शीला की शेव की हुई चुत की चुदाई

मेरा नाम निकेश Antarvasna है मैं वापी में रहता हूँ, मुझे सेक्स स्टोरी बहुत पसंद है, मैं सेक्स का दीवाना हूँ आज मैं आपको अपनी जिंदगी का एक खूबसूरत कहानी पेश कर रहा हूँ, आशा करता हूँ की आपको मेरी ये कहानी अच्छी लगेगी मैं ये कहानी मेरी और रूचि की है,रूचि मेरी कज़िन शीला की बेस्ट फ़्रेंड है और ये कहानी मैं उसकी पर्मिशन से ही शेयर कर रहा हूँ. रूचि नेचर वाइज़ स्वीट और इनोसेंट सी लड़की है,पर देखने में कयामत है जो भी उसे देखे बस देखता ही रही जाए. शी इस सो ब्यूटिफुल और सो फेयर,फिगर 34-28-32,चलो सीधा कहानी पर आता हूँ.

ये कहानी आज से तीन साल पहले की है मेरी वापी बाले आंटी जी की बड़ी लड़की (शीला की सिस) की शादी थी,मैं वहां 3दिन महले ही पहुंच गया था फंक्षन अटेंड करने और अरेंज्मेंट्स में हेल्प करने. रूचि से मेरी मुलाकात उसी फंक्षन में हुई,मैंने जब रूचि को देखा तो देखता ही रही गया पिंक सूट में हुस्न की पड़ी लग रही थी,मैंने अपने कज़िन से पूछा तो उसने बताया की शीला की फ़्रेंड है. शीला और मेरी बचपन से बहुत अच्छी बॉनडिंग थी और हम अपनी मोस्ट्ली सभी बातें एक दूसरे से शेयर भी कर लेते थे.

मैंने शीला से बहुत रिकवेस्ट की तब जाकर वो रूचि से फरंदशिप करने के लिए रेडी हुई. ईवनिंग में उसने मुझे रूचि का नंबर दिया और उसे कॉल करने को कहा,रूचि से मेरी बात हुई और उसने फरंदशिप के लिए हाँ कह दिया,फिर तो मौका मिलने पर मैं उसके बूब्स दबा देता तो कभी उसकी गान्ड पर चुटकी कर देता,वो एक स्वीट सी स्माइल के साथ रेस्पॉन्स करती और मैंने सोचा लिया की कुछ भी हो जाए इसे चोदना ही है.फंक्षन खत्म हो गया और कुछ भी नहीं हो पाया,बक्ज़ शादी का घर होने की वजह से कही भी प्राइवसी नहीं मिल पेयिंग और मैं आपने घर आ गया.पर मेरी उससे बातें होती रहती और धीरे धीरे हमारी बातें सेक्स चाट में कॉनवर्ट होती गयी,फोन सेक्स पर वो इतनी कामुक हो जाती की उसकी सिसकियां मेरे लंड में करेंट सा डाल देती. अब वो भी चुदना चाहती थी और हम मौके की तलाश करने लगे.

कुछ दिन बात मुझे पता चला की हमारे एक रिलेटिव के घर मरीज़ फंक्षन है और सभी को वहां जाना है. मैंने रूचि को कॉल की और उसके साथ एक प्लान बनाया,फिर रूचि ने मेरी कज़िन को हमारा प्लान बताया और उसे घर पर ही रुकने को कहा और साथ ही 2 दिन के लिए रूचि को उसके घर बुलाने के लिए रूचि में घर वालो से पर्मिशन लेंस को कहा,शीला ने अपनी आंटी से रूचि के घरो वालो को उनके घर रुकने के लिए पर्मिशन ले ली.नेक्स्ट मॉर्निंग सभी लोग फंक्षन अटेंड करने के लिए निकल गये और मैं मासी जी के घर के लिए निकल गया.जब वहां पहुंचा तो रूचि आ चुकी थी उसे देखकर मेरे चेहरे पर अलग ही मुस्कान थी जिसे देखकर रूचि और मेरी कज़िन दोनों हँसने लगी. रूचि ने ब्लैक लोवर न वाइट टी-शर्ट पहनी थी,और बहुत खूबसूरत लग रही थी.दिला तो कर रहा था ही उसे अभी चोदना शुरू कर दम .

कुछ देर हमने इधर उधर की बातें की फिर शीला खाना बनाने किचन में चली गयी उसके जाते ही मैंने रूचि को अपनी बांहों में भर लिया और उसके होठों पर अपने होंठ रखकर उसके गुलाबी होठों का रस पीने लगा और एक हाथ से उसके बूब्स दबाने लगा,किस्सिंग करते करते कब हम सोफे पर ही लेट गये पता ही नहीं चला,रूचि ने अचानक मुझे खुद से दूर करते हुए कहा की शीला हमें देख कर वापस चली गयी है.हम अलग हो कर बैठ गये .

रूचि रूम से निकल कर शीला की हेल्प करने चली गयी और किचन से दोनों के हँसने ही आवाज़ आने लगी. मैं टीवी ऑन करके मूवी देखने लगा.थोड़ी देर में रूचि खाना ले कर आ गये और हम 3नो ने मिलकर खाना खाया.शीला ने रूचि की तरफ आंखों से कुछ इशारे किए और उठ कर चली गयी. थोड़ी देर बाद रूचि अंदर उसके रूम में गयी और 5मिनिट बाद वापस आई और बोली की शीला को अपने कॉलेज का असाइनमेंट पूरा करना है तो वो उसे कंप्लीट कर रही है और मेरे साथ आकर बैठ गयी,

मैंने फिर से उसे अपने सीने से लगा लिया और उसके होठों को चूसने लगा अब वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी,अब मेरे दोनों हाथ अपने अपने काम में बिज़ी हो गये एक हाथ से मैंने उसके बूब्स को बड़ी बड़ी दबा रहा था और दूसरे से उसकी गान्ड को दबा रहा था,उसके मुंह से सिसकियां निकालने लगी,मैंने अपना हाथ उसके लोवर में डाला और पैंटी के उप्पर से ही उसकी गान्ड की दरार को उंगली से छेड़ने लगा जिससे वो बेचें हो उठी और मुझसे और टाइट होकर चिपक गयी और फुल पॅशनेट्ली किस करने लगी,अब मेरा लंड एक आइरन रोड़े की तरह कड़क हो चुका था और ये रूचि को भी उसकी चुत पर महसूस होने लगा त,

रूचि को मैंने उप्पर वाले रूम में चलने को कहा पर वो इतनी मदहोश हो चुकी थी की वो सिर्फ़ मेरी आंखों में देखे जा रही थी.मैंने उसे अपनी बांहों में उठाया और उप्पर वाले रूम में ले गया और जाकर बेड पर लिटा दिया,वो अभी भी सिर्फ़ मेरी आंखों में देखे जा रही थी. और मैं उसके होठों को,उसके होंठ और लाल हो गये थे और उसकी आंखें और भी नासीली अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था पर मैं उसे पूरे मजे देना चाहता था इसलिए जल्दी के मूंड़ में नहीं था,

रूचि बेड पर लेती हुई मुझे अपनी बाँहे खोल कर बुला रही थी,हम दोनों फिर एक दूसरे को चूमने और होठों का रस चूसने में लग गये,करीब 10मिनिट ऐसे ही होंठ चूसते हुए मैंने रूचि का हाथ अपने लंड पर महसूस किया,मैं समझ गया था की वो अब आगे बढ़ने के मूंड़ में है. मैंने भी अपना हाथ उसके लोवर में डाल दिया और पैंटी के उप्पर से उसकी चुत को सहलाने लगा,उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी,जब मैंने उसकी पैंटी में हाथ डाला तो उसकी चुत पर एक भी बाल नहीं थी एक दम क्लीन न क्लीयर चुत थी,तभी मैंने उसका लोवर उसकी बॉडी से अलग कर दिया,अब वो मेरे सामने टी-शर्ट और पैंटी में थी,पिंक कलर की फ्लवर प्रिंट की पैंटी में वो बहुत हॉट लग रही थी . मैंने उसे टी-शर्ट निकालने के लिए बोला,उसने मेरे बोलते ही टी-शर्ट भी निकल दी उसने ब्रा नहीं पहनी थी,उसके बूब्स दूध जैसे वाइट थे और निप्पल पिंक,

मैंने उसके हुस्न का दीदार कर ही रहा था की वो उठी और मेरी पेंट का हुक और ज़िप खोलते हुए बोली “जान मुझे तुम्हारा लंड देखना ” और मैंने अपनी पेंट निकल दी और उसने मेरी शर्ट,और बनियान,अब मैं भी सिर्फ़ आंडरवेयर में था और वो भी सिर्फ़ पैंटी में,वो दोबारा बोली की “प्लीज़ अपना लंड दिखाओ ना” मैं उसकी तरफ स्माइल करते हुए बोला की” मेरी जान ये लंड सिर्फ़ तुम्हारे लिए है और आज मैं इसे तुंबे देखकर ही रहूँगा पर इतनी आसानी से नहीं” और उसके होठों पर किस करते हुए मैंने उसकी पैंटी में हाथ डाल कर उसकी चुत को अपनी उंगली से सहलाने लगा,और वो आहहे भरने लगी.मैंने उसकी पैंटी को भी निकल दिया,उसकी चुत उभरी हुई थी और चुत पर एक भी बाल नहीं,ऐसा लग रहा था जैसे उसने आज ही शेव किया हो,मैंने उसकी चुत को सहलाते हुए कहा

रूचि – ” ये सब तुम्हारे लिए ही है,और मैंने आज ही शेव किया है,कैसी है?”

में – उसकी चुत को सहलाते हुए मैंने कहा ” बहुत प्यारी है,दिला करता है की इसे अभी कहा जाऊं”

रूचि – “तुम्हारे लिए ही है जो चाहे कर लो”

मैं उसकी चुत का मुआइना करने लगा,उसकी चुत अंदर से पिंक थी और उसके वीर्य से चिपचिपी हो गयी थी. मैंने उसकी तरफ देखकर उससे पूछा “मेरी जान कितने बात डिसचार्ज हो गयी ” वो नॉटी सी स्माइल देते हुए बोली “2 बार,” मैंने एक उंगली उसकी चुत के छेद ने डाली तो वो उछल गयी आई,वो अभी वर्जिन थी और उसका फर्स्ट टाइम था,आब्वियस्ली मेरा भी फर्स्ट टाइम था पर इतनी पॉर्न मूवी देखने के बाद मैं थोड़ा बहुत ट्रेंड हो चुका था,उसकी चुत को देख कर मेरे साथ साथ मेरे लंड के मुंह में भी पानी आने लगा था,मैंने अपना मुंह उसकी चुत पर रख दिया और जीभ से उसकी चुत चाटना शुरू कर दिया,उसकी चुत को टच करते ही

वो फिर उछल पड़ी और उसने मेरे सर को पकड़ा लिया,अब मैं उसकी चुत को अपनी जीभ से चाट रहा था और वो सिसकियां ले रही थी और साथ में आहहे भर रही थी,उसके मुंह से बार बार आवाज़ आ रही थी ” प्लीज़ फक में राज प्लीज़ फक में,मुझसे रहा नहीं जा रहा रहा है प्लीज़,आअहह,,,,,,हम,म्ज,आअहह,प्लीज़ मैं मर जाऊंगी प्लीज़ फक में,मेरी जीभ उसकी चुत को चाटने में बिज़ी थी और मेरे हाथ उसके बूब्स को बढ़ाने में,और वो मेरे सर को अपनी चुत पटा दबा रही थी और आहहे भर रही थी,अब उसकी बॉडी एत्ने लगी और एक आहह के साथ वो मेरे मुंह में ही झाड़ गयी,मैंने उसकी चुत का सारा रस चाट कर साफ कर दिया,उसकी आंखें अब भारी हो रही थी,मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसका हाथ अपने आंडरवेयर में डाल दिया और उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लेते हुए कहा “जान ये तो बहुत मोटा है मैं इससे कैसे ले पाऊंगी.

में – जान सब हो जाएगा और तुम्हें पता भी नहीं चलेगा.”

रूचि ने मेरा लंड आंडरवेयर से बाहर निकाला और उसे सहलाते हुए बोली,“ये तो और बड़ा हो रहा है ”

इससे पहले की वो और कुछ सोचती मैंने अपना लंड उसके मच की तरफ बढ़ते हूँ कहा प्लीज़ सक इट. पहले तो वो मना करने लगी फिर उसने थोड़ा थोड़ा करके पूरा लंड अपने मुंह में ले लिया और लॉलिपोप की तरह चूसने लगी,5मिनिट बाद मुझे लगा की मैं झड़ने वाला हूँ,मैंने उसे और तेज चूसने के लिए कहा और मैं उसके मुंह में ही डिसचार्ज हो गया,उसका मुंह मेरे वीर्य से भर गया,मेरे कहने पर वो सारा का सारा पी गयी.हम दोनों अब पूरे नंगे थे और एक दूसरे के बॉडी पार्ट से खेल रहे थे,रूचि के हाथ में मेरा लंड था और मैं उसके बूब्स को बड़ी बड़ी से चूस रहा था और साथ ही उसकी चुत के दाने को उंगली से छेद रहा था,थोड़ा ही देर में हम 69 की पोज़िशन में आ गये,उसकी चुत फिर से पानी छोडने लगी थी और मेरा लंड दोबारा अपनी अकड़ में वापस आ रहा था.रूचि ने फिर से मेरे लंड को चूसना स्टार्ट कर दिया और कहने लगी “प्लीज़ अब मत तड़पा इसे अब मेरी चुत में डाल दो.”मैंने देर ना करते हुए अपनी पेंट की पॉकेट से वैसलीन की डब्बी निकली जिसे मैं अपने साथ लाया था.

उसने मेरे लंड पर और मैंने उसकी चुत पर वैसलीन लगाई और मैंने स्लोली स्लोली लंड को उसकी चुत पर रगड़ना शुरू किया,और उसके होठों को चूसते हुए एक ज़ोर कर झटका मारा,उसकी चीख निकल गयी और रोने लगी,आधा लंड उसकी चुत में घुस चुका था और वो अपने आप को मुझे छुड़ाने लगी,“प्लीज़ मैं नहीं ले पाऊँगा,ये बहुत मोटा है मेरी चुत फट जाएगी,प्लीज़ जान मुझे नहीं चुदवाना” मैं थोड़ी देर आइसेही रुका रहा और उसे समझाया ” जान फर्स्ट टाइम ऐसा ही लगता है,और ये दर्द भी सिर्फ़ 5मिनिट तक रहेगा उसके बाद ये मजे में कॉनवर्ट हो जाएगा” वो थोड़ी शांत हो गयी और मैंने एक और ज़ोर का झटका लगाया और पूरा लंड उसकी चुत में चला गया,उसकी सील टूट चुकी थी और उसकी चुत से खून निकालने लगा,लेकिन मैंने उसे पता नहीं चलने दिया और उसकी आंखों से आँसू निकल रहे थे,पर उसकी चीख मेरे और उसके मुंह में दब के रही गयी,5मिनिट रुकने के बाद वो खुद अपने गान्ड उठा कर लंड को और अंदर लेने की कौशिश करने लगी.

मैंने पूछा ” आन करूं उसने आंखों से हामी भरते हुए कहा,मैंने धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया,आन वो भी मेरा अपने चूतड़ उठा कर मेरा साथ दे रही थी,हमारी सिसकियों से पूरा रूम गूँज रहा था,अब वो ज़ोर से आहहे भर रही थी,

रूचि – प्लीज़ फक में हार्डर,जान प्लीज़ और तेज,

मैंने भी अपने बढ़ता तेज कर दी,

उसका शरीर अकड़ने लगा,उसने अपने पैरों को मेरी कमर में फँसा लिया,और एक थे आहह के साथ झाड़ गयी,लेकिन मैं अभी झड़ने वाला नहीं थी बक्ज़ मैं एक बात झाड़ चुका था,रूचि ढीली पड़ने लगी,और कहने लगी,

“प्लीज़ आन बाहर निकल लो”

में – “क्या?”

>रूचि – ” प्लीज़ अपना लंड अब निकल लो,मेरी चुत अब दर्द कर रही है,”

में – ” लेकिन मेरा अभी डिसचार्ज होना बाकी है”

रूचि – ” मैं चूस कर डिसचार्ज करा देती हूँ”

में – ” नहीं मेरी जान,ये हमारी फर्स्ट सेक्स है तो कोई जल्दबाज़ी नहीं,

रूचि ने मेरे होठों को चूमते हुए कहा “ठीक है,तुम जब तक चाहो कर लो,मैं आज तुम्हें नहीं रोकूंगी,” और वो फिर से मेरा साथ देने लगी,रूचि की मैंने डॉगी पोज़िशन में किया और उसकी चुत में अपना लंड घुसा दिया वो एक बार फिर चीख पढ़ और बेड पर मुंह तकिया में दबा कर आहहे भरने लगी,हे,हे आस प्ल्ज़्ज़ ई में क्यूमिन और वो फिर झाड़ गयी,मैंने भी धक्के तेज कर दिए और करीब 5मिनिट बाद मैं भी उसकी चुत में ही झाड़ गया और उसके ऊपर ही गिर गया,

रूचि के चेहरे पर स्वीट सी स्माइल थी जिससे उसके सॅटिस्फाइ होने का पता चल रहा था.

हम दोनों ऐसे ही करीब 2ह्र्स तक लेते रहे,घड़ी में शाम के 5 बज चुके थे,रूचि ने मुझे किस करते हूँ कहा “अब नीचे चले शीला अकेली है,”

मेरा उठने का मन नहीं था और मैं उसे भी जाने नहीं देना चाहता था,मैंने उससे कहा ” एक बार और करते है फिर चलते है,”

रूचि – अभी चलो,बाकी रात में कर लेना,

में – प्रॉमिस?

रूचि – हां बाबा प्रॉमिस,मैं कल तक यही हूँ,जितना चाहो उतना कर लेना.

शीला की शेव की हुई चुत की चुदाई – सेक्स कहानी

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