स्नेहा मेरी आंटी की लड़की

मैं , दीपक Antarvasna अभी 20 साल का हूँ और बेंगलोर में इंजीनियरिंग कर रहा हूँ. मेरे आंटी अंकल माइज़ॉयर में रहते है और मैं यहाँ बेंगलोर में स्नेहा के पास रहता हूँ. स्नेहा मेरी आंटी की लड़की है . मेरी हाइट काफी अच्छी है , मैं 6 फीट का हटता कथा जबान हूँ. मेरे औजार के बारे में आपको बाद में पता चल ही जाएगा.

स्नेहा गुप्ता ,उनकी उमर 26 साल है,लेकिन अभी तक उन्होंने सारी नहीं की है…वो काफी इंटेलिजेंट थी और अभी में भी ए करने के बाद वो एक बारे कंपनी में चीफ फाइनान्स ऑफिसर (कफो) है. उनकी अच्छी सॅलरी पॅकेज है और उनका फ्लैट बनार्गतता रोड , बेंगलोर में है. स्नेहा ने ये फ्लैट खरीद लिया है,ये थ्री बेडरूम का फ्लैट है. स्नेहा ने आंटी अंकल को भी उपने साथ रहने के लिए बोला था लेकिन चुकी अंकल माइज़ॉयर में बैंक में काम करते है और हमारे सारे रिलेटिव भी माइज़ॉयर में ही रहते है. इसलिए जब मेरे एनगीननेरिंग में एडमीशन का टाइम हुआ तो स्नेहा ने जिद कर दी की मैं उनके साथ ही रहूं ,जिससे उन्हें भी कंपनी मिले फॅमिली मैंबर का. अब ज़रा मैं अपने स्नेहा की पर्सनल बातें भी काहु आपसे, मेरी स्नेहा बहुत ही खूबसूरत है, उनका भी हाइट मेरे जैसे ज्यादा है, वो 5 फीट 6 इंच की है. उनके लंबे लंबे बाल, उनकी खूबसूरत आंखें , सब लाजवाब है. उनकी मुममे तो बहुत जी जबरदस्त है…और पतली कमर और बड़ी सी चूतड़ ,उनके शरीर को काफी कयामत बना देता है…मैं अगर उनके साइज के बारे में बताऊं तो 38-30-38 है.भारी पूरी है मेरी स्नेहा, रोज जिम जाती है , जो की उनके अपार्टमेंट में ही है.

काव्या गुप्ता , उनकी उमर 23 साल है, और एम भी भी इसे कर रही है और माइज़ॉयर में ही है , वो आंटी अंकल के पास रहती है… उसके बारे में बाद में बात करेंगे ,वैसे वो स्नेहा से थोड़ी पतली है…मॉडल की तरह लगती है..और उसका बॉडी साइज भी लाजवाब है. 36-28-36 का मेजर्मेंट है उसकी बॉडी का.

और भी काफी कॅरक्टर है…लेकिन जैसे जैसे उनकी एंट्री होगी..उनका परिचय करते जाऊंगा.
मेरी केमिस्ट्री बहुत अच्छी थी की भगवान ने मुझे दो-दो मस्त बहने दी थी और वो भी बड़ी बहने.

जब तक मैं कॉलेज में था… अंकल और आंटी के डर से मैंने कभी भी गलत चीज़ के बारे में ना तो सोच पाया ना ही मेरी कोई खास दोस्ती थी चाहे लड़का होय आ लड़की हो. मैं बस पढ़ाई में लगा रहता था क्योंकि मेरी दोनों बहने पढ़ाई में बहुत अच्छी थी इसलिए मुझपर ज्यादा दबाव था उनका.

लेकिन इसे साल से मेरी जिंदगी काफी बदल सी गयी है….जब एक साल पहले मैंने बेंगलोर में इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमीशन लिया और स्नेहा के साथ रहने लगा था. शुरू के दीनों में तो मैं पहले वाला दीपक ही था…लेकिन धीरे धीरे कॉलेज में मेरी दोस्ती भी देने लगी…

मैंने कॉलेज में ना केबल फर्स्ट एअर के लड़कों के दोस्ती की बल्कि दो फाइनल एअर के लड़कों के भी मेरी दोस्ती हो चुकी थी…मेरा मकसद उनसे कॉलेज के नोट्स और क्वेस्चन पेपर लेने का था और उनका मुझे पता नहीं की मुझसे क्यों दोस्ती की ही..

एक दिन मैं उन दोनों के साथ ईवनिंग में कैंटीन में बैठे हुए था. उसमें एक का नाम राजेश था और दूसरे का अब्दुल. जहाँ राजेश थोड़ा छोटे हाइट का दुबला पतला सा लड़का था..अब्दुल काफी हट्टा कट्टा सात हां.और लंबा भी. वो रोज जिम जाता था और अपने बॉडी का बहुत ख्याल रखता था.

हमारी बातें हो रही थी कॅंपस प्लेसमेंट के सिलसिले में..और वो लोग काफी उदास से थे क्योंकि उनकी जॉब अभी नहीं लगी थी…

राजेश : साला पता नहीं…हमारी लॉटरी कब लगेगी…

अब्दुल : सिक्स मंथ से कंपनी आ रही है..शॉर्टलिस्ट करती है और इंटरव्यू में रिजेक्ट कर देती है…

मैं : ऐसा क्यों…

राजेश : आबे पिछले साल तक जो कंपनी 10 लोगों को कम से कम ले जाती थी..अभी केबल 2-3 लोगों को ले गा रही है… उनमें भी सालों को गर्ल्स स्टूडेंट ही पसंद आती है.

अब्दुल: साली हमारी केमिस्ट्री ही खराब है…

मैं : ठीक है..मैं अपनी स्नेहा से बात करता हूँ..तुम्हारे जॉब के लिए…

राजेश : तुम्हारी दीदी…? जो तुम्हारे साथ एडमीशन के टाइम पे आई थी..

मैं : हां..स्नेहा.

अब्दुल : अरे यार मैं तो उन्हें कोई मॉडल या आक्ट्रेस ही समझा था…वो क्या कोई हर हेड है?

मैं : वो कफो है….********** कंपनी में.और अगर वो ट्राइ करे तो हो सकता है की तुम्हारा जॉब लग जाए वहाँ पे…

स्नेहा मेरी आंटी की लड़की – 1