तभी काजीन ने मेरे सामने अपनी निकर को नीचे किया………उफफफफफफफफफफ्फ़……..काले रंग की पैंटी में काजीन के थोड़े से चित्तद्ड नज़र आए और काजीन के गोरे थाइस पूरे नज़र आए जिसे मुझे लगा की साली मेरी काजीन कितनी मस्त माल है………..मेरी काजीन मुझे पूरी रंडी लग रही थी……..धीरे धीरे मेरी काजीन ने अपनी पैंटी भी उतारी एर फिर मैंने उसकी पूरी गान्ड को नंगा देखा……….उफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़……….इतनी गोरी.मुलायम …….और बड़ी गान्ड थी उसकी……….कोई भी लंड पागल हो जाए……….तभी मेरी काजीन ने मुझे अपने दोनों हाथों से खोलकर अपना सेक्सी होल दिखाया……..वॉवववववववववववववव…………बिलकुल साफ था……हल्का सा भूरे-काले रंग का………गोरे चोतदों के बीच में वो शीद इतना सेक्सी लग रहा था की मेरा कूद दिल करने लगा की मैं उसे चातु.

लेकिन काजीन ने अपनी पैंटी पूरी निकली और मेरे मुंह में गान्ड के शीद वाली साइड डाल दी और पैंटी मेरे फेस के ऊपर चारा दी………..और मुझे काश के 2 छानते मारी………..
शिखा- साले बहनचोद भैया……….अब बोल……….बोल की तू अपनी काजीन का एहसानमंद है जो तुझे अपनी गान्ड चाटने का मौका दे रही है………बोल की तू खुशनसीब है जो अपनी काजीन की गान्ड में जीभ डालेगा अपनी…………चल बोल रंडी साले भैय्ाआआअ………
मैं- हाँ काजीन………मैं आपका रंद्वा भैया बहुत खुशनसीब हूँ जो अपनी काजीन की गान्ड खाएगा और उसके अंदर जीभ डालेगा……
शिखा- चल अब मेरी गान्ड को ससुंग और चाट और अपना जीववन सफल बना साले भैया बहन के लौरईए………
तभी काजीन मेरे मुंह के ऊपर बैठने लगी और उसने अपने हाथों से अपनी गान्ड का शीद खोला जो मुझे साफ दिखाई दिया और काजीन ने फिर काश कर ज़ोर मारा और मेरी नाक सीधी गान्ड के शीद में गुस्स गयी और मेरा पूरा फेस मेरी काजीन की बड़ी गान्ड में शिप्प्प गया……….”म्‍म्म्मममममममममममम”……….अहह” अपनी काजीन की गान्ड की स्मेल से मेरा लंड ताना तो हुआ था लेकिन तरफ गया था, मेरी काजीन की बड़ी गान्ड की स्मेल बहुत सेक्सी और कामुक थी…….मेरे रोम रोम में उतीजना भर रही थी………उधर से मुझे हल्का सा सुनाई दे रहा था की मेरी काजीन भी पुन्या कमा रही थी………..
शिखा- हाँ साले भैया……….सुननगगगगगगग अपनी काजीन की गान्ड की खुश्बूओ………..हाँ ऐसे ही……….मजा आ रहा है साले भैया……….सुंगगगगगगग सुंगगगगगगगगगगगग………..खूबसूरत काजीन की मदमस्त गान्ड की मदहोश खुशबू सुंगगगगगगगगगगग साले…………..कुत्ताअ है तू मेरााआआअ……….

मैंने बहुत अच्छे से अपनी काजीन की गान्ड को सुन्ंगाआआआआ………तभी मेरी काजीन ने गान्ड उठाई और मैंने सास ली…………..”फफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़” तभी मेरी काजीन ने कहा की ” चल अब अपनी जीभ से मेरा शीद साफ कर कुत्ते भैयाअ…….मेरी गान्ड को गीला कर थोक से और अंदर बाहर कर जीभ गान्डू भैया………….चल……………..
फिर मैंने जीभ बाहर निकली और मेरी काजीन फिर से अपने दोनों हाथों से अपने चितड़ों को खोलकर गान्ड के शीद को मेरी जीभ के ऊपर रख दिया…………और मैं पागल कुत्ते की तरह चाटने लगा…………इम्‍म्ममममममम………म्‍म्म्मममममममममममम…………म्‍म्म्मममममममममम………..ह्म्‍म्म्मममममममम…….. .यूम्मम्ममममम………यायहम्‍मम्मममममममम,,,,,,,,,लककक्ककककककककककककककककक…………” वाहह मुझे अपनी काजीन की सेक्सी गान्ड का टेस्ट बहुत अच्छा लग रहा था…………इतना मस्त था की मैं बता नहीं सकता……….अपनी जीभ पूरी शीद के अंदर लेकर जा रहा था…………फिर मेरी काजीन ऊपर नीचे होने ल्घी और उसकी गान्ड मेरी जीभ के उपा कभी लगती तो कभी हटती……….
हिटलर कज़न शिखा – Hitler Cousin Ki Sexy Story – 2