पड़ोस की लड़की ने मेरी प्यास बुझाई

मैं 6 महीने पहले Antarvasna पुणे गया था वहां मैंने रेंट पे फ्लैट लिया. मैं रोज़ सुबह 8 बजे निकल जाता था और फिर दोपहर मैं आता था. मेरे पड़ोसी मिस्टर. शर्मा हे इस आ बिग बिज़्नेसमॅन. उनकी एक लड़की थी सोनिया, जो अमीर बाप की बेटी थी. वो 12त मैं है. वो दिन भर घर मैं अकेली रहती थी. एक दिन मेरे फ्लैट के बाहर एक लिफाफा पड़ा हुआ था. उसने वो देखा और बेल बजाई. मैंने दूर खोला और देखा तो वो सामने खड़ी थी. फिर मैंने उसे अंदर बुलाया. फिर थोड़ी देर बाद लाई फिर उससे मेरी अच्छी फ्रेंडशिप हो गयी थी. हमारे मुलाकात के कुछ 15 दिन बाद वो मेरे कमरे मैं बैठी थी. मैं उसका साथ मस्ती कर रहा था. मस्ती मस्ती मैं मैंने उसे नीचे दबाया फिर वो उठ के चली गयी. फिर दूसरे दिन वो मेरे कमरे में फिर से आई जब वो आने वाली थी उसके पहले मैंने अपने कंप्यूटर पे सेक्सी मूवी लगा के रखी थी, जब वो खड़े मैं आई तो उसने देखा की सेक्सी फिल्म चल रही है. तब मैंने वो फाटक से बंद कर दी, मुझे पता था की वो मुझे पूछेगी की तुम क्या देख रहे थे.

और उसने वही पूछा तो मैंने कहा कुछ नहीं वो तुम्हारे कम की चीज़ नहीं है. तो वो जिद करने लगी. तब मैं उसे कहा की मैं सेक्सी मूवी देख रहा था. तब वो बोली की मुझे भी देखनी है. फिर मैंने मूवी फिर से ऑन की. थोड़ी देर बाद मैं उसके करीब जा के बैठा तो उसने मुझे पूछा क्या तुमने कभी ऐसा किया है? तो मैंने कहा हां. फिर वो बोली क्या इसमें मजा आता है? कैसे करते है? तो मैंने उसे कहा ये तो करने पर ही पता चलेगा. फिर बोली क्या मुझे सीखोगे? मैंने उसे झट से पकड़कर किस किया. फिर धीरे धीरे उसे चूमता रहा, जब मुझे एहसास हुआ की वो पूरी गर्म हो चुकी थी तो मैंने उसके कपड़े उतरना शुरूआत की. उसके कपड़े उतरने के बाद वो उसकी कोमल नाज़ुक जवानी देखकर मैं थोड़ी देर दंग सा रहे गया. फिर मैंने मेरे कपड़े भी उतार दिए और उसे मुंह में लेने के लिए कहा. तब वो बोली की इतना बड़ा मैं तो मर जाऊंगी.

तो मैंने कहा चिंता मत कर मेरी जान मैं धीरे धीरे करूँगा फिर वो मेरा डिक मुंह में लिए 20 मिनट तक चूसती रही. फिर मैंने उसे लिटा दिया और मेरा डिक उसकी चुत पर रखकर धीरे धीरे अंदर डालने की कोशिश कर रहा था. लेकिन पहली बार हुए के कारण वो अंदर नहीं जा रहा था फिर थोड़ी देर धीरे धीरे करने के बीए मैंने मेरा मुंह उसके मुंह में डाल के एक ज़ोर का झटका दिया और पूर अंदर डाल दिया.दम से चीख पड़ी.वो चिल्लाई अहह नहियीईईई अलग हटो… उसका ब्लाडिंग शुरू हो गया था.अब तक लंड 2-3इंच तक अंदर जा चुका थे और वो 8-10 सेकेंड्स मैं धीरे धीरे सिसकने लगी. वो बोली बहुत दर्द हो रहा है. मैं रुक गया और डॉगी स्टाइल मैं लौंडा अंदर हे रख कर थोड़ी देर उसके पीछे बैठा रहा. थोड़ी देर जैसे की रो रही थी वो. फिर थोड़ी देर बाद उसे जब अच्छा लगने लगा और जब ब्लाडिंग बंद हो गया था तब मैंने झटके देना शुरू किया. तकरीबन 20-25 मिनट उसे चोदने के बाद मैंने अपना प्यार उसकी चुत मैं डाल दिया. फिर दो तीन दिन तक वो मेरे यहां आई नहीं. दो तीन दिन बाद जब वो आई उस दिन से फिर मैं दोपहर घर आने के बाद मैं उसे रोज़ चोदता था. लेकिन कॉंडम उसे ना करने की वजह से उसे पेट बैठ गया. और उसके अंकल को पा चल गया की जो कुछ भी हुआ है वो सब मेरी करामात है. फिर उनका और मेरा बहुत जोरों से झगड़ा हुआ. अब मैं पुणे मैं हूँ. अब एक नयी सोनिया की खोज मैं ताकि मेरी प्यास बुझे

पड़ोस की लड़की ने मेरी बुझाई

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