मेरी सुपर भाभी – Meri desi bhabhi ki sex story

हम दोनों भाइयों के बीच बहुत प्यार था. भाभी भी मुझे बहुत मानती थी. भैया 25 के थे और भाभी 22 की. दोनों की शादी को 4 साल हुए थे और एक 2 साल की मेरी भतीजी भी थी. मैं भी 19 साल का जवान हो गया था और चुत की भूख परेशान किए थी. मन करता था की किसी को भी पकड़ कर चोद दे. भैया ऑफिस के काम से 10 दिन के लिए बाहर गये थे. उन्होंने समझाया था की भाभी का ध्यान रखना और देर से मत आना रात को. उस रात कहा पीकर जल्दी ही लेट गया और एक सेक्सी नॉवेल पड़ने लगा. भैया के रहते भाभी काम ना करने का ताना देती थी पर आज वो चुप थी. रात के 10 बजे भाभी बोली, “सो गये क्या पवन?” “नहीं भाभी.” “लो ज़रा मुन्नी को देखो मैं बाथरूम जा रही हूँ.” “जी.” और जल्दी से नॉवेल छुपा भाभी के रूम मैं आया. नॉवेल पड़ने से लंड टन रहा था. बड़ी मुश्किल से काबू किए था. कुच्छ देर बाद भाभी वापस आई और बोली, “एक काम करो पवन.” “क्या भाभी?” “तुम्हारे भैया ने मेरी आदत खराब कर दी है. ज़रा अपने भैया की तरह मेरी मालिश कर दो.” पहले तू मैं अचकचाया फिर सोचा भाभी नाराज़ ना हो जाए इसलिए तैयार हो गया और बोला, “जी भाभी ठीक है.” “सेवा करोगे तू मेवा पाओगे. जाओ कमरा बंद करके आओ देखे तुम कैसी मालिश करते हो ? तुम्हारे भैया तू गज़ब की मालिश करते हैं. जाओ तेल की कटोरी भैया के कमरे मैं है.” मेरे मन मैं अभी कुच्छ नहीं था.

मैंने सोचा की भाभी का काम कर दम तू ताना नहीं मरेंगी. और सोचा की हें भैया भाभी की मालिश करते हैं. मैं बाथरूम मैं गया और पेशाब करके तेल लेकर वापस आया. भाभी जवान और खूबसूरत थी. वापस आया तू भाभी एक बेड पर लेती थी और दूसरे पर मुन्नी सो रही थी. “आ गये?” “जी भाभी.” “जब तक भैया नहीं आते, तुम्हीं दबाओ मेरे हाथ पैर.” “जी भाभी.” भाभी इस समय बहुत खुश लग रही थी. तभी भाभी की चुचियों को देख मेरी हालत खराब हो गयी. पहली बार इतना पास से देख रहा था. ब्लाउज मैं कसी थी. मैं भाभी की बहुत इज्जत करता था पर पता नहीं आज क्यों उनको देख मन मैं गंदे ख्याल आ रहे थे. शायद यह उन सेक्सी नॉवेल का असर था जो आजकल पड़ता था. मुझे लगा मेरा मजा भाभी के पास है. आज पता नहीं क्यों लंड भी ज्यादा अकड़ रहा था. भाभी ने मेरा हाथ पकड़ कहा, “मेरा कहना मानोगे तू हमेशा खुश रहोगे.” “मानूँगा भाभी चलिए लेतीए तू मालिश कर दम.” मन मैं भाभी के बदन को मालिश के बहाने छूने की सोच खुश था. “ठीक है लाइट ऑफ कर दो.” मैंने लाइट ऑफ कर दी. भाभी ने इस बार मेरा हाथ पकड़ा तू मजा आया. मेरा लंड मचलने लगा. भाभी की खूबसूरती देख मन मैं पाप आया. ड्राइवर भाभी की कई स्टोरीस पा रही थी. आज लगा की वो सच हैं. कमरे मैं अंधेरा था. मौका देख लंड को मसल काबू मैं कमरा चाहा. अंधेरे मैं भाभी ने अपनी सारी और ब्लाउज उतरा और बेड पर बैठ बोली, “लाइट ऑन कर लो, अंधेरे मैं ठीक से मालिश नहीं हो पाएगी.” लाइट ऑन की यू बेड पर भाभी को ब्रा और पेटीकोट मैं बैठे देख मेरी सांसें अटक गयी. तभी भाभी बिजली गिरती बोली, “मैं तू कई दिन से तुमसे मालिश करवाना चाह रही थी पर तुम्हारे भैया तू मुझे चोदते ही नहीं थे. आज मौका मिला तभी तुमसे कह रही हूँ.” मैं तू खुद ही भाभी के चिकने बदन को छ्होने को बेताब था इसलिए भाभी की हर बात मानने को तैयार था. भाभी की चूचियाँ ब्रा से झाँक रही थी. मेरा लंड अब पूरी तरह से खड़ा था. भाभी की चुचियों को पकड़ने को ललचाटा मैं बोला, “जी भाभी आपकी सेवा करूँगा. लेतीए.” भाभी को मेरी आवाज़ से मेरे अंदर की हलचल का पता चल गया था. भाभी अपने बदन को सीधा करती बोली, “तुम्हारे भैया से तेल लगवाने मैं हमको ज़रा भी मजा नहीं आता. अगर तुमसे मजा आया तू बराबर मालिश करवाऊंगी तुमसे. अब तुम मालिश करने लायक हो गये हो, 19 के हो? पर एक बात का डर है.”

इतना कह भाभी ने बिना झेंप हाथों को ऊपर कर चुचियों को उभरा और बेड से उतारी तू मैं घबरा गया. मुझे लगा की भाभी भी सेक्सी नॉवेल की तरह अपने ड्राइवर का ध्यान रखने को तैयार हैं. तभी भाभी मेरे सामने खड़ी हो अदा के साथ चुचियों को दिखती पेटीकोट के ज़रबंद को ढीला करती बोली, “बहुत पतला ज़रबंद है, कमर काश गयी.” और ज़रबंद खोल फुसफुसाहट भारी आवाज़ मैं बोली, “किसी से बताओगे तू नहीं?” मेरा लंड तू यह देख ढक ढक करने लगा था. घबराहट मैं इतना ही कह पाया की नहीं भाभी. “हाँ किसी से बताना नहीं की तुम मेरी मालिश करते हो, जाओ वो वाला बिस्तर नीचे लगाओ. तुम्हारे भैया से उसी बिस्तर पर मालिश करवाती हूँ.” “ज्ज..जी.” मैं अब बेचैन हो भाभी के बदन से पहला मजा लेने को आतुर था. भाभी की गोरी सुडौल टांगे दिख रही थी. बिस्तर को ज़मीन पर लगे तू भाभी एक मोटे तकिये के सहारे आराम से बैठी और डाई रान को आगे कर पेटीकोट को घुटनों तक कर बोली, “लो लगाओ.” मैंने फौरन भाभी की टांगों पर तेल लगाया. चिकनी टांगे छूने से मजा आया और मैं तेल लगा पैर दबाने लगा. “ज्यादा तेल नहीं लगाना.” “जी भाभी.” “रुको मैं लेट जाऊं तू क़ायदे से लगाओ.” अब मेरा लंड झटके ले रहा था. भाभी लेती तू उनकी ब्रा मुझे नशे से भरने लगी. भाभी लेती मुझे अपनी जवान चुचियों की झलक देती पेटीकोट को घुटनों पर किए तेल मालिश करवा रही थी. भाभी की चिकनी कमर पेट और नाभी देख ललचा रहा था. अदल बदल दोनों टांगों की मालिश करता भाभी के पेटीकोट को उलटकर अंदर देखने को तरस रहा था. “दबाते तू ठीक हो, लो ज़रा ऊपर तक.” और भाभी ने हाथ से पेटीकोट को ऊपर कर चुत पर रखते पूरी टांगों को जो नंगा किया तू चिकनी राणो के देख चाहक कर हाथों को भाभी की राणो पर चला मजा लेने लगा. “आराम से बैठकर लगाओ.

अच्छी मालिश करते हो.” और हाथ को मेरी सिकुड़ी टांगों पर रख अपने पास आने का इशारा किया तू मैं भाभी की कमर के पास गया. “दोनों राणो को धीरे धीरे सहलाओ.” अब मैं भाभी के इशारे पर लट्टू की तरह नाचने को तैयार था. गुदाज़ चिकनी राणो को सहलाते हुए भाभी की कसी मस्त चीॉ को देखते लंड को ऊपर नीचे करता मालिश कर रहा था. अभी भाभी की चुत उनके पेटीकोट मैं ही थी. भाभी को भी मजा आ रहा था क्योंकि उनका चेहरा भी ला हो रहा था और आँखें बोझल हो रही थी. अभी मैं भाभी के मान की बात ताड़ नहीं पाया था. सहलाते हुए पूछा, “ठीक है ना भाभी?” “हाँ लो अब नीचे से हाथ डालकर ऊपर तक सहलाओ.” और भाभी ने मोटी मोटी राणो को मोड़ा तू राणो के साथ गोरा गोरा आंटी सल चूतड़ देख मुँह मैं लार आ गया. अब तू भाभी के रूप मैं कहानी वाली भाभी को देख रहा था. मैं अब भाभी की चुत को देखने को तरपा पर बेबसी थी की पेटीकोट राणो के बीच चुत पर रखा था. चूटरो को देख मेरा लंड फ़नाक गया था. मैं हाथों को चूतड़ के नीचे से ऊपर तक फेरते हुए दोनों चिकनी राणो की मालिश करने लगा. अब मुझे भाभी के बदन मैं अपने लिए गज़ब का मजा दिख रहा था. लंड फ़नाक गया था. भाभी का चूतड़ नंगा था पर अनाड़ी होने के कारण मैं चुत को टच नहीं कर पा रहा था. भाभी चूतड़ को ओपपार नीचे करती मुझे कह रही थी, “ठीक है बहुत अच्छी मालिश कर रहे हो. करो मालिश.” भाभी अपनी चुत पर रखे पेटीकोट को इधर-उधर नहीं कर रही थी पर अपनी बड़ी-बड़ी चुचियों को झलक दे रही थी. चूचियाँ ब्रा मैं बुरी तरह उठ-बैठ रही थी. मेरा लंड अब टाइट होकर लंबा और मोटा हो गया था. Meri desi bhabhi sex stories

भाभी ने मालिश करवाते हुए पूछा, “तुमको अच्छा लग रहा है पवन?” “हाँ भाभी.” “तुम अपने भाई से बहुत अच्छी मालिश कर रहे हो. थोड़ा नीचे दबाओ.” मैं हाथ को नीचे ले गया तू लगा जन्नत मैं पहुँच गया हूँ. मेरा हाथ भाभी की गुलाबी चिकनी गांड पर था. शायद भाभी मालिश के बहाने धीरे-धीरे मुझे अपने लिए तैयार कर रही थी. मैं भाभी की गान्ड दबाने लगा. वो प्यार से डब्वाती मुझे देखती तू मैं उनकी चुचियों को देखते गान्ड के ऊपर उंगली चलते चूतड़ के उभार की मालिश करने लगा. आज तू भाभी ने मालिश की बात कह मेरे लिए जन्नत का दरवाजा खोल दिया था. भाभी ने अपनी टांगों को आगे से फ्रॉग की तरह फैलाया तू उंगली नीचे की अनदेखी जवान चुत के फाँक से टच करने लगी. मैं सनसना गया. लगा बिजली का नंगा वाइयर टच किया है. भाभी ने इस अदा से चुत टच करवाने के बाद कहा, “मेरी राणो को दोनों और से हाथ डाल कर दबाना.” “ज्ज जी भाभी.” और पेटीकोट के अगल बगल हाथ लगा ज़रा सा घबराया. लंड जंबो जेट की तरह खड़ा था और सूपड़ा काश गया था. मुझे क्या पता था की भाभी मेरे दमदार लंड को देखकर मस्ती से भर गयी हैं. मैं बेचैन था. भाभी मुझे अपने बस मैं किए थी. मैं भाभी की चुत को नंगी देखने को तरस रहा था पर जब भाभी ने दोनों राणो को पेटीकोट के अंदर हाथ डालकर दबाने को कहा तू खुश हो गया. भाभी मुझे घूरती बोली, ” हाथ डालकर दबाओ ना.” “जी.” और जो दोनों और से दबाया तू उंगली दोनों और से भाभी की गुदाज़ चुत के उभारदार फाँक पर लगी और मेरे दिल मैं चुत की मस्ती मचलने लगी. मैं ज़रा घबराया सा था जिस पर भाभी ने कहा,

“हाँ ठीक से कर रहे हो. मेरे प्यारे ड्राइवर जी घबरा नहीं अपनी भाभी को खुश करो तू यह भाभी तुमको चखा भी सकती है. अब तू तुम जवान हो गये हो. बोलो मजा आ रहा है या नहीं?” भाभी की और से चुत पर हाथ फेरने की खुली इजाज़त पा मैं खुश हो गया और राणो के साथ-साथ भाभी की चुत के अगल-बगल के भाग को दबा जन्नत का मजा लेता बोला, “आ रहा है भाभी.” “तू जो कहूँ करो.” “जी भाभी.” और धीरे से पेटीकोट के नीचे हाथ डालकर भाभी जवान चुत पर हाथ फेरा. भाभी ने अपने होठों को दबाकर कनखी से मेरे लाल हो गये चेहरे को देखते कहा, “सेवा करोगे तू मेवा खाओगे. ठीक है.” “जी भाभी.” मैं अब राणो को दबाने के साथ भाभी की पूरी चुत को धीरे- धीरे दबाता अपने भाग्य पर फूला नहीं समा रहा था. भाभी ने कहा, “मेरी कैसी है?” “जी क्या?” “लगता है अभी मेरी देखी नहीं.” “क्या चीज़ भाभी?” “वही जिसे दबाकर मजा ले रहे हो.” “नहीं भाभी हें.” “पागल मैं तू समझती थी की तुमने कभी चुप कर मेरी देख ली होगी. कभी नहाते मैं या सोते मैं मेरी नहीं देखी?” “नहीं भाभी. हें आपकी तू बहुत जवान लग रही है.” “तेरा भी तू जवान लग रहा है. भैया से दुगुना लग रहा है.” भाभी ने टाँग उठाकर जो मेरे खड़े लंड को पंजे से दबाया तू मैंने मजे से भर अपने दाँतों को काश बदन को करा किया. शायद चालक भाभी को मेरी बेचैनी का एहसास हो गया था. अपने पैर के पंजे से लंड को दबाती बोली, “मेरी चुत देखोगे?” और लंड से पैर हटा पहले की तरह टाँग फैलाकर लेट गयी.
चुत का नाम सुनते ही मुझे जवानी का फ़ीवर तेज हुआ और मैं मदहोश नज़रो से भाभी की दोनों मस्त-मस्त चुचियों को निहारने लगा तू भाभी फिर बोली, “बताओ ना शरमाता क्यों है. चुत देखने का मन है?” “जी भाभी.” मेरी सांसें रुकने लगी. भले ही मजा खूब आ रहा था पर पहली बार खुलकर चुत की बात करने से पसीना आने लगा. मेरा लंड खूँटा बन गया. अब भाभी मुझे बहुत खूबसूरत और जवान लग रही थी. भाभी भी मस्ती के कारण ठीक से बोल नहीं पा रही थी. मैंने भाभी की और देखा तू भाभी अपनी दोनों चुचियों को अपने हाथ से पकड़ सहलाती बोली, “इनको भी दिखाएँगे पर बात मानोगे तभी.” “मानूँगा भाभी.” “तू तुम सारे कपड़े उतार कर नंगे हो मैं अभी आती हूँ तू दिखाऊंगी. आज मैं तुमसे बहुत खुश हूँ. घबरा मत नंगे हो. अगर मन करे तू मेरी चोद लेना.” और भाभी उठकर मेरे तमतमाए गाल को सहला बाथरूम को गयी. मैं तू खुशी से झूम गया. मैं जो चाहता था वो मेरी प्यारी भाभी अपने आप करवाने को तैयार थी. भाभी ने मुझसे चुदवाने की बात कर मुझे निहाल कर दिया था. अब तू मैं भाभी पर सब कुच्छ लुटाने को तैयार था. स्टोरी वाली भाभी की कहानी घर मैं सच होने जा रही थी. जो सोचा करता था वही होने जा रहा था. भाभी की जवान चुत पर हाथ फेर्कार पहली बार जो मजा पाया था उस से मैं भाभी पर मर-मिटने को तैयार था. मैं भाभी की दोनों खड़ी- खड़ी नागपुरी संतरे सी चुचियों को देखते अपने आप बेहाल हो जा करता था. आज पहली बार जब भाभी की और से बदन दबाने का मौका पाया तू खुशी से झूम उठा था. भाभी की चुत पर हाथ लगाने के साथ मेरा कुँवारा मान प्यास से भर गया.

मुझे क्या पता था की भाभी मेरे हेवी लंड को देखकर कब से चुदासी हैं. अब लंड खूँटे की तरह खड़ा था और 10 इंच लंबा और 3 इंच मोटा हो गया था. भाभी ने नंगा होने को कहा था पर पहली बार मजा लेने के लिए नंगे होने मैं झिझक लग रही थी इसलिए सारे कपड़े उतार दिए लेकिन आंडरवेयर नहीं उतारी. 2-3 बार लंड को दबाकर मस्ती को काबू मैं किया. भाभी की झाँटो वाली गुदाज़ चुत की कल्पना से मस्ती तेज हो रही थी. अब यकीन था की भाभी मुझे अपनी जवानी का मजा देने को तैयार हैं. भाभी ने जो मेरे लंड को दबाकर उसकी तारीफ की थी उससे अहसास था की उनको मेरा लंड पसंद है और वो मेरे जैसे कुंवारे ड्राइवर को अपना दीवाना बना अपनी जवानी की प्यास बुझाने के प्लान मैं हैं. मैं आंडरवेयर मैं लंड को खड़ा किए कमरे मैं खड़ा था भाभी का इंतजार करने लगा. तभी भाभी अपने दोनों संतारो से चुचियों को हिलती पेटीकोट के ज़रबंद को बाहर किए वापस आई और मेरे पास आ मेरे केले को आंडरवेयर के ऊपर से पकड़ मुझे मस्त करती बोली, “बोलो जो कहेंगे, करोगे ना?” Meri desi bhabhi sex stories

“जी भाभी.” “तुम्हारा भैया से बहुत बड़ा है.” और लंड को मसल मुझे अपने इशारे पर नाचने को तैयार करती बोली, “थोड़ा मजा ले लो अपनी भाभी का फिर मालिश करना.” “ज ज जी भाभी.” “इसको भी उतारो.” भाभी ने सुपाडे के साथ आंडरवेयर को मसल कर कहा. मैंने धीरे से आंडरवेयर सरकाया और अपनी जवान भाभी के सामने नंगा हो गया. मुझे भाभी के सामने नंगा होने मैं बहुत मजा आया और भाभी को देखता लंड को उनकी और उभारा. भाभी ने एक पल मेरे लंड को प्यार से देखा फिर मेरे लंड को हाथ से पकड़ा और नीचे बैठकर लंड को चूमा तू सारा बदन झनझणा गया. फिर भाभी अगल-बगल के हल्के बालों पर हाथ फेयर दोनों गोलियों को पकड़ बोली, “तेरा तू अभी से पूरा जवान हो गया है. टाँग फैला.” भाभी जहाँ जहाँ मेरे लंड को टच कर रही थी वही मुझे गज़ब का मजा आ रहा था. हथेली फेरी तू और मजा आया. मैंने टाँग फैलाई तू भाभी मेरे लंड को प्यार से देखती पूरे लंड को सहलाती बोली,

“मजा आ रहा है ना अब?” “हाँ भाभी.” “पूरा जवान है. मैं तुमसे चुदवाएगी.” “ज..जी.” चुदवाने के नाम से सूपड़ा और फूल गया. भाभी मेरे लंड को हाथ से नापति चाहक कर बोली, “हें तेरा तू 60 साल की बुरहियुआ को छोड़कर जवान करने वाला है. मैं तू जवान हूँ. बोलो इसको किसी की चुत मैं डाला है?” “नहीं भाभी.” मैं अपनी जवान भाभी की इस तरह की बातें पहली बार सुन रहा था. मेरी अयाश भाभी ने मेरे लंड को नीचे से पकड़ जीभ से चाटना शुरू किया तू मैंने आँख बंद कर ली और भाभी की ऐयाशी का मजा लेने लगा. मैं लंड को चटवाने मैं गज़ब का मजा पा रहा था. कुच्छ देर तक चाटने के बाद भाभी ने लंड को मुँह मैं लेकर रसगुल्ले की तरह चूसना शुरू किया तू मेरा कुँवारा मान भाभी का दीवाना हो गया. मैं खुद सुपाडे को भाभी के नरम-नरम होठों मैं पेलने लगा. भाभी कसकर चूस रही थी और मैं अनंखे बंद कर भाभी को अपना लंड पीला रहा था. 40-50 बार भाभी ने मेरे लंड को काश-काश कर चूसा और फिर लंड को अपने मुँह से बाहर किया तू मैं घबराकर उनको देखता बोला, “हें भाभी और चूसो ना.” इस पर भाभी बोली, “लो आगे बैठो और पेटीकोट खोलकर मेरी चुत चाटो.” मैं भाभी को लंड छूसाना चाह रहा था पर भाभी की बात सुन उनको देखा तू भाभी बोली, “पंजे के बाल बैठो.” इतना मजा देने के बाद भाभी को यकीन हो गया था की मैं उनका गुलाम हो गया हूँ. मैं फौरन पंजे के बाल बैठा तू भाभी ने सटाक से साए(पेटीकोट) का ज़रबंद खींच अपनी बड़ी और चुदी कचौरी सी चुत को नंगी किया तू मैं पहली जवान चुत को देखकर तड़प गया. भाभी ने पेटीकोट उतारकर एक और फेंका और अपनी गोरी चिकनी रानको को फैलाकर अपने दोनों गुलाबी फाँक को उंगली से चिदोरकर बोली, “देखो मेरी चुत.” “हें भाभी आपकी तू बहुत प्यारी है.” मैं भाभी की चुत को मूवीस और ब्लू आल्बम मैं देखी चुत से मिला रहा था तू भाभी की ही ज्यादा खूबसूरत लगी. भाभी की गुलाबी फाँक मैं जन्नत दिख रही थी. भाभी ने चुत को उचका कर कहा, “चाटो मेरी चुत को ड्राइवर राजा मजा आएगा.” मैंने झुक कर भाभी की चुत को चाटने के लिए जैसे ही उनकी चुत पर जीभ को लगाया तू इतना मजा आया की पूरा बदन झन झाना गया.

मैंने 4-5 बार ही चुत को छाता था की भाभी की चुत फ़च-फ़च पानी छोड़ लगी. मैं पानी के साथ चाटने लगा और भाभी हें-हें करती चटवा रही थी. 20-25 बार ही छाता था की भाभी मेरे सर को अपनी चुत से अलग करती बोली, “बस मेरे राजा अब चोदा.” “जी भाभी.” और चुत से जीभ निकली. “तुम लेट जाओ मैं खुद ऊपर आकर चुदवाएगी.” “जी भाभी.” और मैं नीचे चित लेट गया. भाभी मेरे दोनों और पैर फैलाकर मेरे ऊपर आई और खड़े लंड को चुत से सताया. चुत से लंड के लगते ही जिस मजे को तरस रहा था वो मिलने लगा. भाभी लंड को चुत पर लगा बोली, “जब अंदर जाए तू धीरे-धीरे घुंडी मसलना.” “जी भाभी.” फिर मेरी पूरी नंगी भाभी अपनी गान्ड उठा हाथ से मेरे हेवी लंड को चुत के छेद पर इधर-उधर करती फिट कर मेरी और देखने लगी तू मैं आंखें बंद कर भाभी की गोरी-गोरी अनार सी चुचियों के किशमिश से गुलाबी निप्पल को मसलता जन्नत की सैर करने लगा. तभी भाभी ने जोरदार धक्के के साथ मेरे सुपाडे को अपनी जवान चुत मैं लिया तू मैं झन झाना गया. “हें भाभी.” और कसी चुत मैं बाकी लंड को पेलने को तरपा. सूपड़ा भाभी की चुत मैं बोत्टलो के कॉक की तरह फँस गया था. चुत मैं कुँवारा लंड क्या गयमैन मस्ती चरम सीमा पर पहुँच उस मजे को भाभी की जवान चुत से पूरा करने के लिए मचलने लगा. भाभी ने कहा, “ठीक से लेते रहो, हें तेरा तू गज़ब का लंबा और मोटा है.” और झुक कर अपनी चुत मैं घुसे मेरे लंड को देखने लगी. जैसा स्टोरी मैं लिखा था उससे कई गुना ज्यादा मजा मिल रहा था. मैं दोनों घुंदियो को मसल रहा था. भाभी ने पूछा, “मजा आ रहा है?” “हाँ भाभी.” “बस तुम चुप चाप लेते रहो. बहुत मोटा है तुम्हारा. अब बराबर चोदना मेरी चुत को.” फिर भाभी चूतड़ को दबा-दबा धीरे-धीरे बाकी लंड को सक्क-सक्क चुत मैं लेने लगी तू मैं हर बार हें-हें करता भाभी का मजा लूटता अपने लंड को चुत मैं डालने लगा. भाभी भी हर हें- हें कर रुकती और फिर पेलती. चुत मैं लंड घुसता जा रहा था और भाभी की चुत ककरी की तरह खुलती जा रही थी.

आधा लेने के बाद मेरी मस्त भाभी चूतड़ को आगे-पीछे करती बोली, “देखो.” “हें भाभी.” “तेरे लंड ने मेरी हालत खराब कर दी है. तुम तू 60 साल की छोड़कर जवान कर दोगे. अब मुझे तुम्हारे भैया से चुदवाने मैं मजा नहीं आएगा. देखो मेरी चुत को.” मैंने अपनी बंद आंखों को खोलकर देखा तू सच ही भाभी की चुत बुरी तरह फैलकर लाल हो गयी थी. भाभी बोली, “बस इससे ज्यादा नहीं अंदर जाएगा. टाँग मिलकर चुचियों को दबाओ अब चुदवाएगी.” “हाँ हें भाभी चोदा ना.” भाभी मस्ती के साथ आधे लंड को चुत मैं खुद सक्क-सक्क करके ऊपर-नीचे करने लगी. भाभी की यह स्टाइल मुझे बहुत मस्त कर रही थी. अब मैं बदन को करा किए चुदाई का पहला मजा ले रहा था. भाभी कमर के साथ-साथ चूतड़ चलती मेरी जवानी का मजा लूट रही थी और मैं भाभी की जवानी के मजे को लूटता उनके बदन से चिपक गया था. ऊपर से 50-55 बार लंड को अंदर-बाहर किया तू मैं मस्ती की चरम सीमा पर पहुँच दोनों चुचियों को चोद मोटी कमर को पकड़ दोनों हाथ से दबा नीचे से लंड को पूरी ताक़त से दबाते बाकी लंड को भाभी की चुत मैं पेलने लगा तू भाभी चिल्लाई, “हें मर गयी, फट गयी मेरी चुत चोद ना.” भाभी मेरे बदन पर गिर गयी और मेरा जोश मस्ती की चरम सीमा को पार कर गया. मैंने भाभी की चुत मैं नीचे से ताक़त के साथ सकसक्क ज़बरदस्ती पूरा लंड पेल दिया. भाभी पूरा लंड लेने के बाद मेरे बदन पर गिरकर हाँफने लगी.

मेरा सूपड़ा भाभी की बच्चेदानी से लगा और जवानी का गरम मलाईदार पानी भाभी की चुत मैं गिरने लगा. मैं मजे की चरम पर पहुँच भाभी को कसकर दबाए उनकी गीली चुत को अपने लंड के पानी से भर रहा था. भाभी भी जवान हेवी लंड के गरम पानी को चुत मैं लेती चुत को मेरे लंड पर दबाए मस्त थी. झरने के बाद लंड ढीला(लूस) हुआ तू भाभी मस्ती का जम पीने के बाद मेरे गाल को चूमती बोली, “हें ड्राइवर राजा, पूरा डाल दिया. हें मेरी चुत तू चरमरा गयी. फटते-फटते बची आज तू. तुम तू गज़ब की चुदाई करते हो.” और भाभी मेरे ऊपर आ कर लेती. आज पहली बार औरत के बदन का मजा पा मैं उनका दीवाना हो गया. पूरी रात भाभी ने 4 बार चुदवाया तू मैं चुदाई के मजे को पा अगले दिन से भाभी के पीछे कुत्ते की तरह दम हिलने लगा. अब भाभी मुझे रोज़ ही तरह-तरह से मजा देने लगी. भाभी को जितनी बार चोदता उतनी बार नया मजा मिलता. मैं भाभी का गुलाम हो गया था. मेरी भाभी बहुत ऐयाशी करके चुदवाती थी. मुझे भाभी को नीचे लिटाकर चोदने मैं मजा नहीं आता था, बल्कि उनको ऊपर करके चुदवाने मैं ही मजा आता था. अब भाभी की चुत मैं पूरा लंड आराम से जाने लगा था और हमलोग दिन मैं भी मजा लेने लगे थे.

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