मैं, मेरी भाभी और वो

भाइयों और सहेलियों मैं आपके Antarvasna साथ अपनी स्टोरी शेयर करने जा रहा हूँ. उम्मीद है आपको पसंद आएगी. स्टोरी शायद थोड़ी स्लो मूव करे सो प्लीज़ एडजस्ट अकॉर्डिंग्ली. मैं स्टोरी को बिलकुल रियलिटी से जोड़ कर पेश करूँगा. आपके कॉमेंट्स का इंतजार रहेगा.

मेरा नाम गौरव है. अभी पिछले महीने मैंने लाइफ की सिल्वर जुबली कंप्लीट की है, यानि मैं 25 साल को हो गया हूँ. दिखने में ठीक-ठाक हूँ, यू कॅन से अबव एवरेज लुक्स. भगवान की कृपा से हाइट 6 फीट है और जिम की कृपा से फिज़ीक बढ़िया है. काफी टाइम जिम करने के बाद भी मेरी बॉडी किसी बॉलीवुड स्टार जैसे सलमान, हृतिक या जॉन जैसे तो नहीं है लेकिन मेरी एथलीट-टाइप की बॉडी है क्योंकि मैं फिट रहने में ज्यादा विश्वास रक्त हूँ.

मेरे पहले 1-2 अफेर्स हो चुके हैं लेकिन मेरी शाइ नेचर के कारण मैं ज्यादा मजे नहीं ले पाया. स्कूल, कॉलेज और ऑफिस में कई लड़कियाँ पसंद आई लेकिन उन्हें जा के प्रपोज़ करने की हिम्मत नहीं हुई. प्रपोज़ तो चोरो उनसे जा के ही! तक कहने की हिम्मत नहीं हुई. अब आप मुझे फट्टू कहो, शाइ कहो या डीसेंट कहो, यह आपके ऊपर है.

मैं अपनी लाइफ का वो किस्सा शेयर करने जा रहा हूँ जब मेरे घर के सामने एक नयी फॅमिली रहने आई. मेरी कॉलोनी एक आम कॉलोनी की तरह है जिसमें ज्यादा ही-फ़ि लोग तो नहीं रहते लेकिन हाँ सब सिविलाइज़्ड लोग रहते है. मैं अपनी फॅमिली के साथ फर्स्ट फ़्लोर पे रहता हूँ. मेरे सामने वाले घर में आंटी-अंकल ग्राउंड फ़्लोर पे रहते है जिनका वो मकान है और फर्स्ट फ़्लोर वो किराए पे देते हैं. उन लोगों से हमारी अच्छी बनती है. अभी हाल ही में पुराने किरायेदार गये हैं क्योंकि उनकी ट्रांसफर किसी और सिटी में हो गयी है. सामने वाली आंटी ने कहा था की अगर कोई मकान रेंट पे लेना चाहता हो तो बता देना.

मैं पहले कॉल सेंटर में जॉब करता था लेकिन नाइट शिफ्ट और कॉलिंग से बोर हो के मैंने जॉब चोर दी. कंप्यूटर्स में मैं शुरू से ही बढ़िया था तो सोचा की घर पे ही कुछ काम किया जाए. तो 3-4 महीने से मैं ऑनलाइन काम कर रहा था. इस वजह से रात को देर से सोता हूँ और उसे वजह से सुबह या कहना चाहिए दोपहर को लेट उठता हूँ. घर वालो से काफी बार दाँत भी पढ़ती थी वो कहते थे जल्दी सोया कर नहीं तो सेहत खराब हो जाएगी. अंदर से मुझे भी पता था की वो ठीक कह रहे हैं लेकिन आज-कल घर वालो की बात सुनता कौन है? हमें तो अपनी ही मर्जी करनी होती है. लेकिन बाद में रियलाइज़ होता है की घर वाले सही कह रहे थे. उनके बात सुनी होती तो फायदे में रहते!

मैं, मेरी भाभी और वो! (Hindi Font Story) – 1

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