ग़ज़ल भाभी की चुदाई ब्लॅकमेल करके

अब मैं आपको नज़नीन के बारे Antarvasna में बता दम ग़ज़ल बहुत खूबसूरत है वो एक दम फिल्म आक्ट्रेस जैसी दिखती हें आपने 2 साल पहले इंडिया में एक फिल्म आई थी जिसका नाम इनकार था उस फिल्म में हीरो जॉन अब्राहम था ओर एक हेरोइन चित्रगड़ा सिंग है ग़ज़ल बिलकुल उस हेरोइन की तरह दिखती है.

अब में ग़ज़ल के साथ हुआ एक पुराना किस्सा बता दम जब ग़ज़ल 18 साल की थी में उसको तब से जनता हूँ ग़ज़ल का बाप थोड़ा गरीब था पैसेवला नहीं था, उस समय में एक दोस्त था जिसका नाम जावेद था वो भी मुसलमान था वो पैसे वाला था वो दिखने में थोड़ा काला था ओर कुच्छ खास नहीं था.

लेकिन उसके पास बहुत पैसा था इस लिए ग़ज़ल उस पर फिदा हो गयी हम तीनों एक ही मोहल्ले में पास पास रहते थे ग़ज़ल मेरे एक दोस्त की सिस्टर थी जिसका नाम फरोज़ है.

दोस्तों में फरोज़ जावेद तीनों दोस्त थे, जावेद मेरा थोड़ा खास था, एक बार किस्सा ऐसा हुआ के जावेद के ऑफिस जहां में ओर जावेद अक्सर मिला करते वहां एक लड़की का कॉल आता था वो लड़की उसको नाम से जानती बहुत देर बात करती पर अपना नाम ओर पहचान नहीं बताती कई दिन बात करने के बाद उस लड़की ने अपना नाम ओर पहचान बताया तो हमको पता चला की वो फरोज़ की सिस्टर है हमको थोड़ा बुरा लगा के वो दोस्त की सिस्टर है.

लेकिन जब जावेद उससे मिला तो वो उसको देख कर उसपर फिदा हो गया उसने मुझे बताया के वो ग़ज़ल को चोदना चाहता है तो उसने ग़ज़ल को एक बार कसम देकर एक रूम में बुलाया वहां पर उसने ग़ज़ल को किसी तरह सेक्स के लिए मना लिया वो पर उसने ग़ज़ल की चुत की सील तोड़ दी ग़ज़ल को काफी दर्द हुआ लेकिन वो पैसे के खातिर जावेद से शादी करना चाहती थी.

लेकिन जावेद ने उसको थोड़े दिन छोड़कर उसको छोड ., कुच्छ वक्त बाद ग़ज़ल की शादी उसके बुआ के लड़के से वसीम से हो गयी, में . शादी में गया था दोस्तों ग़ज़ल मुझे अपनी शादी में देख के थोड़ा डर गयी, दोस्तों में उसको वहां पर बहुत गंदी नजारे से देख रहा था जब में घर आया तो मैंने ग़ज़ल को याद करके मूठ मारी.

थोड़े दिन बाद ग़ज़ल के शोहर की नौकरी दूसरी जगह लग गयी तो वो वहां से चली गयी कुच्छ साल उसके पति की नौकरी फिर मेरे शहर में लग गयी तो वो वापस हमारे मुहल्ले में एक बिल्डिंग में फ्लैट किराए पर लेकर रहने आई अब उसको एक बच्चा हो चुका था उसका बेटा यहां कॉलेज जाने लगा, ग़ज़ल जिस बिल्डिंग में रहने आई उस बिल्डिंग के सामने ही मेरा ऑफिस है.

बात अभी 2 महीने पहले की ही है ठंडी के मौसम में ग़ज़ल रोज़ अपने घर के बाहर एक बेंच पर आकर धूप सेकती थी वो सुबह हमेशा मॅक्सी यानि रात के नाइटी में आकर बैठ थी थी, में भी रोज़ ऑफिस के सामने जब क्लाइंट ना होते तो सुबह उसपर लाइन मरता दोस्तों उसको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता में कई दिन उसको गंदी नज़रो से देखता, वो ये जानती थी के उसके पुराने बॉय फ़्रेंड जावेद ने उसको चोदा है . बात मुझे पता है इस लिए वो थोड़ा मुझसे डरती भी थी.

जब संडे होता तो वो सुबह उसके शोहर वसीम के साथ धूप में बैठने आती तो क्योंकि वसीम भी मुझे जनता था इस लिए में उनसे बात करने चला जाता तो में ग़ज़ल से भी बात करता ओर उसको गंदी नज़रो से देखता वो भी ये चीज़ नोटिस करती के में उसके बूब्स देखता उसके सीने पर दुपट्टा नहीं होता सिर्फ़ मॅक्सी होती तो में उसके बारे बारे बूब्स देखता रहता.

अब में जिस दिन उसको चोदा उस दिन पर आता हूँ कुच्छ दिन पहले में ऑफिस के सामने खड़ा था तो मैंने ग़ज़ल को वहां परेशान देखा तो मैंने चान्स देख कर उसको सलाम करके पूछा भाभी . थोड़ा परेशान लग रही हो.

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