मेरी प्यारी ज्योति दीदी

मेरी प्यारी ज्योति दीदी- Meri Pyari Jyoti Didi

ज्योति दीदी मुझसे 1 यार बड़ी हे. ई आम 22 एअर ओल्ड और में सिस्टर इस 24 एअर ओल्ड. में जब क्लास 11त में था तब मुझे पहली और बार अट्रॅक्षन हुआ ज्योति दीदी को देख कर ओर और तब मुझे लगा की ज्योति मेरे लिए हे और ओर में तब से ज्योति दीदी के साथ सेक्स करना चाहता था. वो मेरे दूर के रिश्तेदार की लड़की थी वो हमारे यहाँ पढ़ने के लिए आई हुई थी

दीदी ओर मैं एक ही कॉलेज से एक ही क्लास में बी एस सी कर रहे हे. सुबह का वक्त था, ज्योति दीदी बात ले रही थी, शायद वो बाथरूम का दूर बंद करना भूल गयी थी. मुझे भी बात लेना था, में बाथरूम में गया तो देखा की मेरी बहन ज्योति नंगी हे ओर वो बात ले रही हे, मैं उसको देखा तो उसको देखते ही रही गया. उसने भी मुझे देखा तो वो भी जैसे थी वैसे ही खड़ी रही ओर मुझे देखती रही. मैं भी उसको देखता रहा, मैंने उसकी चुत को पहली बार देखा ओर देखता ही रही गया, कितनी प्यारी थी मेरी बहन ज्योति की चुत, ज्योति की चुत पे हल्के-2 हेयर थे. मैंने उसके बूब्स को देखा, ज्योति की निप्पल बहुत ही मस्त ते. मैं उसको देखते ही रहा ओर वो भी मुझे देख रही थी. शायद उस वक्त हम दोनों का ब्रायन काम करना बंद कर दिया था. फिर मुझे होश आया तो मैंने सॉरी कहा ओर वहां से चला गया.
हम कॉलेज साथ में जाते ते कार से. कॉलेज जाते वक्त रास्ते में कार में हम दोनों एक दूसरे से नज़र नहीं मिला पा रहे ते. कार में एक नज़र और उसने मुझे देखा ओर उसकी नज़र मुझसे मिली और ओर फिर हम दोनों एक दूसरे को स्माइल दिया लेकिन हमने कुछ कहा नहीं.

रात में हम साथ में सोते ते. एक ही बेड पे एक ही रज़ाई में. उस वक्त दिसंबर का मंथ था. हम दोनों पास में बैठ के स्टडी कर रहे ते. मैं बाइयालजी पढ़ रहा था, उसमें एक चेप्टर था “रिप्रोडक्टिव सिस्टम”. उस चेप्टर में गर्ल्स ओर बोय्ज के लंड ओर चुत के बड़े में डीटेल में दिया था विद फिगर, ओर बचे कैसे होते हे ये भी बताया था उस चेप्टर में. चेप्टर में लंड कैसे चुत में डालते हे ये भी दिया था विद फिगर. ज्योति मेरे बगल में सो गयी रज़ाई ओढ़ के. मुझे सुबह का याद आ रहा था, ज्योति की चुत मेरे दिमाग में थी, मेरा मन ज्योति को पेलने का कर रहा था, मैं उस चेप्टर में चुत का डाइयग्रॅम देखा तो मैंने अपना आंडरवेयर निकल दिया ओर लंड को हाथ में लिया ओर मसल रहा था और लंड को ओर ऊपर-नीचे करता रहा. मेरा लंड गरम हो गया. मुझे लगा की मेरे लंड से कुछ निकल रहा हे. मैं ज्योति दीदी के सेर के पास बैठ गया ओर ज़ोर-ज़ोर से मूठ मरता रहा. मैं लाइफ में पहली बार मूठ मारा उसे दिन. मेरा सफेद-सफेद स्पर्म निकालने लगा लंड से, मैंने स्पर्म अपने हाथ में ले लिया. मैं अपना स्पर्म एक हाथ में ले के ज्योति दीदी के लिप्स पे लगाया ओर उनका लिप्स चातने लगा. ज्योति दीदी नींद में थी, उन्हें कुछ पता नहीं चला. मैं ज्योति दीदी का लिप्स चाट रहा था स्पर्म लगा के. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था लेकिन डर भी लग रहा था की अगर ज्योति दीदी जगह गयी तो. फिर मैं अपना हाथ पानी से साफ कर के ज्योति दीदी के बगल में उनके पास उनसे चिपक के लेट गया. मुझे नींद नहीं आ रही थी. मैंने अपना हाथ ज्योति दीदी के बूब्स पर रखा, ओर उनके बूब्स को प्रेस करने लगा. मैं धीरे-2 एक्साईटेड हो रहा था, मुझे सेक्स का नशा चढ़ने लगा.

मैं ज्योति दीदी के सलवार हटा के उनके पेट पे हाथ रखा ओर फिर मैंने उनका सलवार ओर ऊपर कर दिया. मेरा हाथ और ज्योति दीदी के बूब्स के ऊपर उनके ब्रा पे थी. मैं उनका बूब्स दबाने लगा. फिर मैंने अपना हाथ ज्योति दीदी के कमर पे रखा. फिर उनकी पेंटी पे हाथ रखा. मैं उनके चुत में फिंगर डालने लगा. मैंने ज्योति दीदी के चुत में फिंगरिंग की ओर फिर मैं दूसरे साइड होकर सो गया.

नेक्स्ट नाइट को मैंने फिर से जब ज्योति दीदी सो गयी तो मैं उनकी चुत में फिंगरिंग की. मुझे दीदी के साथ सेक्स करने का मन कर रहा था, लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी. मैंने अपना लंड निकल के मूठ मारा(मस्तेरबाटिंग). और स्पर्म हाथ में लेकर ज्योति और दीदी के लिप्स पे लगा के चातने लगा. मुझे लगा की ज्योति दीदी जगह रही हे. मैं सोने का नाटक करने लगा. 15 मिनिट्स बाद दीदी को लगा की में सो गया हूँ तो ज्योति दीदी बैठ गयी ओर उन्होंने मूजा हिलाया, मैंने कोई रिएक्शन नहीं दिया. ज्योति दीदी को लगा की मैं सो गया हूँ. ज्योति दीदी ने मेरा हाथ अपने तरफ किया ओर अपने पेट पे रख दिया, ओर फिर मेरा हाथ अपने बूब्स पे रख के प्रेस करने लगी.

ज्योति दीदी ने मेरे आंडरवेयर में अपना हाथ डाला ओर मेरे लंड को पकड़ लिया ओर लंड को मसलने लगी. ज्योति दीदी अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ के मेरा मूठ मर रही थी. मेरे लंड से स्पर्म नियालने लगा तो ज्योति दीदी ने मेरा सारा स्पर्म अपने हाथ में ले लिया ओर ज्योति दीदी मेरा स्पर्म चातने लगी ओर मेरा सारा स्पर्म कहा लिया. ज्योति दीदी ने मेरा लंड फिर अपने हाथ में पकड़ा ओर फिर मेरी प्यारी ज्योति दीदी ने मेरा लंड अपने मुंह में लिया ओर ज्योति दीदी मेरा लंड चूसने लगी. मेरा लंड टाइट ओर गरम हो गया था, लेकिन ज्योति दीदी के मौत के अंदर था इस लिए उनके मौत के पानी से गरम मेरे गरम लंड को एक अजीब सा नशा छा रहा था. ज्योति दीदी 15 मिनट से मेरा लंड अपने मौत में लेकर चूस रही थी. मेरा स्पर्म निकालने लगा ओर मेरी प्यारी ज्योति दीदी ने मेरा सारा स्पर्म पे गयी.

मैं और उठ के बैठ गया. ज्योति दीदी मुझे चुप चाप देख रही थी ओर मैं भी ज्योति दीदी को देख रहा था. 2 मिनिट्स के बाद ज्योति दीदी ने कहा भाई तुम मेरे बॉय फ़्रेंड बनोगे. मैंने अपनी प्यारी ज्योति दीदी को गले लगा लिया. ज्योति दीदी ने कहा में कल जागी थी जब तुम अपना मूठ मर के अपना स्पर्म मेरे लिप्स पे लगा के किस कर रहे ते, ज्योति दीदी ने कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

फिर मेरी प्यारी ज्योति दीदी मेरे लिप्स पे किस करने लगी ओर एक हाथ से मेरा लंड पकड़ के मसलने लगी. मैं भी अपना हाथ ज्योति दीदी के बूब्स पे रख कर दबाने लगा. हम 15 मिनिट्स तक एक दूसरे के लिप्स चूसते रहे ओर एक-दूसरे को एक्साईटेड करने लगे. मैंने अपनी प्यारी ज्योति दीदी से कहा की दीदी आप मेरा लंड अपने मौत में लेकर चूसो. ज्योति दीदी मेरा लंड अपने मौत में लेकर चूसने लगी. मैंने ज्योति दीदी का सेर हाथ से पकड़ के उनके मौत में अपना लंड से पेलने लगा, फिर मैं ज्योति दीदी के मौत में ही अपना सारा स्पर्म निकल दिया. ज्योति दीदी मेरा सारा लंड का स्पर्म्ज़ और कहा गयी, जैसे कोई करीम खाते हे.
फिर मैंने अपनी प्यारी ज्योति दीदी का कुरती निकाला, ज्योति दीदी अब सिर्फ़ ब्रा ओर स्कर्ट में थी. मैंने अब ज्योति दीदी की स्कर्ट भी निकल दी. मेरी प्यारी ज्योति दीदी अब सिर्फ़ ब्रा & पैंटी में थी. मेरी और प्यारी ज्योति दीदी ब्रा & पैंटी में बहुत हॉट, सेक्सी & खूबसूरत लग रही थी. फिर ज्योति दीदी ने मेरा टी-शर्ट अपने हाथ से निकाला, फिर ज्योति दीदी ने मेरा लोवर निकाला. मैं सिर्फ़ आंडरवेयर में था ओर मेरी प्यारी ज्योति दीदी सिर्फ़ ब्रा & पैंटी में थी. ज्योति दीदी ने मेरा आंडरवेयर निकल दिया, मैंने भी ज्योति दीदी का ब्रा निकाला फिर मैंने अपनी ज्योति दीदी की पैंटी भी निकाली.

ज्योति दीदी मेरे सामने नंगी थी ओर मैं भी ज्योति दीदी के सामने नंगा खड़ा था. ज्योति दीदी बेड पे खड़ी थी ओरऔर मैं बैठ के नीचे सेऔर अपनी ज्योति दीदी की चुत को देखने लगा. मेरी ज्योति दीदी की चुत पे हल्के-हल्के, छोटे-छोटे हेर और ते . ज्योति दीदी की चुत बहुत टाइट थी. मैनी दीदी की चुत पे अपना एक फिंगर रखा, ओर फिर फिंगर से ज्योति दीदी की चुत को मसलने लगा. मैंने अपनी फिंगर दीदी की चुत की छेद में डालने की कोशिश की. ज्योति दीदी की चुत बहुत टाइट थी, फिर मैंने धीरे-धीरे अपना फिंगर दीदी की चुत में डाली ओर दीदी की चुत में फिंगरिंग करने लगा. मेरी ज्योति दीदी के मौत से और ‘आ-आ-उफ्ह‚ की आवाज़ निकल रही थी. मैंने 10 मिनट तक ज्योति दीदी की चुत में फिंगरिंग की, मेरी ज्योति दीदी झाड़ गयी ओर दीदी की चुत ने पानी चोर दिया. मैंने अपना मुंह दीदी की चुत पे रखा ओर अपने जीभ से अपनी ज्योति दीदी की चुत से जो पानी निकल रहा था उसको चातने लगा. मैंने अपना जीभ ज्योति दीदी की चुत के छेद पे रख कर चातने लगा ओर फिर मैंने अपने जीभ से ज्योति दीदी की चुत में लीयकिंग करने लगा. मेरी ज्योति दीदी मेरे सेक्स के नशे में मदहोश हो गयी थी ओर मेरा सेर पकड़ के अपने चुत पे दबा रही थी. ज्योति दीदी फिर से झाड़ गयी ओर मैंने उनके चुत का सारा पानी अपने जीभ से साफ कर दिया.

मेरी ज्योति दीदी मेरे सेक्स की मदहोशी में पागल सी हो रही थी. मेरी दीदी ने मेरा लंड को फिर से अपने मुंह में लेकर ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी, मैं भी पागल सा हो रहा था. मैंने ज्योति दीदी को बेड पे लेता दिया ओर अपना लंड अपनी प्यारी ज्योति दीदी की प्यारी सी गुलाबी चुत पे रखा ओर चुत के अंदर डालने की कोशिश करने लगा. ज्योति चीलाने लगी, मैंने दीदी के लिप्स पे अपना लिप्स रखा ओर दीदी की लिप्स चूसने लगा ओर धीरे-धीरे अपना लंड ज्योति दीदी की चुत में अंदर डालने लगा. मेरी ज्योति दीदी की आंखों से आँसू आने लगे. मैंने मेरी प्यारी ज्योति की चुत की और सीलऔर तोड़ दी थी. ज्योति दीदी की चुत से ब्लड निकालने लगा. मैंने लंड चुत से बाहर निकाला. दीदी ने कहा की भाई तुम परेशान ना हो, जब ‘चुत में पहली बार लंड डालते हे तो चुत की और सील और टूट जाती हे ओर ब्लड निकलता हे‚

मैंने फिर अपना लंड ज्योति दीदी की चुत पे रखा ओर अंदर डालने लगा, दीदी ने कहा आराम से डालो. मैंने अपना पूरा लंड दीदी की चुत में डाल दी. मेरी प्यारी ज्योति दीदी दर्द से चिल्लाने लगी ओर रोने लगी. मैंने ज्योति दीदी और के लिप्स पे अपना लिप्स रखा ओर दीदी की लिप्स चूसने लगा ओर साथ में लंडऔर दीदी की चुत में अंदर-बाहर करने लगा. ज्योति दीदी की मुंह से ‘आ-आ –उफ़-आ‚ की आवाज़ निकल रही थी. मैंने अपनी पेलने की बढ़ता तेज की ओर ज्योति दीदी को ज़ोर-ज़ोर से पेलने लगा. ज्योति दीदी और ‘आ-आ –उफ़-आ‚**********‚आ-आ –उफ़-आ‚***** कर रही थी, ज्योति दीदी का दर्द कुछ कम हुआ. मेरी ज्योति दीदी अब मेरे सेक्स का मजा ले रही थी. मेरी ज्योति दीदी की चुत में मेरा लंड पूरा अंदर तक जा रहा था, जिससे ज्योति दीदी को बहुत अच्छा लग रहा था. 15 मिनिट्स तक में ज्योति दीदी को चोदता रहा. ज्योति दीदी अब झड़ने वाली थी, ज्योति दीदी ने अपना बॉडी हल्का कर दिया. लेकिन मैं ज्योति दीदी को पेलता रहा. 20-या-25 मिनिट्स बाद मैं भी झड़ना वाला था. ज्योति दीदी फिर से झड़ने वाली थी. ज्योति दीदी ने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया ओर मैंने ज्योति दीदी को पकड़ लिया. मैं ज्योति दीदी की चुत में ही झड़ गया ओर दीदी भी साथ में झड़ गयी. मैंने अपना सारा स्पर्म मेरी ज्योति दीदी की चुत में ही अंदर निकल दिया.

फिर मैं ज्योति दीदी के ऊपर ही लेट गया. ज्योति दीदी मेरा लंड हाथ में पकड़ के मसलने लगी फिर ज्योति दीदी ने मेरा लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी. मैं फिर सोफे पे बैठ गया ओर ज्योति दीदी आ के मेरेऔर ऊपर बैठ गयी. मैंने ज्योति दीदी को लंड पे बैठाए ही खड़ा हो गया. मैं फ्लोर पे खड़ा था ओर मेरी ज्योति दीदी मेरे लंड पे अपनी चुत डाल के बैठी थी मेरी गोदी में मुझे पकड़ के. मैं ज्योति दीदी को खड़े-खड़े ही चोदने लगा. ज्योति दीदी ने मुझे ज़ोर से पकड़ा हुआ था, ज्योति दीदी को दर्द हो रहा था इसलिए वो मेरे लिप्स पे अपने लिप्स रख कर पागलों की तरह मेरा लिप्स चूस रही थी. मैं 30 मिनिट्स तक खड़े-खड़े अपनी प्यारी ज्योति दीदी को पेलता रहा. ज्योति दीदी ओर मैं दोनों झड़ने वाले ते. हमने एक-दूसरे को ज़ोर से पकड़ लिया ओर फिर से मैं अपनी ज्योति दीदी की चुत में ही अपना सारा स्पर्म निकल दिया. ओर फिर हम बेड पे लेट गये ओर एक-दूसरे की बॉडी पे किस करते रहे & एक-दूसरे को चूमते रहे. ओर फिर हमें नींद आ गयी ओर हम दोनों ऐसे ही नंगे एक-दूसरे से लिपटे सो गये.

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