महक की दुनिया 12

और उसके लंड से Antarvasna गाढे रस की पिचकारिया kamukta निकल पड़ी ….
जिन्हें महक ने अपने मुह में झेला….
सौम्या के मुह में भी थोडासा रस गिर गया ….
सोनू की पिचकारिया बंद होने के बाद …
दोनों लड़कियों ने एक दुसरे के होठो में होठ डाल कर
एक दुसरे के मुह से सोनू का रस चूसने लगी ….

एक दुसरे के होठो से रस चूस कर दोनों बहोत खुश थी .
अब सौम्या ऊपर सोनू के पास आ कर लेट गयी …
उसने सोनू का हाथ आपने हाथ में लेकर उसे सहलाते हुए पूछने लगी …..
सौम्या : अब बोलो सोनू भय्या …. क्या बोल रहे थे तब ……
सोनू उससे नज़ारे चुराता हुआ बोला ….
सोनू: ये ….. ये … सब क्या है सौम्या जी …
सौम्या: सब बताती हु … पर ये आप मुझे जी … जी कर के क्या पुकार रहे हो …..
मैं तुमसे छोटी हु ….. मुझे सिर्फ नाम से पुकारो …. हा …. चाहो तो प्यार से दीदी भी कह सकते हो …
सोनू: ऐसे कैसे ….पुकारू ….. कहा आप …कहा ..
सौम्या ने उसकी बात बिच में ही काट दी …..
सौम्या: देखो सोनू भय्या अगर आप चाहते हो …. की मैं आपसे आगे बात करू ….. तो ऐसेही पुकारना पड़ेगा
सोनू ने अनमने स्वर में कहा “ ठीक है … सौम्या ज..ज.. .. दीदी ….
सौम्या: हा अब ठीक है ….. और हमारे बिच ये सब हो चुकने के बाद …. अब किसी फॉर्मॅलीटी की जरुरी नहीं ….
सौम्या ने उसका लंड पकड़कर बोला …..
सोनू: लेकिन …. सौम्या दीदी …. राजा साहब को पता चला तो ….
सोनू डरी डरी आवाज में पूछने लगा
सौम्या: याने …. मेरे पापा ….. वो कुछ नहीं कहेंगे …… उनकी तुम चिंता न करो …
सोनू: कैसे कुछ … नहीं करेंगे …. मैं तो उन्ही की दया पर जी रहा हु ….. और उसमे मै …. आपके साथ …
सौम्या: अरे मैंने कहा ना …. वो कुछ भी नहीं करेंगे ……
सोनू:लेकिन सौम्या दीदी …. वो आपके पापा है …. वो तो ….
सौम्या ने महक की ओर देख कर बोला …… “लगता है सोनू भय्या को सब कुछ साफ़ साफ़ बोलना पड़ेगा “
महक ने सहमति जताते हुए सर हिलाया
सौम्या: देखो सोनू भय्या ….. मेरे पापा …. इसलिए कुछ नहीं कहेंगे … क्यों की ….
सोनू: ….. क्यों …
सौम्या: क्यों की उन्होंने ही खुद ….इस खजाने का उद्घाटन किया है ……
उसने अपनी चूत की तरफ इशारा किया
सोनू अविश्वास से उस की तरफ आँखे फाडे देखने लगा
सौम्याने उसे चूम लिया … और धीरे धीरे उसे सारी कहानी बताई …..
सौम्या की पूरी कहानी सुन कर सोनू हतप्रभ रह गया ….. सोनू को झड के काफी वक्त हो गया था …..
सौम्या ने महक को इशारा किया
महक सोनू का लंड चूसने लगी
और सौम्या अपने नंगे … मुलायम शारीर का भार सोनू के सीने पे दे कर उसे चूमने लगी
सोनू भी बड़े प्यार से उसकी पीठ पर हाथ घुमाने लगा …..

सोनू और सौम्या बड़े प्यार से एक दुसरे को चूम रहे थे ……
सौम्या: उस दिन तो आप मेरे होठो की बड़ी तारीफ़ कर रहे थे …. आज क्यों चुप चुप हो …
सोनू : वो….. उस दिन …. मेरी आँखे बंद थी न….. मुझे नहीं पता था वो तुम हो …..
सौम्या: तो अब क्या हुआ … मैं …… अच्छी नहीं लगती आपको….
सोनू : नहीं …. वैसा नहीं …..है ….. तुम तो ….. उफ़ … मैं …क्या बोलू ….
महक निचे से उसका लंड अपने मुह से निकाल कर बोली …. “ सोनू भय्या अब … सब कुछ खुल कर बोलिए …… अब हम सब एक समान है ……
सोनू : ओह्ह … सौम्या ….. आज तो मुझे मेरी ही किस्मत पे रश्क हो रहा है …
सौम्या: क्यों जी
सोनू : ये तुम्हारा इतना नाजुक मुलायम बदन पूरा के पूरा मेरे सामने नंगा है …..और मेरी बाहो में है …
सौम्या: ये बस आप ही का है सोनू भय्या ….. आप जैसे चाहे …. इसे भोग सकते हो
सोनू : ओह्ह सौम्या….
और वो सौम्या के होठो पर टूट पड़ा
इधर महक के लंड चुसाई से उसका लंड फिर से विकराल रूप धारण कर चूका था
उसने महक के मुह से अपना लंड खीचा ….
सौम्या को पलटा के उस के पीछे से लंड चूत पे रगड़ने लगा …
सौम्या सिसकने लगी …
“ओह्ह्ह सोनू भय्या ….. अब डाल भी दो . ना …..
महक सौम्या के सामने लेट गयी …. और उसके मुम्मे सहलाने लगी ….
सोनू ने एक तगड़े धक्के के साथ अपना आध लंड सौम्या की चूत में घुसा दिया
सौम्या चीख उठी .
आह्ह्ह मऽऽरऽऽरऽऽर गयीऽऽऽऽईइ उऽऽऽऽफ्फ्फ्फ़
महक ने उसे चूम कर उसका हौसला बढाया
थोडा रुक कर सोनू ने उसे और एक धक्का दे कर अपना पूरा लंड चूत में पैबस्त किया
सौम्या की चूत सोनू के भारीभरकम लंड से भर गयी थी
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