दोस्त की बीवी की होटेल मे चुदाई – 3

फिर मैंने पूछा की आपने शादी बहुत लेट की? तो वो बोले की हाँ यार वो बस कुछ ऐसे ही, चलो बाकी बात कल करते है, नहीं तो मेरी वाइफ नाराज़ हो जाएगी. अब मैं रूम की ओर चल दिया ओर जब तृप्ति ने दरवाजा खोला तो वो बस छोटी सी मॅक्सी मैं थी, मेरा तो मूंड़ वही फ्रेश हो गया ओर मैं सोचने लगा की लगता है की यह चुदने ही आई है ओर अब मैंने अंदर जाते ही तृप्ति को उठा लिया ओर बेड पर गिरकर उसके ऊपर आ गया ओर किस चालू कर दिए, वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. फिर धीरे धीरे उसकी मॅक्सी को ऊपर करके उसकी कोमल जांघों को सहला रहा था ओर हमारा किस तो ऐसा चल रहा था की बस हम एक दूसरे मैं कहा जाएँगे, उसके किस करने से मुझे लगा की उसने भी मेरी तरह बहुत टाइम से सेक्स नहीं किया है.

अब मैं थोड़ा नीचे आया ओर उसकी जाँघ पर किस करने लगा ओर मेरा एक हाथ तृप्ति की चुत को पेंटी के ऊपर से घिस रहा था. वो आंखें बंद करके मेरी हारे के हरकतों का मजा ले रही थी. फिर मैं उसके ऊपर से हटा ओर उठ गया ओर मैं केवल आंडरवेयर मैं आ गया. मेरा लंड इस हाल मैं था की बस अब माल बाहर निकल ही देगा तो तृप्ति ने मुझे आंडरवेयर मैं ऊपर से नीचे तक देखा ओर उसने भी खड़ी होकर अपनी मॅक्सी को निकल दिया. वो क्या मस्त बूब्स थे ओर उसके खड़े हुए निप्पल आआआहह मेरी तो बस जान निकल रही थी ओर वो केवल पेंटी मैं थी ओर तृप्ति पास आकर मुझसे चिपक गयी, तब मैंने उसके बाल खोल दिए ओर जो हम दोनों के अंदर गर्मी थी, उसकी कारण हम दोनों ज्यादा देर चिपक ना सके, अब वो मुझसे बोलती है की राहुल क्या बॉडी है तेरी? तो मैं बोला की तुम भी कोई कम नहीं हो, यह देखो मेरे इसकी हालत को, अब इसको संभलो.

फिर उसने आंडरवेयर के ऊपर से ही मेरे लंड को पकड़ लिया ओर हल्के से हिलने लगी ओर मेरी छाती को किस कर रही थी, क्या लग रहा था? अब वो धीरे से नीचे बैठी ओर मेरे आंडरवेयर को निकल दिया ओर मेरे लंड को देखकर बोली की मुझे एकदम सही अंदाज था की यह ऐसा ही निकलेगा एकदम मोटा, लंबा ओर उसने मेरे लंड को किस किया तो मेरे लंड ने भी झटका देकर उसकी चुत को सलामी दे दी, लेकिन अब तृप्ति रुकी नहीं ओर उसको अपने होठों से बहुत प्यार किया. गजब की तड़प थी यार उसमें , वो उसे कभी धीरे तो कभी तेजी से चूसने लगी. मेरी तो बस जान ही नहीं निकली ओर अब मुझसे तो नहीं रुका गया ओर मैंने तृप्ति को बिस्तर पर लेता दिया ओर उसके पर चूमते हुए चुत तक पहुंच गया ओर उसकी पेंटी को निकल दिया. उसकी छोटी से कम चूसी हुई थी, बिलकुल गुलाबी सी.

फिर मैंने अपना मुंह चुत पर रखा ओर चूसने लगा. वो सिसकियाँ लेने लगी ओर अपनी चुत को उठा उठाकर मुझसे चुदवाने लगी, लेकिन मैंने कुछ ही देर तक चूसा ओर इतने मैं वो झाड़ गयी ओर अब मैं ऊपर आया ओर उसके बूब्स को दबाने सहलाने लगा. फिर वो बोली की जान ओर दबाओ हाँ ओर ज़ोर से, इनका सारा रस पी लो ओर फिर मैंने वैसा ही किया ओर फिर से तृप्ति को तैयार किया, तृप्ति के बूब्स ऐसे थे की किसी को भी जोश मैं ला दे. फिर मैंने तृप्ति की कमर के नीचे एक तकिया लगाया ओर लंड को चुत पर रखा ओर एक हल्का सा धक्का दिया तो तृप्ति बोली की थोड़ा प्यार से जान, लंड मेरी चुत मैं बहुत कम अंदर गया है.

फिर मैंने एक झटका दिया ओर 4 इंच तक लंड घुसा दिया, तृप्ति उईईई आंटी अहह उफफफ्फ़ धीरे बोला ना, लेकिन मैं नहीं रुका ओर एक तेज झटका दिया ओर पूरा लंड फिट हो गया. फिर वो ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी, अओउऊउक्ककचह आंटी मर गयी राहुल आहह उसके थोड़े आँसू भी निकल आए, लेकिन वो कुछ देर मैं ठीक हुई ओर मैंने नीचे से तकिया निकल दिया ओर उसके ऊपर आकर किस करते हुए चुदाई करने लगा, वो भी मजे से मेरे लंड को अंदर ले रही थी.

दोस्तों वाकई मैं उसकी चुत बहुत टाइट थी ओर अब मैं पूरे ज़ोर से, तेज तो कभी धीरे धीरे चुदाई करता रहा ओर अब वो झड़ने वाली थी तो उसने मेरी कमर पर अपने दोनों पैरों से केची मारी ओर बोली की जान ओर तेज करो. फिर मैंने अपनी बढ़ता बधाई ओर तेज धक्के मरने लगा ओर कुछ ही पल मैं वो बोली की अब बस मैं जाने वाली हूँ तो मैं रुका ओर लंड को बाहर खिचकर तेज झटका दिया ओर उसका आअहह के साथ गरम पानी मेरे लंड को महसूस हुआ ओर जब मैंने तृप्ति के चेहरे को देखा तो वो बहुत ठीक लग रही थी, लेकिन मैं झाड़ा नहीं था. फिर मैंने तृप्ति को किस करना चालू किया ओर धीरे धीरे धक्के मारकर से फिर से गरम किया. अब हमारी चुदाई बहुत धीरे चल रही थी ओर मजा ज्यादा आ रहा था.

फिर वो बस उसी मैं मुझे किस करने लगी ओर तृप्ति मेरे ऊपर आ गयी, अब वो स्माइल देती हुई मेरे लंड पर कूदने लगी. आहह क्या पूरा लंड झड़ तक घुस रहा था ओर थोड़ी देर कूदने के बाद वो रुककर मुझे किस करने लगी, लेकिन मैं नहीं रुका नीचे से झटके देने लगा, बस अब मेरा भी झड़ने का टाइम था. फिर मैंने तृप्ति से बोला की जान मैं झड़ने वाला हूँ तो वो बोली की मेरे ऊपर आ जाओ ओर पूरा वीर्य चुत के अंदर ही डालना ओर अब मैंने फिर ऊपर होकर एक साथ ही लंड अंदर उतारकर ताबड़तोड़ धक्को के साथ चोदने लगा, मुझे उस वक्त ना जाने क्या हो गया था? कुछ नहीं पता, लेकिन उस आखिरी चुदाई के टाइम मुझे तृप्ति की हल्की हल्की चीख सुनाई दे रही थी ओर मैं उसकी चुत मैं लगातार 40 मिनट की चुदाई का माल छोडकर गिरा रहा ओर अब हम ऐसे ही रहे ओर लेते रहे.

थोड़ी देर बाद तृप्ति बोली की राहुल तुमको क्या हो गया था? मुझे बाद मैं कितना दर्द हुआ? तो मैंने बोला की यार सॉरी, तो वो बोली सॉरी किस लिए? मुझे उसमें भी मजा आ रहा था ओर तुमने तो आज मेरी ऐसी प्यास बुझाई है की मैं कभी भी नहीं भूल सकती. फिर मैं बोला की जानेमन अभी तो ओर भी बाकी है. फिर हम एक बार ओर चुदाई मैं लग गये.

दोस्त की बीवी की होटल में चुदाई

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