प्यासी औरत की चूत में मोटा लंड

हैल्लो दोस्तों, मेरा antarvasna नाम हिमांशु है। यह मेरी चोदन डॉट कॉम पर दूसरी स्टोरी है, मुझे उम्मीद है कि लड़कियों और औरतों को मेरी यह स्टोरी बहुत पसंद आएगी। जैसा कि आप लोग जानते है कि में दिल्ली का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 25 साल है और मेरे लंड का साईज 8 इंच है। अब में आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। फिर 1 साल पहले मुझे एक कोलकता की औरत मिली और मुझे मैल किया कि में तुमसे चुदवाना चाहती हूँ। तब मैंने उससे उसका मोबाईल नम्बर लिया और कोलकाता चला गया। उसकी उम्र 30 साल थी, वो मस्त औरत थी। फिर जब में उसके घर पहुँचा तो उसे देखता ही रह गया, वो इतनी सुंदर और सेक्सी थी कि में बता नहीं सकता। फिर उसने मेरा स्वागत किया और अंदर आने को कहा, तो में अंदर चला गया। तब वो मुझे बैठने को बोली। फिर जब में बैठ गया तो तब वो बोली कि में अभी आती हूँ और फिर वो किचन में चली गई।

फिर थोड़ी देर के बाद वो आई तो उसके हाथ में एक ट्रे थी। अब वो मेरे लिए चाय लेकर आई थी। फिर हम लोगों ने साथ में बैठकर चाय पी। फिर उसके बाद मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा पति कहाँ है? तो तब वो बोली कि वो काम पर गया है। तो तब मैंने पूछा कि तुम्हारा पति तुम्हें नहीं चोद पता है? तो तब वो बोली कि उसका लंड तो बहुत छोटा है और ठीक से खड़ा भी नहीं होता है, मुझे रोजाना रात में उंगली करनी पड़ती है। तो तब में बोला कि अब चिंता करने की बात नहीं है, में तुम्हें इतना चोदूंगा कि तुम्हारी चूत शांत हो जाएगी और फिर मैंने उसे गले से लगा लिया और उसकी गर्दन को चूमने लगा था। अब वो भी मेरे बालों को सहलाने लगी थी। फिर में थोड़ा सा पीछे हटकर उसके होंठो को अपने होंठो में लेकर चूसने लगा। अब वो भी मेरे होंठो को चूसने और काटने लगी थी।

फिर में उससे बोला कि चलो बेडरूम में चलते है और फिर मैंने उसे अपनी बाहों में उठाकर बेडरूम में ले जाकर पटक दिया और उसके होंठो को चूमने और चूसने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपने एक हाथ से उसकी साड़ी का पल्लू पकड़कर उसकी साड़ी को नीचे खिसका दिया और उसकी चूचीयों को सहलाने लगा था, क्या मस्त चूचीयाँ थी उसकी? बड़ी-बड़ी और नोखदार। फिर मैंने उसके ब्लाउज के बटन को खोल दिया और उसकी सफेद ब्रा के ऊपर से ही उसकी चूचीयों को चूसने लगा था। अब वो मस्ती से कहराने लगी थी, आह बहुत मज़ा आ रहा है हिमांशु और चूसो। तब में बोला कि अभी क्या मज़ा आ रहा है अभी तो और मज़ा दूँगा। तब वो मुझसे लिपट गई और कहने लगी कि में तो पागल हो जाउंगी इतना मज़ा लेकर, इतना मज़ा तो मेरे पति ने आज तक मुझे कभी नहीं दिया।

तब में बोला आज जी भरकर मज़ा ले लो मेरी रानी और फिर मैंने उसके पीछे अपना एक हाथ ले जाकर उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और फिर उसकी ब्रा को भी निकाल दिया था, क्या मस्त चूचीयाँ थी उसकी? बिल्कुल मलाई की तरह। अब मैंने उसकी चूचीयों को कसकर पकड़कर मसल दिया था। अब में उसकी चूचीयों को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था और अपना एक हाथ उसके पेटीकोट के ऊपर रखकर उसकी चूत को मसलने लगा था। तब वो और मस्त हो गई और मुझसे लिपटने लगी थी और अपनी चूचीयों को अपने हाथों से पकड़कर मेरे मुँह में डालने लगी थी और अब में भी मज़े से चूसने लगा था और उसकी चूत को मसलने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसके पेटीकोट का नाड़ा पकड़कर खींच दिया और उसकी जाँघो से उसके पेटीकोट को अलग कर दिया था। तब मैंने उसकी पेंटी को देखा तो उसकी पेंटी बिल्कुल गीली हो गई थी, जैसे लगता हो उसने पेंटी में पेशाब कर दी हो।

अब में अपनी नाक उसकी पेंटी के ऊपर उसकी चूत पर रखकर उसकी चूत की महक को सूंघने लगा था, आअहह क्या मस्त गंध थी उसकी चूत की? फिर मैंने उसकी पेंटी को भी पकड़कर खींच दिया। अब वो पूरी तरह से नंगी हो गई थी, क्या मस्त चूत थी उसकी? बिल्कुल शेव और क्लीन चूत। अब उसमें से हल्का-हल्का पानी रिस रहा था। तब मैंने झुककर उसकी चूत को चूम लिया और उसकी चूत के पानी को चाटने लगा था। तब वो मचल उठी और सिसकने लगी थी, क्या कर रहे हो राजा? और मेरे अंडो को सहलाने लगी थी और मेरे सिर को पकड़कर अपनी चूत पर दबाने लगी थी और कहने लगी कि मेरे राजा और चाटो मेरी चूत, ऐसा तो मेरा पति कभी नहीं करता और कसकर और फिर एक बार अपनी गांड को पटका और मेरे मुँह में ही झड़ गई थी। अब में उसका सारा चूत का लसलसा पानी चूसकर पी गया था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने अपनी पेंट और चड्डी खोली और अपना लंड उसके मुँह पर सटा दिया। तो तब वो मेरे लंड को चूसने लगी और चाटने लगी थी। वो लंड को बहुत अच्छी तरह से चाटना जानती थी। फिर में अपना लंड उसके मुँह से बाहर निकालकर उसकी चूत पर रगड़ने लगा। तो तब वो पागल सी हो गई और मचलकर कहने लगी कि अब चोद भी दो, कितना तड़पाओगे? में तो अब मर ही जाउंगी। तब में बोला कि नहीं मेरी जान, में तुझे मरने नहीं दूँगा और फिर मैंने कसकर एक धक्का मारा तो तब मेरा आधा लंड उसकी चूत में समा गया। तब वो चिल्ला उठी आह माँ में मर गई रे। अब में झुककर उसके होंठो को चूसने लगा था। फिर जब वो कुछ शांत हुई, तो तब मैंने फिर से एक ज़ोर का धकका दिया तब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया। तब वो फिर से जोर से चिल्ला उठी और अब में उसकी चूचीयों को मसलने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद जब वो कुछ शांत हुई तो तब में उसे धीरे-धीरे चोदने लगा। अब जब उसे भी मज़ा आने लगा तो वो अपनी गांड खुद उठा-उठाकर मुझसे चुदवाने लगी थी और मस्ती भरी आवाजें निकालने लगी थी हाइईईई मेरे सनम और चोदो मुझे, रंडी बना दो मुझे।

अब में उसे कस-कसकर चोदने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद वो झड़ने की कगार पर आ गई और बोलने लगी कि अब में आ रही हूँ। तब में भी बोला कि अब में भी आ रहा हूँ, कहाँ निकालूं बाहर या अंदर? तो तब वो बोली कि अंदर ही निकाल दो और मुझे अपने लंड के पानी से सींच दो। तब मैंने कसकर 3-4 झटके मारे और उसकी चूत में ही झड़ गया और आधे घंटे तक उसे अपनी बाँहों में लेकर सोया रहा ।।

धन्यवाद …