गर्लफ्रेंड की आंटी की चुदाई

मेरा नाम विकास Antarvasna कुमार यादव है ओर मैं छपरा, बिहार का रहने वाला हूँ. दोस्तों, मुझे चुत में ओर गान्ड में लंड देने में बड़ा मजा आता है. मेरी एक गर्लफ्रेंड भी है. उसका नाम सुकुमारी है. वो एक ओरिया लड़की है. इस लड़की की चुत में, मैंने पता नहीं कितनी बार भी लंड दिया है. उसके घर पर भी मुझे सब जानते है ओर वो लोग मुझे उसका सिर्फ़ दोस्त ही समझते है. मैंने इसी बात का फायदा उठा कर, पता नहीं कितनी बार उसकी चुत में उसी के घर पर लंड से उसकी खुदाई की है.

लेकिन, आज मैं आपको उसकी आंटी की चुत में अपने लंड को देने की बात बताने जा रहा हूँ. उसकी आंटी का नाम सोनम है ओर वो किसी भी एंगल से 35 साल के ऊपर की नहीं लगती है. वैसे तो वो है 35 के ऊपर की. लेकिन, उसने अपनी गान्ड ओर चुच्चे ओर शरीर को कसाव को अभी तक बनाकर रखा हुआ है, की वो आज भी जवान दिखती है. उसके चुच्चे बारे, गोल ओर लचीले है. मैंने एक – दो बार, जब वो घर के बाहर कपड़े दो रही थी. तब ऊपर की नागोल से देखा था. ऊपर से उसके चूंचो के बीच की गली बहुत ही मादक दिखती थी. लेकिन, सुकुमारी के साथ होने से मैं ज्यादा देख नहीं पता था. यह बात जून’ 2012 की है. शनीचर का दिन था ओर कॉलेज से हम लोग जल्दी घर आ गये थे. सुकुमारी ने मुझे उस दिन घर में उसकी चुत में लौंडा डालने के लिए, पढ़ाई के बहाने से बुलाया था.

मैं, जब चुत में लंड देने के सपने देखता हुआ; उसके घर पहुंचा. तो सोनम आंटी ने बताया, की सुकुमारी तो अंजिली ओर जमीला के साथ पिज़्ज़ा खाने के लिए चली गयी है. मैं मान-ही-मान छिड़ गया, की साली मुझे चुदाई के लिए बुलाती है ओर खुद पिज़्ज़ा की आंटी चोदने के लिए चली गयी. मैं वहीं वारंडे से निकालने वाला था, लेकिन सोनम आंटी के कहने पर मैं अंदर आ गया ओर बैठा. मैंने सुकुमारी को वहीं से फोन किया ओर उसने कहा – की उसे आने में अभी देरी है ओर अभी 1 घंटा ओर लगेगा. उसने मुझे इशारो- ही – इशारो में इंतजार करने को कहा. साली की चुत में खुजली थी, तो पिज़्ज़ा खाने के लिए क्यों गयी थी? मुझे गुस्सा आ रहा था, लेकिन सोनम आंटी खड़ी थी; इसलिए मैंने आराम से बात की. सोनम आंटी तभी मेरे लिए पानी लेकर आ गयी ओर मैंने सामने वाले सोफे पर बैठ गयी. मैंने देखा, की सोनम आंटी का लोंग गाउन पीछे से फटा हुआ था ओर अंदर से उनकी काली पेंटी दिख रही थी. बहुत सारी औरतों को इसे खुले में घूमने का सुख होता है.

मेरा लंड तो वैसे भी चुत में जाने को तैयार ही था ओर आंटी की पेंटी को देखकर, तो मैं ओर भी हॉर्नी हो गया. आंटी को मैंने अंकल के बारे में पूछा. आंटी ने बताया, की घर के नौकर शामऊ दादा के यहाँ शादी है. इसलिए अंकल वहाँ गये है. घर में उस वक्त आंटी ओर मेरे अलावा कोई नहीं था. ओर एक कहावत के अनुसार, मेरे दिल में शैतान जगह चुका था. लेकिन मैंने सोचा, यदि आंटी को छेद; तो बेटी की चुत से भी हाथ दोनों पड़ेगा. तभी आंटी उठकर मेरे लिए सेब काट कर ले आई ओर अब की बार, वो मेरे पास आकर बैठ गयी.

मुझे सोनम आंटी का ये कदम शक पेड़ा करना वाला लगा. उसने अपनी जांघों को मेरी जांघों से सटकर रख हुआ था. मेरी सांसें फूलने लगी ओर मेरा लंड भी. मैं आंटी से नज़रे नहीं मिला पा रहा था, क्योंकि मेरे दिल में खोट थी उसकी चुत को चोदने की. लेकिन, जब मैंने आंटी की तरफ देखा, तो वो भी नज़रे चुरा रही थी. तो क्या सोनम आंटी भी मुझसे चुदवाना चाहती थी. मैंने मान में सोचा, चलो देखते है; की बुद्घि घोड़ी कहाँ तक भागती है ओर भागती है. मैंने हल्के से अपनी जाँघ को आंटी की जाँघ से ओर सटा दिया. आंटी कुछ नहीं बोली, मेरे होश तो तब उधे. जब आंटी ने कहा – चलो विकास, बेडरूम में बैठते है. यहाँ गर्मी है. मैंने वहाँ इसे चला देती हूँ.

मैं सोनम आंटी की चुत की खुजली भाँप गया. आंटी मेरे आगे चल रही ओर मैं उसकी इधर से उधर मटक – मटक कर चलती मटके जैसे गान्ड को देख रहा था. आंटी ने मुझे बैठाया ओर इसे ऑन कर दिया. मुझसे रहा नहीं गया ओर आंटी जब स्विच के पास थी. तभी मैंने खड़े होकर टेबल से मैगज़ीन इस तरह से उठाई, की मेरा लंड उनकी गान्ड से टच हो गया. आंटी कुछ भी नहीं बोली, लेकिन मेरे लंड की गर्मी उसे जरूर महसूस हुई होगी. मैंने जनभुजकर एक – दो मैगज़ीन टटोले. ताकि, लंड ओर गान्ड का कनेक्षन थोड़ी देर तक जमा रहे. आंटी ना तो कुछ बोल रही थी ओर ना ही अपनी गान्ड हटा रही थी. मैंने मैगज़ीन को वापस रखा ओर सीधे आंटी की कमर के ऊपर हाथ रखकर उसे सहलाने लगा.

आंटी की सांसें फूल चुकी थी. शायद, उसकी चुत भी मेरे जैसे जवान लंड का सहवास माँग रही थी. अनउटी ने आज मौका देखा ओर अपनी चुत को मेरे लाउड एक रस में भीगने का फैसला कर लिया था. मैंने अपने हाथों को अब आंटी की कमर से उठाकर उनके बूब्स पर रख दिए. आंटी बोली – विकास, क्या कर रहे हो? मैंने कहा – कुछ नहीं आंटी, आप बहुत प्यारी हो? इसलिए आपको प्यार कर रहा हूँ. अनउटी ने हँसी से मेरे जवाब को चुदाई की मुहर लगा दी. मुझे उसके हँसने से ही पता चल गया था, की उसे भी लंड की खुराक अपनी चुत में लेने का मान था. मैंने उसके गऊन्न को उठाया ओर सर्कस के तंबू के जैसे गऊन्न को उठाते ही, आंटी की लाल ब्रा ओर काली पेंटी मेरे सामने आ गये.

आंटी ने ब्रा – पेंटी के ऊपर ही गऊन्न डाल रखा था. मैंने आंटी के कंधे को पकड़कर उनको अपनी तरफ घुमाया ओर धीरे से उनके बूब्स को पकड़ लिया. आंटी के बूब्स बारे थे, लेकिन लचीले ओर अंदर से सख्त थे. मैंने पीछे हाथ ले जाकर ब्रा का हुक खोल दिया. बिलकुल किसी जवान औरत की तरह ही आंटी के चुच्चे बहुत मस्त थे. मैंने चूंचो को थोड़ा मसलने के बाद, अपना मुंह उनके ऊपर रख दिया. आह, आंटी की सेक्सी निप्पल मेरे मुंह में थी… सच बताऊं दोस्तों, सुकुमारी के चुच्चे से तो उसकी आंटी के चुच्चे ज्यादा अच्छे थे. मैंने ज़ोर – ज़ोर से दोनों चूंचो का रसपान किया ओर आंटी मेरे शर्ट के स्तनों खोलने लगी.

देखते ही देखते, आंटी ने मुझे नग्न कर दिया. वो मेरे लंड को अपने हाथ से माल रही थी ओर मुझे उसके ऐसा करने से बहुत ही मजा आ रहा था. आंटी ने लंड के सुपाडे को अपने दोनों हाथों के बीच में पकड़ा ओर जैसे वाउ ओ बेलन को रगड़ रही हो.. वैसे रगड़ रही थी. मुझे आंटी का अजीब खेल समझ नहीं आया. लेकिन उसमें मजा बहुत भरा हुआ था. सोनम आंटी की पेंटी को अब मैंने शाइर से उतरा. उसकी चुत में चाँदी जैसी चमक थी. साली, आंटी बाल भी निकाल कर बैठी हुई थी.

मैंने आंटी की चुत में धीरे से अपनी उंगली डाली ओर उंगली के चारों तरफ मुझे चिकनाहट ओर गर्मी का अहसास हो रहा था. आंटी ने अपनी आंखें बंद कर दी. उसके लिए, यह शायद असह्य हो चला था. मैंने उंगली को ज़रा ज़ोर लगा कर पूरी के पूरी उसकी चुत में दे दिया था. आंटी अहहहहः अहहहाहा ऊहह अहहहहाहा ह्म्‍म्म्मम मर गयी ओर ज़ोर से …. इसे ही करते रहो… कर रही थी ओर मैंने उसकी चुत को अपनी उंगली से मस्त चोद रहा था. आंटी अब बिस्तर के ऊपर लेट गयी थी ओर वो बिस्तर से चिपक कुकटि थी. मैं जाकर उसकी दोनों टांगों के बीच में बैठ गया था. मैं इतनी चिकनी चुत देखकर, उसमें जबान डालने का मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहता था.

मैंने सीधे अपनी गर्दन को झुकाया ओर आंटी की चुत में जबान डाल दी. आंटी की अहहः अहहाहा ओर भी तेज हो गयी थी, मैंने धीरे – धीरे कर के पूरी जुबान को चुत में घुसा दिया. आंटी ने मेरे माथे के बालों लो नोंच डाला. उसे भी इस सेक्सी मुखहमतून से मजा आ रहा था. मैंने आंटी की दोनों जांघों को पकड़ा हुआ था ओर मैं उसकी चुत की गहराई तक अपनी जबान से जैसे चुंबन दे रहा था. आंटी अहहः अहहाहा ऊऊओह …. विकास्स्स्सस्स …एयाया विकाआसस्सस्स… मजा आ रहा है. ऊऊओ ह्म्‍म्म्म… इसे ही करते रहो.. वो .. मजा आ रहा है.. प्लीज़ प्लीज़. इसे आवाज़ निकल रही थी. आंटी की चिकनी चुत को चाटने का अपना आला गयी मजा था, दोस्तों. मैंने सुकुमारी की चुत भी आंजाइना बार छाती थी, इस से पहले.

लेकिन, शायद मैं उन बहुत कम लोगों में से एक था. जिन्होंने आंटी ओर बेटी दोनों की चुत को चाटने का सोभाग्या पाया था. आंटी भी अब मस्त मस्तिया हो गयी थी. उसने मेरे बड़ी ज़ुल्फो को नॉचकर खराब कर दिया था. मैंने अब खड़े होकर अपना लंड सोनम आंटी के मुंह के करीब रख दिया. सोनम आंटी को पता था, की क्या करना है ओर उसने सीधे लंड के सुपाडे के ऊपर अपनी जबान को फेरा ओर अपनी चुत में उंगली डाल दी. उसने सीधे लंड के सुपाडे के ऊपर अपनी जबान पेयरी ओर अपनी चुत में उंगली डाल दी. तो एक तरफ अपनी चुत में उंगली कर रही थी ओर इधर मेरे लंड को चूस रही थी. आंटी ने बहुत ही तरीके से लंड को चूसा था. वो जैसे की स्ट्रॉ से कुछ पी रही हो. वैसे लंड को खिच – खिच कर चूस रही थी. मैंने भी आंटी के मुंह को दोनों हाथों के बीच में लिया ओर अपने लंड को ज़ोर – ज़ोर से धक्के लगाने लगा. आंटी के मुंह से थूक निकल कर उसको होठों के साइड से बाहर आ रहा था. उसके मुंह की आंटी चुद गयी थी.

मैंने लंड को अब आंटी की चुत के ऊपर रखा ओर धीरे – धीरे कर के पूरा लंड आंटी की चुत में घुसेड़ दिया. सोनम आंटी आहहाहा आआअहह आआआररर्र्ररर… करती रही ओर मैं ज़ोर – ज़ोर से उसकी चुत को छेद रहा था. आंटी की चुत की गर्मी मेरे लाउड एक ऊपर मजे महसूस हो रही थी. आंटी की चुत के अंदर, जब पूरा लंड जाता था. तो वो मेरे लंड को अंदर काश लेती थी. मेरे लंड के ऊपर अजब का दवाब आ जाता था ओर ऊपर से चुत की गर्मी. सही में, बड़ी चुदकत थी वो, मेरी गर्लफ्रेंड सुकुमारी की आंटी . मैंने अब सोनम आंटी की टांगों को थोड़ा ऊपर किया ओर फिर उन्हें उठाकर अपने कंधे के ऊपर रख दिया. सोनम आंटी की चुत में, मेरा लंड उस वक्त धारा का धारा ही हुआ था. मैंने आंटी की दोनों टांगों को कंधे पर रखते ही, आंटी की चुत के अंदर जैसे मेरा लंड ओर भी ड्गाज़ गया.

मुझे लगा की चुत के अंदर लंड को ओर घुसने में सफल हुआ था. अब मैंने आंटी के घुटनों के पीछे वाले हिस्से में अपने हाथ दिए ओर मैंने ज़ोर – ज़ोर से आंटी की चुत को मारने लगा. सोनम आंटी भी जाएसए आज लंड को परास्त करने के मूंड़ में थी. वो भी बराबर का वाइल्ड वाला साथ दे रही थी. उसने भी चुत उठा – उठा कर मुझसे चुदाई करवाई. 10 मिनट की हार्डकोर चुदाई के बाद, जब मेरा लंड पानी चोद वाला था. तभी आंटी ने मुझे लंड चुत से बाहर निकालने को कहा.

जैसे ही, मैंने लंड को चुत से बाहर निकाला. आंटी नीचे बैठ के मुंह के अंदर लंड लेकर उसे ज़ोर – ज़ोर से चूस देने लगी. चुत में से निकालने लंड को पानी चोद में ज़रा भी देर नहीं हुई ओर यह बुखी शेरनी जैसी सोनम आंटी, मेरा सारा मूठ पी गयी. हमने कपड़े पेगन लिए ओर सोनम आंटी मेरे लिए नाश्ता लेकर आई. कुछ मिनट बाद, सुकुमारी भी आ गयी. मैंने एक घंटे के बाद, उसकी चुत को भी लंड से दे मारा. अब, मैं अक्सर जब अंकल नहीं होते, तब उनके घर आता – जाता रहता हूँ. सुकुमारी मिली तो ठीक; नहीं तो आंटी की गान्ड ओर चुत मेरे स्वागत में हमेशा में ही खुली रहती है.

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