सेक्सी साली की माहवारी में सील-तोड़ चुदाई 2

हाय फ्रेंड्स, मैं Antarvasna दिनेश एकबार फिर से कामलीला डॉट कॉम के आप सभी पाठकों का स्वागत करता हूँ अपनी कहानी के दूसरे भाग में। अब तक आपने मेरी इस कहानी में पढ़ा कि, कैसे मैंने स्नेहा को सेक्स के लिए उत्तेजित किया और अब आगे की कहानी कुछ इस प्रकार से है।

और फिर मैंने उसके सारे चेहरे पर किस करना चालू कर दिया था उसके कुछ देर बाद ही मैंने उसके मुहँ पर अपनी जीभ रख दी थी और फिर मैं उसको उसके मुहँ के अन्दर डालने की कोशिश करने लगा, मगर वह अपना मुहँ ही नहीं खोल रही थी। और फिर मैंने 10-15 मिनट तक कोशिश करी मगर वह तैयार ही नहीं हो रही थी तो फिर मैंने उसके बब्स को दबाना चालू कर दिया था जिससे उसके मुहँ से है मम्मी निकल गया था। इसके साथ ही मैंने अपनी जीभ उसके मुहँ में घुसा दी थी अभी भी वह जल बिन मछली की तरह छटपटा रही थी। और फिर मैंने उसको पकड़कर उसकी टी-शर्ट को ऊपर कर दिया था मगर वह बहुत टाइट थी। और फिर मैंने उसको ज़ोर से खींचा तो वह फट गई थी उसकी काले रंग की ब्रा अब मेरी आँखों के सामने थी उसकी टी-शर्ट फट गई थी तो वह रोने लग गई थी। और फिर रोते-रोते वह मुझसे बोली कि, जीजू आप यह सब अच्छा नहीं कर रहे हो और फिर मैंने उसकी कुछ सुने बिना ही उसकी ब्रा का हुक खोल डाला था और फिर मैं उसके बब्स को मसलने लग गया था और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपनी टी-शर्ट को भी उतारा और फिर मैंने उसको अपनी बाहों में ले लिया था। तब भी वह मुझसे छुटने की कोशिश कर रही थी और फिर मैंने वैसे ही उसको करीब 5-7 मिनट तक दबाकर रखा था। और फिर वह समझ गई थी कि, आज तो उसकी चुदाई होने वाली है और अब छटपटाने का कोई फ़ायदा नहीं है। और फिर वह थोड़ी ढीली पड़ गई थी और फिर उसने खुद को मुझसे छुड़ाने की कोशिश कम कर दी थी। और फिर मैंने उसको अपनी जीभ का जादू दिखाना शुरू कर दिया था और फिर मैंने उसके मुहँ में अपनी जीभ को डालकर उसकी जीभ को चूसना चालू कर दिया जिससे फिर वह धीरे-धीरे शान्त हो चुकी थी और फिर मैंने उसके बब्स के एक निप्पल को चूसना और दूसरे को मसलना चालू कर दिया था दोस्तों उसके बब्स के निप्पल एकदम गुलाबी रंग के थे और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि, उसके निप्पल एकदम सख़्त हो गये थे और उसकी आँखें बन्द थी और तब मुझको भी पता चल गया था कि, साली अब गरम हो चुकी है।

और फिर मैंने उसको अपनी गोद में उठाया और फिर मैं उसको अपने बेडरूम में ले गया जहाँ पर मैंने पहले ही उसके साथ सुहागरात मनाने की तैयारी करके रखी हुई थी, मतलब कॉंडम, क्रीम और एक कपड़ा भी, क्योंकि मुझको पता था कि, आज उसकी सील टूटने वाली थी। और फिर मैं उसकी जीन्स उतारने लगा तो उसने अभी भी अपनी जीन्स को पकड़कर रखा हुआ था वो अभी भी रो रही थी और फिर वह मुझसे बोली कि, जीजू, प्लीज़ मुझको छोड़ दो और साथ ही वह रोते-रोते मुझसे बोली कि, जीजू मैं अभी पीरियड्स से हूँ। और तब मुझको समझ में आया कि, उसका महीना चल रहा था, तो उसकी चूत से खून निकल रहा होगा मगर मुझको क्या फ़र्क पड़ने वाला था क्योंकि मैं मेरी बीवी को महीने के सभी दिन चोदता हूँ और पीरियड्स में मेरी पत्नी को भी चुदवाने में मज़ा आता है। और हाँ मैं पीरियड्स के दिनों में कॉंडम ज़रूर लगा लेता हूँ। और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, जीजू, इसके बाद में मैं कहीं की नहीं रहूंगी। और फिर मैंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए थे और बस केवल अंडरवियर ही पहना हुआ था और फिर मैंने एक झटके में उसकी जीन्स को खींच लिया था. और फिर मैंने ऐसे ही जीन्स को पकड़कर खींचा तो उसके साथ में उसकी पैंटी भी उतर गई थी। और फिर मैंने देखा कि, उसकी पैंटी में सेनेटरी-पेड लगा हुआ था, जो पूरा खून से सना हुआ था और उसमें से एक बहुत ही मादक ही खुशबू आ रही थी। अब मेरे ऊपर कामदेव सवार हो गया था और फिर मैंने मेरा अंडरवियर उतारा और तब मेरा 6.5” का लौड़ा लोहे के रोड की तरह तनकर एकदम टाइट हो गया था और मेरे लंड का टोपा मेरे लंड से निकले हुए पानी से चिकना हो गया था। और फिर मैंने उसकी चूत को देखा तो वह एकदम गुलाबी रंग की थी. उसकी चूत की दरार से खून आ रहा था. और फिर मैंने जल्दी से कपड़ा उठाया और उसकी गांड के नीचे रख दिया था उसकी चूत के ऊपर हल्के से बाल थे, शायद उसने कुछ दिन पहले ही उसकी चूत के बालों को साफ़ किया था। और फिर मैंने अपने लंड पर कॉंडम लगाया और थोड़ी सी क्रीम अपनी ऊँगली पर लेकर मैंने अपनी ऊँगली उसकी खूनभरी चूत में डाल दी थी. और फिर मैं उसको उसकी चूत के अन्दर घुमाने लगा। और फिर वह भी मुझसे अब कुछ नहीं बोल रही थी. और फिर मैंने अपनी ऊँगली थोड़ी और अन्दर डाली तो मुझको उसकी सील महसूस हुई और फिर मैंने अपनी ऊँगली को बाहर निकाल लिया था, क्योंकि सील तोड़ने का मज़ा तो लंड से ही है। और फिर मैंने उसकी चूत के दरवाज़े पर अपना लंड रखकर धीरे से धक्का मारा उसकी चूत बहुत टाइट थी क्योंकि जब मेरी ऊँगली ही उसकी चूत में बड़ी मुश्किल से जा रही थी, तो मेरे लंड की क्या मज़ाल। हालांकि मेरा कॉंडम पहले से ही चिकना था मगर फिर भी मैंने कॉंडम पर क्रीम भी लगा ली थी और फिर उसके मुहँ पर अपना एक हाथ रखकर नीचे से उसकी चूत में अपने लंड से एक जोर का धक्का मारा और फिर मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ उसकी बच्चेदानी से जा टकराया था. दोस्तों मेरे उस हमले के बाद उसने मुझको जकड़ लिया था और साथ ही मेरे हाथ पर काट भी लिया था। दोस्तों मुझको पता था कि, मेरे लंड को जब कोई कुँवारी लड़की झेलती है तो क्या होता है, मेरी पत्नी भी दो दिन तक चल नहीं पाई थी। और फिर मैं कुछ देर तक उसके ऊपर वैसे ही पड़ा रहा और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसके बब्स की निप्पल को चूसना चालू कर दिया था, वो एकदम टाईट हो चुके थे। और फिर कुछ देर के बाद उसने मेरे बाल जो जकड़े हुए थे उनको ढीला छोड़ दिया था और फिर मैंने अब धीरे-धीरे उसकी चूत में अपने लंड से धक्का लगाना चालू कर दिया था और मेरे धक्कों से वह धीरे-धीरे चिल्ला रही थी। और फिर अचानक से उसकी चूत में कुछ हलचल सी हुई और फिर वह एकदम शान्त हो गई थी और फिर मुझको पता चल गया था कि, वह झड़ चुकी है। मैंने कमरे के ए.सी. को चला रखा था मगर फिर भी हम दोनों को बहुत पसीना आ रहा था। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर शायद उसका दर्द कुछ कम हो गया था और मैंने धक्के लगाना और उसके निप्पल को चूसना चालू रखा अब मैंने मेरे धक्कों की स्पीड थोड़ी और बढ़ा दी थी, मगर उतनी नहीं जितनी मैं मेरी पत्नी के साथ रखता हूँ क्योंकि मैं उस समय एक कुँवारी लड़की की चुदाई कर रहा था। मैंने धीरे-धीरे धक्के मारना चालू रखा और फिर वह भी मुझसे लिपट गई थी और मैं बीच-बीच में उसके होठों को भी चूस रहा था और फिर 15-20 मिनट की चुदाई के बाद भी मैं झड़ नहीं रहा था क्योंकि उसकी चूत टाइट होने की वजह से मैं पूरे ज़ोर से धक्के नहीं लगा पा रहा था। अब उसकी चूत का पानी, पीरियड का खून और क्रीम से काफ़ी चिकनापन हो रहा था. और फिर मैंने जोर-जोर से धक्के मारना चालू कर दिया था और फिर उसके 10 मिनट के बाद ही मैंने उसकी चूत में (कॉंडम में) ही अपना सारा जोश ठण्डा कर दिया था और फिर मैं उसके ऊपर ही लेट गया था। और फिर कुछ देर के बाद मैं उठा और मैंने मेरा लंड उसकी चूत से बाहर निकाला तो उसकी चूत से खून और पानी बहने लगा। मेरी उस जबरदस्त चुदाई से वह थोड़ी बेहोश सी थी और घड़ी में भी 4 बजने वाली थी तो फिर मैंने सब कुछ साफ़ किया और कॉंडम को फ्लश में डाल दिया था। और फिर उसको कपड़े भी पहनाए और उसकी टी-शर्ट तो फट चुकी थी, तो मैंने उसके बैग को खोलकर उसमें से एक कुर्ता निकालकर मैंने उसको पहनाया और उसका सेनेटरी-पेड भी मैंने बदलके नया सेनेटरी-पेड उसकी पैंटी में चिपकाया और उसको बाकी के कपड़े भी पहनाए और फिर सब कुछ ठीक-ठाक किया, ताकि मेरी बीवी को कोई शक ना हो।

मगर अभी भी वह होश मे नहीं आई थी, तो मुझको थोडा डर सा लगने लगा था कि, कहीं मेरी मेरी बीवी ना आ जाए और फिर मैंने फ्रीज़ में से थोड़ा पानी लाकर उसके मुहँ पर छिड़का तो फिर वह थोड़ी होश में आई. और फिर मैंने उसे थोड़ा पानी भी पिलाया। और फिर वह मुझसे लिपटकर रोने लगी और साथ ही वह मुझसे कहने लगी कि, जीजू मैंने आपके ऊपर यकीन किया था उसका आपने मुझको यह सिला दिया है। और फिर मैंने उसको थोड़ी देर पटाया, ताकि वह मेरी बीवी के सामने कुछ ना उगल दे। और फिर कुछ देर के बाद वह मान भी गई थी और फिर वह मुझसे फिर से चिपक गई थी अभी भी मेरी बीवी को आने में 1 घंटा बाकी था तो हमने वापस से चुदाई चालू कर दी थी, मगर इसबार उसकी मर्ज़ी से. उसने इसबार मुझको भी खूब मज़ा दिया था। उसने तब मेरे लंड को पहली बार देखा था और फिर वह मुझसे बोली कि, जीजू, आपका इतना बड़ा मेरे अन्दर कैसे गया? तो मैंने उसको बोला कि, सांप के बिल में सांप तो जा ही सकता है ना। और फिर वह मेरी बात पर हंस पड़ी थी और फिर उसने मेरे लंड को 15 मिनट तक चूसा, वह अब बहुत गरम हो चुकी थी। मैं उसकी चूत को नहीं चूस सकता था क्योंकि उसकी चूत तो खून से सनी पड़ी थी और फिर जब दूसरी बार मुझसे चुदवाने के लिए उसने खुद ही अपने कपड़े उतारे तो उसने देखा कि, मैंने उसका सेनेटरी-पेड भी बदल दिया था तो वह मुझसे बोली कि, कुसुम बहुत किस्मत वाली है कि, जो आपके जैसा पति उसको मिला है, जो सेनेटरी-पेड भी बदल दे। दोस्तों इसबार उसने मुझसे बड़े मज़े से चुदवाया था और फिर जब मेरी बीवी आई, तो वह एकदम ठीक हो गई थी, जैसे कि, कुछ हुआ ही ना हो। और फिर कुछ देर के बाद वह बोली कि, मेरा सिर दुख रहा है, और मैं थक भी गई हूँ। असल में तो चुदाई की वजह से और सील टूटने की वजह से उसको दर्द हो रहा था और वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। और फिर मैंने उसको दर्द की गोली देकर आराम करने को बोला और फिर दूसरे दिन वह चली गई थी और मैं ही उसको रेल्वे स्टेशन तक छोड़कर आया था और चलती ट्रेन से वह मुझको बोली बाय जीजू।

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