पापा ने करी मेरी गांड में ऊँगली और मिटाई

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम लवली है मेरी उम्र 25 साल की है और मैं पंजाब के लुधियाना की रहने वाली हूँ. हमारे घर में मैं और मेरे मम्मी-पापा ही रहते है. मेरे पापा का एक होटल है और वह खूब अच्छा चलता है, दोस्तों हम सब आपस में खुलकर सभी तरह की बातें कर लेते है, मेरे और मेरे पापा के बीच सेक्स भी चलता है. आज मैं आप सभी को मेरे साथ हुई एक घटना को बताने जा रही हूँ. हाँ तो दोस्तों अब मैं अपनी कहानी को शुरू करती हूँ।

एक रात मैं अपने पापा का लंड सहलाते-सहलाते और टीवी देखते-देखते सो गई और पापा कुछ देर तक बैठे रहे और फिर वह भी उठकर सोने चले गये थे मेरी सुबह जल्दी नींद खुल गई थी क्योंकि मुझको बहुत ज़ोर से सूसू आई थी और फिर मैं सूसू करके बाहर आई तो मैंने देखा कि, मेरे पापा बाथरूम के बाहर खड़े है, और फिर मैंने उनको देखा और उनके गले लगकर उनको गुडमॉर्निंग कहा, पापा आधी नींद में थे तो पापा ने भी मुझको गुडमॉर्निंग कहा और फिर वह बाथरूम में चले गये थे. और फिर जब पापा बाहर आए तो पापा मेरे रूम में आकर मुझसे बोले की बेटे चलने की तैयारी करो हमको सहारनपुर के लिए 9 बजे निकलना है और मैंने गाड़ी मंगवा ली है जो 8 बजे तक आ जाएगी. तो फिर मैंने कहा कि, ठीक है पापा और मैं निपटकर नाश्ता बनाने लगी और पापा भी किचन में आकर अखबार पढ़ने लग गए थे और मम्मी सो रही थी. और फिर मैंने पापा से कहा कि, पापा मैं आपके लिए भी नाश्ता बना दूँ? तो उन्होनें कहा कि, नहीं मैं तो सिर्फ़ दूध ही ले लूँगा. और फिर मैंने चौंककर उनकी तरफ देखा तो वह भी हँस पडे थे और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि, हाँ मैं सही में सिर्फ़ दूध ही पिऊँगा, दोस्तों वह सच में मस्ती के मूड में थे तो मैं भी थोड़ी सी शैतान बनकर उनसे बोली कि, पापा आपको दूध पीना बहुत अच्छा लगता है क्या? तो उन्होनें मुझको कहा कि, हाँ. तो फिर मैंने उनको कहा कि, किसका? और फिर कुछ देर के लिए तो वह चौंक गये थे और फिर वह मेरी तरफ हैरानी से देखने लगे, और फिर मैंने उनको बात को समझाते हुए कहा कि, मतलब भैंस का या बकरी का? और फिर वह हँसने लगे और मैं भी हँसने लगी. और फिर मैंने देखा कि, पापा के शॉर्ट्स के नीचे उनका लंड खड़ा हुआ था दोस्तों पापा रात को अंडरवियर खोलकर सोते है, इसलिए उनका लंड और भी साफ दिख रहा था और फिर मैं किसी बहाने से नीचे झुकी और मैंने पापा को अपनी गांड के दर्शन करवा दिए तो पापा तो बिल्कुल पागल से हो गये थे।

मैं किचन में गैस पर काम कर रही थी और पापा मेरे पीछे आकर खड़े हो गये थे और फिर वह मुझसे बातें करने लगे. और फिर मैं भी थोड़ा सा पीछे सरक गई थी और पापा का लंड मेरी गांड में चुभने लग… और मैं भोली बनकर पापा से बात करती रही, बीच-बीच में कभी-कभी मैं थोड़ा सा आगे की तरफ झुक जाती तो मेरी गांड पापा के लंड पर थोड़ी सी रगड़ जाती जिससे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और पापा को भी खूब मजा आ रहा था. और फिर पापा ने मुझको पीछे से पकड़ लिया था तो मैंने उनसे कहा कि, क्या हुआ पापा? तो पापा ने मुझसे कहा कि, आज तो तुझपर मुझको बहुत प्यार आ रहा है मेरी गुड़िया. और फिर मैं बहुत खुश हो गई थी और फिर पापा ने पीछे से मेरी गर्दन पर किस कर लिया था तो मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा, उस समय मेरा मन तो किया कि, मैं भी पीछे मुड़कर पापा को किस करूँ लेकिन मेरी हिम्मत ही नहीं हुई. और तभी मुझको कुछ सूझा और मैंने भोली बनते हुए पापा से कहा की पापा मेरी गांड में खुजली हो रही है पता नही क्यूँ. तो पापा ने झट से मेरी स्कर्ट ऊपर उठाई और फिर मेरी गांड को सहलाते हुए वह मुझसे बोले कि, कहाँ खुजली हो रही है जरा मुझको बताओ तो? तो फिर मैंने उनको कहा कि, मेरी गांड के छेद के अन्दर. तो फिर पापा ने अपनी एक ऊँगली हल्की सी मेरी गांड के अन्दर डाली तो मैं हल्का सा चिल्लाई तो पापा ने मुझसे कहा कि, क्या हुआ? तो मैंने उनसे कहा कि, पापा दर्द हुआ. तो फिर पापा ने मुझसे कहा कि, रूको मैं तुम्हारी गांड के छेद में क्रीम लगा देता हूँ और फिर पापा क्रीम लेकर आए और फिर उन्होंने थोड़ी क्रीम अपनी ऊँगली पर लगाई और फिर वह अपनी ऊँगली को मेरी गांड में डालने लगे. और फिर धीरे-धीरे पापा ने मेरी गांड में अपनी पूरी ऊँगली डाल दी थी, मुझको दर्द तो बहुत हो रहा था लेकिन अगर मैं चिल्लाती तो मम्मी उठ जाती और हमारा सारा मज़ा किरकिरा हो जाता, इसलिए मैं चुप-चाप मज़े लेती रही. और फिर पापा ने मुझसे पूछा कि, कुछ आराम मिला या नहीं? तो मैंने उनको कहा कि, नहीं पापा अब भी बहुत खुजली हो रही है. तो फिर पापा अपनी ऊँगली को मेरी गांड में अन्दर-बाहर करने लगे तो फिर मैंने उनको कहा कि, हाँ पापा अब थोड़ा ठीक लग रहा है, थोड़ी देर और ऐसे ही करो. दोस्तों उस समय मेरे पापा की तो जैसे कोई लॉटरी लग गई हो वह मज़े से अपनी ऊँगली को मेरी गांड में अन्दर-बाहर कर रहे थे. और फिर मैंने अपनी तिरछी नज़रों से पीछे देखा तो वह अपने एक हाथ से अपना लंड भी सहला रहे थे. और फिर पापा ने मेरी गांड में ऊँगली करते हुए मुझसे पूछा कि, बेटा और कहाँ-कहाँ होती है तुमको खुजली? तो मैंने उनको कहा कि, और भी बहुत जगह पर होती है पापा. तो फिर पापा ने मुझको कहा कि, बताओ मेरी जान कहाँ-कहाँ होती है?

तो मैं उनको बताने ही वाली थी कि, मम्मी की आवाज़ आई और पापा ने एकदम से अपनी ऊँगली मेरी गांड में से बाहर निकाल ली और मुझको बहुत तेज़ दर्द हुआ और मैं हड़बड़ा गई और पापा भी हड़बड़ा गये थे. और फिर झट से वह मम्मी के पास चले गये थे और मेरी गांड तो बिल्कुल सुन्न पड़ गई थी और मुझको ऐसा लग रहा था कि, अभी भी मेरी गांड में पापा की ऊँगली है. और फिर मैं भी मम्मी के पास चली गई थी. मम्मी बेड पर बैठी हुई थी और फिर मैंने मम्मी से पूछा कि, आप कैसी हो? तो उन्होनें मुझको कहा कि, मैं ठीक हूँ और फिर उन्होनें मुझसे कहा कि, तुम लोग इतनी जल्दी कैसे उठ गये, अभी तो 7 ही बजे है? तो मैंने उनसे कहा कि, हमारी नींद जल्दी खुल गई. और फिर मम्मी बेड से उठकर बाथरूम में चली गई थी और मैं और पापा एक-दूसरे को देखकर हँसने लग गए थे. और फिर मैंने उनको एक बड़ी ही सेक्सी सी मुस्कान दी. और फिर मम्मी भी आ गई और फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि, अब हमको तैयार होना चाहिए. तो मैंने भी उनको कहा कि, हाँ और फिर मैं नहाने चली गई थी. मैं सबके लिए नाश्ता तो पहले ही बना चुकी थी. और फिर हम सब तैयार हो गये थे. और फिर मैं सारे हमारे बेग एक-एक करके बाहर के दरवाजे के पास रखने चली गई और तब तक कार भी आ गई थी तो मैं वह सारे बेग कार में सेट करवाने लगी. हमारी कार का ड्राइवर काफ़ी हँसी मज़ाक करने वाला बंदा था. और फिर इतनी देर में पापा-मम्मी भी आ गये थे. अब हम बैठने लगे वह काफी बड़ी कार थी और फिर हमने फ़ैसला किया कि, हम मम्मी को पीछे वाली सीट पर बैठा देंगे और मैं और पापा बीच वाली सीट पर बैठेंगे, और फिर मम्मी भी राज़ी हो गई थी और फिर मम्मी पीछे वाली सीट पर लेट गई थी क्योंकि मम्मी रात को सामान पैक करने के चक्कर में देरी से सोई थी. और फिर हम वहाँ से चल पड़े. पहले तो हम सब लोग चुप-चाप रहे और फिर मैंने देखा कि, मम्मी भी सो गई थी और ड्राइवर कार चलाने में मस्त था और उसने गाने चला रखे थे. और फिर मैंने पापा को देखा तो वह मुझको ही देख रहे थे. और फिर मैं पापा की तरफ हल्की सी खिसकी और फिर मैंने पापा के कन्धे पर अपना सिर रख दिया और पापा मेरे सिर पर अपना हाथ फेरने लगे. मैंने उस समय स्कर्ट पहन रखी थी और फिर मैंने हल्की सी आहहह.. की आवाज़ करी. तो पापा ने मुझसे पूछा कि, क्या हुआ? तो मैंने उनको कहा कि, खुजली हो रही है तो पापा ने पीछे से मेरी गांड पर हाथ लगाते हुए कहा कि, यहाँ? तो मैंने उनको कहा कि, यहाँ भी और कहीं और भी. तो उन्होनें मुझसे पूछा कि, और कहाँ पर? तो मैंने पापा का हाथ पकड़कर अपनी चूत के पास रख दिया. और फिर पापा मेरी तरफ देखने लगे और फिर पापा ने मेरे कान में कहा कि, यहाँ पर कैसे खुजली करूँ, तेरी मम्मी जाग गई तो. तो फिर मैंने उनको कहा कि, मम्मी जागेगी तो रोक देना. और फिर मैंने एक शॉल निकाली और पापा और अपने ऊपर डाल ली. कार में ए.सी. चल रहा था इसलिए मुझको ठण्ड का बहाना मिल गया था और पापा को भी मौका मिल गया था. और फिर पापा ने मुझसे पूछा कि, पहले कहाँ की खुजली दूर करूँ? तो मैंने उनको कहा कि, मेरी गांड की. तो फिर उन्होनें मुझसे कहा कि, तुम खिड़की की तरफ मुहँ करके बैठ जाओ और अपनी गांड को मेरी तरफ कर दो और अपनी पैन्टी को भी उतार दो।

और फिर मैंने अपनी पैन्टी उतारकर अपने बेग में रख ली थी और फिर मैं खिड़की की तरफ झुककर बैठ गई थी जिससे मेरी गांड पापा की तरफ खुल गई थी. और फिर पापा ने पहले तो मेरी गांड सहलाई और फिर हल्के-हल्के से उसमें अपनी ऊँगली डालनी शुरू करी, पापा ने मम्मी के मेकअप बॉक्स में से एक क्रीम निकालकर पहले ही अपनी ऊँगली पर लगा ली थी जब मैं अपनी पैन्टी उतार रही थी. और फिर पापा की ऊँगली मेरी गांड में जाने लगी और मैं अपनी आँखें बन्द करके मज़े लेने लगी. और फिर पापा ने मेरी गांड के बाद मेरी चूत की खुजली को भी दूर किया. उसके बाद मैं पापा की गोद में अपना सिर रखकर लेट गई और मैंने शॉल को पापा के पैरों और अपने मुहँ पर डाल लिया और अन्दर ही अन्दर मैंने उनकी पेन्ट की चेन को खोलकर पहले तो उनके लंड को सहलाया और फिर अपने मुहँ में लेकर खूब अच्छी तरह से चूसा. और फिर पापा के लंड ने अपना सारा प्यार मेरे मुहँ में ही निकाल दिया था। और फिर हम दोनों अपने-अपने कपड़े ठीक करके सही से बैठ गए थे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!