चाँदनी रात मे अर्चना पनेरु की चुदाई

ये उस वक्त Antarvasna की बात है जब मेरे दूर के चाचा की बेटी (प्रिया) 21 साल की थी. मैं उस वक्त 12त स्टॅंडर्ड में पढ़ रहा था और मेरी प्रिया ने बीए पास किया था. वो बहुत मस्त माल बन चुकी थी. उसकी फिगर भी बहुत मस्त थी. उसकी फिगर थी 34सी-28-34. आप सभी जानते ही होंगे के ऐसी उमर में ज्यादा तर लोगों को सेक्स और ऐसी चीज़ों के बारे में आकर्षण होता ही है, और अगर अपने घर में ही 21 साल की जवान मस्त माल हो तो मुझे लगता है सभी का दिल उससे सेक्स करना या फिर उसे नंगा देखने की चाह जरूर रखेगा. मेरे दूर के चाचा उनकी फॅमिली के साथ गाँव में रहते थे और हम मेरे अंकल के जॉब के कारण दूसरे गाँव में रहते थे.

लेकिन हम सब त्यौहार के सीज़न में उनके गाँव को जाते थे क्योंकि मेरे दादाजी, दादी सब वही रहते थे तो जब मेरे 12त में दीवाली की चुट्टिया थी तब हर बार की तरह हम अपने गाँव चले गये. गाँव में मैं और मेरी प्रिया एक ही बेड पे सोते थे और वो भी सिंगल बेड था. रात को सोते वक्त प्रिया मेरे पेट पे हाथ घूमती थी जो बचपन में मुझे अच्छा लगता था. लेकिन अब इस उमर में बहुत अच्छा लगता था, तो पहले दिन ही जब हम लोग रात को सोने गये तो मेरी प्रिया ने नाइट्गाउन पहना था और मैं टी-शर्ट और बरमूडा शॉर्ट्स में था. रात को जब हम सो गये आस यूषुयल मेरी दीदी ने हाथ रखा मेरे पेट पे. मेरे दूर के चाचा की बेटी – Indian incest sex stories

उसका हाथ मेरे पेट से स्पर्श होते ही मेरे शॉर्ट्स में मेरा लंड खड़ा हो रहा था. अब मेरे मान में अपनी प्रिया को छोढ़ने की इच्छा हो रही थी. वो पूरी रात मैं सो नहीं सका. मैं यही सोच रहा था की कैसे इसे अपना बनाया जाए. क्या किया जाए के इसे मैं चोद सुकून. और वो रात ऐसे ही गुजर गयी. दूसरे दिन मैंने प्लान किया की इसे कैसे नंगा देखा जाए. और फिर मुझे एक आइडिया आया. हमारे गाँव में टॉयलेट और बाथरूम की एक कामन वॉल है और उस टॉयलेट को एक विंडो है. उस विंडो में से हम बाथरूम में देख सकते है, तो दूसरे दिन जब भी मेरी प्रिया नहाने चली गयी तब मैं उस टॉयलेट में चला गया और दूर लॉक करके उसे देखने लगा. वो बाथरूम का दरवाजा लॉक करके अपना गाउन उतरने लगी थी तो मैं खिड़की से बाथरूम में झक रहा था और मेरी दीदी ने बाथरूम का दूर लॉक करके अपना गाउन उतार दिया.

अब वो मेरे सामने सिर्फ़ वाइट ब्रा और पिंक पैंटी में थी. उसे ऐसे हाल में देखते ही मेरा लंड पेंट के अंदर खड़ा होने शुरू हो गया था. अब मैंने भी अपने लंड को सहलाना चालू कर दिया था. फिर मेरी दीदी ने अपनी ब्रा उतरी और अपने बारे बारे 34 साइज के बूब्स खुले चोद दिए. उनको देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कोई क्रिमिनल जेल से छूटा हो. इतने सेक्सी थे उसके बूब्स. और उसपर वो ब्राउन निपल्स, गज़ब लग रही थी मेरी प्रिया उस वक्त. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था.मैंने अपनी पेंट उतार दी और अपने लंड को फ्री कर दिया.उधर बाथरूम में मेरी दीदी ने अपनी पैंटी अब उतार दी थी और उसकी चिकनी चुत अब मुझे पूरी दिखाई दे रही थी. उसकी चुत देखकर ऐसा लग रहा था जैसे उसने 1-2 दिन पहले ही शेव की हो. मुझे अपने दीदी को पूरा नंगा देखकर एक नशा छा गया था. हलकी वो पहली बार नहीं था जब मैंने एक औरत को पूरा नंगा देखा था. बाकी की कहानियां बाद में बताऊंगा, हाँ तो क्या गज़ब लग रही थी प्रिया जैसे कोई पड़ी उतार आई हो आसमान से. उसके बॉल्स और चुत देखकर ही मेरी मास्टरबेशन की बढ़ता बढ़ने लगी थी. मेरी आंखें अब बाथरूम में टिकी हुई थी. पलके तो झपकने का नाम ही नहीं ले रही थी. अब मेरी दीदी नंगी होकर ही उसकी ब्रा और पैंटी ढोने लगी और वो ऐसे पोज़ में बैठी थी की उसकी मोटी और सेक्सी गांड मुझे साफ दिखाई दे रही थी. उसकी गांड देखते देखते ही मैं झाड़ गया. अब तो मुझे उसको कुछ भी करके चोदना ही था. मैं अब उसके लिए पागल हो रहा था. मेरी दीदी के अब कपड़े धोके हो चुके थे और उसने नहाने के लिए पानी चोद दिया बकेट में. और जब तक बकेट पूरा भरता तब वो क्या कर रही थी ये देखकर तो मेरे होश ही उड़ गये. बकेट भर रहा था तब उसने अपनी एक उंगली अपने चुत में डाली और अंदर बाहर करने लगी. क्या रसीली थी उसकी चुत, एकदम गुलाबी. अभी तक वो भी कुंवारी थी, कभी किसी से चुदी नहीं थी.

प्रिया अभी तक चुदी नहीं ये सोचकर तो मेरा मान और खुश होने लगा था. उधर वो फिँगुरइंग कर रही थी इस बात से अंजान के उसकी ये हरकत कोई देख रहा है. और वो कोई और नहीं बल्कि उसका भाई है. वो अब हल्के हल्के से माउन करने लगी थी आ अयाया नहीं आहह फक में मादरचोद फाड़ डाल मेरी चुत को. उसके मुंह से ऐसे शब्द सुनकर मैं हैरान रही गया. फिर थोड़ी देर ऐसे ही उंगली डालने के बाद उसने अपना पानी चोद दिया. अब तक तो बकेट भरके ओवरफ्लो होने लगी थी. फिर उसने नहाना चालू किया और अपने बॉडी को सोप लगाने लगी थी. पूरे बदन पे साबुन लगाकर वो फिरसे अपने बूब्स को ज़ोर से दबाने और रगड़ने लगी थी. बीच में ही कभी कभी अपने निपल्स को भी पिंच करती थी. मैं तो टॉयलेट में जैसे आसमान पे पहुँच गया था. मैंने अपने दीदी को उस हालत में देखा था जिस में मैं कभी उसे इमॅजिन भी नहीं कर सकता था. फिर उसने सोप को अपने चुत पे लगा दिया और फिरसे चुत को रगड़ने लगी, तभी बाहर से किसने आवाज़ दी मेरी दीदी को जल्दी से नहाने के लिए क्योंकि बहुत से लोग बाकी थे. तो मेरी दीदी होश में आई और जल्दी से अपना जिस्म पानी से धो दिया और टावल से अपने नंगे जिस्म को पोछने लगी. बाद में उसने अपनी ब्लैक ब्रा और ब्लैक पैंटी पहनी और उसके ऊपर नाइट्गाउन चढ़के बाहर निकल गयी. उसके तुरंत बाद मैं भी टॉयलेट को फ्लश करके निकल गया. अब मेरा प्रिया को देखने का नज़रिया ही बदल गया था. अब मैं उसे मेरी दीदी नहीं बल्कि एक 21 साल की लड़की जो अपने जवानी में आकर एकदम माल बन गयी है और जिसको मुझे कुछ भी करके चोदना ही है उस नजरिए से देखने लगा.

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