मेरी गर्लफ्रेंड 2

उस दिन के बाद Antarvasna मेरे ओर संजना के रीलेशन में काफी बदलाव आ गया अब तो हम जब भी मिलते थे मौका मिलते हे एक दूसरे की बाहों में खो जाते न लिपट लिपट कर खूब प्यार करते, पर अभी तक ये सिर्फ़ कपड़ों के ऊपर से हे था हाँ ब्रा के अंदर 2-3 बार हाथ डालने का मौका दोबारा मिला था. मुझे ऑफिस की तरफ से एक कार मिली हुई थी तो में ऑफिस से निकलते हे संजू के घर के पास पहुंच जाता मिलने न हम घूमते फिरते. एक दिन हम ऐसे हे घूम रहे थे मैंने संजू से ऐसे हे पूछ लिया की क्या यहां कोई जगह नहीं आस पास जहां हम सुक्कों से रुक सके, तो उसने कहा पास में हे एक जगह है वो एरिया के आउटसाइड वाली रोड थी जिसपर अंधेरा होने के बाद 1-2 लोग हे जा करते थे लेकिन प्राब्लम ये थी की वो रास्ता काफी पतला था न वहां कार से जाना पॉसिबल नहीं था. तो हमने नेक्स्ट टाइम वहां चलने का प्लान बनाया वो जगह संजना के घर से 2 किलोमीटर हे होगी. तो उस दिन मैंने संजू को पिक किया न उसी रोड के पास पहुंच गये. लेकिन वो जगह मुझे सही नहीं लगी क्योंकि उसी रोड के पास से एक पतला सा रास्ता जो साइकिल वाले बना लेते है आपने लिए वो निकल रहा था, जिसके एक तरफ पेड़ थे तो दूसरी तरफ थोड़ा गहराई में खेत थे.

हमने उस रास्ते के बाहर गाड़ी पार्क की न उस पर चलने लगे, अंधेरा हो चुका था तो कोई देख लेगा इसका डर नहीं था. थोड़ी दूर आकर, पेड़ ओर घने हो गये थे तो वहां तक आते आते हम दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ कर बातें करते हुए चल रहे थे, तो जब अब हम काफी आ गये तो हमें सेफ जगह देख कर वहां रुक गये. आप लोग भी सोच रहे होंगे जब इतना हे मूंड़ था तो किसी रूम में चले जाते, पर हमारे बीच में इस सबकी अभी तक कोई बात तक नहीं हुई थी, ना इसके बारे में सोचा था अभी, दोनों के फर्स्ट टाइम था तो थोड़ा डर भी था. खैर आगे बताता हूँ, वहां रुक कर मैंने संजू की पतली कमर में हाथ डाल कर उसे अपनी तरफ खींच लिया न उसे अपनी बाहों में ले लिया, संजू ने भी मेरा साथ देते हुए अपनी बहन मेरे चारों तरफ फैला दी. उस दिन संजना ने टी-शर्ट न लोवर पहना हुआ था न मैंने भी क्योंकि हम शाम को घर से यही कहकर निकला करते थे थे की घूमने जा रहे है. बाहों में लेते हे संजू ओर में एक दूसरे पर टूट पड़े न एक दूसरे के होठों को पागलों की तरह चूसने लगे, संजू रोज शाम को नहा कर आती थी न कुछ लगाया करती थी वो अपनी बॉडी पर जिसकी खुशबू बहुत हे प्यारी हुआ करती थी, प्यारी सी कमसिन लड़की प्यारी प्यारी खुशबू के साथ किसी को भी पागल बना दे यही हाल मेरा था. होठों के बाद जीभ का सिलसिला चल पड़ा वो मेरी जीभ को लेकर चूस रही थी न में उसकी.

यही करते करते मेरे हाथों में कब संजू की बूब्स आ गये पता हे नहीं चला न में उन्हें दबाता गया, जिसकी वजह से संजू के मुंह से बीच बीच में आआहह की आवाज़ भी निकल जाती. धीरे धीरे मैंने आपने हाथ संजू की ब्रा के अंदर से संजू के नंगे बूब्स को दबा रहे थे. बूब्स दबाते दबाते हुए मैंने संजू को वही एक पेड़ पर सटा दिया न उसका टॉप उठा कर उसके बूब्स मुंह में लेकर चूसने लगा न्ड संजू मेरे बालों में हाथ घुमा घुमा कर जैसे आअहह की आवाज़ निकल रही थी. उस दिन में ओर आगे बढ़ना चाहता था, तो मैंने बूब्स चूसते हुए आपने दोनों हाथों से संजू की गांड को प्यजमे के ऊपर से पकड़ लियान उसे सहलाने लगा. संजू की गांड का में दीवाना शुरू से हे था, न मुझे लड़कियों में सबसे ज्यादा पसंद उनकी गांड हे आती है. प्यजामा पतला था जिसकी वजह से मुझे संजू की पेंटी की लाइन आपने हाथों पर फील हो रही थी. देर ना करते हुए मैंने अपना हाथ संजू के लोवर में डालना स्टार्ट किया जिस से संजू एक दम शांत हो गयी न अपनी आँकेह बंद करके खड़ी हो गयी. अंदर हाथ डालते हे मेरे हाथ संजू की पेंटी पर गये वो गीली थी. नहाने के बाद गीले बदन पर कपड़े पहन लेने पर वो गीले हे रहते है हल्के हल्के. पेंटी को पकड़ कर मैंने धीरे से अपना हाथ संजू की पानेती में डालना स्टार्ट किया हाथ अंदर डालते हे संजू के ठंडे ठंडे चूतड़ पर मेरा हाथ पड़ा न मुझे एक बहुत हे सॉफ्टनेस का एहसास हुआ. ओर अंदर हाथ डालने पर चूतड़ गरम हुए गये न अब मेरे दोनों हाथों में संजू के नंगे चूतड़ थे जो ऊपर की साइड गरम न नेच्चे से गरम थे. में उन्हें आपने हाथों से सहलाता जा रहा था न संजू मुझे काश के पकड़ कर खड़ी हुई थी.

फिर मैंने धीरे से आपने हाथ संजू की गांड की दरार में अपनी फिंगर्स डालनी शुरू की जो की पस्सेनए की वजह से गीली हो रही थी, फिंगर्स नीचे लेट लेट कुछ खुर्द्रा सा सूखा सूखा सा मुझे फील हुआ, जो में समझ गया की संजू की गांड का छेद है. एक हाथ से संजू के चूतड़ सहलाता न एक हाथ से उसकी गांड के छेद को. थोड़ी देर ऐसे हे करने के बाद मैंने अपनी फिंगर गांड पर रख कर दबाने की कोशिश की जो की पूरी तरह से असफल रही क्योंकि संजू की गांड बहुत ज्यादा टाइट थी.

1-2 बार ओर ट्राइ करने पर भी फिंगर ना अंदर जा पाई जो में समझ गया की ये ऐसे नहीं जाएगी. फिर मैंने आपने हाथ में थोड़ा थूक लेकर संजू की गांड के छेद पर उसे लगाया न फिंगर से उसे रब करने लगा, रब करते करते वो जगह काफी गीली हो गयी फिर दोबारा अंदर फिंगर डालने की कोशिश की तो वो थोड़ी अंदर चली गयी न अंदर जाते हे संजना ने मेरे हाथ को पकड़ लिया पर थोड़ी देर ऐसे हे फिंगर अंदर रहने के बाद उसने मेरा हाथ चोर दिया न मैंने अपनी फिंगर ओर अंदर डालनी स्टार्ट की. धीरे धीरे पूरी फिंगर अंदर चली गयी, संजू मुझे कहती गयी की दर्द हो रहा है पर में अंदर फिंगर डालता गया, कयको में संजू को रेडी करना चाहता था.

दोबारा थोड़ा थूक लेकर मैंने फिर एक बार अंदर फिंगर डाली जो इस बार पहले के मुकाबले थोड़ा आराम से अंदर चली गयी न संजू को ज्यादा दर्द भी नहीं हुआ. अब में संजू की गांड में अपनी उंगली को धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा. जगह ज्यादा सेफ ना होने की वजह से ओर ज्यादा आगे बढ़ना उस जगह पर सही नहीं था. तो हम वहां से साइड वाले खेत में नीचे उतार गये वहां कुछ झाड़िया थी जहां से हमें कोई नहीं देख सकता था पर बैठने की जगह नहीं थी. तो हम खड़े होकर फिर एक दूसरे के पास आ गये. इस बार मैंने संजू को उल्टा किया न उसे थोड़ा झुकने के लिए कहा. संजू समझ गयी की में क्या चाहता हूँ तो उसने मना किया की नहीं यहां नहीं न दर्द भी होगा, पर मेरे समझने पर वो मान तो गयी. संजू दूसरी तरफ मुंह करके सीधी खड़ी हो गयी, न मैंने संजू को पीछे से पकड़ लिया न अपना लंड जो अब तक पूरी तरह खड़ा हो चुका था उसे संजू की गांड से चिपका दिया. देर ना करते हुए धीरे से संजना का प्यजामा मैंने घुटने तक कर दिया न साथ साथ पेंटी भी.

अंधेरा था दिखना तो पॉसिबल नहीं था पर हल्के हल्के संजू की गोल गांड के सफ्फेड साफ़ेद चूतड़ अंधेरे में भी ग्लो कर रहे थे. थोड़ा आगे तरफ कर मैंने फिर अपनी फिंगर संजू की गांड में डालनी स्टार्ट की जो अब आराम से अंदर बाहर जा रही थी, फिर मैंने अपनी दूसरी फिंगर पर भी थूक लगा कर गांड में डालनी स्टार्ट की जो की काफी मुश्किल से अंदर गयी न संजू ने रुक जाने के लिए कहा मुझसे, कुछ रुकने के बाद अब मेरी 2 फिंगर्स संजू की गांड के अंदर बाहर हो रही थी अब सब कुछ रेडी थी, मैंने फिंगर्स बाहर निकली न संजू को सीधा करके उसे एक किस किया न कहा “जान थोड़ा दर्द होगा” न उसने कहा “कोई बात नहीं तुम्हारे लिए से लूँगी”. तब संजू को घूम कर खड़ी हो गयी न मैंने जेब से रूमाल निकल कर उसे ज़मीन पर रख दिया, ज्यादा तो नहीं पर संजू के घुटने उस पर जररूर आ गये, अब संजू ज़मीन पर डॉगी स्टाइल पर थी घुटने रूमाल पर, हाथ ज़मीन पर, न उसका प्यजामा न पेंटी नीचे तक. देर ना करते हुए मैंने अपना लंड बाहर निकाला जो अब तक बहुत देर से खड़े होकर दुख रहा था न उस पर प्री कम काफी आ चुका था. मैंने काफी सारा थूक आपने लंड पर अच्छी तरह से लगाया न संजू की गांड के छेद पर भी उंगली से अंदर भर अच्छे से लगा दिया.

जिस गांड को सोच सोच कर काफी बार मूठ मारी थी आज वो गांड मेरे सामने थी, नरम गोरी गोरी न बहुत हे अच्छी शेप में, टाँगों के बीकच में से काला काला चमक रहा था जो की उसकी चुत थी, पर अंधेरे की वजह से कुछ नहीं दिख पा रहा था. देर ना करते हुए मैंने आपने लंड को उसकी गांड के छेद पर लगाया, मेरा लंड 6 इंच लंबा है, न अराउंड 3 इंच डाइयामीटर में है. बाकी कहिणयो की तरह झूठ नहीं बोल रहा. जो है वही बटुंगा जैसा हुआ वैसे हे बटुंगा. गांड के छेद पर लगा कर मैंने संजू की कमर को आपने हाथ से पकड़ा न हल्का लंड को आगे की तरफ पुश किया, जो थूक लगने से काफी चिकना हो गया था न वो थोड़ा अंदर घुस गया. न संजू न अपनी गांड टाइट कर ली, शायद उसे दर्द हुआ था. पर अभी तो कई अंदर जाना बाकी था. काफी स्टोरी पढ़ चुका हूँ अब तक न मूवीस भी देखी है तो आइडिया तो हो चुका था कैसे क्या करना है, हल्का ओर अंदर पुश किया तो संजू ने कहा “राहुल बहुत दर्द हो रहा है” में इस चान्स को हाथ से नहीं जाने देना चाहता था, तो मैंने आगे हाथ ले जा कर दोनों हाथ से संजू के बूब्स को सहलाना स्टार्ट कर दिया न इस से उसे कुछ अच्छा फील होना स्टार्ट कर दिया थोड़ा रुकने के बाद मैंने ओर हल्का पुश किया तो आधा लंड अंदर चला गया पर संजू को काफी दर्द हो रहा था जो उसने मुझे बाद में बताया, पर उसने कुछ ना बोला पर ये में जनता जररूर था.

तो मैंने बूब्स को चोर के अब हाथ आगे ले जा कर संजू की गरम गरम बालों वाली चुत पर रख दिया, मेरे हाथ के बराबर थी संजू की चुत, उभरी हुई उस वक्त वो बहुत हे गरम थी न काफी गीली भी हो चुकी थी. अपनी फिंगर से मैंने हल्का हल्का उसके चुत के ऊपर से उसे सहला रहा था न फिंगर को हल्का अंदर डाला जो आधा इंच हे अंदर गयी क्योंकि संजना वर्जिन थी, जिस से मुझे बहुत खुशी हुई, अब एक आंगूठे से में संजना की ग स्पॉट को सहलाने लगा न फिंगर से फिंगिरींग, जो बिलकुल बाहर हे थी, पर संजू को बहुत मजा आ रहा था उसमें, न उसने मजे में हे अपनी गांड को थोड़ा पीछे की तरफ किया न मैंने भी उसी वक्त मैंने भी अपना लंड आगे पुश किया, मेरा पूरा लंड संजना की गांड में था पर उसने अभी तक कुछ नहीं गया, ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने बहुत टाइट से मेरे लंड को पकड़ा हुआ था.

न मेरे लंड में भी दर्द ही रहा था शायद 1st टाइम था इसलिए. कुछ देर संजू को सहलाने के बाद मैंने हल्का भर की तरफ करके अंदर डाला तो लंड में दर्द होने लगा, उसकी स्किन पीछे हो रही थी तब. 10-12 बार अंदर बाहर करने पर हे मेरे लंड से पानी निकल गया जो मैंने संजू की गांड के अंदर हे चोर दिया, न में संजू के ऊपर गिर गया, पर आपने हाथों से संजू की चुत को सहला रहा था न कुछ सेकेंड बाद हे संजू का बदन भी अकड़ गया न उसका भी पानी निकल गया. सिकुड़ कर लंड बाहर निकल गया न हम वैसे हे पड़े रहे. मेरे लंड में काफी दर्द हो रहा था, मैंने उठ कर संजू को खड़ा किया न हमने आपने कपड़े ठीक करे संजू ने जब मेरी तरफ देखा तो उसका आंखों में आँसू आए हुए थे जो की आँधेरे में हल्की फुल्की रोशनी में चमक रहे थे, मैंने हाथ लगा कर देखा तो वो आँसू हे थे, तब संजना ने बताया की बहुत दर्द हो रहा था, पर वो मेरे लिए ये सब कर रही थी ये सुन कर मैंने संजू को अपनी बाहों में ले लिया न उसे गले लगा कर वैसे हे खड़ा रहा. दोस्तों ये भी एक बहुत हे प्यारा एहसास होता है किसी की बाहों में होने का, मान को बहुत शांति मिलती है. फिर हम वहां से निकालने लगे काफी टाइम हो चुका था हमें. संजू न मेरे बहुत दर्द हो रहा था, हम दोनों घर जाते हे सो गये. नेक्स्ट डे बात हुई तो संजना ने बताया की उसके अभी भी दर्द है, मेरे बारे में पूछा तो दर्द तो मेरे भी था. 2 दिन तक वो दर्द रहा. फिर दोनों ठीक हो गये.

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