कुँवारी कविता भाभी की प्यास भुज़ाई

मेरी कविता भाभी जब मेरे घर शादी हो कर के आई तो मेरी उमर 18 साल थी. मेरे भैया की उमर तब 40 साल थी और कविता भाभी की उमर 20 साल थी. अब आप समझ सकते हैं की दूनी उमर वाला हज़्बेंड क्या छोड़ेगा किसी जवान लड़की को. मैं तो पहले दिन से ही भाभी को लाइन मारना शुरू कर दिया था. कुच्छ ही दीनों बाद भैया का ट्रांसफर मुंबई से गोवा हो गया, वो अक्सर गोवा जाते तो उधर ही रुक जाते. देसी भाभी जवान थी मेरी, उसको चुत में अक्सर खुजली होती थी. मैंने भाभी के रूम में डिल्डो भी रखा देखा था.

एक दिन जब भाभी सोने जा रही थी मैं उनके रूम में घुस गया और ड्रॉयर खिच के डिल्डो को बाहर निकल के पुउच्छा भाभी ये क्या है? भाभी शर्मा गई और एक गहरी सास लेकर बोली, राजू ये तुम्हारे भैया की कमज़ोरी का वर्ल्ड कप है. मैं समझ सकता था, मैंने कहा “ भाभी आप मुझे बहुत स्वीट लगती हो, मैं आपको मान ही मान चाहने लगा हूँ. क्या आप मुझे अपना दर्द दूर करने का एक मौका डोगी?” भाभी ने मेरा बह पकड़ के अपने ऊपर खिच लिया और बोली “ हाउ स्वीट राजू. तुम मेरे सबसे अच्छे ड्राइवर हो, पर ये बात किसी को बताना नहीं.” भाभी ने अपनी माक्सी उतार दी.

उनके बारे बारे बूब्स देख कर मैं निहाल हो गया. मैंने कहा भाभी मैं इनको पी लूउ? भाभी बोली, सब तुम्हारा है, जो मान में आए सो करो, लेकिन कुच्छ तो करो. मैंने भाभी के काले काले निप्पल्स को मसलते हुए उनकी चुत में उंगली डाल दी. उनकी झाते काफी बड़ी बड़ी थी और काली काली हो गई थी उन्हें देख कर मेरा लंड एक दम से खड़ा हो गया था. भाभी ने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया. वो उसे चूसने लगी. देसी भाभी का गोरा बदन किसी कलाकार की पैंटिंग जैसा खूबसूरत था सच्चे में ढाला हुआ.

मैंने उनके बदन के ज़र्रे ज़र्रे को चूम लिया. उनकी गांड उनकी नाभि उनकी चुत उनके चूतड़ सब चूसने के बाद मैंने अपना लंड जब उनके मुंह में पेलना शुरू किया तो उसे गर्दन तक लेकर वो चोक करने लगी. मैंने अपना लंड उनके मुंह से निकालने के बाद उनकी चुत में डाला. भाभी तो अभी कुँवारी थी, भैया तो उनकी चुत की सील भी नहीं तोड़ पाए थे. हें रे बिदंबना शादी के च्चः महीने बाद भी मेरी देसी भाभी कुँवारी थी. मैंने भाभी के मुंह पर हाथ डाल कर लंड को ज़ोर ज़ोर झटके दिए तो उनकी सील टूटी, बेडशीट खुऊँ से भर गई. भाभी ने मुझे गले लगा लिया और बोली तुमने मुझे स्त्री होने का आभास कराया. मैंने उनको फिर डॉगी बना कर चोदा और गोद में उठा कर उछल उछल कर हर तरीके से उनको देसी सेक्स का मजा दिया. मेरी देसी भाभी कविता अब सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरी हैं सिंडूउर बस भैया के नाम का लगती हैं.

कुँवारी कविता भाभी की प्यास भुज़ाई

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