मेरी पहली चुदाई

मेरा नाम सुधा है. मैं अलीगढ़ मे पेरेंट्स के साथ रहती थी, मेरे एक छोटा भाई एक बहन सौतेली आंटी और अंकल रहते थे. अंकल बिज़्नेस करते थे, उनको घर के बाहर जाने का काम भी ज्यादा ही पड़ता था.कई दिन मे लोटते थे.

ये इन्सिडेंट कुच्छ साल पहले की है. मैं जब 18साल की थी,क्लास 12ह मे पढ़ती थी, मेरे चुचे पूरे निकल आए थे. चुत मे झांटे निकल आई थी, मेनास होने लगा था,एग्ज़ाइट होने पर चुत मे पानी आने लगता था,गीली होने लगती थी, लंड के लिए मचलने लगती थी,चुदवाने का मान चलने लगा था. मेल के टच करने से जल्दी एग्ज़ाइट होने लगती थी, मीन्स पूरी तरह जवान चुदने , शादी के लायक हो गई थी. दिखने मे अपनी आगे से कुच्छ बड़ी आगे की लगती थी. मेरा गोरा रंग है, मेरी फिगर उस टाइम 32, 29, 33 थी. इंतजार 47क्ग होगा.हाइट 5फ्ट 4इंच . मेरे सौतेली आंटी थी, घर मे कोई मुझ पर ज्यादा केर/ध्यान नहीं करता था.

एक दिन मैं कॉलेज बस से जा रही थी, बस मे एक दिखने मे 23य्र का बॉय मेरे पीछे खड़ा हो गया, उसका कड़ा कड़ा लंड मेरे पीछे सात गया,खड़ा लंड फील हुआ तो मैं हॉर्नी/एग्ज़ाइट होने लगी , चुत गीली होने लगी, मैंने घूम के उसको देखा ,वो स्मार्ट, हॅंडसम, अच्छी बॉडी का दिखा, मैंने धीरे से मुस्करा के आंखें नीचे कर ली और फिर सामने देखने लग ई, सेक्सी तो थी ही,

उसने समझा की मैं उसे लिफ्ट दे रही हूं. कड़े लंड के सटने से लंड की फ़ीलिंग मुझे पसंद आ रही है, मुझे नहीं पता था की लड़कों की नज़र मे लड़की मुस्कराई तो वो उस पर डोरे डालने लगते है.

वो समझ गया की ये लड़की हॉट सेक्सी है,यंग हो गई है, बॉय/मर्द चाहती है, फँस जाएगी. मेरे पीछे पड़ गया, डोरे डालने लगा,मेरे पीछे पीछे कॉलेज तक जाने लगा, मुझे लव लेटर देने लगा, फिर उसका मिलना शुरू हो गया, उसने अपना नाम समीर बताया.कमी तो मुझमें भी थी की उसको लिफ्ट ना देती, उसने बताया वो इंटरमीडिएट पास है, उसके फादर नहीं है, अंकल के साथ ऑटो-पार्ट्स, बिल्डिंग मैटेरियल का बिज़्नेस करता है. 5 गर्ल्स/फीमेल्स को कॅष्यूयली चोद चुका है, सेक्स मे एक्सपीरियेन्स्ड है. वो कोई सुंदर नहीं थी , नहीं लव करने के लायक थी. मैं सुंदर , एजुकेटेड अच्छे घर की हूं, मुझसे वो लव करता है.

मेरे बिना वो रही नहीं सकता है,एक्ट… इसी तरह की लव्ली बातें करता था. मैं उससे फँस गई, उसके साथ रेस्तरां , सिनेमा, पार्क मे जाने लगी, कभी कभी एकांत मे मौका मिलते ही वो मेरे चुचे पकड़ लेता, सहलाने लगता, मैं विरोध ना करती थी, मुझे उसका चुम्मी लेना ,चुचे सहला देना अच्छा लगता था.मैं अपनी भाभी, सहेलियों से शादी की, चुदवाने की बातें सुनती थी तो मुझे अच्छा लगता था, सहेलियों के यहां ब्लू-फिल्म देखती थी तो मेरा मान बाय्फ्रेंड बनाने,शादी करने, हनीमून मनाने,चुदवाने का चलता था,एक दिन हमलोग फिल्म देखने गये थे, वहां उसने प्रपोज़ किया की कही हिल स्टेशन घूमने चले,अड्वाइज़ दी की सारी पहन के रास्ते मे चलना जिससे हमलोग मॅरीड लगे. रास्ते मे माँग भर ली बिंदी लगा ली, जिससे मैं न्यूली वेड लागू की हनीमून मानने आई हूं, मैं अग्री हो गई.

एक दिन घर मे झूठ बता के की कॉलेज की कुच्छ गर्ल्स के साथ पिकनिक जाना है, एक सहेली को बताने के लिए कन्विन्स भी कर लिया, उसके साथ 7 डेज़ के लिए एक हिल स्टेशन नैनीताल चली गई. वहां मॉर्निंग मे एक होटल मे पहुँची थी.मुझे पता था की मेरा यहां बिना शादी किए होनेमून सेलेब्रेट होगा, मैं खुश थी.

वहां पहुंच कर नहाई, फिर घूमने निकल गई, ईव्निंग मे होटल मे आई खाना खाया, फिर बेड मे बैठ गई. वो भी मेरे साथ बैठ गया, मुझे चिपकाया चुम्मी ली, मैं सेक्षुयली उत्तेजित होने लगी अच्छा लगने लगा, पहली बार मर्द का टच मिल रहा था, सारी पहनने थी, उसने मेरी सारी, ब्लाउज, पेटीकोआट उतरा, मैं उतरवाती रही, ब्रा पहने थी, पेंटी मैंने पहले ही उतार दी थी.मैं अब उसके सामने नंगी हो गई, उसने मेरी हिप्स, पेट झाँटो मे हाथ फिराया , फिर अपने कपड़े उतार दिए, केवल आंडरवेयर मे आ गया, मुझको अपनी बालों भारी छाती से चिपकाया तो मैंने उसके छाती के बालों मे अपने होंठ फिराकर चुम्मी ली, मैंने 20 दिन पहले चुत के बाल सॉफ किए थे, चुत मे करीब 1 सीयेम की झांटे/बाल थी. उसने मेरी झाँटो मे मुंह रख के चुत की चुम्मी ली, ब्रा उतरने लगा, मैंने हाथ उठा के ठीक से ब्रा उतरवाई.

मैं अब पूरी तरह नंगी कर दी गई. उसने मुझे अपनी गोदी मे उठा कर जाँघ मे बैठा लिया. मेरे गोरे गोरे कड़े कड़े बूब्स टन गये, उसने उनको अपने हथेली से से सहलाया ,धीरे धीरे मसलने लगा, चुम्मी ली निपल्स को चूमा, जीभ से सहलाया चूसा. मैं भी उसकी छाती, छाती के बालों की, गाल की चूम लेने लगी. मेरे मुंह के भीतर अपनी जीभ घुसेड़ कर मुंह के भीतर घूमने लगा, मैं उसकी जीभ चूसने लगी, उसकी महक टेस्ट अच्छा लग रहा था. हम लोगों के चुम्मा चाटी की आवाज़ें बेडरूम में गूँज रही थी.

मेरी पूरी बॉडी के सभी अंगों की चूम ली, मेरे पैरों की तलुओ की चुम्मी ली, होंठ चाहते, मुझे लग रहा था की ये बॉय मुझे बहुत प्यार करता है. मैं एग्ज़ाइट होने लगी, वो पहले भी गर्ल्स/ फीमेल्स को चोद चुका था. गर्ल को एग्ज़ाइट करने मे चोदने मे एक्सपर्ट था, जानता था की गर्ल की काओं सी चीज़ कब प्ले की जाती है, कुँवारी/वर्जिन गर्ल की चुत पहली बार कैसे छोड़ी जाती है, उसने एक एक्सपर्ट फकर की तरह फोर-प्ले करके मुझे धीरे धीरे एग्ज़ाइट करने लगा. मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था, मैंने ब्लू फिल्में तो देखी थी, पता था की अब मैं छोड़ी जाऊंगी, लक्की हूँ की एक एक्सपर्ट फकर/चुदाया मर्द जो मुझे बहुत प्यार करता है, आज उसके लंड से चुदूँगी ,

उसने फिर मेरी कमर उठा के हिप्स के नीचे एक तकिया लगाई, तकिया के ऊपर एक वाइट टावल बिच्छा दी. उसके ऊपर मुझे नंगी चित्त लिटा के, मेरी टांगे चोड़ी कर के थोड़ा उठा के जांघे फैलाई, नंगी चुत उसके सामने थी. कहा रानी क्या सुंदर नज़ारा है, आपके ज़न्नत के दरवाजे का !! मैं ये सुन कर थोड़ा शरमाई, मेरी चुत की क्लाइटॉरिस ( चुत का दाना ) को जीभ से सहलाने रगड़ने चूसने लगा, चुत से पानी निकालने लगा, वो पानी चाट लेता था, मेरे तो एग्ज़ाइट्मेंट का करेंट जैसा झटके लग रहा था, मैं ज़ोर से सेक्षुयली एग्ज़ाइट हो रही थी, मेरी आंखें बंद होने लगी, मैं बुदबुदाने लगी, सस्स्शह शीए ससिईइ हााआ, वो समझ गया की मुझे मजा आ रहा है,

मैं उत्तेजित/हीट मे हो रही हूं मेरे मुंह से निकल गया – राअजाअ अब रहा नहीं जा रहा प्लीज़ जल्दी करो. हूं एक्सपीरियेन्स्ड था, जान गया की ये लोंडीयों अब चोदने के लिए पूरी तरह तैयार कर ली गई है/हो गई है. सोचा होगा की अब इस लड़की की चुत गरम/उत्तेजित है इसपर चोट करने का टाइम है , उसने उठ कर आ पना आंडरवेयर उतारा. लंड ताना हुआ निकल आया, चुत को देख के उछल रहा था, मैं मारे मस्ती बाहरी उत्तेजना के उसका लंड ठीक से देख नहीं पा रही थी.उसका इतना बड़ा ताना हुआ, फुफकारता/नाचता हुआ लंड देख कर मैं सहम गई/ डर रही थी.

उसने ताने हुए लंड पे कोई आइल सा लगाया, उसने मेरे दोनों टांगों को फैला दिया, अपनी दो उंगलियों से मेरी चुत की फांकों को एक दूसरे से अलग किया और दोनों के बीच अपने लंड को रखा और अपना लंड मेरी चुत से छुड़ाया. मेरी चुत के मुंह ( छेद ) पे लंड सटा के उकड़ूं बैठ गया, . फिर मेरे ऊपर अपनी कोहनी के बाल छरह कर लेट सा गया कहा की रानी तुम्हारी चुत का होल तो छोटा सा है , थोड़ा लगे तो आवाज़ ना करना, फिर मेरे ऊपर छरहे हुए चुचे पकड़ लिए.

फिर उसने अपने दोनों हंतो से मेरी चूची दबाई और अपने होंठ मेरे होठों पैर रख कर चूसने लगा. उसने मेरे ओँतो को अपने ओँतो से भर लिया और , मुझे काश के दबोच के धीरे से लंड अंदर को पुश किया. मेरे मुंह से ईीइसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स हााई की आवाज़ आई ……….मेरी चुत के भीतर उसके लंड के सूपड़ा का नुकीला हिस्सा घुस गया, मुझे चुत के अंदर थोड़ा फील हुआ. उसने पूछा ठीक जगह पर जा रहा है ना?, मैंने कहा हां ठीक चुत के भीतर ही है,मैं उसके लंड के घुसने का इंतजार करने लगी.

वो जान गया की लंड सही निशाने पर है, फिर हाथ चूंचो से हटा के मेरी शोल्डर के नीचे हथेली रख के मुझे चिपका लिया, और एक धीरे से धक्का लगाया, लंड के सामने प्रवेश द्वार था जहां हाइमेन होती है. अब अगले झटके के साथ उसने उस द्वार को पार कर लिया जहां पर कावंरया झिल्ली होती है… फिर उसने अब अपने लंड को थोड़ा अंदर ले जाने के लिए अपने कमर को हिला कर लंड को थोड़ा ज़ोर से पूस किया तो मेरे मुंह से आआआआवउुुुुुुउऊचह की आवाज़ निकल पड़ी और मेरे दोनों पैर बिलकुल ही टाइट हो गये.

फिर एक ज़ोर के झटके के साथ उसका लंड मेरी चुत के दीवारों से रगड़ खाता हुआ कुच्छ अंदर चला गया.मैं नाआआआईयईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई आआआआआआहह आआआआआआआआआआहह कह के फुसफुसते हुए धीमी आवाज़ मे चिल्लाने लगी.

ये शॉट लगते ही उसका मोटा लंबा लंड मेरी वेजाइना को चीरता फाड़ता, हाइमेन ( कावंरया झिल्ली ) को तोड़ता हुआ मेरी चुत मे काफी अंदर तक घुस गया.

तेज दर्द के कारण मेरी आँखें छलक आई. ऐसा लगा मानो कोई लोहे का सरिया मेरे आर पार कर दिया हो. मेरी टाँगें दर्द से छटपटाने लगी. मैंने पैर सिकोड़ कर आपस मे मिलने की कोशिश की लेकिन वो तो मेरी दोनों टाँगो को फैलाए हुए जांघों के बीच मे चड़ा था, मैं टांगे आपस मे मिला ना पा रही थी. मगर मैं चीख भी नहीं पाई, क्योंकि उसने मेरे ओँतो को अपने ओँतो से दबाकर बंद कर रखा था,

उसने अपने ओँतो मे मेरे ओँतो को भर के मेरे मुंह को बोतल की तरह सील कर दिया. मेरा मुंह सील्ड बोतल के मुंह जैसा आवाज़ निकालने के लिए बंद था. मेरे मुंह से धीरे से फुसफुसाहट जैसा निकल पड़ौऊइ राजाआाआआआ “आआअहह. ….. नहीं…… दर्द……हो रहा है.. मैं मर जाऊंगी,…”उईए……. . आंटी …..एयाया…….माइ…. मर…….. जौंगिइइई…… . मैं…….. .. आहह……. .. राजाअ……… . रुक जाा…. प्लीज़………सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स. … आआअहह. …. ऊओह आहह आआआआहह निक्ाअलल्ल्ल्ल दो आआआआआ आआआआहह ऊआा आह आहह ओह आआआअ अभह्ी बाआअसस्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स काअरो अहह “है.. आस उफ़फ्फ़…. यू आंटी ….. नहीं…. ” …उईईईईई….. “हेँ…. नहीं…. नही.. काआलो निकालो… बाआहार….

फिर उसने लंड और भीतर पुश कर के काश के मेरी चुत से चिपक गया, की उसका पूरा लंड मेरी चुत मे घुस जाए. ऐसा लगा की जैसे कॉर्क का ढक्कन बोतल मे फिट हो गया हो ,उसका पूरा लंड मेरी चुत मे घुस कर.फिट हो गया.मैं दर्द के मारे फिर छटपटाने लगी. मेरी आँख मे मारे दर्द के आँसू आ गये थे.मैं उसका इतना बड़ा लंड आसानी से चुत के भीतर नहीं ले पा रही थी, और ओँतो से बंद मुंह के भीतर ही चिल्ला/बुदबुदा रही थी आआआआआआआआअ……………आआआआआआआआआआआआ….. ..आआआआआआआआ…आआआआ प्लीज़ अपना लोड्‍ा निकल दो मुझे बड़ा दर्द हो रहा है.

मेरी फुसफुसाहट केवल समीर ही सुन पा रहा था. उसने लंड थोड़ा बाहर निकल कर फिर से अंदर घुसेड़ दिया. मेरे मुंह से ईईीीइसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स से की आवाज़ निकली मैंने कहा रूको मेरे राजाअ प्लीज़ आआअहह आआआआआआहह हह उूुुुुुुुुउऊहह हह आआओउुुुुुुुुुुउउ यू ईईईईईईईईीीइसस्स्स्स्सस्स सस्स्स्स्स्सस्स बस कारूऊऊऊओ

मेरे इस तरह कहने से उसको अच्छा लग रहा था, ये उसके लंड की ताक़त/साइज़ की मर्दानगी थी की चुत खूब ज्यादा फटने से मेरे लग रहा था. उसको तो प्राउड हो रहा था की उसे आज कोरी चुत फॉरन को मिल रही है. उसने कहा की मैं दर्द की बात जितना बताती हूं उतना ही ज्यादा वो और उसका लंड खुश होता है, वो और कड़ा होता जाता है, लंड को प्राउड होता है , चुत के भीतर और झटके मरता है. वो तो जनता ही था की गर्ल्स पहली चुदाई मे चुत फटने पर ये कहती ही है,

उसने कहा जानेमन , मेरी रानी आवाज़ ना करो धीरे बोलो, कोई सुन लेगा, तुम्हारी चुत फट रही है, कावंरया वर्जिनिटी (हाइमेन ) खत्म हो रही है इसलिए थोड़ा दर्द हो रहा है, चुपके से सहन कर लो मेरी रानी. मेरे लाओंरे को अच्छी तरह चुत फाड़ लेने दो, मुझे तुम्हारा ब्लॉसम ,वर्जिनिटी आराम से मजा ले ले कर लूट लेने दो, प्लीज़ ,

फिर उसने मेरी चुम्मी ले ली. उसने फिर अपना लंड थोड़ा बाहर निकल कर अंदर डाल दिया.उसने फिर धीरे से लंड थोड़ा बाहर निकाला और एक काश के जोरदार शॉट लगा के पेल दिया, लंड अब पूरा चुत के अंदर घुस गया, मुझको काश के दबा के चिपक गया, मेरे होंठ उसके ओँतो से दबे थे, चिल्ला नहीं सकती थी मैं दर्द के मारे फिर छटपटाने लगी. मेरी कुंआरेपन की झिल्ली फॅट चुकी थी. मैं चीखना चाहती थी मगर मेरे होठों पर उस लड़के के होंठ होने की वजह से मैं चीख नहीं पाई.मैं बुदबुदाई उईए……. . आंटी ….. मैं…. मर…….. जाऊंगी…… . मैं…….. .. आहह……. .. राजाअ……… . रुक जाा…. प्लीज़………सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स. … आआअहह. …. ऊओह आहह आआआआहह लंड निक्ाअल्ला दो आआआआआ आआआआहह ऊआा आह आहहोहााआअ अब्ाआहह बाआअसस्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स अहह ही…. नहीं…. नही.. कालो निकालो… बहार….बहुत दर्द हो रहा है……… . अहह.. ” आआआआआआहह. ……… ऊऊऊऊऊऊऊ आआआहहााआअहह मररर्र्र्र्र्र्ररर गग्ग्गाआआईयईईईईईईईईईईईईईईई मेर्रर्र्र्र्र्र्र्र्र्रृिईईईईईईईईईईईईई कककककककचहुउऊुुुउउत्त्त्टटटटटटतत्त फत्त्तटटटटटटटटटटटटटटतत्त ग्गगाआआईयईईईईईईईईईईईई.

उसने फिर लंड बाहर निकाला और अंदर पेल दिया…. एक शॉट लगा के केस के दबोच लिया.मैं धीरे से मुंह के भीतर ही चीख पड़ी, – आआयययययईईईईईई आआआआआआआआआआआआआहह ऊऊऊऊओहाईईईईईईईईईईईईईई माआआअरर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर गाआआयययययईईईईईईईईईईईईई नाआअहहिईीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईन्न्न्न्.

वो बोला चुत फड़वाने ही तो यहां हनिमून मानने, मेरे लंड के नीचे आई हो, अब जानेमन चिल्लाती क्यो हो, कोई सुन लेगा तुम्हें चिल्लाते हुए तो तुम्हारी बदनामी होगी, तुम्हारी चुत पहली बार मारी जा रही है, पहली मर मे लगता ही है.बार बार कई बार मर पड़ने पर मर खाते खाते कुचैली/हेबिचुयल हो जाएगी तब मरवाने मे मजा आएगी, लगेगा नहीं. तुमने अभी मुझसे कहा था की अब जल्दी से लंड पेल दो, तब तुम्हारे कहने पर ही मैंने अपना लंड पेला है, डार्लिंग लंड घुसता है चुत की मर्जी से और निकलता है अपनी मर्जी से… तेरी चुत को मेरा लंड फॉरन मे लगा है, फड़वा ले ना चुप-चाप अपनी चुत को. अच्छी तरह फाड़ लेने दो मेरी रानी.उसने लंड बाहर निकाला, फिर अंदर पेल दिया,मैं उसको अलग नहीं कर सकती थी काश के चिपका था, उसने मुझे अपने ताकतवर हाथों से दबो रक्खा था.उसके नीचे फाँसी एक कबूतरी की तरह फर-फॅरा रही थी.

हर धक्के के साथ लंड मेरी टाइट चुत में पिस्टन की तरह जाने लगा. मुझे हल्के दर्द के साथ चुदाई का मजा मिलने लगा. अब समीर धक्का लगते हुए मेरी रसीली चुत में अपने मोटे लंड को झड़ तक पेल कर धक्के लगा रहा था. वो अपने पूरे लंड को अंदर बाहर कर के करार धक्के के साथ चुत मे अंदर तक पेल रहा था मैंने पाया की मेरे कुच्छ दर्द के बारे मे कहने से , चुदाई को मना करने से कोई फायदा नहीं,उसे कोई फ्रक नहीं पड़ता, वो छोड़ेगा नहीं, मैं चूदना अब रुकवा नहीं सकती, और मुझे उसके लॅंड की चुत के भीतर की रगड़ से कुच्छ अच्छा लगने लगा था, मीन्स मजा आने लगा था, मैं चुप होने लगी,

मैंने पाया की उसके लंड की रगड़ से अब मुझे कुच्छ मजा आने लगा है,और उसने फिर एक ज़ोर का धक्का लगाया. कहा ले रानी. ये मेरा लोड्‍ा. मैं ये गालियाँ सुन के शर्मा रही थी. बात तो वो सही कह रहा था. मुझे शांत होते देख, वो लंड बाहर निकलता, फिर अंदर पेल देता. वो एक्सपीरियेन्स्ड तो था ही, समझ गया की मुझे इस चुदाई मे कुच्छ मजा आने लगा है दर्द कम हुआ है. थोड़े धक्को के बाद मेरी चुत सहलाने लगी और दर्द मजा के सामने काफी कम हुआ मेरी चुदाई होने लगी.

वो शॉट पे शॉट लगाने लगा. मेरी चुत से पानी निकल रहा था फ़च्छ फ़च्छ की आवाज़ आ रही थी.मेरे मुंह से कभी कभी सस्सिईई यू आअहह की आवाज़ निकल आती थी, उसकी सांसों की आवाज़ सुनाई देती थी. उसके बाल्स/टेस्ट्स और लंड चुदाई के चुत के पानी से भीग गये था. उसने कहा की मेरी लव्ली रानी इसी तरह चुदवाती रहो मेरी जान. मेरी चुम्मी भी ले रहा था, निपल्स भी चूस लेता जाता था,धक्के भी लगा रहा था. चुचे भी मसलता जाता था.

मैं केवल पैर हिला सकती थी, जितना हिलती वो और काश के लंड पेल देता था, पैरों को आपस मे मिलने की कोशिश करती तो मुझे और दर्द लगता था. उसके कहने पर मैं पैरों को उठा के चोड़ी कर के उसके हिप्स के ऊपर रख लिए और हाथ उसकी पीठ पर, अब उसको पूरा लंड हर शॉट मे आसानी से पेलने को मिल रहा था, और चुत फैलाने की वजह से मुझे भी कम लग रहा था. उसने कहा रानी इसी तरह चुत फैलाए लेती रहो, मेरा पूरा लंड अंदर तक पिस्टन की तरह जा रहा है मुझे चुत की चुदाई का पूरा मजा मिल रहा है.. मैं चुप-चाप लंड लेती, चुदवाती रही. वो बोला “वो! जानेमन ! क्या कसी हुई चुत है तुम्हारी. और एकदम कोरी. क्या सुहाग रात की चुदाई कर रहा हूँ. लगता है तेरी कोरी बिन-चूड़ी चुत मेरे लिए ही थी. क्या टाइट चुत है, मेरा लोड्‍ा फँस के रही गया है. बड़ी मजा आ रही है मेरी रानी.

उस बेडरूम मे एक ड्रेसिंग टेबल थी उसके मिरर मे मेरी गोरी गोरी जांघे ,हिप्स, उसकी व्हेआतिश पीठ, कमर दिख रही थी. उसकी कमर गान्ड मेरे ऊपर छरहे ऊपर नीचे होती हुई सॉफ दिख रही थी, मिरर मे ये चुदाई का नज़ारा देख देख कर मुझे शर्म आ रही थी, लेकिन ननगा बॉय अपने ऊपर छरहे हुए देख कर अच्छा लगता था,मैं हॉर्नी उत्तेजित हो रही थी.

20 मिनिट की चुदाई करने के बाद वो कड़ा लंड भीतर कर के 5 मिनिट के लिए रुक गया, फिर शॉट लगाने लगा, इस तरह उसने रुक रुक के मेरी 45 मिनट तक चुदाई की, उसने मेरी कमर के नीचे तकिया लगा रक्खा था हिप्स ऊँचे होने से लंड पूरा अंदर तक घुस जाता था . मेरी चुत पूरी तरह फट रही थी.इस तरह मेरी चुत पहली रात को फारी गई, फिर पूरा लंड अंदर काश के पेल कर ऐसे चिपक गया की जितना लंड अंदर घुस सकता हो घुस जाए, , मैं भी उसकी छाती से काश के लिपट के उसके चिपक गई.

10 मिनिट के लिए लंड अंदर घुसेडे हुए धक्का लगाना बंद कर के, रुक गया. मैंने फील किया की उसका लंड मेरी चुत के भीतर घुसे हुए फैल-सिकुड़ सा रहा है, झटके लगा रहा है, ( वो डिसचार्ज हो रहा था, लंड से वीर्य चुत के भीतर निकाल रहा था ) लंड मुलायम हो रहा है. मैं समझ गई की ये डिसचार्ज हो रहा है, और सारा सीमेन मेरी चुत के भीतर डाल दिया है?इस तरह मेरी कुँवारी जवान चुत की दबी हुई प्यास आज उसके मर्दाने रस

(सीमेन) से पहली बार बुझाई गई.

थोड़ी देर मे लंड मुलायम होकर अपने आप चुत के बाहर निकल गया. मैं उससे चिपक के लेट गई.उसने बताया आज मेरी सुहागरात रात है, हमलोगो को आज रातभर नहीं सोना चाहिए ! मुझसे रात भर बातें करता रहा. मेरी सेक्सी बातें , चुत की, जवानी की, घर की एट्सेटरा बातें पूछता , करता रहा. वो तो मेरे बारे मे सब पुच्छ लिया लेकिन मैं बेकूफ़ उससे उसके बारे मे कुच्छ ज्यादा ना पुंछ सकी.मुझे सोने नहीं दिया.

फिर करीब एक घंटे बाद वो मेरे बूब्स सहलाने लगा, देखा की उसका लंड खड़ा हो गया है, उसने मेरी जांघों के बीच अपनी क़मर कर के लंड पेल दिया, चुत तो गीली सीमेन से भारी हुई थी ही, लंड आसानी से घुस गया. फिर इस तरह मेरी दूसरी चुदाई हुई. मैं करवट बदल के उसकी ओर पीठ कर के लेट गई. उसने मेरा एक चूंचा हाथ से पकड़ लिया, थोड़ी देर करीब 2 घंटे बाद वो मेरे पीछे लेते हुए ही चूंची अच्छी तरह सहलाने मसलने लगा, मैं जगह गई , फील किया की उसका लंड खड़ा है.उसने पीछे से ही मेरी चुत मे लंड घुसेड़ दिया, पीछे से धक्के लगाने लगा, और तीसरी चुदाई की, फिर सारा वीर्य चुत मे भर दिया. 4थी बार साइड से मेरे ऊपर छरह कर चोदा,उस रात उसने मुझे 5 बार चोदा. मुझको चुत फटने से कुच्छ लगा था लेकिन चुदाई मे मजा आया था, लेकिन चुदाई मे लंड की रगड़ से इतना मजा आ रहा था की दर्द भूल जाती थी.ऐसे उस रात उसने मेरी चुत का होनेमून सेलेब्रेट किया,

सुबह मैं करीब 7 बजे बेड से उठी, जांघे भारी लग रही थी, रात भर वो मेरी जांघों को दबाए चड़ा रहा था,वो पहले उठ कर खड़ा हो गया था.मेरी ओर देख कर मुस्करा रहा था. जो टावल रात मे मेरी गान्ड के नीचे बिछाई थी उसमें छोटा सा खून का धब्बा पड़ गया था. उसने वो टावल उठाई मुझे दिखाई, उसमें चुदाई का पानी वीर्य भी लग कर सूख गया था. उस टावल के बीच मे थोड़ी जगह मे कड़ी अकड़न थी. बताया की ये मेरी ये खून का धब्बा वर्जिन होने का प्रूफ है.उस टावल की उसने चुम्मी ली और अपने पास रख ली. मैनें उतना चाहा तो मेरी टाँगों ने जवाब दे दिया किसी तरह से बेड पकड़ कर उठी ,

फिर बेड पर गिर पड़ी फिर उठी फिर गिर पड़ी. समीर ने मुझे सहारा देकर उठाया. फिर मैं उस बाय्फ्रेंड समीर पर एक हाथ रख कर उसने सहारा दिया तो बेड से उतार कर ज़मीन पर खड़ी हुई.देखा मेरी चुत के मुंह के आस पास सफेद गाढ़ा सा सीमेन लगा हुआ था, झाँटो मे भी लगा था,चुत से निकलता हुआ सफेद पानी सा बह कर जांघों मे भी जा रहा था.मैं उसका हाथ पकड़े हुए घिसटते हुए बाथरूम गई वहां ज़मीन पर बैठ कर मूतने लगी, वो भी मेरे साथ बाथरूम मे गया था. मूतने मे जलन हो रही थी,मैं खड़ी होकर उसकी छाती से चिपक गई, रो कर कहा की ओ डार्लिंग मूतने मे चुत मे पेन हो रहा है ! चुत मे मूट छूने से जलन सी फील हो रही है.

मैंने उसे चुत मे मूतने मे जलन होने की बात बताई.उसने प्यार से चूम लेकर कहा रानी ये थोड़ी सी पेन सहन कर लो सब ठीक हो जाएगी. मैं फिर से बैठ कर मूतने लगी. मैंने अपनी चुत नीचे झाँक कर देखी सहलाई तो पाया की वो सूझ सी गई है. अंदर का लाल माँस फट के सूझ के थोड़ा बाहर से दिखने लगा था. उसको मैंने अपना दर्द बताया, वो मुस्कराया , कहा की रानी तुम्हारी चुत ताज़ी फटी है ना. इसलिए अभी कुच्छ पेन है. मूतने मे लग रहा है, लड़की हो ये दर्द सहन कर लो,फीमेल्स को चुत मे हुए ऐसे दर्द सहन करना पड़ता है, ये मेरी ही फारी हुई है, इसी तरह डेली चुदवाती रहो चुत की अंदर की खाल रनवा हो जाएगी तो दर्द नहीं हुआ करेगा. आज तुम पैर फैला फैला के धीरे धीरे चलना , कम लगेगा, उसने मेरी ताज़ी फटी चुत की चुम्मी ली, कहा की ये उसकी मर्दानगी ने ऐसी हालत की है. मेरी चुत मे उसने कोई पेन कम करने की क्रीम लगा दी, जिससे कुच्छ अच्छा लगा.

मैंने चलने मे पाया की पैर फैला के चलने मे, चुत के दोनों पल्ले आपस मे कम रगड़ते है , इसलिए दर्द मे कुच्छ राहत/आराम मिल रहा है. तो मैं धीरे धीरे पैर फैला फैला के चलने लगी. मैंने चुत पर एक कॉटन का पड़ रख कर ऊपर से पेंटी पहन ली, जिससे अगर चुत से पानी बहे तो पड़ मे ही सोख जाए.

फिर कपड़े पहन कर होटल के बाहर सिटी मे घूमने ब्रेकफास्ट करने निकली. मैं जब धीरे धीरे पैर फैला फैला के चल रही थी तो बाहर सड़क पर चाल से ही देखने मे लगता था की ये ताजी चूड़ी हुई है. ऐसी जगहों पर नये जोड़े हनिमून मानने आया करते है, उनकी भी चुत पहली बार फटती होंगी. पता नहीं वहां के लोग मेरी चल देख के क्या गेस किए होंगे?उसको तो मेरी चाल देख देख कर प्राउड हो रहा था, खुश था. मेरे पीछे से चल देख देख कर मुस्कराया था.

सोचता होगा आज नाइट मे कैसा साली की चुत फारी है !! मैंने पूछा की क्यो खुश हो रहे हो, मुस्करा रहे हो? उसने बताया तुम्हारी चाल देख कर अच्छा लग रहा है,क्या निराली चाल है, बड़े लक्की मेल/बोय्ज को खुद की क्रियेटेड /बनाई हुई लड़की की ये चल देखने को मिलती है, मैं उसके साथ बाहर घूम कर होटल मे आई, रेस्ट किया, बॉडी तो हल्की फील हो रही थी लेकिन चुत की आस पास जांघों मे भारीपन था. ईव्निंग मे फिर घूमने गई, रात को 8.30 पर रूम मे आ गई.

दूसरी रात को उसने चुदवाने को कहा , मैंने नखरे करते हुए कहा मेरे तो चुत मे बड़ा दर्द हो रहा है, मैं नहीं चुदवाएगी, उसको सब पता था की चुत मे अगर दर्द हो तो लड़की को कैसे चुदवाने के लिए पटाया/तैयार किया जाता है. उसने कहा रानी मुझे चुत की केवल चुम्मी ले लेने दो, चाट लेने दो. इसमें तो दर्द नहीं होगा, मैं तैयार हो गई, उसने मुझे प्यार से नंगी किया , चुम्मी ली फोर प्ले किया , चुचे सहलाए/मसले, फिर बेड मे लिटा के चुत को सहलाया चूमने लगा, जीभ से चाटने लगा, मैं उत्तेजित होने लगी, चुत का दर्द गायब होने लगा, चुत मे पानी आने लगा, मैं हॉर्नी होने लगी, मैंने कहा डार्लिंग बस करो अब और ना चाटो अब रहा नहीं जा रही,,बस फिर क्या वो तो ये ही चाहता था , समझ गया मैं हीट मे आ गई हूं, वो नंगा हो गया , अपने ताने हुए लंड मे तेल लगा के मेरे ऊपर छरह गया , लंड को चुत के छेद मे रखा,मुझे हाथों से चिपका कर लंड घुसेड़ने लगा, चुत तो फट चुकी थी, एक दो धक्के मे ही पूरा लंड पेल दिया,

मेरे मुंह से आअहह ऊओ सस्सिईई की आवाज़ निकली. मेरी चुत के भीतर लंड अंदर बाहर करने लगा, मेरी चुदाई होने लगी,मुझे आज दर्द बहुत कम लग रहा था , मैं यह समझ गई की किसी भी हालत मे कैसे भी अगर लंड चुत के भीतर घुस जाए और चुत मे अंदर बाहर कर के चुदाई होने लगे तो फ़ीमेल को उत्तेजना और मजा आने लगता है. मुझे चुदाई मे मजा आ रही थी. फिर वही करीब आधा घंटे की चुदाई करके काश के चिपक गया, अपने सारा वीर्य चुत मे भर दिया, उस रात भी मैं चार बार छोड़ी गई,

सुबह उठी तो कल की तरह चुत के मुंह पर और झाँटो मे सफेद गरहा वीर्य जैसा लगा हुआ था, चुत से बह कर सफेद पानी जांघों मे आ रहा था.मैंने टावल से अपनी चुत पोंछी , समीर का मुलायम लंड भी पूछा, फिर बाथरूम मे उसके साथ मूतने गई,

कल दिनभर कई बार मूतने से चुत जलन से हेबिचुयल हो गैट ही, आज सुबह मूतने मे जलन फील नहीं हुई,नंगी तो थी ही, देखा की चुत से वीर्य सफेद रंग का गरहा गरहा बह कर जांघों मे आ रहा था, मैंने उससे पूछा क्या तुम्हारे लंड से एक चुदाई मे डिसचार्ज होने पर बहुत ज्यादा वीर्य निकलता है? उसने मुस्करा कर कहा की हां रानी रात भर मे चार चुदाई मे करीब आधा कप चुत मे अपना वीर्य भर देता हूं.मैंने पूछा की क्या तुम अपने लंड का सूपड़ा मेरी बच्चेदानी मे घुसेड़ कर वीर्य डालते हो?, उसने कहा की हां रानी मेरा लंड इतना लंबा है की बच्चेदानी तक पहुंच जाता है,सूपड़ा मशरूम जैसा नुकीला है वो बच्चेदानी मे घुस जाता होगा. मैंने कहा की मेरी बच्चेदानी तो वीर्य से पूरी तरह भर जाती होगी, तभी दिन मे देर तक धीरे धीरे वीर्य चुत से निकलता/बहता रहता है.

उसने मुस्करा कर आँख मर कर कहा हां मेरी जानेमन.मैंने कहा बड़े नॉटी हो, मुझे प्रेग्नेंट करने मे कोई कसर नहीं छोड रहे हो.!!उसने मुझे अपनी गोदी मे उठा कर चूम ली, कहा की क्या मैं तुमको सुंदर नहीं लगता हूं, क्या मेरा बीज सुंदर ताकतवर नहीं हो सकता? मुझे छिपा कर प्यार करने लगा. फिर कल की तरह दिन मे होटल के बाहर घूमने गई.

एक बार सुबह जब मैं बाथरूम मे नहाने गई तो वो भी मेरे साथ नंगा नहाने लगा. उसका लंड खड़ा हो गया. उसने कहा वो मेरी चुत बाथरूम मे लेना चाहता है. उसका ऐसा मान देख कर मैं तैयार हो गई. उसने कहा झुक कर दीवाल पर हाथ टीका कर घोड़ी जैसी बन जाओ. मैं तुम्हारी पीछे से मारना चाहता हूं. मैं उसी पोज़ मे झुक कर खड़ी हो गई, उसने अपना खड़ा लंड पीछे से मेरी चुत के मुंह पर लगा कर , मेरे ऊपर पीछे से झुक कर छरह कर मेरे दोनों चुचे हाथ से पकड़ लिए, और लंड अंदर पेल दिया.

बस फिर पीछे से धक्के लगाने लगा , साथ साथ मे चुचे भी सहलता/मसलता झड़ रहा था. आधा घंटे की चुदाई कर के अंदर लंड से पिचकारी चला दी.वीर्य डाल दिया. उसका लंड जब निकल गया तो उसने मेरी चुत साबुन लगा कर ढोई, कहा की आज तेरी चुत शेव कर दु, मैंने कहा हां कर दो, उसने मुझे वही पर ज़मीन पर लिटा कर शेविंग क्रीम लगा कर अपने रेज़र से शेव कर के चिकनी चुत बना दी.

फिर मैंने उसका लंड धोया सॉफ किया ,और हम दोनों नहाए. उसने मेरी चिकनी चुत का भी दो रातों की चुदाई मे मजा लूटा.इसी तरह मैं डेली रात मे कई बार छोड़ी जाती थी, मेरी चुदाई बाथरूम मे , झुके हुए, उसके ऊपर लेते हुए, उसकी गोदी मे बैठे हूं, सोफा पर, कुर्सी मे बैठे हुई.कई पोज़स मे कई एंगल से होती रही, उसने जी भर कर खूब चुदाई की.चुदवाने के चोथे दिन मैंने दिन की फुल लाइट मे रूम के भीतर उसका लंड देखा था, वो ताना हुआ काले रंग का था , सूपड़ा खुला हुआ पिंक-साँवले रंग का था, लंड करीब 8 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा था, हथेली मे पकड़ मे नहीं आता था, लंड के आगे सूपड़ा नुकीला मुश्रूम जैसा 1.5 इंच बड़ा था.

मैं शर्मा गई, कहा की है राजा क्या तुमने इतना बड़ा मोटा लंड मेरी छोटी सी चुत के 1.25 की दरार के छेद मे घुसेड़ दिया था, हेँ तभी मेरे बड़ा लगा था , उसने कहा हां रानी इस लंड ने ही तुम्हारी चुत फारी है, बड़ी किस्मतवाली लड़कियों को,अपनी चुत को ऐसा तगड़ा लंड फड़वाने के लिए मिलता है. 7 डेज़ दिन-रात जब भी रूम मे हूं, मौका मिले , उसका लंड खड़ा हो जाए, मुझे चोदने लगता था ,उसने मुझे काश के चोदा, ( सोचता होगा की फिर मैं उसको चोदने को मिलूं या ना मिलूं ?) इसलिए इसकी कोरी टाइट चुत को जितना मर सुकून मर लू. दिन मे भी मौका मिलने मे मेरी चुदाई हो जाती थी.

सात दिन बाद मीन्स आख़िरी नाइट को उसने मुझे 5 बार चोदा. सुबह जब जागकर बेड मे बैठी ,चुत पर फिर सफेद वीर्य सा लगा था. उसने मुझे गोदी लिया चूम ली, मैं नंगी तो थी ही, उसने फिर से बेड मे लिटा कर मेरी चुत की चुम्मी ली. कहा अब मेरी चुत बड़ी सुंदर एक जवान आओरात की भोसड़ी सी क्यूट दिख रही है.बेड से उतरा मैं बाथरूम गई फ्रेश हुई, कपड़े पहनने लगी. चलने के लिए तैयार हुई. उसने मेरी खूब चुम्मी ली, प्यार किया.कहा डार्लिंग मैं तुमको एक वर्जिन-गर्ल(कन्या) लाया था अब एक लेडी(औरत) बना के वापिस ले चलूँगा.

Kuwari Ladki Ki Chudai – मेरी पहली चुदाई

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