चोर ने चोरी के साथ करी पूरी मेरी 2

हाय फ्रेंड्स, मैं नीलोफर Antarvasna एकबार फिर से Kamukta कामलीला डॉट कॉम के आप सभी पाठकों का स्वागत करती हूँ अपनी कहानी के दूसरे भाग में, अब आगे की कहानी कुछ इस प्रकार से है।

उस चोर के बाथरूम में चले जाने के बाद मैंने अपने लिये एक पेग और बना लिया और फिर मैं हौले-हौले उसको पीने लग गई थी और फिर मैं अपना पेग लेकर के बाथरूम के गेट पर गई और फिर मैंने बाथरूम का गेट खोला तो वह अन्दर बिल्कुल नंगा होकर नहा रहा था और मेरी तरफ उसकी पीठ थी। मैंने गेट पर से ही उसका काला बदन, चौड़ा सीना, मजबूत जाँघों को निहारा और फिर वहीं से खड़ी होकर मैंने उसको कहा कि, जब तुम नहा लो तो कपड़े मत पहनना और ऐसे ही बाहर आ जाना। और फिर जब वह नहा लिया तो मेरे कहे अनुसार वह नहाकर नंगा ही बाहर आ गया था जब वह बाहर आया तो मैंने उसका लंड भी देखा और फिर मैंने उसे इशारे से अपने पास बुलाया। और फिर जब वह मेरे पास आया, तो मैंने उसका लंड पकड़कर उसे अपने पास खींच लिया और फिर झट से उसका लंड सीधे अपने मुँह में ले लिया था। दोस्तों 2 मिनट से भी कम समय में उसका लंड तनकर एकदम लोहा हो गया था और मैं यह चाहती थी कि, उसका लंड चबाकर खा जाऊँ। और फिर मैंने उससे पूछा कि, क्या तू मेरी चूत चाटेगा? तो फिर वह झट से मुझसे बोला कि, हाँ चाट लूँगा, पैसे जो मिले है। और फिर उसने मेरी कमर के दोनों तरफ अपनी बाहें कसी और फिर वह खुद बेड पर लेट गया और फिर उसने मुझे भी अपनी ताक़त से घुमाकर अपने ऊपर लेटा लिया था। वाह क्या ताक़त थी उसकी, उसकी इसी अदा पर तो मैं निहाल हो गई थी और फिर वह मेरी चूत को चाटने लगा, जिससे मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था तो मैंने भी बदले में उसका लंड जितना हो सकता था अपने मुँह के अन्दर तक लेकर चूसा। और फिर 5 मिनट की चूसा-चूसी के बाद उसने मुझे नीचे लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आ गया था और फिर उसने अपना लंड मेरी चूत पर रखा और फिर एक ही धक्के में अपना आधे से भी ज़्यादा लंड मेरे जिस्म में उतार दिया था। मैं उस समय दर्द से बिलबिला उठी, मगर उस पर तो उस समय पता नहीं कोई भूत सवार हो गया था, उसने मेरे दोनों बब्स को अपने सख़्त हाथों में पकड़ लिया था और फिर उसने उनको मसलकर रख दिया था ऊपर से तो वह मेरे बब्स को मसल रहा था और नीचे से लोहे जैसे अपने लंड से मेरे जिस्म के दो टुकड़े करने में लगा हुआ था।

हर बार उसका लंड मेरी चूत के आख़री सिरे पर जाकर ज़ोर से लगता और उससे मेरी हल्की सी चीख निकल जाती थी। वह अपना पूरा लंड बाहर निकालकर फिर से अन्दर डाल रहा था और उससे मेरी चूत के होठों से लेकर मेरी बच्चेदानी तक उसके सख़्त लंड की मार झेल रहे थे। मैं तो सिर्फ़ एक प्यारी सी चुदाई चाहती थी, मगर यह तो एक चुदाई से कहीं ज़्यादा था उसके हमलों से तो मेरी तो जान ही निकली जा रही थी, वो कभी मेरे होठों को चूसता तो कभी मेरे गालों को अपने दाँतों से काटता, मेरे बब्स पर भी सभी जगह उसके दाँतों के निशान पड़ चुके थे। दोस्तों मैं उस समय उस ताक़तवर सेक्स के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी और तब मुझे एहसास हो रहा था की मैं सच में बूढ़ी हो गई हूँ। एक नौजवान औरत ही इस तरह के ताक़तवर सेक्स को झेल सकती है, मैं नहीं. और फिर शायद इसीलिए मैं 5-7 मिनट की ज़ोरदार चुदाई में ही झड़ गई थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मगर मेरे झड़ने से उसको कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा था और वह तो उसी जोश और जुनून से मुझे चोद रहा था और मैं तो एकदम बैहाल होकर नीचे पड़ी थी और फिर करीब 10 मिनट तक उसने मुझे और चोदा और फिर वह अपनी पूरी ताक़त लगाकर मेरी चूत में ही झड़ गया था। उसके वीर्य की धार जब मुझे मेरी चूत के अन्दर मेरी बच्चेदानी पर पड़ती हुई महसूस हो रही थी तो मुझको उस समय ऐसा लग रहा था कि, जैसे कोई पिचकारी से मेरी बच्चेदानी पर पानी की धार मार रहा है। दोस्तों उस नौजवान मर्द की एक चुदाई ने ही मेरे बदन को तोड़कर रख दिया था और फिर वह मेरी बगल में आकर लेट गया था, तो मैं भी उठी और फिर मैंने उसके लंड को अपने हाथ में पकड़ा तो मुझको महसूस हुआ कि, उसमें अब भी बहुत जान है। और फिर मैंने उसे अपनी जीभ से चाटा और फिर उसको अपने मुँह में लेकर चूसा, उसके वीर्य को मैं उसके लंड से चाट-चाटकर चट कर गई थी। और फिर वह मुझसे बोला कि, क्यों आंटी मज़ा आया ना? और फिर मैंने उसके सीने पर हाथ फिराते हुए उससे कहा कि, सच कहूँ तूने तो आज मेरी माँ चोदकर रख दी है, बहुत ताक़त है रे तुझमें तो। और फिर उसने मेरे बब्स के निप्पल को अपनी ऊँगलियों से मसलते हुए मुझसे पूछा कि, और चुदेगी क्या?

तो फिर मैंने उसको और चुदने के लिये मना करते हुए पूछा कि, नहीं मेरी तो एक बार में ही तसल्ली करवा दी तूने, तेरा नाम क्या है? और फिर उसने मुझको अपना नाम “अजय” बताते हुए कहा कि, यह मेरा फोन नंबर है, फिर कभी ज़रूरत पड़ी तो फोन करना, पर एक बात कहूँ, मुझे भी आज तेरी चुदाई करने में बड़ा मज़ा आया है, इस उम्र में भी तू बड़ी सेक्सी माल है। और फिर वह मुझसे यह कहकर उठा और फिर वह अपने कपड़े पहनने लगा। और फिर मैंने उससे पूछा कि, अब क्या करेगा? तो उसने मुझसे कहा कि, तुझे तो लूट लिया, अब देखता हूँ कि, किसी और घर में कुछ और मिलता है क्या, मुझको रोटी भी तो खानी है केवल चुदाई से ही तो पेट नहीं भरता। और फिर वह मुझसे यह कहकर चला गया था और मैं बेड पर लेटी हुई सोच रही थी कि, क्या वह मुझे लूट के गया या मैंने अपने ज़िंदगी का मज़ा लूट लिया? उसने मेरे घर में चोरी करी या मैंने अपनी बोरिंग ज़िंदगी से अपनी खुशी की और अपनी संतुष्टि की कुछ घड़ियाँ चुरा ली, खैर जो भी हुआ बहुत ही बढ़िया हुआ।

और फिर मुझको नींद नहीं आ रही थी तो मैंने अपना लेपटॉप उठाया और फिर मैं उसमें कामलीला डॉट कॉम खोलकर कहानी पढ़ने लगी और तभी मुझे ख्याल आया कि, क्यों ना अपनी कहानी भी मैं कामलीला डॉट कॉम पर छ्पवाऊँ। तो फिर मैंने जो कहानी खोल रखी थी बस उसके लेखक को मैंने एक ई-मेल करके पूछा कि, क्या वह मेरी कहानी प्रकाशित करवा देगा? और लो देखो मेरी आप बीती आपके सामने है।

दोस्तों, मैं जब उस चोर के चंगुल में फँसी हुई थी तो मेरे दिमाग़ में एकाएक एक विचार आया कि, उसे अपनी चूत की चुदाई के लिए तैयार कर लूँ तो बात बन जाए, और फिर बात बन भी गई थी। कैसी लगी मेरी यह आपबीती?

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!