साली की गर्भवती चूत में लगाये झटके

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम अक्षय है और मुझे भी आप सभी की तरह कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ने में बहुत मज़ा आता है। मैंने अब तक ना जाने कितनी कहानियों के मज़े लिए और आज मैं भी अपनी एक सच्ची चुदाई की घटना आप सभी को सुनाने आया हूँ। जिसमे मैंने अपनी गर्भवती साली को खूब जमकर चोदा था। अब मैं अपना अपने घरवालों का परिचय करवाते हुए इस कहानी को शुरू करता हूँ।

दोस्तों मैं 26 साल का शादीशुदा लड़का हूँ और मेरी शादी तीन महीने पहले हुई थी, और मेरी बीवी एक गरम सेक्सी, मस्त गांड वाली लड़की है। हम दोनों की जब से सगाई हुई थी तब से ही हम चुदाई करते आ रहे थे। मैं एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूँ, मेरे घर में माँ, पापा और मेरी बीवी और मैं रहता हूँ। दोस्तों मेरी एक बड़ी शादी शुदा बहन भी है और वो भी दुसरे शहर में ही रहती है। मेरे ससुराल में मेरी बीवी की एक बड़ी बहन यानी मेरी साली और सास, ससुर रहते है। उसका नाम डोली है, वो करीब 30 साल की एकदम सेक्सी औरत है और वो कुछ समय पहले गर्भवती होने के दौरान अपने मायके चली आई थी और अब उसका 8वा महीना चल रहा है और अगर मैं उसके बारे में बताऊँ तो वो करीब 5.7 इंच लम्बी है और वो दिखने में बहुत सुंदर और उसके बब्स बड़े बड़े और गांड फूली हुई है और उसके फिगर का साइज़ करीब 36-30-36 होगा जिसके कारण वो बहुत बड़ी चुदक्कड़ दिखती थी और वैसे मेरी नज़र उस पर शादी से पहले से ही थी और जब भी मैं अपनी बीवी की चूत मारता था तो मैं डोली को ही सोचकर उसे चोदता था। दोस्तो उसका नाम लेने से ही मेरा वीर्य निकल जाता था। एक दिन मैं अपनी बीवी से मिलने अपने ससुराल गया हुआ था तो उस समय मेरी साली डोली गर्भवती थी। मेरी बीवी घर पर नहीं थी, डोली और मेरी सास घर पर अकेली थी और जब मैं वहाँ पर गया तो डोली पानी और चाय लेकर आई और मैं चाय पानी लेने के बहाने से उनको छुने लगा और उसको शायद पता नहीं होगा मेरे मन में उसकी चुदाई के ख्याल चल रहे थे। डोली ने मुझसे कहा की शालिनी दीदी शाम को आएगी तो मैं बहुत खुश हो गया की आज मज़ा आएगा डोली के साथ। फिर मैंने डोली से कहा की आपकी तबीयत कैसी है? तो उसने कहा की अक्षय जी वैसे तो सब ठीक है, लेकिन पेट पर बहुत खुजली होती है तो डॉक्टर ने मुझे एक दवाई लगाने को कहा है और तुम्हारे जीजू को तो काम से फुर्सत ही नहीं है। फिर मैंने कहा की अरे दीदी इतनी सी बात लाओ मैं लगा देता हूँ, तो डोली ने कहा की ठीक है और वो दवाई की ट्यूब लेने बेडरूम में चली गयी मैं उठा और उसके पीछे पीछे बेडरूम में चला गया और बोला की दीदी आप यही पर लेट जाओ मैं ट्यूब लगाकर मसाज कर देता हूँ आपकी सारी खुजली और गर्मी मैं आज दूर कर दूँगा। मैंने यह सब सेक्सी तरीके से कहा, फिर उसने भी सेक्सी अंदाज से मेरी बात का जवाब दिया, हाँ अक्षय जी देखो ना तुम्हारे जीजू को तो मेरी गर्मी और खुजली दोनों को दूर करने का समय ही नहीं मिलता। चलो तुम ही करो उनके बदले और वो तोड़ा तिरछा होकर पलंग पर लेट गयी और उसने उस समय एक ढीला ढाला पजामा और एक ढीली सी टी-शर्ट पहनी हुई थी और फिर मैंने उससे कहा की…

मैं :- डोली चलो तोड़ा अपनी टी-शर्ट को ऊपर उठाओ।

डोली :- अरे तुम मुझे ऐसे मेरे पति की तरह कहकर क्यों बुला रहे हो क्या तुम्हे पता है की मैं तुम्हारी बीवी की दीदी हूँ?

मैं :- दीदी मैं तो आपके पति की तरह आपकी सेवा कर रहा हूँ ना इसलिए आपको ऐसे बुला रहा था और आप हो ही इतनी सुंदर की मैं अपने आपको रोक ही नहीं सका। मैं तो बहुत नसीब वाला हूँ की मुझे आप बीवी के रूप में नहीं तो साली के रूप में तो मिली जिनकी सेवा करना मेरा अधिकार है और वैसे भी साली भी तो आधी घर वाली ही होती है ना? मैंने उनके गालो को छुकर सेक्सी अंदाज में बोला।

डोली :- हाँ होती तो है, लेकिन सिर्फ़ आधी घर वाली पूरी नहीं, उसने मेरे गालो को प्यार से सहलाते हुए कहा।

मैं :- पहले आज आधी तो मिल जाए, मैं तो धनी हो जाऊंगा अगर आप मेरी आधी घर वाली बन जाओ।

डोली :- चलो अब जल्दी से मसाज शुरू करो नहीं तो मम्मी या शालिनी आ जाएगी।

फिर मैंने डोली की टी-शर्ट को उसके बब्स तक ऊपर उठाया और मेरा हाथ उसके बब्स को छुते ही उसने हल्की सी अंगड़ाई ली और मेरे लंड ने ज़ोर की करवट और फिर मैंने उसके पेट पर हाथ रखा जो की गर्भवती होने के कारण तोड़ा फूला हुआ था और वो जैसे मचल सी गयी। फिर मैंने कहा हुआ यार मेरी प्यारी डोली को? तो वो बोली की ऐसा लगा जैसे मुझे करंट का झटका सा लग गया हो और फिर मैंने उसके पेट पर थोड़ी सी दवाई ली और मसलने लगा। मेरा लंड अब जाग चुका था और अब बाहर आने को बिल्कुल बेताब था और दवाई को मलते हुए मैं उसके बब्स के निचले हिस्से तक पहुँच गया और धीरे से उसके बब्स को छुने लगा। फिर वो एकदम से सिहर उठी और वो मेरे पेंट में बने तंबू को देखकर मुस्कुरई और बोली की आपकी पेंट में क्या कुछ फस गया है? क्यूँ यह आगे से बहुत फूला हुआ लग रहा है? फिर मैंने उसके पेट पर किस करते हुआ कहा की अंदर मेरा प्यार छुपा हुआ है जो आपके प्यार में समा जाने को बेताब है। फिर डोली ने आहें भरते हुए कहा की अक्षय जी मेरी ऊपर तक मसाज करो और आज मुझे बहुत प्यार करो। दोस्तो मैं समझ गया की वो अब बिल्कुल गरम हो चुकी है और मुझसे चुदने के लिए एकदम तैयार है। उसकी चूत मेरा लंड लेने के लिए अब मचल रही है और मैंने भी अभी तक कभी भी कोई गर्भवती रंडी को नहीं चोदा था। फिर मैंने उसकी ढीली टी-शर्ट से उसके मोटे रसभरे बब्स को दबाना शुरू किया, पहले धीरे से और फिर एकदम जंगली जानवर बनकर और उसके मोटे मोटे बब्स मुझे मस्त कर रहे थे और वो भी मज़े ले रही थी और सिसकियाँ ले रही थी ओह अक्षय जी दबा डालो और गंदी गंदी गाली सुनकर मैं भी मस्ती में आ गया और शैतान बनकर उस पर टूट पड़ा और बब्स को काटने लगा। उसकी गुलाबी कलर की निप्पल बड़ी और कड़क हो चुकी थी और उसके आधे बब्स मेरे मुहँ में थे और फिर वो चिल्लाई उईइ…. माँ, मेरे राजा तेरा मुहँ है की जन्नत का दरवाजा, लो मुझे रंडी बनाओ अपनी और ज़ोर से चुसो मेरे बब्स को आईईइ… आज से मैं तेरी रंडी हूँ अहह… तुम मुझे अपनी रखेल बना लो। फिर मैंने कहा की मेरी रंडी डोली तुझको नहीं मैं तेरे बब्स को चूसना चाहता था और मुझे आज मौका मिला है साली रंडी भोसड़ी की, मादरचोद।

मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसका पजामा भी खींच लिया और फिर उसकी ब्रा और पेंटी को भी उतार दिया। मैंने देखा की उसकी जांगे बहुत बड़ी थी और फिर मैंने उसकी चूत में अपना मुहँ घुसा दिया और जीभ को चूत में डालकर चूसने और चाटने लगा। फिर वो जोर जोर से चिल्ला रही थी हाँ और ज़ोर से चाटो मेरी चूत को मेरे कुत्ते अपनी साली की चूत को कचा चबा जा, मेरी चूत के मेरे स्वामी, मेरी चूत के मालिक, ओहह… कितना मज़ा आ रहा है तेरे जीजू ने कभी नहीं चाटा मेरी चूत को वो मादरचोद साला नामर्द है, तू ही असली मर्द है और अब आज से तू मेरा असली पति है और मैं तेरी रंडी हूँ, हाँ और जोर से। फिर उसकी ऐसी बातों से मैं उत्तेजित होकर और जोर जोर से चूत को चाट रहा था और इतने में ही उसने मेरे मुहँ में ही अपना सारा पानी छोड़ दिया और मैं सारा पानी पी गया। फिर मैंने उसको बेड पर बैठाया और अपना लंड उसके हाथ में दिया और फिर मेरा लंड देखकर वो बोली की साले अक्षय मादरचोद तेरा लंड है की लंड की सेना? ऐसे लंड से मैं तो क्या मेरी माँ मेरी सास भी तुझसे चुदने को कभी भी मना नहीं करेगी वाह कितना लम्बा, मोटा और कड़क लंड है तेरा, मेरे बहनचोद आहह… कितना रसीला है? इसे चाटने में कितना स्वाद आ रहा है, आहह… ओहहह… फिर मैं उसका सिर पकड़कर उसके मुहँ को धीरे धीरे से धक्के देकर चोद रहा था और अब मैंने कहा की साली रंडी चल अब एकदम सीधी लेट जा अब मैं तुझे चोदने वाला हूँ।

डोली :- अक्षय जरा आराम से मैं अभी गर्भवती हूँ तुम मुझे चोदो लेकिन बहुत प्यार से और वैसे भी मैं पूरी ज़िंदगी तुम्हारी रखेल बनकर ही रहने वाली हूँ। फिर तू मुझे जब चाहे जी भरकर चोदना और इसलिए अभी तोड़ा आराम से और प्यार से मेरे चुदक्कड़ जीजाजी।

फिर मैंने अपना लंड उठाया और उसकी चूत के मुहँ पर लगाया पहले धीरे से धक्का मारा तो सूपड़ा अंदर चला गया और फिर वो चिल्लाई, लेकिन मैंने और ज़ोर से धक्का दिया जिससे 7 इंच का लंड उसकी कोमल चूत में फिसलता हुआ अंदर चला गया और मैं जोर जोर से धक्के देकर चोदने लगा और अब उसको बहुत मज़ा आ रहा था। फिर वो बोली की हाँ चोद मुझे मैं तेरी रंडी हूँ, चोद आअहहा.. उहह.. और जोर से आईईईई.. चोद फाड़ दे आज मेरी चूत को मादरचोद कितना लम्बा लंड है तेरा तो मेरे गर्भ तक अंदर जा रहा है? आहह… तू आज मेरी चूत से गांड में निकाल अपने लंड को आहह… वो गालियाँ देती जा रही थी और मैं अपनी गर्भवती साली को बेरहमी से चोदे जा रहा था। करीब बीस मिनट तक चूत की चुदाई के बाद उसका पानी निकल गया और वो बोली की चूत से लंड बाहर निकाल लो और अब मेरी गांड में डालो, क्योंकि मुझे गांड मरवाने का बहुत शोक है और मैं हर कभी अपनी गांड में बेलन, गाजर, मूली सब डालती रहती हूँ और तेरे जीजा का 5 इंच का लंड मुझे संतुष्ट नहीं कर पाता, इसलिए तू आज मेरी गांड को चोद। फिर मैंने उसे घोड़ी वाली स्टाइल में किया और उसकी गांड में आधा लंड डाला, आधा लंड अंदर चला गया और वो दर्द से चिल्ला उठी। फिर मैंने कहा की साली, छिनाल एकदम चुप रहकर चुदाई करवा नहीं तो मेरी सास उठ जाएगी और जब वो भी एक बार मेरा लंड देख लेगी तो उसकी चूत में भी पानी आ जाएगा और वैसे भी उसको एक दिन चोदना ही है। लेकिन आज तेरी बारी है और तू आजा जमकर मेरा लंड ले अपनी गांड में और इतना कहते ही मैंने ज़ोर के धक्के से पूरा 7 इंच लंड अंदर डाल दिया। फिर मैं जोर जोर से धक्के देकर उसकी गांड मारने लगा, वो भी उच्छल उच्छलकर अपनी गांड को आगे पीछे करके गालियाँ देकर चुदवा रही थी।

तभी मेरी नज़र दरवाजे की तरफ गयी तो मैं देखकर एकदम से हैरान हो गया, क्योंकि मैंने दरवाजे पर अपनी सास को खड़ा हुआ देखा और मैंने देखा की वो हमारी चुदाई को बहुत ध्यान से देखकर अपनी ऊँगली से अपने आपकी चुदाई कर रही है और मेरी सास ने भी देख लिया की मैंने उनको दरवाजे से देख लिया है, लेकिन मैं अब भी जोर जोर से उसकी गांड की चुदाई कर रहा था और 15 मिनट में डोली की मोटी गांड में झड़ गया और हम दोनों लेट गये। फिर मैंने देखा की मेरी सास भी अब यहाँ से चली गयी और तब से लेकर आज तक मैं डोली की हफ्ते में एक दो बार चुदाई ज़रूर करता हूँ। और अब वो एक लड़के की माँ भी बन चुकी है इसलिए अब चुदाई में और भी मज़ा आता है। मैं उसकी चूत को बहुत मज़े से बिना किसी के डर के चोदता हूँ, क्योंकि हमारी चुदाई अंदर होती है तो मेरी सास बाहर किसी के आने का ध्यान रखती है और वैसे भी अब उसकी चूत से बच्चा तो बाहर आ चुका है, जिसकी वजह से मैं बहुत डर डरके उसको चोदता था और अब मैं उसको जोरदार धक्के देकर चोदने लगा हूँ, जिसकी वजह से वो हमेशा मुझसे खुश रहती है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!