सोमया की चुदाई की कहानी

मेरा नाम Antarvasna सोम्मया है.मैं 26 साल की हूँ.मैं एक कॉलेज में पढ़ती हूँ.मैं बहुत खूबसूरत ओर गोरी हूँ.जो भी मुझे देखता है वो बस देखता रही जाता है.मेरा साइज भी बहुत सुंदर है.मेरी छाती 36 कमर 24 ओर चूतड़ 36 साइज के हैं जो किसी भी मर्द को आकर्षित कर सकता है.जिस कॉलेज में मैं पढ़ती हूँ वहाँ बोय्ज स्टूडेंट्स ज्यादा हैं ओर गॅल्स कम हैं.मैं कंप्यूटर की टीचर हूँ ओर कॉलेज में कंप्यूटर के लेक्चर लेती हूँ.मेरी क्लास में बहुत कम स्टूडेंट्स हैं जिनमें से मोस्ट्ली सब बाहर ही रहते हैं लेकिन एक स्टूडेंट है जो हमेशा मेरी क्लास में होता है.इस स्टूडेंट का नाम अन्वेश है.अन्वेश बहुत ही गुड लुकिंग ओर टॉल डार्क हॅंडसम गयी है.मैं बहुत खुश होती हूँ जब उसे अपनी क्लास में पति हूँ.अन्वेश की बॉडी बहुत सेक्सी है.जब केवल वो क्लास में होता है तो मैं उसे अपने पास बैठा कर अपने लॅपटॉप से पढ़ती हूँ ताकि उसे पास से महसूस कर सकूँ.अन्य वैसे ये तो इंट्रो हो गया…

अन्वेश और मैं जब क्लास में होते तो जितना पढ़ते उतनी ही इधर उधर की बातें करते.एक दिन क्लास में मैं उसे अपने पास बैठा कर लॅपटॉप पे पढ़ा रही थी तो मैंने देखा वो मेरे सूट के नीचे जहाँ सूट कटा होता है ओर जहाँ जाँघ से थोड़ा ऊपर साइड से पाजामी दिखती है वहाँ देख रहा था.मैंने जब उस तरफ देखा तो मेरी कच्ची पाजामी में से हल्की हल्की दिख रही थी ओर जब मैंने उसे कहा के अन्वेश कहाँ देख रहे हो तो वो चौंक गया ओर कुछ नहीं कह के लॅपटॉप देखने लगा.मैं समझ गयी थी की वो मुझे पसंद करने लगा है और मेरी तरफ अटरटकते होने लगा है.मेरा चर्म ने उसे पागल कर दिया था.मैं भी अन्वेश को बहुत पसंद करती थी.उसकी सेक्सी बॉडी की मैं दीवानी थी लेकिन कुछ कर भी नहीं सकती थी.लेकिन उसकी नज़र पहचान के बाद अब मैं भी समझ चुकी थी इसलिए मैं अब अर्से कपड़े पहनती जिससे अन्वेश मेरी तरफ ओर भी ज्यादा अट्रॅक्ट हो.मैं स्किन टच सूट ओर पाजामी पहनकर आने लगी जिससे की वो मेरे बदन को ओर भी अच्छे से देखे ओर मुझे चोदने की सोचे.मैं अब इसे पाजामी ओर सूट पहनकर कॉलेज आने लगी जिसमें से मेरी ब्रा ओर मेरी कच्ची चमके.मेरा ये तीर निशाने पे लगा ओर फाइनली अन्वेश ने मुझसे बोला…….के मैडम आप बहुत ब्यूटिफुल लगती हो.

काश आप मेरी मैडम ना होती.मैंने एक दम से उससे कहा के अगर मैं आपकी मैडम नहीं होती तो क्या करते अन्वेश आप?अन्वेश ने जवाब दिया की तब मैं आपको प्रोपोज करता ओर अपनी गर्लफ्रेंड बना लेता.ये सुनकर तो मेरे मान में हज़ारों रसगुल्ले फूट पड़े.मैं थोड़ी देर चुप रही ओर बारे प्यार से बस अन्वेश को देखती रही फिर थोड़ी देर बाद मैंने अदा के साथ अपनी नज़रे उसकी तरफ करके कहा…..अन्वेश हम कॉलेज में टीचर स्टूडेंट का रिश्ता रखते हैं लेकिन बाहर तो हम एक जवान लड़का ओर जवान लड़की ही हैं ना?ये सुनकर अन्वेश खुश होकर बोला……इसे मैडम यू अरे रीत.अन्वेश का इसे सुनकर मैं बहुत खुश हुई ओर बोली अन्वेश आज आप मुझे कॉलेज के बाद कॉल करना आपसे कुछ कहना है मुझे.इस पर अन्वेश बोला ओके मैडम.मैंने कहा आप मुझे अब मैडम सिर्फ़ स्टूडेंट्स के सामने कहोगे लेकिन जब क्लास में हम दोनों अकेले हूँ तो आप मुझे सिर्फ़ सोम्मया कहना.अन्वेश मान गया ओर मेरा सेल नो लेकर चला गया.

उसके कॉल का इंतजार करते करते शाम भी निकल गयी ओर फिर रात के 10 बज गये लेकिन उसका कॉल नहीं आया.मुझे लगा उसकी कोई ओर गर्लफ्रेंड होगी इसलिए वो मुझसे बात नहीं कर रहा है.ये सोचकर मैं टूट सी गयी ओर रोने लगी.इतने में ही अन्वेश का फोन आ गया.मैंने हेलो बोला तो वो समझ गया के मैं रो रही हूँ.उसने बारे उप्पर से ओर धीमी आवाज़ में एक दम से मुझसे कहा………..क्या हुआ सोम्मया तुम रो रहे हो?मैंने कहा नहीं बस अर्से ही.उसने फिर से मुझसे पूछा क्या बात है सोम्मया प्लीज़ तेल में?इस बार मैंने धीमी आवाज़ में रोते रोते कहा………आपका फोन नहीं आया ये सोचकर मुझे रोना आ गया ओर ये कहते हुए मैं ओर तेज रोने लगी……ये सुनकर अन्वेश ने थोड़ा सोचते हुए ओर प्यार से कहा…….सोम्मया तुम मेरे लिए रो रही हो!ह्म्‍म्म्मम?…..मैंने भी धीमी सी प्यार बाहरी आवाज़ में हाँ में जवाब दिया.ये देख अन्वेश बोले…………सोम्मया एक बात कहूँ?…..मैंने कशिश के साथ कहा….हाँ अन्वेश आप कुछ भी पूंछ सकते हैं,मैं अब अन्वेश को पति जसी रिस्पेक्ट के साथ उन्हें कहिए सुनिए बोलिए झाँसे वर्ड के साथ…पुकारने लगी थी…………अन्वेश थोड़ी देर तक चुप रहे तो मैंने कहा अन्वेश आप चुप क्यों हैं प्लीज़ बोलिए ना जो आप अभी बोलना चाहते थे.,,,,,,तब अन्वेश ने मुझे बहुत ही प्यार से ई लव यू सोम्मया कह दिया……..ये सुनकर मेरा रोम रोम खड़ा हो गया ओर मेरा दिल करा के अन्वेश को मैं अपने लबों से उनके लबों को जी भर के किस दम ओर ये एहसास दिलौं के मैं भी इनसे बहुत बहुत प्यार करती हूँ…..मैं भी थोड़ी देर चुप रही तो अन्वेश ने अचानक से मुझे शोना कहकर पुकारा ओर कहा………क्या हुआ शोना?तुम चुप क्यों हो?कुछ बोलो ना?मैंने कहा……..अन्वेश मैं भी आपसे बहुत बहुत बहुत बहुत ही ज्यादा प्यार करती हूँ.ये सुनकर अन्वेश बहुत खुश हुए ओर उन्होंने कहा हम कल कॉलेज के बाद कॉफी के लिए कहीं अच्छी जगह पे मिलेंगे ओर मैंने भी हाँ कहा ओर फोन रख दिया…….उस रात मैं बिलकुल नहीं सो सकी ओर बस अन्वेश के बारे में ही सोचती रही.

नेक्स्ट डे हम दोनों क्लास में अकेले थे ओर मैं अन्वेश को पढ़ा रही थी लेकिन अब ना तो इनका ध्यान पढ़ने में था ओर ना मेरा इन्हें पढ़ने में……वो बार बार मेरी चूचियाँ मेरी टाँगे ब्रा पाजामी में से दिखती कच्ची देख रहे थे ओर मैं उनके चेहरे को.फिर हम कॉफी पीने बाहर गये ओर वहाँ अन्वेश ने मुझे कहा शोना तुम मेरे घर कब आओगी मैं अपने घर पे अकेला रहता हूँ मेरा बिलकुल मान नहीं लगता.मैंने पूछा अन्वेश आपके आंटी दादी कहाँ हैं?…..अन्वेश बोले वो मुंबई में जॉब करते हैं ओर मेरा कॉलेज दिल्ली में है इसलिए मैं यहाँ दिल्ली में अकेला रहता हूँ.मेरा बिलकुल मान नहीं लगता अकेले.मैंने अन्वेश का हाथ थाम लिया ओर कहाँ आप जब चाहो मुझे अपने घर बुला सकते हो….मैं अपने अन्वेश को बिलकुल अकेलापन महसूस नहीं होने दूँगी.अन्वेश ने मेरे हाथ पे किस किया ओर फिर मैं अन्वेश की कार से अपने घर आ गयी…..ओर उस रात बस अन्वेश की हाथ वाली किस को दिमाग में सोचकर अपनी गोरी सी चुत में उंगली करती रही ओर ना जाने कितनी बार झड़ी.

सोम्मया की चुदाई की कहानी – हिन्दी सेक्स स्टोरीस – Somya Ki Chudai Ki Kahani – Hindi Sex Story – Part 3

नेक्स्ट डे मैं कॉलेज में सफेद रंग की पाजामी ओर सूट पहनकर आई.मैंने उस दिन ब्लैक कच्ची पहनी हुई थी जो काफी सेक्सी थी ओर ब्लैक ब्रा जो काफी शॉर्ट थी.मेरे इतने सेक्सी बदन पे सफेद रंग बहुत खिलता है.जब अन्वेश क्लास में आए तो मैंने उन्हें पढ़ना शुरू किया……मेरा ध्यान तब लॅपटॉप में था के अचानक मुझे कुछ महसूस हुआ के मेरी जाँघ के थोड़ा ऊपर साइड में कुछ चल रहा है.मैंने झाँसे ही देखा तो अन्वेश पाजामी के ऊपर से मेरी काले रंग की कच्ची को अपने हाथों से सहला रहे थे.मैं तो बस पागल सी हो गयी ओर मेरे दिल की धड़कन एक दम तेज हो गयी.ये देख अन्वेश मेरे बिलकुल पास आए ओर अपने एक हाथ से मेरी जांघों को सहलाते हुए अपने दूसरे हाथ से मेरा चेहरा अपनी तरफ किया ओर अपने होंठ मेरे होंठ के बिलकुल पास लाकर मुझे प्यार से ओर भूखी निगाहों से देखने लगे ओर अचानक से मुझे होठों पे किस कर दिया.मैं कुछ नहीं कह सकी ओर फिर अन्वेश को जी भर के होठों को चूमने दिया.मैं बहुत खुश थी के मैं अन्वेश को अपने होंठ पीला रही हूँ.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *