चुदाई कॉलेज की लड़की की उसकी

दीपक मैं आपको Antarvasna एक कहानी बताने जा रहा हूँ, पहले मैं अपने आपको अपने बारे में बता दम मेरा नाम दीपक है और मैं बरेली का रहने वाला हूँ मेरी गर्लफ्रेंड जिसके बारे में ये कहानी है वो भी लखनऊ की ही रहने वाली है उसका साइज 34 28 36 है जो की मुझे बहुत प्यारी लगता है मेरा लंड का साइज करीब सात इंच का है और तीन इंच मोटा है ये कहानी करीब साल पहले की है जब मैं भी आ विद आर्ट्स करता था बरेली से और गर्लफ्रेंड भी वही पे पढ़ती थी उसी कॉलेज में जिस दिन वो पहली बार कालेज में आई, क्या बताऊं यार मेरा तो होश ही उड़ गये क्या सेक्सी चल थी यार जा वो चलती थी मेरी आँख तो फटी की फटी रही गई थी.

वो जब मटक मटक के चलती थी तो उसका गान्ड देख कर ऐसा मन में करता था की उसके गांड को पकड़ के वही ही अपना लंड निकाल के घुसा दम, उसका नाम कोमल था कालेज के सारे लड़के उसके पे फिदा थे ऐसे ही उसे देखते देखते 5 महीने गुजर मैं दिन रात उसकी की याद में खोया रहता था इस तरह से दिन काटता गया पर कुच्छ भी कोमल के तरफ से इशारा नहीं आया फिर एक दिन मेरे कालेज और दूसरे कॉलेज से फूटबाल मॅच होना था उस दिन मैं अपना की लेकर कालेज पहुँच तो देखा की कोमल भी आई हुई थी और पूरा कालेज तो था ही मॅच देखने के लिए. दोस्तों मैं फूटबाल बहुत ही अच्छा खेलता हूँ मैंने कई सारे बारे बारे मॅच में गोल किए है और मेरा फोटो भी अख़बार में आया है, और अपने कालेज टीम का मैं खिलाड़ी भी हूँ फिर उस दिन मॅच शुरू हुआ तो फूटबाल मॅच का पूरा मजा सारा कालेज ले रहा था उस दिन मैंने अकेले दम 4 गोल किया और मॅच जिताया तो उस दिन से कोमल मेरे उप्पर फिदा हो गयी और फिर लाइन मरने लगी मैं उसका खूब रिप्लाइ करने लगा मैं भी खूब लाइन मारी फिर एग्ज़ॅम के टाइम मैंने उसे परपोज किया तो और उसने भी हां कर दी उस दिन मैं बहुत खुश था फिर हम दोनों की बात फोन पे होने लगी, व्हातसप्प पे रोज रोज चेटिंग होने लगी.

फिर एक दिन मैं कोमल से बोला की मुझे तुमसे मिलना है तो उसने बोला की ठीक है मेरे आंटी अंकल बाहर जाने बाले है किसी रिश्तेदार के यहां उनके यहां शादी है तो भैया और भाभी भी नहीं रहेंगे कल तो मैं कॉल करूँगी तो आ जाना मैंने बोला ठीक है, उस दिन तो मेरे मन में लड्डू फुट रहा था, फिर अगले दिन मैं उसके फोन का इंतजार कर रहा था पर उस दिन कॉल नहीं आयाम मैं बहुत उदास बैठा हुआ था और मेरा दिमाग खराब हो रहा था क्यों की उसका फोन नहीं आया था और बैठे बैठे नींद आ गई अगले सुबह ही उसका फोन आया की आंटी अंकल नहीं है आ जाओ घर पे मैं अकेली हूँ. श यार मेरा तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा फिर मैं तुरंत रेडी होकर उसके घर पहुँचा, और दूर बेल बजाई तो उसने दरवाजा खोला तो कोमल देख के मेरे तो होश ही उड़ गया, क्या लग रही थी यारो, रेड कलर की सारी पहनी हुई थी क्योंकि मैं पहले ही बोला था की शादी पहन लेना. मैं तुम्हें सारी में देखना चाहता हूँ.

फिर कोमल ने मेरा वेलकम किया और मैं उसके घर के अंदर बुलाया अंदर जाते ही उसका हाथ पकड़ के अपनी तरफ खींचा, तो वो बोली की थोड़ा इंतजार तो करो इतनी भी जल्दी क्या है, आज मैं तेरे साथ पूरा दिन बिताना चाहती हूँ तो मैंने बोला की बस अब इतेज़र नहीं होता, फिर मैं उसके नेक पे किस करने लगा तो वो मेरे बालों में अपना हाथ फेरने लगी, तो मैं समझ गया की आज कोमल का मूंड़ भी सही है है फिर मैं उसके कानों में पूछा की क्या तुम वर्जिन हो तो वो धीरे से बोली की अब तुम खुद देख लेना. फिर मैं कोमल के होठों पे अपना होंठ देख दिया और चूमने लगा. कोमल भी पूरा साथ दे रही थी फिर मैंने उसके कमर को पकड़ के पूरा दबोच लिया अब हम दोनों के बीच में से हवा भी पास नहीं हो पा रही थी मेरा लंड उसके चुत को टच कर रहा था.

मेरे तो रोम रोम खड़े हो रहे थे, मेरा लंड फ़ि फ़ि कर रहा था उसके बाद किस करते करते मैं कोमल के बारे बारे चूची को सहलाने लगा तो वो सिहर गयी और फिर मैं धीरे धीरे उसके बारे बारे चूची को दबाने लगा फिर उसको मैं पीछे की तरफ करके उसके गान्ड में अपना लंड रगड़ने लगा और हाथ आगे करके उसको चूची को खूब ज़ोर से दबा दिया वो अऔच कर गई.

फिर कोमल के शादी पल्लू मैंने हटा दिया और गर्दन के पीछे से किस करने लगा क्या मजा आ रहा था भाई क्या मस्त माल थी बारे बारे चूची बोलौसे के ऊपर से झाँक रहा था फिर मैंने उसको बेड पे लिटा दिया, और उसके सारी को धीरे धीरे उप्पर करने लगा और उसके गोरे गोरे जांघों को खूब चूमने लगा और जीभ फिरने लगा, फिर उसके पेट पे जो गहराई में नाभी थी मैंने खूब चाहता उसपर थूक के चाहता और उसके बाद धीरे धीरे मैं उप्पर गया तो उसका ब्लाउज का हुक खोल रहा था, तब उसने बोला दीपक मुझे शर्म आ रही है मैं बोला की मुझसे क्या शरमाना और ब्लाउज को खोल दिया गुलाबी कलर का ब्रा पहनी हुई थी क्या मस्त चूची थी यार पूरी चूची टाइट लग रही थी फिर पागलों की तरह उसके मसलने लगा वो अपने मुंह से बस आहह अफ अऔच आअहह आह हह्ा हे हह आह हह की आवाज़ निकल रही थी. मुझे तो बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था.

उसके बाद मैंने कोमल को बोला की आज तो तेरी गांड भी मारूँगा क्या गान्ड है तेरी कोमल. वो बोली की जान आज मैं आपकी रंडी आज तो जो करना है कर ले जो मन में आ रहा है वो करो आज मैं तुम्हारी रानी हूँ, फिर मैंने कोमल सारी एक झटके में खोल दिया और पेटीकोट के उप्पर से ही उसके चुत को रगड़ने लगा उसके मुंह से चीख निकल गयी और उठ के मेरे सीने से लिपट गयी उसके बाद मैंने उसके होठों को स्मोच करना शुरू किया और धीरे धीरे नीचे लिटा के उसके पेटीकोट को खोलने लगा पर डोरी बहुत मजबूत थी तो उसने खुद खोला फिर पेटीकोट को अलग कर दिया और पैंटी के उप्पर से ही उसके ट को चाटने लगा वो मेरा सर पकड़ के दबा रही थी अपनी चुत पे और मुंह से केवल अहह अऔच उफ़फ्फ़ अहह हह आह हह्ा हहह हह उफ़फ्फ़ उफ़फ्फ़ उफ़फफहह हह आह हह आह हह आह हह की आवाज़ निकल रही थी मुझे भी उसकी आवाज़ सुन के बहुत मजा आ रहा था. फिर थोड़ी देर बाद मैं अपना सारा कपड़ा निकल दिया और अपना लंड उसके मुंह के पास ले गया तो वो डर गयी की इतना बड़ा मैं नहीं ले पाऊंगी. तुम्हारा लंड तो बहुत ही मोटा और लंबा है.

फिर मैंने कोमल को समझाया तो वो धीरे धीरे मुंह खोली और मैं उसके मुंह में अपना मोटा लंड डाल दिया वो धीरे धीरे चूसने लगी तो जोश में अपना सारा लंड उसके मुंह में डालना चाहा तो कांप गयी. और लंड को मुंह से निकल दिया फिर में एक दो बार बोला पर उसने मना कर दिया. मैंने भी ज्यादा जिद नहीं की और उसका पैंटी को खोल दी तो उसके चुत पे हल्का हल्का बाल था तो जैसे ही मैं चुत चाटने के लिए झुका तो उसने मना कर दिया की उसको ये सब पसंद नहीं है, तो मैंने उसके चुत पे अपना लंड को रगड़ने लगा, तो कोमल बोलने लगी की धीरे से डालना आज मेरा पहली बार है मुझे दर्द होगा मैं बोला की देखता हूँ और उसकी चुत बहुत ज्यादा गीली थी फिर मैंने एक झटका मारा और आधा लंड उसके चुत में चला गया, और वो बहुत तड़पने लगी वो उप्पर की तरफ खिसक रही थी.

तो मैं कोमल को काश के पकड़ लिया और एक झटका और मारा तो थोड़ा और चला गया वो रोने लगी बोली की अब निकल लो मैं अब बर्दाश्त नहीं कर सकती फिर मैं उसके होठों को चूसने लगा और उसके चूची को दबाने लगा, और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा वो थोड़ी देर बाद थोड़ा शांत हुई, और अपना गान्ड हिलने लगी तो मैं समझ गया की उसको मजा आ रहा है.

फिर मैं उप्पर उठा तो देखा की मेरे लंड पे खून लगा हुआ था उसकी चुत की झिल्ली टूट चुकी तीतो समझ गया की सील पैक माल है, पर ये बात मैंने उसको नहीं बताई की वो डर जाएगी और मैं फिर से उसके उप्पर लेट गया और फिर क्या था मुझे तो और भी जोश आ गया मैं और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा उसके मुंह से केवल अहहा हाहः हह हह अफ आऔच की आवाज़ आने लगी, वो भी मजे से चुदवाने लगी, मैं भी उसको ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था, वो अपनी गान्ड उठा उठा के खूब चुदवाने लगी.

वो बोलने लगी और ज़ोर से और ज़ोर से, मैं भी ज़ोर ज़ोर से चोदे जा रहा था वो आ आह आह आह करते रही और फिर दोनों एक लंबी साँस लिए और अंगड़ाई ली और मेरा वीर्य गिरने बाला था, मैंने कहा कोमल मेरा माल निकालने बाला है क्या तुम्हारी चुत में ही माल गिरा दम, तो बोली नहीं नहीं, तुम बाहर मेरे मुंह में निकालो, और मैं आ आ आ करते करहे उसके मुंह से अपना सार माल छोड दिया, फिर हम दोनों एक दूसरे को पकड़ के सो गये, फिर हम दोनों एक दूसरे को अच्छे फ़्रेंड हो गये और चुदाई तो फिर रोज रोज होने लगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *