मौका मिला तो जमकर चुदाई करी

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम कुनाल है और मेरी उम्र 24 साल की है और आज मैं आप सबके लिये एक मस्त कहानी लेकर आया हूँ तो चलिए अब कहानी को शुरू करते है मुझे पूरी उम्मीद है आपको मेरी ये कहानी ज़रूर पसंद आएगी तो अब मज़ा लेने के लिए तैयार हो जाइए।

दोस्तों ये बात आज से 8 महीने पहले की है जब मेरे जीजू ने मुझे अपने साथ मुंबई रहने और जॉब के लिए बुलाया था मेरी बड़ी बहन की शादी मुंबई में हुई थी मेरे जीजू अंकित एक बड़ी कंपनी में जॉब करते है और उनकी बहुत अच्छी तन्खाह थी जिससे उन्हें किसी भी तरह की कोई भी कमी नहीं थी जब मैंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी तो मैं जॉब के लिए इधर उधर धक्के खा रहा था तब जीजू ने मुझे अपने पास बुला लिया था। उनके घर में उनके मम्मी पापा और जीजू और दीदी ही रहते थे काफ़ी खुशियो से भरी हुई फैमली थी उनकी, घर में सुबह होते ही जीजू और पापा दोनों अपने अपने ऑफीस चले जाते थे और मम्मी भी अपने बाहर के काम करने के लिए चली जाती थी अब मैं और दीदी घर पर एकदम अकेले रहते थे मैं भी इधर उधर जॉब तलाश कर रहा था पर अभी तक कोई बात नहीं बनी थी अभी मुझे उनके घर आए हुए सिर्फ़ 10 दिन ही हुए थे की तभी जीजू की बहन वंसिका वहां पर रहने के लिए आ गई दरअसल वंसिका की शादी हो गई है पर उसकी अपने पति से लड़ाई हो रही थी इसलिए वो यहाँ कुछ दिन रहने के लिए आई हुई है दोस्तों मैं वंसिका के बारे में अब आपको क्या बताऊ उसकी उम्र 28 साल की होगी और उसके जिस्म का तो क्या कहना, मैं उसे देखते ही दीवाना सा हो गया था उसका फिगर कुछ ऐसा था की 36-28-38 उसके जिस्म में उसके बब्स और गांड कपड़ो को फाड़ने वाले हो जाते थे।

मुझे उसकी ये चीज़ बहुत ही ज़्यादा पसंद आई वो हमेशा ही अपने बदन से चिपके हुए सूट पहनती थी और नीचे एकदम टाइट पजामी जिससे उसका अंग अंग चमकता था वो मेरे लंड को खड़ा होने पर मजबूर कर देती थी। मैं अब उसे देखकर रोज हर समय मूठ मारता था पहले दिन ही उसने मेरे लंड को 2 बार मूठ मारने पर मजबूर कर दिया था। दोस्तों एक दिन की बात है दोस्तों रात का समय था मैं अपने कमरे में जा रहा था की तभी मेरे नज़र वंसिका के कमरे में गई उसका दरवाजा तोड़ा सा खुला था अंदर का नज़ारा देखकर मैं पागल सा हो गया अंदर वंसिका अपने कपड़े उतारकर नाइट सूट डाल रही थी वो पूरी नंगी थी जिसे देखकर मैं पागल हो गया क्या कमाल के बब्स जो एकदम टाइट और गोरे थे और नीचे उसकी चिकनी गांड और चूत ने मेरे लंड को पागल कर दिया था मैं उसे देखने लग गया जब उसे एहसास हुआ की उसे कोई देख रहा है तो मैं झट से वहां से भागकर पास वाले बाथरूम में घुस गया और बाथरूम में अपना लंड निकालकर ज़ोर ज़ोर से मूठ मारने लग गया मेरी आहह… आहह… की आवाज़ें बाथरूम से बाहर जा रही थी जब मैं शांत हुआ तो मुझे ऐसा लगा की कोई बाहर खड़ा था और वो अभी गया है मेरी गांड सी फट गई पर मैं हिम्मत करके बाहर आ गया तभी लाइट चली गई और मैं दीदी और वंसिका बाहर बालकनी में कुर्सी लगाकर वही पर बैठ गये, तभी मैंने महसूस किया की वंसिका का पैर मेरे पैर से होते हुए मेरे लंड की और बढ़ रहा है मैं समझ गया की आज वंसिका ने मुझे ये सब करते हुए देख लिया है तभी लाइट आ गई और उसने झट से अपना पैर हटा लिया और मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लग गई।

मुझे लगा की अब ये चुदने के लिए तैयार है पर मुझे उसे चोदने का मौका नहीं मिल रहा था, वो और मैं अब एक दूसरे के करीब आने लग गये थे मैंने उसे किस करना उसके बब्स दबाना शुरू कर दिया था वो भी मुझसे चुदने के लिए तैयार थी पर हम दोनों को कोई मौका तो मिले। मैं और वो एक मौके की तलाश में थे क्योकि अब हम दोनों किसी भी तरह की रिस्क लेना नहीं चाहते थे एक दिन की बात है जीजू को अपनी बुआ की लड़की की शादी में जाना था इसलिए उनके साथ पूरी फैमेली जा रही थी पर मैं नहीं गया क्योकि मुझे अपने इंटरव्यू पर जाना था। मैं सोच रहा था की इतना अच्छा मौका था आज हम दोनों के पास, पर वंसिका भी उनके साथ चली गई करीब 30 मिनट बाद डोर बेल बजी मैंने डोर ओपन किया तो वो सामने खड़ी थी जिसे देखकर मैं बहुत खुश हो गया उसने कहा की मैंने उन्हें कह दिया की मेरी तबियत अचानक बहुत ही खराब हो गई है इसलिए वो नहीं जा सकती अब हम दोनों 4 दिनों के लिए घर पर बिल्कुल अकेले थे मैंने अपना इंटरव्यू केंसिल कर दिया और उसको अपनी बाहों में भरकर बेडरूम में ले गया और जाते ही उसे पूरा नंगा कर दिया और फिर वंसिका के मोटे मोटे बब्स को मैंने करीब 20 मिनट तक अच्छे से चूसकर गोरे और एकदम लाल कर दिया और उसके निप्पल को मैंने काट काटकर सूजा दिया था फिर मैंने उसकी चूत को अच्छे से चूसा और उसकी चूत का अच्छे से पानी निकाल दिया और अच्छे से उसकी चूत का पानी चूस चूसकर पिया। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

अब मैंने उसे अपना लंड दिखाया तो वो डर गई और बोली ये लंड है क्या, लंड का बाप है इतना बड़ा लंड होता है क्या? मैंने कहा मेरी जान ये लौड़ो का राजा है जो आज तुम्हारी चूत में जाएगा बस फिर क्या था कुछ ही देर उसको लंड चुसवाने के बाद मैंने उसकी चूत पर अपना लंड सेट किया और थोड़ा उसकी चूत के होठों पर रगड़कर के ऊपर नीचे करने लगा और धीरे से उसकी चूत के अंदर लंड पेल दिया और उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया उसका रो रोकर बुरा हाल था पर अब उसका कुछ नहीं हो सकता था क्योकि पूरे घर में हम दोनों ही थे इसलिए उसे कोई बचाने वाला भी नहीं था और मैं उसको रंडी समझकर चोद रहा था और मैंने जोर जोर से झटके मारकर उसकी चूत का बुरा हाल कर दिया था इसी बीच वो झड़ चुकी थी और मैंने उसकी चूत को खून से भर दिया अगले 4 दिन तक मैंने उसकी ऐसी चुदाई करी की वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी कुछ दिनों तक, फिर उसका पति उसे मनाकर घर से ले गया पर अब वंसिका को मेरे लंड का स्वाद लग गया था इसलिए वो हर हफ्ते मुझसे होटल में चुदने के लिए आती है इस तरह दोस्तों मैंने अपने जीजू की बहन को अपनी रंडी बना लिया।

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