बीवी ने अपनी सहेली को चुदवाया 3

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Antarvasna “तो क्या हुआ … आप ने तो मुझे फोन ही नहीं किया?” “करूंगा जरूर …बात जरूर करना !” कुछ ही देर में चाय पी कर रीता चली गई।
“बहुत अच्छी लगती है ना…?”
मैंने नेहा को प्रश्नवाचक दृष्टि से देखा और सर हां में हिला दिया।
“तो पटा लो उसे … पर ध्यान रखना तुम सिर्फ़ मेरे हो !”
कुछ ही दिनों में मेरी और रीता की दोस्ती हो चुकी थी। वो और मैं नेहा की अनुपस्थिति में खूब मोबाइल पर बातें करते थे। धीरे धीरे हम दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा। रात को तो उसका फोन मुझे रोज आता था। नेहा भी सुन कर बहुत मजा लेती थी। पर नेहा को नहीं पता था कि हम दोनों प्यार में खो चुके हैं। वो कभी कभी मुझे अपने समय के हिसाब से झील के किनारे बुला लेती थी। वहां पर मौका पा कर हम दोनों एक दूसरे को चुम्मा-चाटी कर लेते थे। कई बार तो मौका मिलने पर रीता के उभार यानि चूतड़ों को और मम्मों को धीरे से दबा भी देता था। मेरी इस हरकत पर उसकी आंखों में लाल डोरे खिंच जाते थे। प्रति-उत्तर में वो मेरे कड़कते लण्ड पर हाथ मार कर सहला देती थी … और एक मर्द मार मुस्कान से मुझे घायल कर देती थी।
अगले दिन रीता के पति के ऑफ़िस जाते ही नेहा ने रीता को बुला लिया। मुझे लग रहा था कि रीता आज रंग में थी। उसकी अंखियों के गुलाबी डोरे मुझे साफ़ नजर आ रहे थे। मैंने प्रश्नवाचक निगाहों से नेहा को देखा। नेहा ने तुरन्त आंख मार कर मुझे इशारा कर दिया। रीता भी ये सब देख कर लजा गई। मेरा लण्ड फ़ूलने लगा… । नेहा रीता को एक दुल्हन की तरह बेडरूम में ले आई। रीता अपना सर झुका कर लजाती हुई अन्दर आ गई।
नेहा ने रीता को बिस्तर पर लेटा दिया और कहा,”रीता, अब अपनी आंखे बन्द कर ले”
“हाय नेहा, तू अब जा ना … अब मैं सब कर लूंगी !”
“ऊं हु … पहले उसका मुन्ना तो घुसा ले … देख कैसा कड़क हो रहा है !”
“ऐसे तो मैं मर जाऊंगी … राम !”
मैं इशारा पाते ही रीता के नजदीक आ गया। उसके नाजुक मम्मे को सहला दिया। ये देख कर नेहा के उरोज भी कड़क उठे। उसने धीरे से अपने मम्मों पर हाथ रखा और दबा दिया। मैंने रीता की जांघों पर कपड़ों को हटा कर सहलाते हुये चूत को सहला दिया। उधर नेहा के बदन में सिरहन होने लगी … उसने अपनी चूत को कस कर दबा ली। रीता का शरीर वासना से थरथरा रहा था। वो मेरी कमीज पकड़ कर अपनी तरफ़ मुझे खींचने लगी। उसने अपने कपड़े ऊंचे करके अपने पांव ऊपर उठा दिये। एक दम चिकनी चूत … गुलाबी सी… और डबलरोटी सी फ़ूली हुई। मैं तो उसकी चूत देखता ही रह गया, ऐसी सुन्दर और चिकनी चूत की तो मैंने कभी कल्पना ही नहीं की थी।
“विनोद, चोद डाल मेरी प्यारी सहेली को …! है ना मलाईदार कुड़ी !”
रीता घबरा गई और मुझे धकेलने लगी। मैंने उसे और जकड़ लिया।

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