मामू के लड़के की शादी और मेरे

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मेरा नाम अफ़जल है मेरी उम्र 25 साल की है और मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ. दोस्तों मैं भी आप सभी की तरह ही पिछले काफी समय से कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और मुझको इस वेबसाइट की अब तक की प्रकाशित सभी कहानियाँ बहुत ही पसन्द आई है. और इन सभी कहानियों से प्रभावित होकर मैं आज आप सभी को मेरे साथ भी घटी एक ऐसी ही खूबसूरत और सेक्सी घटना से रूबरू करवाने जा रहा हूँ और मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को मेरी यह कहानी जरूर पसन्द आएगी. अब मैं आप सभी का कीमती वक्त ज्यादा ना लेते हुए सीधे अपनी आज की कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों यह बात है साल 2012 के सितम्बर के महीने की और उस दिन मेरे मामू के लड़के की शादी थी और हम सब शादी की तैयारी में मसरूफ थे और घर में काफ़ी सारे मेहमान भी आए हुए थे. दोस्तों मेरी मेरे मामू के लड़के के साथ काफ़ी बनती है और हम हमारी तकरीबन हर बात को आपस में एक-दूसरे को बताते है. और उसने ही मुझको बताया कि, शादी में हमारे दूर के कुछ रिश्तेदार भी आए है तो उनका ख्याल रखना. तो मैंने उसको कहा कि मैं सच में देख लेता लेकिन काम ज्यादा होने की वजह से मैं उनसे मिल ही नहीं पाया हूँ. और फिर रात को जब मेहन्दी की रस्म का समय हुआ तो सब लोग तो तैयार थे लेकिन मैं नहाने के लिए जा रहा था. घर के सभी लोग मेहन्दी की रस्म के लिये जा चुके थे और फिर मैं नहाकर बाथरूम से निकला तो मैंने केवल टॉवल ही लपेटा हुआ था. दोस्तों मेरा बदन कसरती होने की वजह से किसी हीरो से कम नहीं दिखता है. और फिर मैंने बाहर निकलते ही देखा तो मेरे सामने एक लड़की खड़ी थी, और उसके हाथ में मेरे कपड़े थे. और फिर जब उसने मुझको देखा तो उसने अपनी नज़रें नीचे झुका ली थी. और फिर उसने मुझको कहा कि, आंटी ने आपके लिए कपड़े भेजे है. और फिर मैंने उसको कहा कि, ठीक है उनको नीचे रख दो. और फिर उसने मेरे कपड़े रखे और फिर वह चली गई थी. और फिर मैंने अपने कपड़े पहने और फिर मैं भी तैयार होकर नीचे चला गया था. और फिर मेहन्दी की रस्म का प्रोग्राम भी शुरू हो गया था. दोस्तों उस लड़की को मैंने उस दिन से पहले कभी भी नहीं देखा था, उसकी उम्र यही कोई 20-22 साल की रही होगी और उसका रंग एकदम गोरा और उसकी लम्बाई 5.6 फुट के आस-पास की थी. प्रोग्राम में भी वह काफ़ी बार मेरे सामने आई थी. और वह मुझको देखकर मुस्कुरा रही थी. और उसको देखकर मैं भी मुस्कुराने लग गया था. फिर प्रोग्राम में वह एक-दोबार मेरे साथ टकराई भी लेकिन मैंने उसको नज़र अन्दाज कर दिया था।

और फिर मेहन्दी की रस्म के बाद प्रोग्राम ख़तम हो गया था और हम लड़कों ने एक बेचलर पार्टी का इंतज़ाम किया था तो हम सब वहाँ पर चले गये थे वह पार्टी रात से सुबह तक चली थी. उसके बाद हम सो गये थे और फिर हम लोग सुबह 10 बजे उठे थे. तब तक सभी लोग तैयार हो रहे थे और फिर मैं भी तैयार होकर दूल्हे की गाड़ी को सजाने के लिए निकल गया था. और फिर जब मैं वापस आया था तो सभी लोग तैयार थे और हम सभी लोग बारात के कि लिए निकल गये थे. और फिर सभी लोग शादी से वापस आए और दावत की तैयारी करने लग गए थे और दावत का प्रोग्राम भी रात को ही था. रात को दावत के समय उसने (दोस्तों उस लड़की का नाम नाज़िया था) मुझे काफ़ी छेड़ा था लेकिन मैंने उसको कोई भाव नहीं दिया था. और फिर मैंने अपने मामू के लड़के को बताया कि, यार एक चक्कर है तो मेरे मामू के लड़के ने मुझको कहा कि कोई बात नहीं लगा रह. और फिर तो मैं भी शुरू हो गया था और मैंने उसको अपना फ़ोन नम्बर दे दिया था और उसने ले भी लिया था. और फिर हमारी मैसेज पर बात शुरू हो गई थी।

और फिर दावत का प्रोग्राम खत्म होने के बाद रात को 4 बज गए थे और घर के सभी लोग छत पर सो रहे थे हमारे परिवार में पहली रात दूल्हा-दुल्हन अकेले नहीं सोते है मैं और मेरे मामू का लड़का भी सारा सामान समेटकर वापस आए तो तब तक लाइट गई हुई थी. और फिर मैं और मेरे मामू का लड़का कमरे में आए और हम दोनों इधर-उधर की बातें करने लग गए थे इतने में मेरे फ़ोन पर नाज़िया का मैसेज आया और उसने मुझसे पूछा कि, कहाँ हो? तो मैंने उसको कहा कि, नीचे कमरे में ही हूँ. तो फिर उसने मुझको कहा कि, इतनी गर्मी में वहाँ पर क्या कर रहे हो? तो मैंने भी उसको छेड़ते हुए कहा कि, तुम्हारा ही इन्तजार कर रहा हूँ. तो फिर उसने भी मुझको झट से कहा कि, ठीक है मैं आती हूँ. तो फिर मैंने भी उसको कहा कि ठीक है आ जाओ. और फिर मैंने अपने मामू के लड़के को कहा कि, यार वो आ रही है तो फिर मेरे मामू का लड़का मुझको वहाँ पर छोड़कर चुप-चाप ऊपर जाकर सो गया था. और फिर इतने में लाइट भी आ गई थी और नाज़िया भी आ गई थी. दोस्तों जब वह कमरे में आई तो मैंने उसके आने के बाद कमरे के दरवाजे को बन्द कर दिया था और फिर मैंने उसको बैठने को कहा तो वह बैठ गई थी. और फिर मैंने उसका हाथ पकड़ा और फिर मैं उसको उसके गाल पर किस करने लग गया था. दोस्तों उसने मुझको कुछ भी नहीं कहा था. और फिर मैंने उसके हाथ पर किस किया और फिर उसके होठों पर भी किस किया तब भी उसने मुझको कुछ नहीं कहा था. और फिर मैंने उसको बेड पर लेटाया और फिर मैं उसको फिर से किस करने लगा तो वह भी मेरा साथ दे रही थी. और फिर मैंने उसके बब्स को पकड़ा और फिर मैं उसको दबाने लग गया था दोस्तों कसम से क्या गजब के बब्स थे उसके 32 साइज़ के एकदम टाईट और गोल. वह पूरी तरह से मेरा साथ दे रही थी और फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी सलवार के ऊपर से उसकी चूत पर रखा तो उसको तो जैसे एकदम से कोई करंट सा लग गया था. और फिर मैंने उसकी चूत को सहलना शुरू कर दिया था. और फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी सलवार के अन्दर से उसकी चूत पर फेरा. दोस्तों उसकी चूत एकदम मक्खन की तरह मुलायम थी. और फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी चूत के अंदर दाखिल करी और फिर मैं अपनी ऊँगली को उसकी चूत में आगे-पीछे करने लगा तो वह भी मुझे ज़ोर-ज़ोर से किस करने लग गई थी और वह बहुत ज्यादा गरम हो रही थी. और फिर उसने अपनी चूत से पानी छोड़ दिया था. लेकिन हमारी किस अब भी जारी थी. और फिर हम एक-दूसरे से अलग हुए और फिर हमने जल्दी-जल्दी अपने-अपने कपड़े उतारे और हमने फिर से किस करना शुरू कर दिया था. मैं किस के साथ उसके बब्स को भी दबा रहा था. और फिर मैंने उसको कहा कि अब तुम मेरा लंड चूसो, लेकिन उसने इनकार कर दिया था लेकिन फिर मेरे ज़ोर डालने पर वह मान भी गई थी. और फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में हो गये थे. और फिर वह मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी चूत को. और फिर 15 मिनट के बाद हम दोनों एक-दूसरे के मुहँ में ही झड़ गये थे. और फिर मैंने उसकी टाँगें अपने कन्धों पर रखी और फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सेट किया. और फिर मैंने उसके ऊपर झुककर उसे किस किया और इसी के साथ मैंने अपने लंड से उसकी चूत पर थोड़ा सा ज़ोर लगाया तो मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में घुस गया था और उसे थोड़ा दर्द भी महसूस हुआ लेकिन हम दोनों ने किस करना चालू रखा था. और फिर मेरा लंड आहिस्ता-आहिस्ता उसकी चूत में आधा चला गया था. और फिर मैंने उसकी जीभ को चूसना शुरू कर दिया था, और साथ ही मैंने उसकी चूत में एक धक्का और मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया था और उसकी आँखें एकदम से लाल हो गई थी और वह रोने भी लग गई थी. दोस्तों ये कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर उसने मुझको ज़ोर से कसकर पकड़ लिया था और उसने मेरी पीठ में अपने नाख़ून चुभा दिए थे. और फिर मुझको ऐसा लगा कि, जैसे उसकी चूत में गरम पानी आ गया हो और मैं थोड़ी देर के लिए बिना हिले हुए रुक गया था, और मैं उसकी जीभ को चूसने लग गया था. और फिर थोड़ी देर के बाद मैं आहिस्ता-आहिस्ता अपने लंड को उसकी चूत में आगे-पीछे करने लगा और वह भी मेरा साथ अपनी गांड को उठाकर देने लग गई थी. और फिर मैंने उसके बब्स को भी चूसना शुरू कर दिया था. और वह मेरे बालों में अपनी ऊँगलियाँ घुमाने लगी थी. और फिर मैंने उसको अपने ऊपर खींच लिया था. और फिर वह ऊपर-नीचे होने लग गई थी और मैं उसके बब्स से खेलने लग गया था. उसके बाद मैंने उसको नीचे लेटाया और अपनी चुदाई की स्पीड को बढ़ाया और अब मैं झड़ने वाला भी था तो मैंने अपना लंड उसकी चूत में से निकाला और उसके मुहँ में दे दिया था. और फिर मैं उसके मुहँ में ही झड़ गया था. और फिर मैं एक साइड में होकर लेट गया था और उसने अपना सिर मेरे सीने पर रख दिया था और वह मेरे सीने को चूम भी रही थी।

और फिर जब मैंने समय देखा तो सुबह के 5.30 बज रहे थे. और फिर मैंने उसको भी उठाया और फिर हमने कपड़े पहने और फिर हम ऊपर छत पर आ गये थे. वहाँ पर सभी लोग अभी तक सो रहे थे. और फिर वह एक कमरे में चली गई थी और फिर मैंने अपने मामू के लड़के को उठाया और मैंने उसको सब कुछ बता दिया था. और फिर मेरे मामू का लड़का मेरे साथ नीचे आया और उसने उस कमरे को मेरे साथ मिलकर ठीक करवाया और फिर हम दोनों वही पर सो गये थे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!